केरल में कैंसर सुरक्षा योजना

कैंसर एक लाइलाज बीमारी में से एक है अगर हम एक प्रारंभिक अवस्था में इस बीमारी का देखभाल करते है तो  इस बीमारी का इलाज योग्य होता है। लेकिन गरीब पृष्ठभूमि वाले परिवार के लिए क्या? क्योंकि इस बीमारी को रोकने के लिए अधिक पैसे  की आवश्यकता लगाती है और इसलिए केरल सरकार ने कैंसर पीड़ितों की सहायता के लिए तत्काल जरूरत प्रदान करने का निर्णय लिया है।केरल राज्य के गरीब परिवार के लिए इस योजना का शुभारंभ किया है। कैंसर सुरक्षा योजना केरल सरकार द्वारा १  नवंबर २००८ को शुरू की गई योजना है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन बच्चों के लिए नि:शुल्क उपचार प्रदान करना है जिनकी आयु १८ साल से कम है और कैंसर से पीड़ित है और गरीब परिवार से संबंधित है।
                                                                                                                                             Cancer Suraksha Scheme In Kerala (In English):
कैंसर सुरक्षा योजना के लाभ:
  • एक मरीज को  इस योजना के तहत ५०,००० रुपये की आर्थिक साहयता प्रदान की जाएंगी।
  • आपातकालीन स्थिति में, इस योजना के तहत बच्चों को सर्जरी उपचार भी प्रदान किया जाएगा।
  • इस योजना के तहत जो बच्चें ने पंजीकृत किया है, उस बच्चें को नि:शुल्क में उपचार प्रदान किया जाएंगा।
कैंसर सुरक्षा योजना के लिए आवश्यक पात्रता और शर्तें:
  • बच्चें  केरल राज्य के निवासी होने चाहिए।
  • राज्य के बच्चों को गरीबी रेखा के नीचे (बीपीएल) परिवार से होना चाहिए।
  • बच्चों का मेडिकल बीमा होना चाहिए।
  • यह योजना केवल १८ साल से कम उम्र के बच्चों के लिए ही लाभदायक है, लेकिन यदि वह उपचार के दौरान १८ साल पूरा करता है, तो लाभ एक साल से आगे की अवधि के लिए उपलब्ध है।
योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज:
  • निवासी प्रमाण पत्र (जैसे निवास प्राधिकरण से प्रमाण पत्र, मतदाता पहचान पत्र , बिजली का  बिल)
  • बच्चे के माता-पिता का आय प्रमाण पत्र
  • बीपीएल कार्ड
  • बच्चें की मेडिकल रिपोर्ट
कैंसर सुरक्षा योजना के लाभ प्राप्त करने के लिए किससे और कहां संपर्क करें:
  • केरल सामाजिक न्याय विभाग के कल्याणकारी संस्थानों के अधीक्षक से संपर्क कर सकते है।
  • केरल जिले की महिला निदेशक और संबंधित जिलों के बाल विकास से संपर्क कर सकते है। बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) से संपर्क कर सकते है। आप इस योजना के तहत अस्पताल से संपर्क कर सकते है।
अधिक जानकारी के लिए यहां जाएं:

नर्सरी प्रवेश २०१९-२० दिल्ली: निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए दिशानिर्देश और अनुसूची-

दिल्ली सरकार ने निजी स्कूलों में नर्सरी प्रवेश २०१९-२० के लिए दिशानिर्देश और अनुसूची की घोषणा की है। दिल्ली के शिक्षा निदेशालय ने निजी विद्यालय / स्वयंविकासी शिशुशिक्षण संस्था / शिशु विद्यालय में प्रवेश के लिए दिशानिर्देश, तिथियां, अनुसूची, शुल्क, आवश्यक दस्तावेज, आयु मानदंड, आवेदन पत्र और प्रवेश प्रक्रिया सहित एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की है।दिल्ली शिक्षा विभाग की अपनी आधिकारिक वेबसाइट edudel.nic.in से अधिसूचना डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें।

                                                                                            Nursery Admission 2019-20 Delhi (In English)

