हरियाणा में डॉ अम्बेडकर चिकित्सा सहायता योजना

डॉ अम्बेडकर चिकित्सा सहायता योजना केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई है और हरियाणा राज्य सरकार, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित की गई है। योजना विशेष रूप से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए पेश की गई है ताकि वे आर्थिक रूप से समर्थन कर सकें। इस योजना को शुरू करने के पीछे मुख्य उद्देश्य जीवन में आने वाली बीमारियों के इलाज के लिए १०० % वित्तीय सहायता प्रदान करना है जैसे की हार्ट सर्जरी, किडनी सर्जरी / डायलिसिस, कैंसर सर्जरी / कीमोथेरेपी / रेडियोथेरेपी आदि योजना गंभीर बीमारियों से पीड़ित रोगियों को चिकित्सा उपचार की सुविधा प्रदान करने के लिए है। इस योजना के तहत लाभ प्राप्त करने  के लिए आवेदक उम्मीदवार को संबंधित अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक द्वारा विधिवत हस्ताक्षरित मूल अनुमानित लागत प्रमाण पत्र प्राप्त करने की आवश्यकता है और कुछ पात्रता मानदंडों को पूरा करने की आवश्यकता है।
                                                                                                                       Dr. Ambedkar Medical Aid Scheme In Hariyana (In English):
डॉ अम्बेडकर चिकित्सा सहायता योजना के लाभ:
  • अम्बेडकर चिकित्सा सहायता योजना उपचार शुरू करने के लिए आवश्यक सभी लागत प्रदान करके लाभ प्रदान करती है। नीचे दी गई वित्तीय सहायता की दरें
  • हार्ट सर्जरी: १,२५ लाख रुपये
  • गुर्दे की सर्जरी / डायलिसिस: ३.५ लाख रुपये
  • कैंसर सर्जरी / कीमोथेरेपी / रेडियोथेरेपी: १.७५ लाख रुपये
  • ब्रेन सर्जरी: १.५० लाख रुपये
  • किडनी / अंग प्रत्यारोपण: १.५० लाख रुपये
  • स्पाइनल सर्जरी: १.०० लाख रुपये
  • अन्य जानलेवा बीमारियाँ: १.०० लाख रुपये
  • उपचार की अनुमानित लागत का १०० % सीधे संबंधित अस्पताल में जारी किया जाएगा।
डॉ अम्बेडकर चिकित्सा सहायता योजना लागू करने के लिए आवश्यक पात्रता और शर्तें:
  • आवेदक का संबंध अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदाय से होना चाहिए।
  • वार्षिक पारिवारिक की आय १ लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • जो लोग बड़ी बीमारियों से पीड़ित है जिन्हें सर्जरी की आवश्यकता होती है जैसे कि किडनी, हृदय, यकृत, कैंसर, मस्तिष्क या कोई अन्य जानलेवा बीमारी जिसमें घुटने की सर्जरी और स्पाइनल सर्जरी शामिल हैं,वह इस योजना के लिए पात्र है।
डॉ अम्बेडकर चिकित्सा सहायता योजना को लागू करने के लिए आवश्यक दस्तावेज:
  • आवेदन पत्र
  • मूल अनुमानित लागत प्रमाण पत्र संबंधित अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक द्वारा विधिवत हस्ताक्षरित है।
  • आय प्रमाण पत्र
  • जाति प्रमाण पत्र
  • बीपीएल  राशन कार्ड
  • पहचान पत्र
  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • पासपोर्ट के आकार की तस्वीर
आवेदन की प्रक्रिया:
  • आवेदक संबंधित अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक द्वारा विधिवत प्रमाणित निर्धारित आवेदन पत्र में चिकित्सा सहायता के लिए आवेदन करना होंगा।
  • उम्मीदवार दिए गए लिंक https://govinfo.me/wp-content/uploads/2016/08/application_form_for_medical_aid.pdf पर जाकर आवेदन पत्र और अन्य आवश्यक प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकते है।
  • आवेदन की सिफारिश डॉ अम्बेडकर फाउंडेशन के महागठबंधन के सदस्यों या स्थानीय संसद सदस्यों (लोकसभा या राज्य सभा) द्वारा या संबंधित जिला के जिलाधिकारी और कलेक्टर / उपायुक्त या सचिव द्वारा की जाएगी। राज्य / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य और समाज कल्याण विभागों के प्रभारी विधिवत रूप से भरा हुआ, सर्जरी की तारीख से कम से कम १५ दिन पहले निदेशक, डॉ अम्बेडकर फाउंडेशन, 15, जनपथ, नई दिल्ली तक पहुंचना चाहिए। प्राप्त सभी आवेदनों को डॉ अम्बेडकर  फाउंडेशन में संसाधित किया जाएगा।
संपर्क विवरण:
  • आवेदक उम्मीदवार, जिन्हें सहायता की आवश्यकता है, वे संबंधित अस्पताल या सरकारी अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षक से संपर्क कर सकते  है।
संदर्भ और विवरण:

अम्बेडकर प्रवासी विद्या निधि

तेलंगाना सरकार ने राज्य के अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजना शुरू की है जिसे अम्बेडकर प्रवासी विद्या निधि कहा जाता है। योजना के तहत छात्रों को विदेश में अध्ययन करने के लिए अनुदान दिया जाएंगा। तेलंगाना सरकार के समाज कल्याण विभाग ने इस योजना को लागू किया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के छात्रों को शिक्षा के समान अवसर प्रदान करना है।

                                                                                          Ambedkar Overseas Vidhya Nidhi (In English)

