प्रसिद्धी द्वितीय योजना: १.५ लाख रुपये तक की सब्सिडी इलेक्ट्रिक कारों और बाइक पर

भारत सरकार ने देश में इलेक्ट्रिक कारों और दोपहिया वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के विनिर्माण (प्रसिद्धी द्वितीय)  योजना को अपनाने की घोषणा की है। योजना के तहत नये खरीदे गये इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी और लाभ प्रदान किया जाएंगा।

इस योजना के तहत १० लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को २०,००० रुपये की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। ३५,००० इलेक्ट्रिक कारों को १.५ लाख रुपये तक का प्रोत्साहन लाभ मिलेगा। यह योजना अप्रैल २०१९ से शुरू होंगी और अगले ३ सालों तक इस योजना का कार्यकाल शुरू रहेंगा। केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए १०,०००  करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।

                    FAME II Scheme: Subsidy On Upto RS. 1.5 Lakh On Electric Cars & Bikes (In English):

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का तेजी से अपनाना और विनिर्माण (प्रसिद्धी द्वितीय)  योजना

  • लाभ: इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया वाहनों, कार और बसों पर सब्सिडी और लाभ
  • लाभार्थी:  बिजली के वाहनों के मालिक
  • बजट: १०,००० करोड़ रुपये
  • प्रारंभ तिथि: अप्रैल २०१९
  • योजना का कार्यकाल: ३ साल

फेम इंडिया द्वितीय चरण योजना का लाभ:

  • दोपहिया वाहन: २०,०००  रुपये की सब्सिडी प्रदान की जाएंगी।
  • कार: १.५ लाख रुपये का प्रोत्साहन प्रदान किया जाएंगा।
  • बसें: ५० लाख रुपये तक का प्रोत्साहन प्रदान किया जाएंगा।
  • ई-रिक्शा: ५०,००० रुपये तक प्रोत्साहन का प्रदान किया जाएंगा।

पात्रता मापदंड:

  • कारें: १५ लाख रुपये तक की पूर्व कारखाना कीमत के साथ ३५,००० इलेक्ट्रिक चार-पहिया वाहन, २०,०००  मजबूत संकर चार पहिया वाहन के साथ १५ लाख रुपये तक की पूर्व कारखाना कीमत पर प्रोत्साहन दिया जाता है।
  • बसें: ७,०९०  ई-बसों को पूर्व कारखाना कीमत के साथ २ करोड़ बसें पात्र है।
  • ई-रिक्शा: केवल ५ लाख रुपये तक के पूर्व कारखाना कीमत वाले ई-रिक्शा पात्र है।

सरकार देश भर में इलेक्ट्रिक वाहनों को समर्थन देने के लिए बुनियादी ढांचे पर भी काम कर रही है। इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन शहरों और साथ-साथ राजमार्गों में स्थापित किये जाएंगे। सरकार चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए सहायता प्रदान करेगी।

इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य पेट्रोल और डीजल जैसे जीवाश्म ईंधन के उपयोग को कम करना है। यह पर्यावरण प्रदूषण को कम करेगा।

इंदिरा किसान ज्योति योजना (आयकेजेवाई)  मध्य प्रदेश: कृषि बिजली कनेक्शन पर ५०% अनुदान

मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में किसानों के लिए इंदिरा किसान ज्योति योजना (आयकेजेवाई)  शुरू की है। राज्य के किसानों को कृषि पंप बिजली कनेक्शन पर ५०% अनुदान दिया जाएगा। इस योजना के माध्यम से राज्य के किसानों के कृषि बिजली बिलों को आधा कर दिया जाएगा। राज्य के किसानों से १०  हार्सपावर तक के कृषि पंप कनेक्शन के लिए प्रति हॉर्स पावर प्रति वर्ष ७०० रुपये  का शुल्क लिया जाएगा। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा सब्सिडी राशि का भुगतान किया जाएगा।

                                                               Indira Kisan Jyoti Yojana (IJKY) Madhya Pradesh (In English):

  • योजना का नाम: इंदिरा किसान ज्योति योजना (आयकेजेवाई)
  •  राज्य: मध्य प्रदेश (मप्र)
  •  लाभ: कृषि पंप बिजली के बिलों पर ५०% की सब्सिडी
  •  लाभार्थी: मध्य प्रदेश राज्य के  किसान
  • प्रारंभ दिनांक: १ अप्रैल २०१९
  • द्वारा शुरू: मध्य प्रदेश राज्य के मुख्यमंत्री कमल नाथ
  • आधिकारिक वेबसाइट:  www.mpenergy.nic.in