प्रवेश अनुसूची: २०१९-२० सत्र के प्रवेश के लिए दिल्ली के निजी अवैतनिक मान्यता प्राप्त विद्यालय में खुली सीटे (ईडब्ल्यूएस के अलावा / डीजी श्रेणी की सीटे ) के लिए प्रवेश स्तर कक्षाएं (६ वर्ष से कम आयु के बच्चो के लिए) होंगी।

  • १४/१२/२०१८ (शुक्रवार): पॉइंट नंबर ७ में उल्लिखित लिंक पर विभाग के मॉड्यूल में मानदंड और उनके अंक को अपलोड करे।
  • १५/१२/२०१८ (शनिवार): प्रारंभ प्रवेश प्रक्रिया शुरू होंगी और आवेदन पत्र भी उपलब्धता किये जाएंगे।
  • ०७/०१/२०१९ (सोमवार): आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि है।
  • २१/०१/२०१९ (सोमवार): ओपन सीट्स के तहत प्रवेश के लिए स्कूल में आवेदन करने वाले बच्चों के विवरण अपलोड किये जाएंगे।
  • २८/०१/२०१९ (सोमवार): मार्क्स अपलोड करना (अंक प्रणाली के अनुसार) खुले सीटों  के तहत प्रवेश के लिए आवेदन करने वाले प्रत्येक बच्चे को प्रवेश दिया जाएंगा।
  • ०४/०२/२०१९  (सोमवार):चयनित बच्चों की पहली सूची ०४/०२/२०१९ (सोमवार) (प्रतीक्षा सूची सहित) (आवंटित अंकों के साथ अंक प्रणाली के अनुसार) को प्रदर्शित करने की तारीख है।
  •  ०५/०२/२०१९  से १२/०२/२०१९: पहली सूची २१/०२/२०१९ (गुरुवार) में अपने वार्ड को अंक आवंटित करने के संबंध में माता-पिता के प्रश्नों का समाधान, यदि (लिखित / ईमेल / मौखिक बातचीत द्वारा)।
  • २१/०२/२०१९ (गुरुवार): बच्चों की दूसरी सूची प्रदर्शित करने की तारीख (यदि २१/०२/२०१९  (गुरुवार) अन्य) (प्रतीक्षा सूची सहित ) (अंक प्रणाली के अनुसार आवंटित अंकों के साथ)
  • २२/०२/२०१९ से २८/०२/२०१९: माता-पिता के प्रश्नों का समाधान, (लिखित / ईमेल / मौखिक बातचीत द्वारा) दूसरे सूची में अपने वार्डों को अंक आवंटित करने के संबंध में है।
  • १५/०३/२०१९ (शुक्रवार): प्रवेश की बाद की सूची,यदि कोई हो तो।
  • ३१/०३/२०१९ (रविवार): प्रवेश प्रक्रिया बंद हो जाएगी।

नर्सरी प्रवेश आवेदन पत्र: नर्सरी / स्वयंविकासी शिशु शिक्षण संस्था / शिशु विद्यालय / विद्यालय प्रवेश २०१९-२० के लिए आवेदन पत्र और प्रॉस्पेक्टस स्कूलों में उपलब्ध होंगे।

प्रवेश पंजीकरण शुल्क: केवल २५ रुपये  (अप्रतिदेय) है।

प्रवेश मानदंड (२०१९-२०):  विद्यालय प्रवेश मानदंड शिक्षा निदेशालय (डीओई) आधिकारिक वेबसाइट edudel.nic.in पर उपलब्ध होंगे। सभी  विद्यालय से अनुरोध है कि वे डीओई वेबसाइट पर अपना प्रवेश मानदंड अपलोड करें।

नर्सरी /  विद्यालय प्रवेश आयु सीमा:

  • शिशु विद्यालय (नर्सरी) के लिए: छात्र की कम से कम ०४  साल की आयु (३१ मार्च तक) होनी चाहिए।
  • शिशु पूर्व प्राथमिक (केजी) के लिए: छात्र की कम से कम ०५ साल की आयु  (३१ मार्च तक) होनी चाहिए।
  •  कक्षा  के लिए: छात्र की कम से कम ०६ साल की आयु  (३१ मार्च तक) होनी चाहिए।

