डॉ अम्बेडकर केंद्रीय क्षेत्र योजना अन्य पिछडा वर्ग के लिए विदेशों में अध्ययन के लिए शैक्षणिक ऋण पर ब्याज सब्सिडी:

भारत देश के अन्य पिछडे वर्ग (ओबीसी) के छात्रों और युवा के  लिए विदेशों में अध्ययन के लिए शैक्षणिक ऋण पर ब्याज सब्सिडी के लिए केंद्र सरकार (सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्रालय) द्वारा डॉ अम्बेडकर केंद्रीय क्षेत्र योजना शुरू की है। अन्य पिछडा वर्ग (ओबीसी) छात्रों के लिए सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण विभाग शैक्षणिक ऋण पर ब्याज सब्सिडी प्रदान करती है।इस योजना के माध्यम से अन्य पिछड़े वर्ग (ओबीसी) छात्रों की शैक्षणिक प्रगति को बढ़ावा दिया जाएंगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों के मेधावी छात्रों को शैक्षणिक ऋण पर ब्याज सब्सिडी प्रदान की जाएंगी ताकि उन छात्रों को विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए बेहतर अवसर प्रदान हो सके और अपनी रोजगार क्षमता को बढ़ा सकें।

Dr. Ambedkar Central Sector Scheme Of Interest Subsidy On Educational Loan For Overseas Stidies For OBC (In English)

अन्य पिछडा वर्ग (ओबोसी) के लिए विदेशों में अध्ययन के लिए शैक्षणिक ऋण पर ब्याज सब्सिडी:

  • इस योजना के तहत स्नातकोत्तर उपाधि (मास्टर्स डिग्री) और पीएचडी स्तर पाठ्यक्रम के लिए शिक्षा ऋण पर ब्याज सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
  • ब्याज सब्सिडी का दर:
  •   ५०% महिला उम्मीदवार को ब्याज पर सब्सिडी दी जाएगी।
  • इस योजना के तहत, अधिस्थगन की अवधि के लिए आईबीए (इंडियन बैंक एसोसिएशन) से शिक्षा ऋण का लाभ लेने वाले छात्रों द्वारा देय ब्याज (यानी पाठ्यक्रम अवधि, प्लस एक साल या नौकरी पाने के कुछ महीने बाद, जो भी पहले हो) आईबीए की शिक्षा ऋण योजना के तहत निर्धारित किया जाएगा और भारत सरकार द्वारा उठाया जाएगा।
  • उम्मीदवार अधिस्थगन अवधि से प्रमुख किस्तों और ब्याज का वहन करना होंगा।
  • अधिस्थगन की अवधि खत्म हो जाने के बाद, बकाया ऋण राशि पर ब्याज छात्र द्वारा भुगतान किया जाएंगा, मौजूदा शैक्षणिक ऋण योजना के अनुसार समय-समय पर संशोधित किया जाएंगा।

अन्य पिछडा वर्ग (ओबीसी) छात्र के लिए विदेशी अध्ययन के लिए शैक्षिक ऋण पर ब्याज सब्सिडी के लिए आवश्यक पात्रता और शर्तें:

  • छात्र को इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) की शिक्षा ऋण योजना के तहत अनुसूचित बैंक से ऋण प्राप्त करना होंगा।
  • नियोजित उम्मीदवार या उसके माता-पिता / बेरोजगार उम्मीदवार के मामले में अभिभावक की सभी स्तोत्र की वार्षिक आय ३ लाख रुपये से कम  होनी चाहिए।
  • छात्र ऋण के कार्यकाल के दौरान भारतीय नागरिकता छोड़ देता है, तो इस योजना के तहत लाभ प्राप्त करने वाले छात्रों को ब्याज पर सब्सिडी नहीं दी जाएगी।
  • छात्र अन्य पिछडा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी से संबंधित होना चाहिए।
  • छात्रों को स्नातकोत्तर उपाधि (मास्टर्स डिग्री), एम.फिल या अनुमोदित पाठ्यक्रमों में अनुमोदित पाठ्यक्रमों में सुरक्षित प्रवेश होना चाहिए। पीएच.डी. विदेशों में स्तर उदा। अधिक जानकारी के लिए कला / मानविकी / सामाजिक विज्ञान कृपया यहां जाएं: http://www.nbcfdc.gov.in/res/pdf/Guidelines%20Dr.%20Ambedkar%20Interest%20Subsidy%20OBC.pdf   

ओबीसी छात्र के लिए विदेशी अध्ययन के लिए शैक्षिक ऋण पर ब्याज सब्सिडी लागू करने के लिए आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज:

  • अन्य पिछडा वर्ग (ओबीसी) जाति का प्रमाण पत्र।
  • आय प्रमाण पत्र / आईटीआर / फॉर्म नंबर १६ / नियोजित उम्मीदवार या उसके माता-पिता / अभिभावक की वार्षिक आय ३ लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
  • छात्र विदेश में उच्च शिक्षा का प्राप्त कर रहा है,उसका प्रवेश प्रमाण पत्र का सबूत होना चाहिए जैसे कि उदा: आई-२०।
  • आधार कार्ड।
  • पहचान प्रमाण पत्र जैसे की पासपोर्ट।
  • पता प्रमाण पत्र जैसे की बिजली का बिल।
  • बैंक विवरण, खाता धारक का नाम, खाता क्रमांक, आईएफएससी कोड, एमआईसीआर कोड।