अम्बेडकर प्रवासी विद्या निधि

  • राज्य: तेलंगाना
  • लाभ: विदेशी विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति
  • लाभार्थी: अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति श्रेणियों के छात्र
  • आधिकारिक वेबसाइट: www.telanganaepass.cgg.gov.in

लाभ:

  • छात्रों को शिक्षा शुल्क, रहने के खर्च, वीजा और इकोनॉमी क्लास एयर-टिकट के लिए १० लाख रुपये की छात्रवृत्ति
  • राष्ट्रीयकृत बैंकों से ५ लाख रुपये तक शैक्षिक ऋण

छात्रवृत्ति के लिए पात्रता:

  • यह योजना तेलंगाना राज्य के छात्रों के लिए ही लागू है।
  • अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति श्रेणियों के छात्रों के लिए ही यह योजना लागू है।
  • आय सीमा: आवेदक की पारिवार की वार्षिक आय २.५ लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
  • आयु सीमा: आवेदन की आयु १ जुलाई तक ३५ साल से कम होनी चाहिए।
  • शिक्षा: पात्रता परीक्षा में छात्रों को कम से कम ६०% अंक होने चाहिए।
  • एक परिवार से एक ही बच्चे को छात्रवृत्ति दी जाएगी।
  • आवेदनकर्ता के पास वैध टीओईएफएल / आईईएलटीएस और जीआरई / जीएमएटी परीक्षा का स्कोर होना चाहिए।
  • आवेदक के पास विदेशी विश्वविद्यालय प्रवेश का प्रस्ताव होना चाहिए।

आवश्यक दस्तावेजों की सूची:

  • स्कैन की गई तस्वीर
  • पासपोर्ट की प्रति
  • जन्म प्रमाण पत्र
  • आधार कार्ड
  • इ-पासपोर्ट पहचान पत्र का नंबर
  • निवासी प्रमाण पत्र
  • जाति प्रमाण पत्र
  • परिवार का आय प्रमाण पत्र
  • सभी पात्रता परीक्षा की गुण पत्रिका
  • आवेदनकर्ता के पास वैध टीओईएफएल / आईईएलटीएस और जीआरई / जीएमएटी परीक्षा का स्कोर होना चाहिए
  • विदेशी विद्यालय प्रवेश का प्रस्ताव पत्र
  • आयकर आकलन की प्रति
  • राष्ट्रीयकृत बैंक पासबुक की प्रति

पात्र देश: संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर और कनाडा आदि देश इस योजना के लिए पात्र है।

अनुसूचित जाति (एसी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के छात्रों लिए अंबेडकर प्रवासी विद्या निधि ऑनलाइन आवेदन और स्थिति कैसे जाँच करे?

  • अम्बेडकर प्रवासी विद्या निधि के पंजीकरण में जाने के लिए यहाँ क्लिक करें।
  • आवेदन पत्र को पूरी तरह से भरें।
  • सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
  • आवेदन जमा करें और भविष्य के संदर्भ के लिए आवेदन नंबर को नोट करे।
  • आवेदन की स्थिति की जांच करने के लिए यहां क्लिक करें।
  • आवेदन नंबर के साथ आवश्यक विवरण प्रदान करें और विवरण प्राप्त करें।

लैपटॉप भाग्य: कर्नाटक में अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए मुफ्त लैपटॉप

कर्नाटक सरकार ने राज्य के अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के छात्रों को  मुफ्त लैपटॉप प्रदान करने के लिए लैपटॉप भाग्य नाम की योजना सुरु की है। कर्नाटक राज्य के अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति से संबंधित इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक और सरकारी डिग्री कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को इस योजना के तहत मुफ्त लैपटॉप प्रदान किया जाएगा। इस योजना की घोषणा उच्च शिक्षा मंत्री बसवाराजा रायारेड्डी ने की है और राज्य सरकार इस योजना के लिए ११२ करोड़ रुपये का खर्चा करेंगी। कर्नाटक राज्य के ३५,००० से अधिक छात्रों को इस योजना के तहत मुफ्त लैपटॉप प्रदान किया जाएंगा। प्रत्येक लैपटॉप की कीमत ३२,००० से ३५,००० रुपये के बीच होगी। अगले साल से शुरू होने वाले उपरोक्त पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्राप्त करने वाले छात्रों को मुफ्त लैपटॉप प्रदान किया जाएंगा। इस योजना के लिए कोई आय सीमा नहीं है। अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति  जाति से संबंधित छात्र जो उच्च शिक्षा पाठ्यक्रम में अध्ययन कर रहा है,  वह छात्र इस योजना का लाभ उठा सकता है। सरकार का लक्ष्य राज्य के अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के छात्रों को सशक्त बनाना है और उन्हें डिजिटल क्रांति का हिस्सा बनाना है। इस योजना के माध्यम से इन छात्रों को दुनिया से जुड़ने, वैश्विक अवसर और अध्ययन संसाधन प्रदान किये जाएंगे। बैंगलोर विश्वविद्यालय अपने छात्रों को लैपटॉप भी वितरित करता है, लेकिन छात्रों को पढाई पूरी होने के बाद लैपटॉप वापस करने की आवश्यकता होती है। लैपटॉप भाग्य योजना के तहत छात्रों को नि:शुल्क लैपटॉप प्रदान किया जाएंगा और उन्हें लैपटॉप वापस करने की आवश्यकता नहीं है।

                                    Laptop Bhagya: Free Laptops For SC/ST Students In Karnataka (In English):

लैपटॉप भाग्य योजना का लाभ:

  • इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक और सरकारी डिग्री कॉलेजों में पढ़ने वाले अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के छात्रों को मुफ्त लैपटॉप प्रदान किया जाएंगा।
  • लैपटॉप भाग्य योजना के माध्यम से छात्रों को दुनिया से जोडा जाएंगा और उन्हें वैश्विक अवसर प्रदान किये जाएंगे।
  • मुफ्त लैपटॉप छात्रों को अध्ययन संसाधनों को प्रदान करेगा।