इंदिरा किसान ज्योति योजना (आयकेजेवाई) का लाभ:

  • राज्य के किसानों से १०  हार्सपावर तक के कृषि पंप कनेक्शन के लिए प्रति हॉर्स पावर प्रति वर्ष ७०० रुपये  का शुल्क लिया जाएगा।
  • १०  हार्सपावर तक के कृषि पंप के अदायगी अस्थायी बिजली कनेक्शन पर ५०% की सब्सिडी प्रदान की जाएंगी।
  • अनुसूचित जाती / अनुसूचित जनजाति के किसान जिनके पास २ हेक्टर (५ एकड़) से कम कृषि भूमि है उन किसानो को ५ हॉर्सपावर तक के कृषि पंप के लिए १००% की सब्सिडी (नि:शुल्क बिजली) प्रदान की जाएंगी।

इंदिरा किसान ज्योति योजना (आयकेजेवाई)  के लिए पात्रता मानदंड:

  • यह योजना केवल मध्य प्रदेश राज्य में लागू है।
  • यह योजना केवल कृषि पंप मीटर पर ही लागू होती है।
  • कृषि पंपों पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों के लिए १००% सब्सिडी केवल उन किसानों के लिए लागू होती है, जिनके पास २  हेक्टर से कम जमीन है और ५ हॉर्सपावर तक के कृषि पंप है।

इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य राज्य के किसानों का वित्तीय बोझ को कम करना है। यह राज्य में किसानों को बहुत आवश्यक राहत प्रदान करेगा। इस योजना की घोषणा ७ फरवरी २०१९  को की है और योजना का कार्यान्वयन १ अप्रैल २०१९ से शुरू होगा। इस योजना के लिए २,२२६ करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। मध्य प्रदेश राज्य के ६२ लाख किसानों को इस योजना का लाभ मिलेगा। सरकार द्वारा आवेदन पत्र और आवेदन प्रक्रिया अभी तक घोषित नहीं की गई है।

 

 

किसानों के लिए कर्नाटक सरकार की योजनाओं की सूची: कृषि क्षेत्र के लिए अभिनव योजनाएं

कर्नाटक राज्य के मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी के नेतृत्व में कर्नाटक सरकार ने राज्य के किसानों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनओं की शुरुवात की है। नविन कृषि क्षेत्र के योजनाओं की सूचि का मुख्य उद्देश राज्य के किसानों का समर्थन करना है और किसानों की आय को दुगना करना है। कर्नाटक राज्य के बजट २०१९-२० में किसान कल्याण योजनाओं के लिए ४६,८५३ करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।

                                                     List Of Karnataka Government Schemes For Farmers (In English):

 किसानों के लिए कर्नाटक सरकार की योजनओं की सूचि:

  • इकाइयों का संसाधन क्रमशः रामनगर, धारवाड़ और कोलार जिलों में आम और टमाटर के लिए प्रसंस्करण इकाइयों स्थापित किये जाएंगे।
  • गुणवत्ता विश्लेषण और प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना करना: कृषि उत्पादों के आत्म-जीवन को बढ़ाने के लिए, राज्य में ५ स्थानों पर गुणवत्ता विश्लेषण और प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना की जाएंजी। इस के लिए १६० करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
  • करावली पैकेज: तटीय क्षेत्र के किसानों को प्रति हेक्टर धान की पैदावार में सुधार के लिए प्रोत्साहन राशि प्रदान करने के लिए ७,५०० करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
  •  दूध उत्पादन में बढ़ोत्तरी: दूध उत्पादकों के लिए प्रोत्साहन राशि ५,००० रुपये से बढ़ा कर ६,००० रुपये कर दी गई है। इस के लिए २,५०२ करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है।
  • मूल्य की कमी भुगतान योजना: प्याज, आलू, टमाटर की कीमत एमएसपी के निचे गिर जाने पर इस के लिए ५० करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है।
  • खेत तालाब: राज्य के शुष्क क्षेत्रों में खेत तालाबों के निर्माण के लिए १२०  करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
  • किसानों को फसल ऋण माफ़ी: कर्नाटक राज्य के किसानों के फसल ऋण के १२,६५० करोड़ रुपये माफ कर दिये जाएंगे।
  • रीता सिरी: बाजरा उत्पादकों के लिए १०,००० रुपये  प्रति हेक्टर की प्रोत्साहन राशी प्रदान की जाएंगी।
  •  ग्रुहलक्ष्मी फसल ऋण: सोने (गोल्ड) के बदले छोटे और सीमांत किसानों को ३% की कम ब्याज दर पर ऋण प्रदान किया जाएंगा।
  • अंगूर और अनार के लिए विशेष पैकेज: अंगूर और अनार उत्पादकों के लिए १५० करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
  • वाटरशेड कार्यक्रम: वाटरशेड कार्यक्रमों के लिए १०० करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
  • शून्य बजट खेती: शून्य बजट खेती के तहत कृषि उपकरणों के लिए ४० करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएंगा।
  • रेशम उत्पादन: कर्नाटक सिल्क मार्केटिंग बोर्ड को कच्चे रेशम के स्थिर मूल्य सुनिश्चित करने के लिए नया रूप दिया जाएंगा।
  • मुख्यमंत्री सूक्ष्म सिंचाई योजनाएं: किसानों को ९०% की सब्सिडी पर ड्रिप सिंचाई प्रणाली स्थापित करने के लिए ३६८  करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएंगा।
  • मत्स्य पालन: ‌झीगा और मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए ५०% की सब्सिडी प्रदान की जाएंगी।
  • इसराइल मॉडल कृषि: न्यूनतम पानी का उपयोग करके लाभदायक खेती के लिए १४५  करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
  • सिंचाई और बिजली: २७,१५३ करोड़ रुपये का बजट विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं और किसानों को मुफ्त बिजली आपूर्ति के लिये आवंटित किया गया है।
  • रीठा कंजा: ५१२ करोड़ रुपये का बजट १२ अधिसूचित फसलों के एमएसपी के लिए आवंटित किया गया है।

इंदिरा गृह  ज्योति योजना (आयजीजेवाय) मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश राज्य के परिवारों के लिए सब्सिडी वाली बिजली योजना-

मध्य प्रदेश राज्य के मंत्रिमंडल ने राज्य के सभी घरों में सब्सिडी वाली बिजली प्रदान करने के लिए  इंदिरा गृह  ज्योति योजना (आयजीजेवाय)  को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत राज्य के सभी बिजली उपभोक्ता जो हर महीने १०० यूनिट बिजली का वापर करते है, उन्हें सिर्फ बिजली के बिल के लिए १०० रुपये प्रदान करने होंगे। यह योजना मध्य प्रदेश राज्य के सभी सामान्य बिजली उपभोक्ताओं और समाज के सभी वर्गों के लिए है।

इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य राज्य के नागरिकों को विशेष रूप से गरीब परिवारों को वित्तीय राहत प्रदान करना है। इस योजना के माध्यम से बिजली उपभोक्ताओं के बिजली बिलों के बढ़ते बोझ को कम करेगा। यह योजना राज्य के लोगों को बिजली बचाने के लिए भी प्रोत्साहित करेगा।

                                                                Indira Grah Jyoti Yojana (IGJY) Madhya Pradesh (In English):

  • योजना:  इंदिरा गृह  ज्योति योजना (आयजीजेवाय)
  • राज्य: मध्य प्रदेश
  • लाभ: उपभोक्ता हर महीने १०० यूनिट से कम बिजली का वापर करने पर केवल १०० रुपये  बिजली बिल देना होंगा।
  • लाभार्थी: मध्य प्रदेश राज्य के सामन्य बिजली उपभोक्ता इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते है।

 इंदिरा गृह  ज्योति योजना (आयजीजेवाय)  के लिए पात्रता मानदंड:

  • यह योजना केवल मध्य प्रदेश राज्य में लागू है।
  • राज्य के बिजली के उपभोक्ता को हर महीने १०० यूनिट से कम बिजली का वापर करना होंगा।
  • सरल और संभल योजना के लाभार्थी पात्र है।

 इंदिरा गृह  ज्योति योजना (आयजीजेवाय)  का लाभ:

  • राज्य के बिजली के उपभोक्ता को हर महीने १०० यूनिट से कम बिजली का वापर करने पर १०० रुपये का मासिक बिल भरना होंगा।