आवेदन की प्रक्रिया:

  • यह योजना विदेशों में उच्च शिक्षा अध्ययन के लिए लागू है। ब्याज सब्सिडी भारतीय बैंक एसोसिएशन (आईबीए) की मौजूदा शैक्षिक ऋण योजना से जुड़ी होगी और स्नातकोत्तर उपाधि (मास्टर्स डिग्री), एम.फिल और पीएचडी पाठ्यक्रम के लिए नामांकित छात्रों तक सीमित होगी।
  • छात्र को नामित बैंक में जाना पडेगा,नामित बैंक एनबीसीएफडीसी के परामर्श से पात्र छात्रों को ब्याज सब्सिडी की प्रसंस्करण और मंजूरी के लिए विस्तृत प्रक्रिया प्रदान की जाएंगी।

किससे संपर्क करें और कहां से संपर्क करें:

  • छात्र को नामित बैंक से संपर्क करना चाहिए जहां से उसने शिक्षा ऋण के लिए आवेदन किया है,पात्रता की जांच करनी चाहिए और उचित दस्तावेजों के साथ आवेदन करना चाहिए।
  • छात्र जिला कलेक्टर से संपर्क करें या जिला संबंधित एससीए के प्रबंधक / अधिकारी (राज्य चैनलिंग एजेंसियां) से संपर्क करें।
  • राज्य चैनलिंग एजेंसियों का पता और संपर्क राज्यों के कृपया निम्नलिखित लिंक पर जाएं:   http://nbcfdc.gov.in/nbcfdc-scas.php

संदर्भ और विवरण:

बेरोजगार, unemployment

सुपर १०० प्रशिक्षण कार्यक्रम राजस्थान: नौकरी तलाशने वालों के लिए मुफ्त प्रशिक्षण

राजस्थान सरकार ने सुपर १०० प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य में नौकरी तलाशने वालों युवा के लिए एक मुफ्त में प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। इस कार्यक्रम के माध्यम से १०० नौकरी तलाशने वाले छात्र को उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए नि:शुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य मेधावी छात्रों को निश्चित रूप से नौकरी प्राप्त हो सके।

Super 100 training program Rajasthan (In English)

सुपर १००  प्रशिक्षण कार्यक्रम क्या है? एक योजना जिसमे फ्रेशर्स छात्रों को मुफ्त में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएंगा और छात्रों को निश्चित रूप से जल्दी से अच्छी नौकरी प्राप्त करने के लिए छात्र को सक्षम बनया जाएंगा।

सुपर १०० प्रशिक्षण कार्यक्रम का विवरण:

  • राज्य के सूचना एवं संचार विभाग द्वारा एक पहल है।
  • इस कार्यक्रम के माध्यम से  नौकरी तलाशने वालों छात्रों को मुफ्त में प्रशिक्षण के लिए चुना जाएंगा।
  • चयनित उम्मीदवारों को सॉफ्ट-कौशल, व्यक्तित्व विकास और भेंटवार्ता कौशल का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
  • इस कार्यक्रम के माध्यम से  उम्मीदवारों के रोजगार को बढ़ावा दिया जाएंगा।
  • लाभार्थी को ५ दिन का नि: शुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम (प्रत्येक दिन में ६ घंटे) प्रदान किया जाएंगा।
  •  सुपर १००  प्रशिक्षण का केंद्र स्थान: जयपुर, कोटा, जोधपुर आदि स्थान पर छात्रों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएंगा।
  • प्रशिक्षण अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा प्रदान किया जाएगा।
  • शुल्क: लाभार्थी को नि:शुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाएंगा।

सुपर १०० प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए पात्रता और मानदंड:

  •  इस कार्यक्रम के लिए नए छात्र (फ्रेशर्स) आवेदन कर सकते है।
  • बीए / बीएससी / बीसीओएम / बीबीए / बीसीए / एमए / एमएससी / एम-कॉम आदि की डिग्री प्राप्त करने वाले छात्र इस योजना के लिए आवेदन कर सकते है।
  • बीई / बीटेक / एमई / एमटेक / एमसीए (कंप्यूटर) आदि की डिग्री प्राप्त करने वाले छात्र इस योजना के लिए आवेदन कर सकते है।
  • एमबीए (मार्केटिंग) डिग्री प्राप्त करने वाले छात्र इस योजना के लिए आवेदन कर सकते है।
  • इस कार्यक्रम के लिए नए छात्र (फ्रेशेर्स) को अनुमति दी जाएंगी।
  • राजस्थान राज्य में अध्ययन करने वाले छात्र इस योजना के लिए पात्र है।

सुपर १०० प्रशिक्षण कार्यक्रम का ऑनलाइन पंजीकरण, ऑनलाइन आवेदन पत्र और आवेदन कैसे करें?