लैपटॉप भाग्य योजना के लिए पात्रता:

  • केवल अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति से संबंधित छात्र ही योजना के लिए आवेदन कर सकते है और मुफ्त लैपटॉप प्राप्त कर सकते है।
  • केवल कर्नाटक राज्य के निवासी छात्र इस योजना के लिए आवेदन कर सकते है।
  • इस योजना के लिए कोई आय सीमा नहीं है।

लैपटॉप भाग्य योजना की अधिक जानकारी:

 

राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज मेरिट पुरस्कार:

सामाजिक न्याय और विशेष सहायता विभाग ने अनुसूचित जाति के छात्रों को राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज मेरिट पुरस्कार प्रदान करता है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति के छात्रों को वित्तीय सहायता के रूप में पुरस्कार देकर छात्रों को प्रोत्साहित करना है। यह पुरस्कार  जिन छात्र का मेरिट सूची में पहला नंबर आता है, मंडल बोर्ड में पहला नंबर आने पर, मंडल बोर्ड के सामान्य मेरिट सूची में जिले में पहला नंबर आने पर, मंडल बोर्ड के सामान्य मेरिट सूची में तालुका में पहला नंबर आने पर, मंडल बोर्ड के सामान्य मेरिट सूची में स्कूल में पहला नंबर आने पर उन छात्रों को प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार १० वीं और १२ वीं के छात्रों को प्रदान किया जाता है। यह योजना अनुसूचित जाति के समुदायों को प्रोत्साहित करेगी और छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के दर को भी बढ़ाएगी और शिक्षा के माध्यम से उनकी रोजगार और सशक्तीकरण को बढ़ाएगी और अनुसूचित जाति के समुदायों की सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों में वृद्धि करेगी। यह महाराष्ट्र सरकार द्वारा सुरु की गई एक अनूठी पहल है। राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज मेरिट पुरस्कार केवल महाराष्ट्र राज्य में अध्ययन करने वाले अनुसूचित जाति के छात्रों को प्रदान किया जाएंगा। छात्रों को मेरिट सूची के अनुसार अलग अलग पुरस्कार प्रदान किये जाएंगे। राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज मेरिट पुरस्कार न्यूनतम ५०,००० रुपये से २.५० लाख रुपये तक पुरस्कार प्रदान करता है।

                                                              Rajarshi Chatrapati Shahu Mahraj Merit Awards (in English):

राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज मेरिट पुरस्कार के लाभ:

  • अनुसूचित जाति के छात्र महाराष्ट्र राज्य के मंडल बोर्ड के मेरिट सूची में पहला नंबर आने पर २.५० लाख रुपये की पुरस्कार राशी प्रदान की जाएंगी।
  • अनुसूचित जाति के छात्र को मंडल बोर्ड के सामान्य मेरिट सूची में पहला नंबर आने पर १ लाख रुपये की पुरस्कार राशी प्रदान की जाएंगी।
  • अनुसूचित जाति के छात्र को मंडल बोर्ड के मेरिट सूची में पहला नंबर आने पर ५०,००० रुपये की पुरस्कार राशी प्रदान की जाएंगी।
  • अनुसूचित जाति के छात्र को मंडल बोर्ड के जिला मेरिट सूची में पहला नंबर आने पर २५,००० रुपये की पुरस्कार राशी प्रदान की जाएंगी।
  • अनुसूचित जाति के छात्र को मंडल बोर्ड के तालुका मेरिट सूची में पहला नंबर आने पर १०,००० रुपये की पुरस्कार राशी प्रदान की जाएंगी।
  • अनुसूचित जाति के छात्र को मंडल बोर्ड के स्कूल मेरिट सूची में पहला नंबर आने पर ५,००० रुपये की पुरस्कार राशी प्रदान की जाएंगी।

राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज मेरिट पुरस्कारों को लागू करने के लिए आवश्यक पात्रता और शर्तें:

  •  राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज मेरिट पुरस्कार निम्नलिखित छात्रों को दिया जाता है:
  • छात्रों को महाराष्ट्र राज्य के जनरल मेरिट सूची में पहिला नंबर आने पर वह छात्र राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज मेरिट पुरस्कार के लिए पात्र है।
  • छात्रों को महाराष्ट्र राज्य के संभागीय बोर्ड की मेरिट सूची से पहिला नंबर आने पर वह छात्र राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज मेरिट पुरस्कार के लिए पात्र है।
  • छात्रों को महाराष्ट्र राज्य के मंडल बोर्ड की सामान्य मेरिट सूची से पहिला नंबर आने पर वह छात्र राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज मेरिट पुरस्कार के लिए पात्र है।
  • छात्रों को महाराष्ट्र राज्य के मंडल बोर्ड की जिला मेरिट सूची में पहिला नंबर आने पर वह छात्र राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज मेरिट पुरस्कार के लिए पात्र है।
  • छात्रों को महाराष्ट्र राज्य के मंडल बोर्ड की तालुका मेरिट सूची में पहिला नंबर आने पर वह छात्र राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज मेरिट पुरस्कार के लिए पात्र है।
  • छात्रों को महाराष्ट्र राज्य के मंडल बोर्ड की स्कूल मेरिट सूची में पहिला नंबर आने पर वह छात्र राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज मेरिट पुरस्कार के लिए पात्र है।
  • छात्रों को महाराष्ट्र राज्य के स्कूलों में अधिवासित किया जाना चाहिए।
  • छात्र को अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित होना चाहिए।

राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज मेरिट पुरस्कार को लागू करने के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  •  जाती का प्रमाण पत्र
  • मूल निवासी प्रमाण पत्र
  • १० वीं या १२ वीं कक्षा की उत्तीर्ण की गई मार्कशीट की ज़ेरॉक्स प्रतिया
  • जाती सत्यापन प्रमाण पत्र
  • पहचान प्रमाण पत्र

आवेदन की प्रक्रिया:

  • सामाजिक न्याय और विशेष सहायक विभाग, समाज कल्याण विभाग, महाराष्ट्र सरकार के निदेशालय इस योजना के तहत पुरस्कार के लिए मेधावी छात्रों से संपर्क करेंगे।
  • छात्र संपर्क विवरण अनुभाग में दिए गए निम्न पते पर भी संपर्क कर सकते है।

संपर्क विवरण:

  • उम्मीदवार उस संस्थान से संपर्क कर सकता है जहां से उम्मीदवार ने शिक्षा प्राप्त की है
  • छात्र सामाजिक न्याय और विशेष सहायता विभाग के कार्यालय, समाज कल्याण निदेशालय, महाराष्ट्र राज्य, ३, चर्च रोड, पुणे -४११००१ से संपर्क कर सकते है।
  • छात्र सहायक आयुक्त (जिला), समाज कल्याण विभाग से भी संपर्क कर सकता है।

संदर्भ और विवरण:

transport.bih.nic.in- मुख्यमंत्री ग्राम परिवाहन योजना (एमजीपीवाय) बिहार: वाहन खरीदने के लिए आवेदन पत्र / ऑनलाइन पंजीकरण

बिहार सरकार ने राज्य के बेरोजगार गरीबों की मदत के लिए मुख्यमंत्री ग्राम परिवाहन योजना (एमजीपीवाय) शुरू की है। इस योजना के तहत लाभार्थी को  सरकार ५०% तक सब्सिडी प्रदान करेगी। वाणिज्यिक वाहन ४ व्हीलर और ३ व्हीलर्स खरीद ने लिए १ लाख की मदत की जाएगी और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को प्रदान किया जाएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में बेरोजगार गरीब और सीमांत परिवारों के लिए कमाई के साधन प्रदान करना है।यह योजना अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / अत्यधिक पिछड़ा वर्ग (एससी / एसटी / ईबीसी) के लिए है। लाभार्थी यात्री वाहन, जीप, आदि जैसे वाणिज्यिक वाहन खरीद सकते है और ऊन वाहन का कमाई के लिए उनका उपयोग कर सकते है। इस योजना के तहत १० सीटर वाहनों को ४  सीटर वाहनो के तहत खरीदे जा सकते है। इस योजना से राज्य के गरीब और सीमांत परिवारों को सशक्त बनाना और सशक्त बनाने की उम्मीद जगाना यह इस योजना का मुख्य उद्देश है।

इस योजना के लिए आवेदन अब परिवहन विभाग की वेबसाइट transport.bih.nic.in या demo.bih.nic.in पर किया जा सकता है। यह योजना नौकरी निर्माण में सहायता के अलावा इन वाहनों के साथ बेहतर कनेक्टिविटी भी प्रदान करेगी। इच्छुक उम्मीदवार २७ सितंबर २०१८ से  २२ अक्टूबर २०१८ के बीच  आवेदन पत्र भर सकते है। पहले चरण में ४२ हजार लोगों को इस योजना का लाभ प्रदान किया जाएंगा।

                                                        Mukhymantri Gram Parivahan Yojana (MGPY) Bihar (In English)

मुख्यमंत्री  ग्राम  परिवाहन योजना (एमजीपीवाय) क्या है:

अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति और ईबीसी वर्गों के बेरोजगार युवाओं को वाणिज्यिक वाहनों को खरीदने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए बिहार सरकार की एक योजना है।

transport.bih.nic.in , demo.bih.nic.in –  मुख्यमंत्री ग्राम परिवाहन योजना (एमजीपीवाय) बिहार

मुख्यमंत्री ग्राम  परिवाहन योजना (एमजीपीवाय) का  उद्देश्य:

  • गरीब और सीमांत अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति और ईबीसी वर्गों के  परिवारों को सशक्त बनाया जाएगा।
  • राज्य में नौकरियां का निर्माण किया जाएगी।
  • स्व-रोज़गार के अवसर निर्माण किये जाएगे।
  • राज्य में कनेक्टिविटी बढ़ाई जाएंगी।
  • राज्य के अर्थव्यवस्था में सुधार लाया जाएंगा।

मुख्यमंत्री ग्राम  परिवाहन  योजना (एमजीपीवाय) का लाभ:

  •  इस योजना के तहत सरकार ५०% तक सब्सिडी प्रदान करती है।
  • वाणिज्यिक वाहन (३ व्हीलर और ४ व्हीलर्स) को खरीद ने लिए १ लाख रुपये दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ग्राम  परिवाहन योजना (एमजीपीवाय)  के लिए पात्रता:

  • आवेदक की ऊम्र २१ साल से अधिक होनी चाहिए।
  •  आवेदक पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए।
  • योजना केवल बिहार राज्य  में लागू है।
  • अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / ईबीसी परिवार के लोग केवल इस योजना के लिए आवेदन कर सकते है।
  • आवेदक पहले से ही नियोजित नहीं होना चाहिए।
  • आवेदक को अन्य सरकारी योजनाओं के तहत कोई अन्य सब्सिडी नहीं लेनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ग्राम  परिवाहन  योजना (एमजीपीवाय)  के लिए दस्तावेजों की सूची:

  • जाति का सबूत (जाति प्रमाण पत्र)
  • निवासी प्रमाण पत्र  (विज्ञापन कार्ड)
  • आयु प्रमाण पत्र  (बोर्ड प्रमाण पत्र)
  • ड्राइविंग लाइसेंस
  • शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र  (मार्क सूचियां और प्रमाण पत्र)

मुख्यमंत्री ग्राम  परिवाहन योजना (एमजीपीवाय) के लिए आवेदन पत्र और ऑनलाइन पंजीकरण कैसे करे:

  •  एमजीपीवाय  ऑनलाइन आवेदन पर जाने के लिए यहां क्लिक करें।

मुख्यमंत्री ग्राम  परिवाहन योजना (एमजीपीवाय) का लॉग इन

  • मौजूदा उपयोगकर्ता अपना लॉगिन विवरण प्रदान करे और “लॉगिन” बटन पर क्लिक करे, नए उपयोगकर्ताओं को पहले खुद को पंजीकृत करने की आवश्यकता है। पंजीकृत करने के लिए पहले “रजिस्टर” बटन पर क्लिक करें।
  • आपको पंजीकरण आवेदन पत्र में ले जाया जाएगा, फोन नंबर, पासवर्ड, ड्राइविंग लाइसेंस इत्यादि जैसे सभी विवरण प्रदान करेंगे होंगे और पंजीकरण पृष्ट पर “रजिस्टर” बटन पर क्लिक करें।

मुख्यमंत्री ग्राम  परिवाहन योजना (एमजीपीवाय) के लिए पंजीकरण करे

  • लॉगिन पेज पर जाने के लिए यहां क्लिक करें और अभी लॉगिन करें।
  •  मुख्यमंत्री ग्राम परिवाहन योजना आवेदन पत्र खुल जाएगा, नाम, लिंग, पता, ग्राम, जिला, जन्मतिथि, आयु आदि जैसे सभी विवरण प्रदान करेंने होंगे।

मुख्यमंत्री ग्राम  परिवाहन योजना (एमजीपीवाय) का ऑनलाइन आवेदन पत्र

  •  पता प्रमाण और श्रेणी प्रमाण की स्कैन की गई प्रति अपलोड करें।
  • एमजीपीवाय आवेदन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए “सबमिट करें” बटन पर क्लिक करें।

महाराष्ट्र में अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए बुक बैंक योजना:

महाराष्ट्र राज्य सरकार द्वारा सामाजिक न्याय और विशेष सहायता विभाग के माध्यम से अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए बुक बैंक योजना शुरू की है। इस योजना को भारत देश के केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित किया जाएंगा। महाराष्ट्र सरकार इस योजना के माध्यम से अनुसूचित जाती के छात्रों के लिए  मेडिकल, अभियांत्रिकी, कृषि सबंधी बुक बैंक प्रदान करती है। मेडिकल / अभियांत्रिकी छात्रों के लिए इस योजना के तहत दो छात्र के लिए एक बुक सेट और ७,५०० रुपये प्रदान किये जाएंगे। कृषि संबधी छात्रों के लिए इस योजना के तहत दो छात्र के लिए एक बुक सेट है और ४,५०० रुपये प्रदान किये जाएंगे। पशु चिकित्सा सबंधी छात्रों के लिए इस योजना के तहत दो छात्र के लिए एक बुक सेट और ५,००० रुपये प्रदान किये जाएंगे।  सरकार इस योजना के तहत अनुसूचित जाती के छात्रों को  मेडिकल, अभियांत्रिकी, कृषि, पशु चिकित्सा सबंधी स्नातकोत्तर की पढाई के लिए एक बुक सेट और ५,००० रुपये का लाभ प्रदान करेंगी।  अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए बुक बैंक योजना, पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति की केंद्र प्रायोजन योजना के साथ विलीन कर दी गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति समुदायों के आर्थिक रूप से कमजोर है और गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) वाले लाभार्थी के जीवन का कल्याण करना है। सरकार का उद्देश्य उन्हें शैक्षिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से विकसित करना है। अनुसूचित जाती के छात्रों को  बुक बैंक का लाभ पाने के लिए छात्र संबंधित कॉलेज / संस्थान से संपर्क करना चाहिए।

                             Book Bank Scheme For Scheduled Caste Students In Maharashtra (In English) 

महाराष्ट्र में अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए बुक बैंक योजना का लाभ:

  •  मेडिकल / अभियांत्रिकी छात्रों के लिए इस योजना के तहत दो छात्र के लिए एक बुक सेट और ७,५०० रुपये की राशी का लाभ प्रदान किया जाएंगा।
  • कृषि संबधी छात्रों के लिए इस योजना के तहत दो छात्र के लिए एक बुक सेट है और ४,५०० रुपये की राशी का लाभ प्रदान किया जाएंगा।
  • पशु चिकित्सा सबंधी छात्रों के लिए इस योजना के तहत दो छात्र के लिए एक बुक सेट और ५,००० रुपये की राशी का लाभ प्रदान किया जाएंगा।
  • सरकार इस योजना के तहत अनुसूचित जाती के छात्रों को मेडिकल, अभियांत्रिकी, कृषि, पशु चिकित्सा सबंधी स्नातकोत्तर की पढाई के लिए एक बुक सेट और ५,००० रुपये की राशी का लाभ प्रदान किया जाएंगा।

महाराष्ट्र में अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए बुक बैंक योजना के लिए पात्रता:

  • आवेदक महाराष्ट्र राज्य का निवासी होना चाहिए।
  • आवेदक अनुसूचित जाति से होना चाहिए।
  • लाभार्थी छात्र को व्यावसायिक पाठ्यक्रम जैसे मेडिकल, अभियांत्रिकी, कृषि आदि में प्रवेश दिया जाना चाहिए।
  • भारत सरकार की छात्रवृत्ति योजना के लिए छात्र पात्र होना चाहिए।