स्कूल प्रवेश के लिए आवश्यक दस्तावेजों की सूची:

  • राशन कार्ड / माता-पिता के नाम का स्मार्ट कार्ड (माँ / पिता या बच्चे के नाम होना चाहिए )
  •  बच्चे या उसके माता-पिता का अधिवास प्रमाण पत्र।
  •  माता-पिता का मतदाता पहचान पत्र (ईपीआईसी)।
  • बिजली का बिल / एमटीएनएल टेलीफोन बिल / पानी का बिल / माता-पिता या बच्चे के नाम का पासपोर्ट।
  • आधार कार्ड/  माता-पिता के नाम पर जारी यूआईडी कार्ड।

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मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना: हिमाचल प्रदेश में नए पैदा हुए बच्चे के लिए नि:शुल्क शिशु किट –

हिमाचल प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री आशिर्वाद योजना शुरू की है और राज्य के सरकारी अस्पतालों में पैदा हुए नए बच्चों को नि:शुल्क शिशु किट प्रदान की जाएंगी।नवजात शिशुओं को १,५०० रुपये के में शिशु किट में १५ चीजे प्रदान की जाएंगी।इस योजना से राज्य में १ लाख माताओं और शिशुओं को लाभ पहुंचाने की उम्मीद है। हिमाचल प्रदेश में नि:शुल्क शिशु किट का वितरण दिसंबर २०१८  से शुरू होगा।

इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य हिमाचल प्रदेश में परिवारों के महिला को बच्चों के जन्म के दौरान अस्पतालों में जाने के लिए प्रोत्साहित करना है।अस्पतालों में जन्म हुए बच्चे को स्वच्छ वातावरण मिलेंगा,उसके कारन नवजात बच्चे को संक्रमण होने से बचाया जाएंगा।राज्य सरकार की उम्मीदवार माताओं के लिए एक और योजना है जिसके अंतर्गत उन्हें पौष्टिक भोजन के लिए गर्भावस्था के दौरान ७०० रुपये प्रति महिना की वित्तीय सहायता प्रदान किया जाएंगी।

                                                                                             Mukhymantri Aashirwad Yojana (In English)

हिमाचल प्रदेश मुख्यमंत्री आशिर्वाद योजना: हिमाचल प्रदेश में पैदा हुए नए बच्चों के लिए एक नि:शुल्क शिशु किट वितरण योजना है।

मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना का उद्देश्य:

  • माताओं को प्रसव के लिए अस्पतालों में जाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएंगा।
  • इस  योजना के तहत नवजात शिशु को उचित पोषण प्रदान किया जाएंगा।
  • यह सुनिश्चित करने के लिए कि स्वच्छता शिशु देखभाल उत्पादों का उपयोग किया जाता है।

मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना का लाभ:

  • इस योजना के माध्यम से नवजात शिशुओं को नि:शुल्क शिशु किट प्रदान की जाएंगी।

मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना के लिए पात्रता:

  • यह योजना केवल हिमाचल प्रदेश में लागू है।
  • नि:शुल्क शिशु किट केवल उन लोगों को दी जाएगी जिनका जन्म सरकारी अस्पतालों में हुआ है।

शिशु किट में मिलने वाली चीजे:  मुख्यमंत्री आशिर्वाद योजना के नई किट में १५ चीजे है: सूट, वेट्स (बनियान), मखमल कपड़ा, दस्ताने की जोड़ी (डस्टेन), मोजे की जोड़ी, शारीर को मालिश करने का तेल, तौलिया, ६ नापियां, मच्छर दानी, कंबल, १ खिलौना,टूथपेस्ट और टूथ ब्रश, स्नान करने का साबुन, वैसलीन और माताओं के लिए तरल हाथ प्रक्षालक भी शामिल होगा।

राज्य बजट २०१८-१९ के दौरान आशिर्वाद योजना की घोषणा की गई है। इसे नवंबर २०१८  में हिमाचल प्रदेश के मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित किया गया है। इस योजना को साल २०१८ के दिसंबर महीने के अंत में शुरू किया जाएगा।नि:शुल्क शिशु किट का वितरण शुरू हो जाएगा।