  • सुपर १०० प्रशिक्षण कार्यक्रम ऑनलाइन पंजीकरण, ऑनलाइन आवेदन पत्र राजस्थान आईटी दिवस नौकरी मेला के आधिकारिक वेबसाइट itjobfair.rajasthan.gov.in/super100 पर उपलब्ध है।
  • सुपर १०० पंजीकरण पर जाने के लिए यहां क्लिक करें।
  • अपना नौकरी मेला उपयोगकर्ता नाम / लाभार्थी आईडी और पासवर्ड दर्ज करें और फिर Search बटन पर क्लिक करें (आपको नौकरी मेले के लिए पंजीकृत होने चाहिए, यदि नहीं है तो नौकरी तलाशने वालों के लिए त्वरित पंजीकरण के लिए यहां क्लिक करें।)
  • पंजीकरण आवेदन पत्र को भरें, आगे दिये गये सूचना का पालन करें और पंजीकरण पूरा करने के लिए अपने सुपर १०० आवेदन पत्र को जमा करें।
  • आपके आवेदन की समीक्षा की जाएगी और आपको आगे के विवरण की अधिक जानकारी के लिए ईमेल और मोबाइल के माध्यम से संपर्क किया जाएगा।

राजस्थान आईटी नौकरी दिवस मेले की हेल्पलाइन

१८००-१८०-६१२७  (टोल-फ्री)

सुपर १०० का मतलब क्या है?

  • एस: अपने करियर के प्रयासों में बढ़ोतरी की जाएंगी।
  • यू:उम्मीदवारों की छिपी संभावनाओं को उजागर किया जाएंगा।
  • पी: बिल्कुल सही बोली जाने वाली अंग्रेजी और अन्य सॉफ्ट-कौशल का विकास किया जाएंगा।
  • ई:नौकरी पाने की बेहतर संभावनाएं को बढ़ावा दिया जाएंगा।
  • आर: व्यक्तिगत सौंदर्य के साथ उम्मीदवारों को फिर से परिभाषित किया जाएंगा।
  • 1: उम्मीदवारों की ताकत की पहचान की जाएंगी।
  •  0: सभी के लिए अवसर प्रदान किये जाएंगे।
  •  0: सभी के लिए नए रास्ते खोलें जाएंगे।

संबंधित योजनाएं:

राजस्थान आईटी दिवस नौकरी मेला: ऑनलाइन पंजीकरण,आवेदन पत्र और कैसे करें आवेदन?

राजस्थान सरकार द्वारा राज्य में नौकरी तलाशने वालों को रोज़गार के अवसर प्रदान करने के लिये राजस्थान आईटी दिवस नौकरी मेला नाम की पहल शुरू की है। राज्य सरकार एक नियमित अंतराल पर इस पहल के तहत मेगा नौकरी मेला आयोजित करती है।इस पहल के तहत नौकरी की तलाश करने वाले छात्र और युवा को एक ही स्थान से आवेदन कर सकते है।यह भर्ती करने वालों और कंपनियों के लिये मेगा भर्ती ड्राइव रखने और एक स्थान पर सर्वश्रेष्ठ प्रतिभा खोजने के लिये एक मंच है।

                                                                                                            Rajasthan IT Day Job Fair (in English)

राजस्थान आईटी दिवस नौकरी मेला की हेल्पलाइन:

आईटी दिवस नौकरी मेला का मुख्य उद्देश्य राज्य में युवाओं को एक ही स्थान से नौकरी के अवसर प्रदान करना है ताकि उनका समय और पैसे की बचत हो सके और नौकरी तलाशने वालों युवाओं को जल्दी नौकरी मिल सके। राजस्थान नौकरी मेला एक ऐसा स्थान है जहां युवाओं के अपनी प्रतिभा दिखाने ने का मौका मिलता है।भेंटवार्ता और परीक्षण के आधार पर नौकरी तलाशने वालों युवाओं को नौकरी की पेशकश मिलती है। उन्हें नौकरी मेले में नरम कौशल और भेंटवार्ता कौशल की जानकारी प्रदान की जाएंगी।

 राजस्थान आईटी दिवस नौकरी मेला में कौन भाग ले सकता:

  • १० वीं, १२ वीं पास, स्नातक, स्नातकोत्तर नौकरी की तलाश करने वाले युवा इस योजना में भाग ले सकते है।
  • लाभार्थी को मौके पर राजस्थान आईटी दिवस नौकरी मेला या उनकी आधिकारिक वेबसाइट     itjobfair.rajasthan.gov.in  पर पंजीकरण करने की आवश्यकता है।
  • लाभार्थी को अपने अंक-पत्र / प्रमाण पत्र की प्रतिया के साथ अपने बायोडाटा की प्रतिलिपि लेनी होगी और भेंटवार्ता के लिए तैयार रहना होंगा।
  • उम्मीदवार अधिकतम तीन कंपनियों के लिए आवेदन कर सकते है।
  • लाभार्थी भेंटवार्ता दे सकता है और यदि भेंटवार्ता में सफल होने पर उन्हें स्थल प्रस्ताव पत्र दिया जाएंगा।

itjobfair.rajasthan.gov.in सेवाएं:

  • नौकरी तलाशने वालों युवा और नियोक्ताओं के लिए राजस्थान सरकार, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की एक वेबसाइट है।
  • नौकरी तलाशने वाले युवा खुद की नियोक्तिओं को स्वयं  पंजीकृत कर सकते है।
  • नौकरी तलाशने वाले लाभार्थी को ऑनलाइन नौकरियों के लिये आवेदन कर सकते है।
  • आवेदनकर्ता विभिन्न नौकरियों की खोज कर सकते है और आवेदन की स्थिति को देख सकते है।

राजस्थान आईटी दिवस नौकरी मेला:ऑनलाइन पंजीकरण,आवेदन पत्र और कैसे करें आवेदन?

  • यहाँ क्लिक करे राजस्थान आईटी दिवस नौकरी मेले के लिए।
  • अपने सभी व्यक्तिगत विवरण जैसे कि नाम, मोबाइल, ईमेल, जन्मतिथि, लिंग को प्रदान करे।
  • अपना जिला चुनें।
  • अपने शैक्षनिक विवरण को प्रदान करें ।
  • नौकरी मेला का चयन करें जिसमें आप भाग लेना चाहते है।
  •  पंजीकरण पूरा करने के लिए जमा करे बटन पर क्लिक करें।

संचार क्रांति योजना (स्काई) छत्तीसगढ़: नि:शुल्क स्मार्ट फोन योजना आवेदन पत्र, पात्रता और ऑनलाइन पंजीकरण कैसे करे

छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ राज्य के डिजिटल सशक्तिकरण के लिए संचार क्रांति योजना (स्काई) शुरू की है। इस योजना के तहत छात्रों को नि:शुल्क स्मार्ट फ़ोन प्रदान किये जाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश राज्य में डिजिटल साक्षरता  को बढ़ावा देना और लोगों को डिजिटल माध्यमों से जादा से जादा उपयोग करने के लिए प्रोस्ताहित करना है। संचार क्रांति योजना मुख्यमंत्री श्री रमन सिंह की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। अगस्त २०१७ से अंतिम वर्ष मे पढ़ रहे छात्रों को इस योजना के तहत नि:शुल्क स्मार्टफ़ोन विपरित किये जाएंगे। इस योजना के माध्यम से डिजिटल संसाधनो के साथ छात्रो को जादा से जादा जुडाना और छात्रो के बिच विभाजन को कम करना इस योजना का मुख्य उद्देश है।

Sanchar Kranti Yojana (In English)

 

संचार क्रांति योजना (स्काई) क्या है?

छत्तीसगढ़ राज्य के नागरिकों को डिजिटल साक्षरता के लिए प्रोस्ताहित करने के लिए एक योजना। इस योजना के तहत नागरिकों को नि:शुल्क स्मार्टफ़ोन दिया जाएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना और नागरिकों को डिजिटल माध्यमों को जादा से जादा उपयोग करने के लिए प्रोस्ताहित करना है।

संचार क्रांति योजना (स्काई) का उद्देश:

  • राज्य के नागरिकों को डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने के लिए प्रोस्ताहित किया जाएंगा।
  • राज्य मे डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा दिया जाएंगा।
  • डिजिटल भुगतान और लेनदेन को बढ़ावा दिया जाएंगा।
  • नागरिकों के लिए ऑनलाइन सरकारी सेवाओं को प्रदान किया जाएंगा।
  • इस योजना के तहत पारदर्शी शासन प्रदान किया जाएंगा।
  • छात्रों के लिए डिजिटल संसाधनों को उपलब्ध किया जाएंगा।
  • छात्रों को डिजिटल माध्यमों से दुनिया से जोडा जाएंगा।

संचार क्रांति योजना (स्काई) का लाभ:

  • छत्तीसगढ़ के नागरिकों को नि:शुल्क स्मार्ट फोन प्रदान किये जाएंगे।
  • पाहिले चरण मे राज्य मे जो छात्र नियमित रुप से अंतिम वर्ष मे पढ़ रहा है उनको नि:शुल्क स्मार्टफोन प्रदान किये जाएंगे।

 

संचार क्रांति योजना (स्काई) के लिए पात्रता:                                                                                                               

  • लाभार्थी छत्तीसगढ़ राज्य का रहिवासी होना चाहिए।
  • गरीबी रेखा के निचे (बीपीएल) धारक होना चाहिए, और निम्न आयु समूह (एलआईजी) के नीचे होना चाहिए, परिवार की वार्षिक आय कम से कम २ लाख रूपये के निचे होना चाहिए।
  • गावों और दूरदराज क्षेत्रों मे रहने वाले लोग इस योजना के लिए पात्र है।
  • महिलाओं के साथसाथ स्कूल और कॉलेज के छात्र योजना के लिए पात्र है।
  • लड़कियों और महिलाओं की उम्र १८ से ६० साल तक होनी चाहिए और उम्र के हिसाब से लाभार्थी को प्राथमिकता दी जाएगी।