महाराष्ट्र में अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए बुक बैंक योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  • पासपोर्ट आकार की तस्वीर
  • आधार कार्ड
  • जाती का प्रमाण पत्र
  • जाति वैधता प्रमाण पत्र
  • स्थायी निवास प्रमाण पत्र
  • बैंक खाता विवरण

महाराष्ट्र में अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए बुक बैंक योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया:

  • आवेदक को महाराष्ट्र राज्य के संबंधित कॉलेज / संस्थान से संपर्क करना चाहिए।
  • आवेदक को महाराष्ट्र राज्य के सहायक आयुक्त समाज कल्याण विभाग से भी संपर्क करना चाहिए।

संदर्भ और विवरण:

 महाराष्ट्र में अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए बुक बैंक योजना की आधिक माहिती के लिए निम्लिखित लिंक का उपयोग करे:

 

अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति –

राजस्थान सरकार ने राज्य के अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना सुरु की है। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति (एससी) के छात्र को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएंगी। ६ वीं से ८ वीं कक्षा के छात्र इस योजना के लिए पात्र है। राज्य के अनुसूचित जाति के छात्रों को कुछ मानदंडों के आधार पर छात्रवृत्ति प्रदान की जाएंगी। यह योजना साल १९८४  से सक्रिय है और साल २००९ और साल २०१२  में इस योजना में कुछ बदलाव किये गए है। राज्य के छात्रों के स्कूल के खर्चों को पैमाने को देखते हुए छात्रवृत्ति राशी उन छात्रों को किताबें खरीदने, स्कूल की यात्रा करने के लिए और कुछ अन्य स्थिर जरूरतों का समर्थन करने के लिए प्रदान की जाएंगी। इस योजना के तहत लड़कों और लड़कियों को छात्रवृति राशी अलग-अलग प्रदान की जाएंगी। लड़कियों को लड़कों की तुलना में छात्रवृति राशि अधिक मिलती है और इस छात्रवृति राशि का इस्तेमाल छात्र उनके अन्य खर्चों के लिए कर सकते है।

                                                      Pre-Matric Scholarship For Scheduled Caste Students (In English)

अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति का लाभ:

  • लड़कों को छात्रवृत्ति: अनुसूचित जाति समुदाय के छात्र जो ६ वीं, ७ वीं या ८ वीं कक्षा में है,उन छात्रों को मूल जरूरतों के लिए ७५ रुपये  प्रति माह छात्रवृत्ति राशी प्रदान की जाएंगी।
  • लड़कियों को छात्रवृत्ति: इस योजना में लड़कियों को लड़कों की तुलना में थोड़ी ज्यादा राशि मिलेगी यानी लड़कियों को १२५ रुपये प्रति माह छात्रवृत्ति राशी प्रदान की जाएंगी।
  • दलितों को शिक्षा: इस योजना के कारण समाज में दलितों को शिक्षा हासिल करने और तथाकथित शिक्षित समाज में समान दर्जा हासिल करने का मौका प्रदान किया जाएंगा।

अनुसूचित जाति के छात्रों को प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए पात्रता:

  • छात्र राजस्थान राज्य का रहिवासी होना चाहिए।
  • छात्र अनुसूचित जाति से होना चाहिए।

अनुसूचित जाति के छात्रों को प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए आवश्यक दस्तावेज़:

  • आवेदन पत्र
  • पिछले साल की मार्कशीट
  • रहिवासी दाखला (बिजली बिल, पानी कनेक्शन बिल, गैस कनेक्शन बिल, राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस)
  • आधार कार्ड
  • जाती का प्रमाण पत्र
  • जाति की वैधता का प्रमाण पत्र
  • पासपोर्ट आकर की तस्वीर (आवश्यक नहीं है लेकिन कम से कम एक प्रति रखने की सिफारिश की जाती है। )छात्र के माता पिता का आय प्रमाण पत्रस्कूल का पहचान पत्र

आवेदन पत्र:

छात्रों को इस योजना का आवेदन करने के लिए संबंधित स्कूल के प्राचार्य को आवश्यक दस्तावेजों के साथ एक आवेदन जमा करना होगा, जहां लड़का / लड़की अध्ययन कर रहे है (यहां आवेदन पत्र डाउनलोड करें: अनुसूचित जाति के छात्र के लिए प्री-मैट्रिक  छात्रवृत्ति के लिए आवेदन पत्र)

संपर्क विवरण:

  • संबंधित स्कूल के  प्राचार्य
  • संबंधित क्षेत्र के शैक्षिक मंत्री

संदर्भ और विवरण:

योजना के बारे में अधिक जानने के लिए निम्नलिखित लिंक का पालन करें:

  • राजस्थान सरकार द्वारा आधिकारिक पत्र: अनुसूचित जाती के छात्रों के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए दिशानिर्देश
  • आवेदन पत्र: अनुसूचित जाती के छात्रों के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति का आवेदन पत्र

 

मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना (सीएमआरएसवाय): राजस्थान में बेरोजगारों के लिए कम ब्याज दर पर व्यापार ऋण

राजस्थान राज्य की नवनियुक्त सरकार ने भामाशाह रोज़गार योजना (बीआरएसवाय) का नाम बदलकर  मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना (सीएमआरएसवाय)  कर दिया है। यह योजना राज्य में शिक्षित और अशिक्षित बेरोजगार और बेरोजगार युवाओं, महिलाओं, अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के युवाओं, विकलांगों और गरीबों के लिए है। योजना उन्हें कम ब्याज दर पर व्यापार ऋण प्रदान करती है ताकि वे अपना व्यवसाय शुरू कर सकें।