नोट: यदि बिजली उपभोक्ता को महीने में १०० यूनिट से ज्यादा बिजली का वापर होने पर उपभोक्ता को मानक दरों पर पूरा बिजली बिल का भुगतान करना होगा।

इस योजना पर राज्य सरकार के २,२२६  करोड़ रुपये खर्च होंगे। राज्य मंत्रिमंडल ने शहरी क्षेत्रों के बेरोजगार शिक्षित युवाओं के लिए युवा स्वाभिमान योजना को भी मंजूरी दी। बेरोजगार शिक्षित युवाओं को साल में १०० दिन का रोजगार प्रदान किया जाएगा। राज्य के बेरोजगार युवाओं को १३,००० रुपये का वार्षिक वजीफा और कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

 

 

बिजली बिल माफी योजना (बीबीएमवाय) / बिजली बिल माफी योजना (पीबीडब्ल्यूएस) मध्य प्रदेश : मजदूरों और बीपीएल  परिवारों के लिए सब्सिडी वाली बिजली योजना – पात्रता और आवेदन पत्र

मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के असंगठित मजदूरों और बीपीएल परिवारों के लिए बिजली बिल माफी योजना (बीबीएमवाई) / बिजली बिल माफी योजना (पीबीडब्ल्यूएस) की घोषणा की है। राज्य मंत्रिमंडल द्वरा इस योजना को मंजूरी दी है और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा इस की घोषणा की गई है। मध्यप्रदेश के सभी घरो मे बिजली उपलब्ध करना इस योजना का मुख्य उद्देश है। इस योजना के तहत गरीब परिवारों को २०० रूपये प्रति महिना रियायती दर से बिजली उपलब्ध की जाएंगी।

 Bijli Bill Mafi Yojana (BBMY) / Power Bill Waiver Scheme (PBWS) Madhya Pradesh (In English)

बिजली बिल माफी योजना (बीबीएमवाय) / बिजली बिल माफी योजना (पीबीडब्ल्यूएस) क्या है?

मध्य प्रदेश राज्य के असंगठित क्षेत्र मजदूरों और बीपीएल परिवारों के मजदूरों के लिए एक बिजली बिल माफी योजना है।

बिजली बिल माफी योजना (बीबीएमवाय)  का  उद्देश:

  • मध्य प्रदेश राज्य के सभी गरीब परिवारों तक  बिजली उपलब्ध करना इस योजना का मुख्य उद्देश है।
  • योजना के माध्यम से मध्य प्रदेश राज्य के मजदूरों और गरीब परिवारों को सशक्त बनाना है।

बिजली बिल माफी योजना (बीबीएमवाय)  का  लाभ:

  • लाभार्थी के १ जून २०१८ तक सभी लंबित बिजली बिलों को माफ कर दिया जाएंगा।

बिजली बिल माफी योजना (बीबीएमवाय)  के लाभार्थी और पात्रता:

  • यह योजना केवल मध्य प्रदेश राज्य के नागरिको के लिए लागू है।
  • यह योजना असंगठित क्षेत्र के पंजीकृत मजदूरों के लिए लागू  है।
  • गरीबी रेखा के नीचे (बिपीएल) परिवार इस योजना के लिए पात्र  है।

बिजली बिल माफी योजना (बीबीएमवाय) का  आवेदन पत्र:

  • सरकार ने अभी इस योजना शुरू कीया है, सरकार अभी योजना के आवेदन पत्र और आवेदन विवरण के साथ आने के लिए तयारी कर रही है।

बिजली बिल माफी योजना (बीबीएमवाय) / बिजली बिल माफी योजना (पीबीडब्ल्यूएस)  का उद्देश:

  • राज्य के मजदूर और बीपीएल परिवार को नि: शुल्क बिजली का कनेक्शन प्रदान किया जाएगा।
  • सरकार राज्य के ७७ लाख परिवारों  को इस योजना के माध्यम  से  लाभ प्रदान करेंगी।
  • इस योजना के माध्यम से १ जून २०१८ तक लबिंत बिल माफ़ कर दिए जाएंगे।
  • राज्य सरकार की तरफ से इस योजना के लिए हर साल १००० करोड़ रूपए संभावित लागत है।
  • मध्य प्रदेश राज्य के मुख्यमंत्री श्री शिवराज चौहान की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल द्वारा इस योजना को अनुमोदित किया गया है।

