हिरकानी महाराष्ट्रची: महाराष्ट्र में महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के लिए जिला व्यापार प्रतियोगिता योजना

भारत देश के केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने महाराष्ट्र राज्य के महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के लिए हिरकानी महाराष्ट्रची योजना शुरू की है। यह महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के लिए एक राज्यव्यापी जिला व्यापार योजना प्रतियोगिता है। इस योजना के माध्यम से महिला अपने व्यावसायिक विचारों को प्रस्तुत कर सकती है और ५० हजार रुपये से २ लाख रुपये तक का मूल्य जीत सकती है।

इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना है और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को कमाई के अवसर प्रदान करना है। इस योजना को महाराष्ट्र राज्य अभिनव सोसाइटी कौशल विकास और उद्यमिता विभाग के द्वारा कार्यान्वित किया जाएगा। इस योजना को केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित किया जाएगा और विजेता को राष्ट्रपति कोविंद,प्रधानमंत्री मोदी और उपराष्ट्रपति नायडू के साथ बातचीत करने का मौका मिलेगा।

                                                                                                            Hirkani Maharashtrachi (In English):

  • योजना: हिरकानी महाराष्ट्रची
  • लाभ: जिला व्यापार  प्रतियोगिता योजना
  • लाभार्थी: महिला स्वयं सहायता समूह (एसएचजी)
  • द्वारा शुरू की: केंद्रीय वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु
  • राज्य: महाराष्ट्र

हिरकानी महाराष्ट्रची (जिला बी-योजना प्रतियोगिता) चरण:

पहिला चरण:

  • महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को अपने व्यापारिक विचारों को तालुका स्तर पर प्रस्तुत करने की आवश्यकता है
  • तालुका स्तर पर १० महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) का चयन किया जाएगा
  • उन्हें अपने व्यावसायिक विचारों को लागू करने के लिए ५,००० रुपये का नकद मूल्य प्रदान किया जाएंगा।

दूसरा चरण:

  • तालुक स्तर के शीर्ष १० विजेता को जिला स्तर पर अपने विचार प्रस्तुत कर सकते है।
  • जिला स्तर पर विजेताओं को उनके विचारों को आगे बढ़ाने के लिए २ लाख रुपये के नकद मूल्य प्रदान किया जाएंगा।
  • शीर्ष ५ विजेताओं को सरकार द्वारा प्रत्येक को ५ लाख रुपये का कार्य आदेश दिया जाएगा।
  • सरकार का मिशन जमीनी स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देना है। यह महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाएगा और उन्हें समान के अवसर प्रदान करेगा।

जिला बी-योजना प्रतियोगिता श्रेणियाँ:

  • महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के महिलाओं को कृषि, सामाजिक सेवा, शिक्षा और विविध श्रेणियों जैसे क्षेत्रों में अपने विचार प्रस्तुत कर सकते है।
  • यह आयोजन एक कार्यक्रम में शुरू किया गया है और विभिन्न कलेक्टरों, मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और जिला परिषद के सदस्यों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उनका साथ दिया है।

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