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इंद्रधनुष योजना: शिशुओं एवं बच्चों को बीमारियोंसे बचाने के लिए और के टीकाकरण के योजना

इंद्रधनुष योजना भारत सरकार के केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा शुरू की है। यह योजना २५ दिसम्बर २०१४ को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे।पी। नड़्डा द्वारा सुशासन दिवस के अवसर पर घोषणा की है। इन्द्रधनुष के सात रंगो के समान सात तरह की बीमारिया जैसे डिप्थीरिया, काली खांसी, हेपेटाइटिस बी, धनुस्तभ,पोलियो, यक्ष्मा, खसरा यह सभी बीमारी से बच्चो का रक्षण करना इस योजना का मुख्य उद्देश है। मिशन इन्द्रधनुष माध्यम से सन २०२० तक भारत देश के सभी बच्चो का टीकाकरण करना है।इस योजना के माध्यम से बच्चों और गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य विभाग की तरफ  मदत की जाएगी। सन २००९ से २०१३ अवधि के दौरान  टीकाकरण ६१% से ६५% तक बढा है। इसका अर्थ यह है की पिछले चार साल के दौरान प्रत्येक वर्ष मे १% की बढ़ोतरी हुई है, जोकि हर साल बढती हुई लोकसंख्या को देखते हुए बहोत कम है। इसके अलावा यह देखा जाता है की कुछ बिमारियाँ जोकि देश के बच्चों का मौत कारन बनी गई है जिसे टीकाकरण से रोका जा सकता है। मिशन इन्द्रधनुष टीकाकरण की प्रक्रिया की गती बढ़ाने ने के लिए शुरु की है। जिसका मुख्य लक्ष्य सन २०२० तक देश के सभी बच्चों को इस मिशन के अंतर्गत लाना है।

 इन्द्रधनुष योजना का लाभ:

  • इन्द्रधनुष योजना बच्चो और गर्भवती महिला को लाभ प्रदान करती है
  • योजना मे सात प्रकार के रोगों जैसे डिप्थीरिया,काली खांसी,हेपेटाइटिस बी,धनुस्तभ,पोलियो,यक्ष्मा,खसरा के लिए मुक्त मे टीकाकरण प्रदान करती है
  • बच्चें को बीमारी के खतरे से बचाने के लिए योजना उपयोगी है

इन्द्रधनुष योजना का लाभ पाने के लिए पात्रता:

  • गर्भवती महिला
  • २ साल उम्र तक के बच्चें
  • महिला और बच्चा भारत देश का निवासी होना चाहिए

इन्द्रधनुष योजना को लागू करने के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  • महिला का आधार कार्ड
  • बच्चें का जन्म प्रमाण पत्र
  • आंगनवाड़ी द्वारा प्रदान किया गया कार्ड

इन्द्रधनुष योजना: आवेदन और टिका करण की प्रक्रिया

टीकाकरण की अनुसूची का उल्लेख निचे किया गया है ताकि आवेदन करते समय गर्भवती महिला को मदत मिल सके। महिला जहाँ संबधित अस्पताल मे भर्ती है या तो नजदीकी सरकारी अस्पतालों मे योजना की माहिती प्राप्त कर सकती है।

  • जन्म के समय: बीसीजी,ओपीवी,एचईपी बी
  • ६ सप्ताह: ओपीवी,डीपीटी,एचईपी बी
  • १० सप्ताह: ओपीवी, डीपीटी, एचईपी बी
  • १४ सप्ताह: आइपीवी, ओपीवी, डीपीटी, एचईपी बी
  • ९ से १२ महिने: खसरा,विटामिन ए,जेई
  • १६ से २४ महिने: खसरा,विटामिन ए,जेई,ओपीवी बूस्टर,डीपीटी बूस्टर

संपर्क विवरण अधिक जानकारी:

  • नजदीकी सरकारी अस्पताल मे संपर्क कर सकते है
  • आंगनवाड़ी केन्द्र मे विवरण प्राप्त कर सकता है
  • मिशन इंद्रधनुष आधिकारिक पोर्टल: missionindradhanush.in
  • नेशनल हेल्थ पोर्टल