संबंधित योजनाएं:

 

 

 

हरियाणा में कृषि पंप कनेक्शन वितरण योजना: किसानों के लिए ४४,००० कृषि कनेक्शन

हरियाणा सरकार ने राज्य के किसानों के लिए ४४,००० कृषि पंप कनेक्शन प्रदान करने के लिए कृषि पंप कनेक्शन वितरण योजना बना रही है। जिन लाभार्थी को साल २०१४ से बिजली कनेक्शन नहीं मिला ऊन लाभार्थी को अगले ६ महीनों तक बिजली कनेक्शन प्रदान किया जाएंगा। इनमें से २५,००० बिजली कनेक्शन पारंपरिक होंगे और १५,००० सोलर पंप कनेक्शन होंगे। यह योजना केवल कृषि कनेक्शन यानी कुंआ या नलकूप पंप कनेक्शनों के लिए ही लागू है।

                                                         Agriculture Pump Connection Distribution Haryana (In English)

कृषि पंप कनेक्शन वितरण योजना: राज्य के जिन किसानों को को लम्बे समय से कृषि पंप कनेक्शन मिला नहीं है, उन किसानों को ३१  मार्च २०१९  तक कृषि कनेक्शन प्रदान करने के लिए हरियाणा सरकार की योजना है।

कृषि पंप कनेक्शन वितरण योजना के लिए पात्रता:

  • यह योजना केवल हरियाणा राज्य के किसानों के लिए लागू है।
  • बिजली कनेक्शन केवल उन किसानों को प्रदान किया जाएंगा जिन्होंने खेत में बिजली के कनेक्शन के लिए आवेदन १ जनवरी २०१४  से ३१ दिसंबर २०१८  तक किया है।

कृषि पंप कनेक्शन वितरण योजना का लाभ:

  • राज्य के किसानों को कृषि बिजली कनेक्शन प्रदान किये जाएंगे।
  • राज्य के किसानों को कुआ और नलकूप पंप के लिए बिजली कनेक्शन प्रदान किये जाएंगे।
  • इस योजना के तहत २५,००० पारंपरिक बिजली कनेक्शन प्रदान किये जाएंगे।
  • इस योजना के तहत १५,००० सोलर पंप कनेक्शन प्रदान किये जाएंगे।

हरियाणा सरकार पहले से ही ५०,००० सौर ऊर्जा संचालित पंप सेट के वितरण की प्रक्रिया में है। राज्य सरकार ने उनमें से १५,००० सोलर पंप कनेक्शन  के लिए निवेदन जारी कर दीया है। बिजली कनेक्शन वितरण राज्य के किसानों को मदत करेगा जो पहले से ही कई अन्य मुद्दों के कारण संघर्ष कर रहे है। राज्य में गरीब और सीमांत किसानों को सोलर पंप कनेक्शन प्रदान किये जाएंगे।

संबंधित योजनाएं:

बिजली बिल छूट योजना (बिजली बिल माफ़ी) गुजरात: गांवों में छूट के लिए लंबित बकाया राशि

गुजरात सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र के बिजली उपयोगकर्ताओं के लिए बिजली बिल छूट योजना (बिजली बिल माफ़ी) की घोषणा की है। गांवों में लम्बे समय से अपूर्ण बिजली बिल में बकाया छूट दी गई है। राज्य सरकार ने इस योजना के लिए ६५० करोड़ रुपये की घोषणा की है। सभी घरेलू बिजली उपभोक्ता जो बिलों का भुगतान नहीं कर सके और उनके बिजली कनेक्शन काट दिया गया हो, उन्हें इस योजना से लाभ प्रदान किया जाएंगा। उन्हें सिर्फ ५०० रूपये में बिजली का कनेक्शन बहाल किया जाएंगा।

इस योजना से राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब और मध्यम वर्ग के ६ लाख किसानों को फायदा होगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के गरीब और ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को वित्तीय राहत प्रदान करना है।

                                                                      Electricity Bill Waiver Scheme (Bijli Bill Mafi) (In English):

बिजली बिल छूट योजना (बिजली बिल माफी): गुजरात राज्य के ग्रामीण क्षेत्र के घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना है। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र के नागरिक को बिजली बिल में छूट प्रदान की जाएंगी।