संचार क्रांति योजना (स्काई): कार्यन्वयन और यह कैसे काम करती है?                                                                     

  • जिस क्षेत्रों में फोन ‍टॉवर अस्तित्व मे नहीं है व‌‍हॉ १५०० नए मोबाइल ‍टॉवर प्रस्थापित किए जाएगे।
  • संचार क्रांति योजना (स्काई) के दो चरण में मोबाइल फ़ोन वितरित किये जाएंगे।                                               
  • सन २०१७-२०१८  मे सरकार ग्रामीण क्षेत्रों  मे ४५ लाख मोबाइल फोन नि:शुल्क वितरित किये जाएंगे
  • सन २०१७-२०१८  मे  ४.८ लाख मोबाइल फोन शहरी क्षेत्र के लोगों को नि:शुल्क विपरित किए जाएगे

संचार क्रांति योजना के पहले चरण मे जो छात्र नियमित रुप से अंतिम साल मे पढ़ रहा हो उन छात्रों को नि:शुल्क मे स्मार्ट फोन प्रदान किये जाएंगे। उन छात्रों को डिजिटल संसाधनों और डिजिटल माध्यमों का उपोयोग करने के लिए प्रोस्ताहित किया जाएंगा। छात्रों को डिजिटल संसाधनों के माध्यम  से दुनियासे जुडे रहेंगे और रोजगार स्व:रोजगार के अवसर प्रदान करेंगे।

संचार क्रांति योजना (स्काई): आवेदन प्रक्रिया और रजिस्टशन कैसे करे?

  • यहाँ क्लिक करे और संचार क्रांति योजना आवेदन पत्र डाउनलोड करे।
  • आवेदन पत्र को पुरा भरे।
  • जिल्हा शिक्षा विभाग को आवेदन पत्र को भेजें।

रायपुर मे  पढ़ रहे ६५२७६ छात्रो इस योजना से लाभान्वित  किया जाएगा जैसे इंजीनियीरींग, एमबीबीएस, बीए, बीकॉम इस योजना के लिए नामांकन कर सकते है।

 

संचार क्रांति योजना (स्काई): मुख्य विशेषताएं

  • ४५ लाख स्मार्ट फोन राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों मे नि:शुल्क वितरित किए जाएंगे।
  • छात्र को स्मार्ट फोन के साथ लैपटॉप, टैबलेट वितरित किए जाएंगे।
  • इस योजना का उद्देश है की नागरिकों को डिजिटल माध्यमों को जादा से जादा उपयोग करने के लिए प्रोस्ताहित करना और नगदी भुगतान करना।
  • शहरी क्षेत्रों में इस योजना को शहरी विकास प्राधिकरणों के तहत लागु किया जाएगा।
  • पंचायतो और ग्रामीण क्षेत्रों में इस  योजना को ग्रामीण विकास प्राधिकरणों के तहत लागु किया जाएगा।
  • मोबाइल / इंटरनेट सेवा सरकारी इमारतों के शीषॅ पर नि: शुल्क टावरों को प्रस्तापित करने की अनुमति दी जाएगी।
  • मोबाइल फोन  परिवार की महिला सदस्य के नाम पर पंजीकृत किया जाएगा।
  • स्मार्ट फोन के लिए सरकार मोबाइल एप्लीकेशन प्रदान करेंगी।
  • एप्लीकेशन की मदत से लोगों को मुख्यमंत्री से जुडने का अवसर मिलेंगा।
  • इस योजना के तहत सरकारी योजनाओं  पर विवरण प्रदान किया जाएंगा।
  • राज्य के छात्रों, किसानों, बेरोजगार को एप्लीकेशन द्वरा विभिन्न संसाधनो प्रदान किये जाएंगे।
Lateral Entry in Civil Services IAS officer without UPSC exams

नियम १३४ ए: हरियाणा मे निजी स्कूलों मे गरीबी रेखा के नीचे छात्रों को नि:शुल्क प्रवेश, पात्रता और आवश्यक दस्तावेज:

बीपीएल और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के मेधावी छात्र अब हरियाणा राज्य के किसी भी निजी स्कूल में मुफ्त में प्रवेश प्राप्त कर सकते है। हरियाणा सरकार के नियम १३४ ए निजी स्कूलों में बीपीएल और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों के लिए १०% सीटें आरक्षित करती है। सीबीएससी / बीओएसई बोर्ड के तहत पढ़ रहे छात्र नियम १३४ए के तहत  २ री से कक्षा से १२ वी कक्षा में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते है।

                                               Rule 134A-Free Admission To Private Schools In Hariyana (In English)

नियम १३४ ए क्या है:

यह हरियाणा राज्य के निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए हरियाणा स्कूल शिक्षा एक नियम है।नियम आरक्षण के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और गरीबी रेखा के नीचे (बीपीएल) श्रेणियों के  मेधावी छात्रों को प्रदान किया जाता है।नियम के तहत हरियाणा के निजी स्कूलों को ईडब्ल्यूएस और बीपीएल श्रेणियों से संबंधित मेधावी छात्रों के लिए १०% सीटें आरक्षित किये जाते है।नियम १३४ ए के तहत राज्य के सरकारी स्कूलों द्वारा लगाए गए शुल्क के समान शुल्क निजी स्कूल  को लेना होंगा।

नियम १३४ ए स्कूल प्रवेश का लाभ:

  • आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि वाले छात्रों को शिक्षा के समान अवसर प्रदान किये जाएंगे।
  • इस योजना के तहत बीपीएल परिवारों और छात्रों को सशक्त बनाया जाएंगा।
  • शिक्षा के अध्ययन और महत्व के प्रति छात्रों को प्रोत्साहित किया जाएंगा।
  • २ री कक्षा  से  ८ वी कक्षा तक नि:शुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी।
  • ९ वीं कक्षा से  १२ वी कक्षा तक निजी स्कूलों में सरकारी शुल्क संरचना होंगी।

नियम १३४-ए प्रवेश के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  • घरेलू प्रमाण पत्र / हरियाणा राज्य का निवास प्रमाण पत्र 
  • बीपीएल / ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र
  • निवास का प्रमाण पत्र (आधार कार्ड, पासपोर्ट, मतदान पहचान पत्र)
  • पासपोर्ट के आकार की तस्वीर
  • अभिभावक की घोषणा
  • अभिभावक / पारिवारिक का आय प्रमाण पत्र

नियम १३४-ए के तहत प्रवेश के लिए पात्रता:

  • छात्र जो हरियाणा राज्य के निवासी है केवल वह योजना के लिए आवेदन कर सकते है।
  • छात्र  की परिवार की आय  २ लाख रुपये प्रति वर्ष  से कम है वह छात्र इस योजना के लिए  पात्र है।
  • छात्र जो वर्तमान में सीबीएससी / बीओएसई बोर्ड  में पढ़ रहे है वह छात्र इस योजना के लिए पात्र है।

नियम १३४-ए के तहत प्रवेश:

नियम १३४-ए के तहत कक्षा २ री से ८ वीं कक्षा में प्रवेश के लिए अनुसूची  

  • हरियाणा सरकार राज्य में प्रमुख समाचार पत्रों में हर साल १३४- ए के तहत प्रवेश के लिए विज्ञापन प्रकाशित करती है।
  • सभी मान्यता प्राप्त निजी स्कूल मे नोटिस बोर्ड और उनकी वेबसाइटों पर रिक्तियों की सूची प्रदर्शित करते है। 
  • छात्रों या माता-पिता को नियम  १३४-ए  के तहत हरियाणा राज्य के निजी स्कूल में   २ री कक्षा से  ८ वी कक्षा  के तहत  अपने आवेदन पत्र जमा करने होंगे। 
  • बीईओ / बीईईओ फिर आवेदन पत्रों को सत्यापित करता है और फिर पात्र अनुप्रयोगों की सूची प्रकाशित करता है।
  • पात्र  अनुप्रयोगों को लिखित मूल्यांकन परीक्षा के लिए उपस्थित होने की आवश्यकता होती है।
  • १३४-ए के तहत प्रवेश के लिए लिखित मूल्यांकन परीक्षा के लिए परिणाम (क्षेत्र स्तर पर पहला ड्रॉ) घोषित किया गया है।
  • प्रवेश का पहला दौर क्षेत्र  स्तर पर पहले परिणाम ड्रा के आधार पर होता है।
  • यदि किसी भी शेष सीटों के लिए  क्षेत्र स्तर पर दूसरा ड्रॉ घोषित किया जाता है तो दूसरे ड्रॉ के आधार पर होता है

स्कूल शिक्षा विभाग हरियाणा सरकार  हेल्पलाइन नंबर /१३४-ए प्रवेश शिकायतें:

अधिक जानकारी के लिए:

  • हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग
  • हरियाणा स्कूल शिक्षा(तृतीय संशोधन) नियम २०१३ (१३४-ए) (दिनांक १९/०६/२०१३)
  • हरियाणा सरकार प्रारंभिक शिक्षा विभाग

सबंधित योजना:

हरियाणा राज्य में नि:शुल्क सीबीएससी स्कूल में दाखला

  

महाराष्ट्र में छात्रावास शुल्क प्रदान करने के लिए पंजाबराव देशमुख योजना:

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के गरीब परिवार के छात्रों के उच्च शिक्षा के लिए,छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए और उनका समर्थन करने के लिए एक नई योजना शुरू करने का निर्णय लिया है। इस योजना को “पंजाबराव देशमुख योजना” के रूप में नामित किया गया है। इस योजना का लक्ष्य गरीब किसानों और पंजीकृत मजदूरों के बच्चों को छात्रावास शुल्क प्रदान करना है। किसानों को उनके परिवारों के लिए समृद्ध लाभ उठाना और उनके लाभों का उपयोग करना मुश्किल है,इस लिए यह योजना शुरू की है।इस योजना के माध्यम से किसानों के लिए  विशेष रूप से उनके बच्चों को आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएंगी,जब तक कि उन्हें  अच्छी उपज न हो जाए। यदि वह उपज विफल हो जाती है, तो किसान के जीवन की परेशानी की संख्या में कमी होंगी। किसानों और उनके बच्चों की शिक्षा के भविष्य की सुरक्षा के लिए, पंजाबराव देशमुख योजना महाराष्ट्र में गरीब परिवारों के बच्चों को आवास और छात्रावास शुल्क प्रदान करती है। पंजाबराव देशमुख योजना प्रारंभ में केवल कृषि आधारित गरीब परिवारों के बच्चों पर अपना ध्यान केंद्रित करती थी, लेकिन बाद में इसमें उन बच्चों को शामिल किया गया जो राज्य में छात्र के परिवार वित्तीय कारन से कमजोर है।

                         Panjabrao Deshmukh Scheme To Provide Hostel Fee In Maharashtra (In English)

महाराष्ट्र में छात्रावास शुल्क प्रदान करने के लिए पंजाबराव देशमुख योजना के लाभ:

  • किसानों के छात्रों को इस योजना में पंजीकृत होने की कोई आवश्यकता नहीं है।
  • मुफ्त छात्रावास शुल्क का विकल्प सीधे उन किसानों के बच्चों के लिए पात्र होंगे जो पंजाबराव देशमुख योजना के तहत पहले ही नामांकित है।
  • छात्रों को आवेदन पत्र भरते समय कोई कठिन औपचारिकताओं की आवश्यकता नहीं है, सिर्फ शिक्षा संस्थान का स्थान और आवास की शुल्क संरचना के बारे में विवरण के साथ आवेदन पत्र भरना होंगा।
  • पंजीकरण के समय छात्रों द्वारा अन्य आवेदन पत्र या दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं है।

महाराष्ट्र में छात्रावास शुल्क प्रदान करने के लिए पंजाबराव देशमुख योजना का मुख्य उद्देश्य:

  • ग्रामीण और कृषि पृष्ठभूमि के छात्रों के बीच उच्च शिक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाई जाएंगी, खासतौर वह छात्र जो आर्थिक रूप से कमजोर है।
  • राज्य के छात्रों उच्च शिक्षा में अपनी दैनिक आवश्यकता को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करने वाले छात्रों को मदत के लिए हाथ प्रदान किये जाएंगे।
  • कृषि पृष्ठभूमि से कमजोर छात्रों की गिनती को उच्च शिक्षा और अपने जीवन में महान ऊंचाई संग्रहित करने में मदत की जाएंगी।

महाराष्ट्र में छात्रावास शुल्क प्रदान करने के लिए पंजाबराव देशमुख योजना के लिए पात्रता और  मानदंड:

  • इस योजना के लाभ प्राप्त करने के लिए, छात्रों को उनकी स्कूली शिक्षा में सर्वोत्तम परिणाम प्राप्त करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
  • केवल एक चीज जो आवश्यक है वह यह है कि छात्रों को  अपनी स्कूली स्तर की शिक्षा सफलतापूर्वक पूरी करनी होगी।
  • उन छात्रों के लिए जिनके पिता पहले से ही इस योजना के लाभार्थी है, मुक्त आवास की योजना में डिफ़ॉल्ट रूप से इस सबूत को दिखाकर लागू की जाएगी कि छात्र महाराष्ट्र राज्य में मान्यता प्राप्त कॉलेज में शामिल हो सकेंगा।

इस योजना में महाराष्ट्र में पंजीकृत मजदूर भी शामिल है, उन मजदूरों के बच्चे भी इस योजना के लिए डिफ़ॉल्ट रूप से पात्र होंगे। अपनी उच्च शिक्षा को समझने के लिए कड़ी मेहनत करने वाले कई छात्रों की सेवा के लिए इस योजना के दायरे को बढ़ाने के लिए कई योजनाएं भी है। वर्तमान में, महाराष्ट्र सरकार ने इस योजना को विकसित करने के लिए १००० करोड़ का निवेश किया है। महाराष्ट्र सरकार ने छात्रों से मांग को देखने के लिए इस योजना को आगे बढ़ाने की भी योजना बनाई है।

संदर्भ और विवरण:

संबंधित योजनाएं:

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हिमायत योजना (एचएस) जम्मू-कश्मीर: बेरोजगार युवाओं के लिए प्रशिक्षण-सह-नियुक्ति कार्यक्रम 

भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर राज्य में हिमायत योजना (एचएस) नामक योजना शुरू की है। इस योजना के तहत, जम्मू-कश्मीर राज्य के बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षण सह नियुक्ति प्रदान की जाएगी। कार्यक्रम के तहत ३ महीने अवधि का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएंगा।युवाओं को जिन क्षेत्रों में पाठ्यक्रम चाहिएं उन क्षेत्रों में वह पाठ्यक्रम को चुन सकते है।इस कार्यक्रम के तहत राज्य के युवाओं को प्रशिक्षण सह नौकरियां भी प्रदान की जाएंगी।इस योजना का मुख्य उद्देश  राज्य के युवाओं के लिए रोजगार प्रदान करना है। सरकार इस योजना के तहत राज्य के युवाओं को  प्रशिक्षण प्रदान करेंगी जो युवाओं नौकरी पाने या स्वयं रोजगार के लिए इस्तेमाल करने में मदत होंगी। सरकार का उद्देश्य अगले ५ साल में राज्य के कम से कम एक लाख युवाओं को प्रशिक्षित करना और उनमें से कम से कम ७५,००० युवाओं को नौकरियां प्रदान करना है। युवाओं की नियुक्ति जम्मू-कश्मीर और बाहेर के राज्य में की जाएंगी। अगले ५ साल में,  जम्मू-कश्मीर राज्य के सभी क्षेत्रों में प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किये जाएंगे।
                                                                               Himayat Scheme (HS) Jammu & kashmir (In English)
हिमायत योजना (एचएस) क्या है:
भारत सरकार, जम्मू-कश्मीर राज्य के  ग्रामीण विकास योजना मंत्रालय द्वारा  जम्मू-कश्मीर राज्य में युवाओं को प्रशिक्षण और नियुक्ति प्रदान करने के लिए एक योजना है।
हिमायत योजना (एचएस) का उद्देश्य:
  • राज्य के बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षण और नियुक्ति प्रदान की जाएंगी।
  • राज्य के युवाओं को एक स्थायी जीवन प्रदान किया जाएंगा।
  • जम्मू-कश्मीर राज्य के युवाओं और उनके परिवारों को सशक्त बनाया जाएंगा।
  • स्व-रोज़गार के अवसर निर्माण किये जाएंगे।
हिमायत योजना (एचएस) का लाभ:
  • प्रशिक्षण के पूरा होने के बाद छात्र को नौकरी में शामिल होने के बाद २,००० प्रति माह प्रदान किया जाएगा। यह पैसा छात्र को ६ महीने के बाद दिया जाएगा और जिसके लिए छात्रों को पिछले छह महीनों के लिए वेतन पर्ची की आवश्यकता होंगी। यह राशि युवाओं को नौकरी जारी रखने के लिए  १२००० रुपये   दिए गए हैं। इस राशि को पोस्ट प्लेसमेंट समर्थन कहा जाता है।
  • ६ या ९  महीने के प्रशिक्षण के पूरा होने पर १०००  रुपये पोस्ट-प्लेसमेंट समर्थन के रूप में  प्रति माह प्रदान किये जाएगे  क्योंकि इन छात्रों को उच्च भुगतान की  नौकरियां मिलने में मदत हो सके।
  • इन युवाओं को ८००० से १२,०००  रुपये के वेतन के साथ रखा जाएगा।
हिमायत योजना (एचएस) के लिए पात्रता:
  • यह योजना केवल जम्मू कश्मीर राज्य में युवाओं के लिए लागू है।
  • १८ से ३५  के बीच आयु वर्ग के लिये यह योजना लागू है।
  • स्कूल / कॉलेज छोड़ने वाले छात्रों को इस योजना के लिए प्राथमिकता दी जाएगी।
हिमायत योजना (एचएस) किसे संपर्क करे और  हेल्पलाइन  नंबर:
  • वेबसाइट: himayat.org /
  • फोन नंबर: + ९१-९५९६६९३८०९
हिमायत योजना (एचएस) काकार्यान्वयन और विशेषताएं:
  • भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा  जम्मू-कश्मीर राज्य के लिए  योजना  शुरू की है।
  • इस योजना के माध्यम से राज्य के बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षण और नियुक्ति प्रदान की जाएगी।
  • राज्य के युवाओं को ३ महीने का  प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
  • प्रशिक्षण निजी क्षेत्र की कंपनियों और गैर सरकारी संगठनों द्वारा प्रदान किया जाएगा।
  • ५ साल में राज्य के १ लाख  युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएंगा और उनमें से कम से कम ७५% युवाओं को नौकरियां प्रदान की जाएंगी।
  • प्रशिक्षण केंद्र राज्य के सभी क्षेत्रों में स्थापित किये जाएंगे।
  • प्रशिक्षण के साथ-साथ नियुक्ति के दौरान प्रशिक्षुओं को समर्थन किया जाएंगा।
  • प्रशिक्षण में कंप्यूटर आधारित कौशल, मुलायम कौशल और अंग्रेजी संचार कौशल शामिल रहेंगा।
  • इस योजना के माध्यम से ७४,३४६  युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है और ५६८२९  युवाओं नियुक्ति पर  रखा गया है।
अधिक विवरण और संदर्भ:
  • हिमायत योजना की आधिकारिक वेबसाइट:himayat.org
  • हिमायत योजना की अंग्रेजी विवरणिका
  • हिमायत प्रशिक्षण केंद्र