                                                                     Chief Minister’s Rojgar Srijan Yojana (CMRSY) (In English)

मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना (सीएमआरएसवाय) क्या है?
राजस्थान सरकार ने नए व्यवसाय शुरू करने के लिए बेरोजगारों को कम ब्याज दर पर व्यवसाय ऋण प्रदान करने की योजना बनाई है।

मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना (सीएमआरएसवाय) का उद्देश्य:

  • युवाओं, महिलाओं, अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएंगी।
  • विकलांगों को समान अवसर प्रदान किये जाएंगे।
  • राज्य में स्वरोजगार निर्माण किये जाएंगे और रोजगार प्रदान किये जाएंगे।
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया जाएंगा।

मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना (सीएमआरएसवाय) के लाभ:

  • लघु और मध्यम स्तर के व्यवसाय शुरू करने वाले लाभार्थी को बैंक से ऋण प्रदान किया जाएंगा।
  • ८ % की ब्याज दर सब्सिडी पर व्यापर ऋण प्रदान किया जाएंगा।

मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना (सीएमआरएसवाय) के लिए पात्रता:

  • लाभार्थी केवल राजस्थान राज्य का निवासी होना चाहिए।
  • केवल बेरोजगार,युवा, महिला, अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति, विकलांग इस योजना के लिए आवेदन कर सकते है।

मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना राजस्थान

राजस्थान के उद्योग मंत्री प्रसाद लाल मीणा ने इस योजना की घोषणा की है। योजना के लिए सरकार पर्याप्त धन उपलब्ध कराएगी। सरकार को इस योजना को राजस्थान राज्य के गांवों तक पहुचाना है। प्रत्येक पंचायत समिति में १०० बेरोजगार युवाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए ऋण दिया जाएगा। राजस्थान राज्य का उद्योग विभाग इस योजना के कार्यान्वयन की निगरानी करेगी। इस योजना का बड़ा उद्देश्य राज्य में रोजगार के अवसर प्रदान करना है। सरकार राज्य में बेरोजगार युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करने की भी योजना बना रही है।

संबंधित योजनाएं:

दिल्ली स्व:रोजगार ऋण योजना: वाणिज्यिक वाहन और ई-रिक्शा खरीदने के लिए बेरोजगारों के लिए  

दिल्ली सरकार ने राज्य में बेरोजगार युवाओं के लिए स्व:रोजगार ऋण योजना शुरू की है। राज्य सरकार लाभार्थी को वाणिज्यिक वाहन और  बैटरी संचालित ई-रिक्शा खरीदने के लिए ऋण मुहैया करेंगी। यह योजना अनुसूचित जाति (एससी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), अल्पसंख्यक और सफाई करमचारियों के बेरोजगार युवाओं के लिए है।

इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य सामाजिक रूप से पिछड़े वर्ग के युवाओं और उनके परिवारों को सशक्त बनाना है। दिल्ली स्व-रोजगार ऋण योजना राज्य के गरीब परिवारों के लिए आजीविका कमाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।इस योजना के माध्यम से दिल्ली में स्व-रोजगार और रोजगार के अवसर को निर्माण किये जाएंगे।

Delhi Self Employment Loan Scheme For Unemployed To Purchase Commercial Vehicles & E-Rickshaws (In English):

दिल्ली स्व:रोजगार ऋण योजना: दिल्ली के बेरोजगार युवाओं को वाणिज्यिक वाहन और बैटरी संचालित ई-रिक्शा खरीदने के लिए ऋण प्रदान करने के लिए दिल्ली सरकार की एक योजना है।

दिल्ली स्व:रोजगार ऋण योजना: बेरोजगार  युवाओं को वाणिज्यिक वाहन और बैटरी संचालित ई-रिक्शा खरीदने के लिए

दिल्ली स्व:रोजगार ऋण योजना के लाभ:

  • दिल्ली के बेरोजगार युवाओं को वाणिज्यिक वाहन और बैटरी संचालित ई-रिक्शा खरीदने के लिए ऋण प्रदान किया जाएंगा।

दिल्ली स्व:रोजगार ऋण योजना के लिए पात्रता:

  • अनुसूचित जाति (एससी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), अल्पसंख्यक और सफाई  कर्मचारी केवल आवेदन कर सकते है।
  • उम्र की सीमा: आवेदनकर्ता की उम्र १८  से ४५  साल के बिच होनी चाहिए।
  • आवेदनकर्ता के पास बैज के साथ  वैध वाणिज्यिक वाहन का परवाना होना चाहिए।
  • आवेदक पिछले ५ साल  से दिल्ली का निवासी होना चाहिए।
  • आय सीमा:  अनुसूचित जाति (एससी) / अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के श्रेणी के लाभार्थी की वार्षिक आय  ३ लाख रुपये  से अधिक नहीं होनी चाहिए।  अल्पसंख्यक समुदाय की वार्षिक आय १.२० लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए और सफाई कर्मचारीयों के लिए कोई आय सीमा नहीं है।

दिल्ली स्व:रोजगार ऋण योजना के लिए आवश्यक दस्तावेजों की सूची:

  •  मतदाता पहचान पत्र
  • राशन कार्ड
  • आधार कार्ड
  • अनुसूचित जाति और ओबीसी आवेदकों के लिए जाति प्रमाण पत्र
  •  क्षेत्र स्वच्छता अधीक्षक द्वारा जारी किया गया सफाई कर्मचारी  का प्रमाण पत्र
  • अल्पसंख्यकों के मामले में हलफनामा

दिल्ली स्व रोजगार ऋण योजना आवेदन पत्र:

आवेदन पत्र नीचे उल्लिखित निगम कार्यालयों में मुफ्त में उपलब्ध है। आवेदक किसी भी कार्यालय दिवस पर सबेरे १० बजे से शाम ३ बजे के बीच आवेदन पत्र को प्राप्त कर सकते है:

  • मुख्य कार्यालय: अम्बेडकर भवन, सेक्टर १६, रोहिणी, दिल्ली
  • सेंट्रल जोन: २ बैटरी लेन, राजपुर रोड, दिल्ली
  • वेस्ट जोन: ए-३३-३८, बी ब्लॉक, लाल बिल्डिंग, मंगोलपुरी, दिल्ली
  • ईस्ट जोन: ए-ब्लॉक, पहली मंजिल, बुनकर कॉम्प्लेक्स, डिप्टी कमिश्नर ऑफिस (उत्तर पूर्व), गगन सिनेमा के पास, नंद नागरी, दिल्ली

दिल्ली स्व:रोजगार ऋण योजना के लिए आवेदन कैसे करें:

  • ऊपर उल्लिखित समय पर निगम कार्यालयों से संपर्क करे।
  • वाणिज्यिक वाहन और बैटरी संचालित ई-रिक्शा के ऋण के लिए आवेदन पत्र का चयन करें।
  • आवेदन पत्र को पूरी तरह से भरें।
  • आवश्यक दस्तावेजों को संलंग्न करें और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करें।
  • जिस कार्यालय से आवेदन पत्र लिया है वह पर ही आवेदन पत्र को जमा करे।

संबंधित योजनाएं:    

 

प्रबुद्ध योजना: कर्नाटक में अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए विदेशों में अध्ययन करने के लिए वित्तीय सहायता –

कर्नाटक सरकार ने राज्य में विदेशों में अध्ययन करने के लिए अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के छात्रों का समर्थन करने के लिए प्रबुद्ध योजना शुरू की है। राज्य सरकार अनुसूचित जनजातियों और अनुसूचित कक्षा के छात्रों के लिए पाठ्यक्रम शुल्क, आवास और यात्रा का खर्च  प्रदान करेंगी। यह योजना महिलाओं को ३३% और विकलांग छात्रों को ४ % आरक्षण प्रदान करेंगी।इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों के छात्रों को बराबर अवसर प्रदान करना है।

                                                                                                                      Prabuddha scheme (In English)

प्रबुद्ध योजना: राज्य में अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति छात्रों को विदेशों में अध्ययन करने में मदत करने के लिए कर्नाटक योजना सरकार की एक योजना है।

प्रबुद्ध योजना का उद्देश्य:

 अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति छात्रों और उनके परिवारों को सशक्त बनाया जाएंगा।

सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों के छात्रों को बराबर अवसर प्रदान किये जाएंगे।

प्रबुद्ध योजना का लाभ:

अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति छात्रों को विदेशों में अध्ययन करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएंगी।

पाठ्यक्रम शुल्क, यात्रा, आवास इत्यादि का खर्चा सरकार प्रदान करेंगी।

छात्र विदेशी विश्वविद्यालयों में स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी कार्यक्रमों का पीछा कर सकते है।

सरकार १००% शिक्षा का खर्च उन छात्रों को प्रदान करेंगी जिनकी पारिवारिक की वार्षिक आय प्रति वर्ष ८ लाख रुपये कम है।

सरकार १००% शिक्षा का खर्च उन छात्रों को प्रदान करेंगी जिनकी पारिवारिक की वार्षिक आय ८ से १५ लाख रुपये के बीच है।

सरकार ३३% शिक्षा का खर्च उन छात्रों को प्रदान करेंगी जिनकी पारिवारिक की वार्षिक आय १५ लाख रुपये से अधिक है।

प्रबुद्ध योजना के लिए पात्रता:

केवल कर्नाटक के स्थायी निवासियों के लिए यह योजना लागू है।

अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के छात्र केवल आवेदन कर सकते है।

छात्र योजना के तहत केवल एक बार आवेदन कर सकते है।

एक परिवार के अधिकतम २  छात्र आवेदन कर सकते है।

केवल वे छात्र जिन्होंने स्नातक अभिलेख परीक्षा (जीआरई), स्नातक प्रबंधन प्रवेश परीक्षा (जीमैट), छात्रवृत्ति योग्यता / आकलन परीक्षा (एसएटी) और अन्य योग्यता परीक्षाएं मंजूरी दे दी है।

राज्य सरकार ने इस योजना के लिए १२० करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति समुदायों के ४०० छात्र योजना से लाभान्वित हो सकते है और विदेशों में अध्ययन कर सकते है। स्नातक के अंतर्गत का पाठ्यक्रम (अंडर ग्रेजुएट कोर्स) के लिए २५० छात्र और स्नातकोत्तर के लिए १५० छात्र को प्रबुद्ध योजना के तहत नि:शुल्क विदेशी अध्ययन के लिए चुना जाएगा। कर्नाटक राज्य का सामाजिक कल्याण विभाग इस योजना को लागू करेगी।

पाठ्यक्रम प्रबुद्ध योजना के अंतर्गत आते है: इंजीनियरिंग, मूल विज्ञान, कृषि विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, वाणिज्य, अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान, कानून, ललित कला और अन्य पाठ्यक्रम प्रबुद्ध योजना के अंतर्गत आते है ।

संबंधित योजनाएं:

अनुसूचियों जनजाति

अनुसूचित जनजाति विकलांग छात्र को ८ वी से १० वी कक्षा में अध्ययन करने के लिए छात्रवृति

कर्नाटक

विदेशों में अध्ययन

अनुसूचित जनजाति