बिजली बिल छूट योजना का लाभ:

  • राज्य के गांवों में लम्बे समय से अपूर्ण बिजली बिल में छूट दी जाएंगी।
  • अपूर्ण बिजली बिल या बिजली चोरी के कारण बिजली कनेक्शन बंद वाले लोगों के लिए इस योजना के तहत उनके बिजली बिल में वन टाइम सेटलमेंट किया जाएंगा।
  • अपने बिजली कनेक्शन वापस पाने के लिए उन्हें सिर्फ ५०० रुपये भरने होंगे।

 बिजली बिल माफ़ी के लिए कौन आवेदन कर सकता है:

  •  यह योजना केवल गुजरात राज्य में लागू है।
  • राज्य के केवल ग्रामीण क्षेत्र के बिजली उपभोक्ता ही आवेदन कर सकते है।
  • सभी घरेलू, कृषि और वाणिज्यिक उपभोक्ता इस योजना के लिए पात्र है।
  • बिजली बिल छूट योजना फरवरी २०१९  के अंत तक सुरु है।
  • सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे इस योजना के लिए जितनी जल्दी हो सके आवेदन करें।

बिजली बिल छूट योजना के लिए आवेदन पत्र और आवेदन कैसे करें:

  •  अपने नजदीकी बिजली विभाग कार्यालय से संपर्क करे।
  • अपने नवीनतम बिजली बिल या विवरण को बिजीली विभाग कार्यालय से प्राप्त करे।
  • बिजली बिल माफी का आवेदन पत्र बिजीली विभाग कार्यालय में उपलब्ध रहेंगा।
  • आवेदन पत्र को पूरी तरह से भरें और ५०० रुपये का शुल्क भरे।
  • प्रक्रिया को पूरा करने के लिए निर्देशनों का पालन करें।

संबंधित योजनाएं:

 

सौर पंप वोल्टिक सिंचाई पंप योजना (एसपीवीआईपीएस) / सौर पंप वितरण योजना: उत्तर प्रदेश किसानों के लिए सौर पंपों पर ७०% सब्सिडी

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों को सब्सिडी वाले सौर पंप उपलब्ध कराने के लिए सौर पंप वोल्टिक सिंचाई पंप योजना (एसपीवीआईपीएस) शुरू की है। यह एक सौर जल पंप वितरण योजना है। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों को सिंचाई के लिए ७०% की सब्सिडी पर १०,०००  सौर संचालित कृषि जल पंप प्रदान करेंगी। सौर पंप के लिये पहले आवेदन करने वाले किसानों को पहले सब्सिडी प्रदान की जाएगी। यह योजना साल २०१८-१९ में लागू की जाएगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के किसानों के पास कृषि सिंचाई के लिए पर्याप्त साधन रहे यह है।

Solar Pump Voltaic Irrigation Pump Scheme (In English)

सौर पंप वोल्टिक सिंचाई पंप योजना क्या है? राज्य में किसानों को ७०% सब्सिडी पर सौर जल पंप प्रदान करने के लिए एक उत्तर प्रदेश सरकार की योजना है।

सौर पंप वोल्टिक सिंचाई पंप योजना (एसपीवीआईपीएस) का उद्देश:

  • किसानों को कृषि प्रयोजनों के लिए पर्याप्त बिजली प्रदान की जाएंगी।
  • इस योजना के माध्यम से राज्य के किसानों को बिजली दिन के दौरान उपलब्ध की जाएंगी ताकि किसानों को रात में खेतों में सिंचाई करने के लिये नहीं जाना नहीं पडेंगा।
  • राज्य में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएंगा।
  • बिजली बचाने के लिए बिजली उत्पन्न के पारंपरिक तरीकों का उपयोग को कम किया जाएंगा।
  • स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा दिया जाएंगा और प्रकृतिक संरक्षण को बचाया जाएंगा।
  • राज्य के किसानों की आय में वृद्धि की जाएंगी।

सौर पंप वोल्टिक सिंचाई पंप योजना (एसपीवीआईपीएस) का लाभ:

  • २ से ३ एचपी सौर पंप पर ७०% (५१,८४० रुपये) की  सब्सिडी प्रदान की जाएंगी।
  • १० से १५  एकड़ भूमि वाले किसानों के लिए ५ एचपी सौर पंप पर ४०% (७७,७०० रुपये) की सब्सिडी प्रदान की जाएंगी।
  • किसानों को बिजली और सौर पंप का उपयोग नहीं करना पडेंगा और किसान के डीजल और बिजली बिल के खर्चों को बचाया जाएंगा।

उत्तर प्रदेश सौर पंप वितरण योजना के लिए पात्रता:

  • राज्य में छोटे और सीमांत किसानों के लिये यह योजना लागू है।
  • सौर पंप के लिये पहले पंजीकरण करने वाले किसान को पहले सौर पंप प्रदान किया जाएंगा, जल्द से जल्द पंजीकरण करें।

सौर पंप वोल्टिक सिंचाई पंप योजना (एसपीवीआईपीएस): आवेदन पत्र, पंजीकरण और आवेदन कैसे करें:

उत्तर प्रदेश सौर पंप वितरण योजना २०१८-१९ के पंजीकरण और आवेदन पत्र कृषि विभाग उत्तर प्रदेश के आधिकारिक वेबसाइट upagripardarshi.gov.in पर उपलब्ध कराए जाएंगे। किसानों को १५ नवंबर २०१८ से १० दिसंबर २०१८ के बीच खुद को इस योजना के लिए पंजीकृत करने की आवश्यकता है। राज्य के किसान को बैंक में ड्राफ्ट जमा करने की आवश्यकता है और सब्सिडी मिलने  के बाद आवश्यक राशि किसान को भुगतान की जाएंगी।

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झटपट कनेक्शन योजना उत्तर प्रदेश: एपीएल और बीपीएल परिवारों के लिए तत्काल बिजली कनेक्शन

उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने उत्तर प्रदेश राज्य के निवासियों के लिए झटपट कनेक्शन योजना नामक नई तत्काल बिजली कनेक्शन योजना का प्रस्ताव दिया है। यह योजना मुख्य रूप से उपरोक्त गरीबी रेखा के ऊपर (एपीएल) और गरीबी रेखा के निचे (बीपीएल) परिवारों के लिए है जो सब्सिडी और तत्काल बिजली कनेक्शन प्रदान करेगी। नया उपभोक्ता जो नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन करना चाहता है, वह ऑनलाइन या ई-सुविधा / जन सुविधा केंद्रों पर आवेदन कर सकता है।

                                                                              Jhatpat Connection Yojana Uttar Prdesh (In English)

 झटपट कनेक्शन योजना :

 उत्तर प्रदेश राज्य में एपीएल और बीपीएल परिवारों को त्वरित बिजली कनेक्शन प्रदान करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की एक योजना है।

झतपत कनेक्शन योजना  के लिए पात्रता:

  • यह योजना केवल उत्तर प्रदेश राज्य में लागू है।
  • यह योजना केवल यूपीपीसीएल उपभोक्ताओं के लिए लागू है।
  • यह योजना केवल एपीएल और बीपीएल परिवारों के लिए यह योजना लागू है।

झतपत कनेक्शन योजना  के लाभ:

  • लाभार्थी को बिजली कनेक्शन जल्दी प्रदान किया जाएगा।
  •  बीपीएल परिवारों के लिए १ किलोवाट से २५ किलोवाट बिजली कनेक्शन के लिए १० रुपये देने होंगे।
  • एपीएल परिवारों के लिए १ किलोवाट से २५ किलोवाट बिजली कनेक्शन के लिए १०० रुपये देने होंगे।

नए बिजली कनेक्शन के लिए उत्पीड़न और रिश्वत की शिकायतों को रोकना इस योजना का  मुख्य उद्देश्य है। नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन प्रक्रिया भी सरल हो जाएगी। नए उपभोक्ता uppcl.org या ई-सुविधा / जन सुविधा केंद्रों पर ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। नए अनुप्रयोगों को तेजी से प्रसंस्करण प्रणाली के तहत इंजीनियरों को सौंपा जाएगा। आवेदन विवरण के आधार पर त्वरित स्वीकृति होगी। एक इंजीनियर निरीक्षण साइट पर जायेगा और लाभार्थी को निर्धारित समय पर बिजली का कनेक्शन दिया जाएगा।

 उत्तर प्रदेश में झटपत कनेक्शन योजना के साथ यूपीपीसीएल लाभार्थी को बिना परेशानी से बिजली का कनेक्शन प्रदान करेगा और राज्य में अधिकतम विद्युतीकरण हासिल करना चाहता है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक घर में बिजली हो और राज्य में कोई भी बिना बिजली का ना रहे।

संबंधित योजनाएं:

  • उत्तर प्रदेश राज्य की योजनाओं की सूची
  • एपीएल परिवारों के लिए योजनाओं की सूची
  • बीपीएल परिवारों के लिए योजनाओं की सूची

 

 

 

 

सौर कृषि योजना, एचडीवीएस योजना और चार्जिंग स्टेशन महाराष्ट्र:

महाराष्ट्र राज्य की सरकार सौर कृषि योजना, एचडीवीएस योजना और चार्जिंग स्टेशन यह तीन महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू करेगी। महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडानविस ने सभी तीन योजनाओं का उद्घाटन करेंगे। सौर कृषि और एचडीवीएस योजनाएं राज्य के किसानों के लिए हैं और किसानो को अपेक्षित बिजली उपलब्ध कराने में मदत करेगी और चार्जिंग स्टेशन  योजना जो राज्य में बिजली के वाहनों को चार्जिंग स्टेशन प्रदान करेगी।

              Solar Agriculture Scheme, HDVS Scheme & Charging Stations Maharashtra (In English)

सौर कृषि योजना: वर्तमान में किसानों को घूर्णन के आधार पर एक दिन में केवल ८ से १० घंटे बिजली दी जाती है।अधिकांश बिजली रात में प्रदान की जाती है और किसानो को खेत में पानी देने में बड़ी दिकत होती है। इस योजना के माध्यम से महाराष्ट्र राज्य के किसानों को दिन के दौरान बिजली प्रदान की जाएगी ताकि वे अपनी कृषि गतिविधियों को आसानी ने से पूरा कर सकें, सरकार राज्य के किसानों को सौर ऊर्जा वाले कृषि पंप प्रदान करने की योजना बना रही है। कुछ अन्य योजनाओं के साथ अटल सौर कृषि पंप योजना नीचे उल्लिखित है:

  • अटल सौर कृषि पंप (एएसकेपी) योजना:  सौर पंप वितरण योजना महाराष्ट्र
  • अब सौर ऊर्जा उत्पन्न करें और इसे एक पहल से महाराष्ट्र सरकार को बेच दे
  • महाराष्ट्र राज्य में किसान के लिए सौर जल पंप योजना

उच्च दबाव वितरण प्रणाली (एचडीवीएस): यह योजना किसानों के लिए फिर से है निर्बाध बिजली उचित दबाव  की आपूर्ति प्रदान करेगी।राज्य के किसानों को हर २-३  कृषि पंप के लिए उच्च दबाव  का  ट्रांसफार्मर दिया जाएगा । इस योजना का लाभ राज्य में २.२४  लाख किसानों को होंगा। महाराष्ट्र राज्य बिजली वितरण कंपनी लिमिटेड (एमएसईडीसीएल) इस  योजना को लागू करेंगी।

  • एक किसान एक ट्रांसफार्मर (ओडीओटी) महाराष्ट्र: महाराष्ट्र राज्य के हर किसान को ट्रांसफॉर्मर प्रदान किया जाएगा ताकि किसान बिजली के नुकसान को कम कर सके।
  • उच्च वोल्टेज वितरण सिस्टम (एचवीडीएस): बिजली की आपूर्ति नई बिजली के कनेक्शन  महाराष्ट्र राज्य में जल्द ही शुरू की जाएंगी।

इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन: भारत सरकार के साथ महाराष्ट्र सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देना और प्रदूषण घटाने के लिए इस योजना को शुरू किया है। दोनों सरकार ने नया बिजली का वाहन खरीदी पर सब्सिडी और कर (टैक्स) में  लाभ प्रदान करती है। इस योजना के माध्यम से सरकार राज्य में बिजली के वाहनों के लिए ५०० चार्ज स्टेशन  स्थापित करेगी। यह परियोजना एमएसईडीसीएल द्वारा कार्यान्वित  करती है। चार्जिंग स्टेशनों को चरणों में स्थापित किया जाएगा। सबसे पहला चार्जिंग स्टेशन की स्थापना शुरू हो चुकी है।

अन्य महत्वपूर्ण योजनाएं:

  • महाराष्ट्र में योजनाओं की सूची
  • योजनाओं और किसानों  के लिए सब्सिडी की सूची