स्वयं प्रभा योजना:शैक्षणिक सामग्री डीटीएच के माध्यम से:

भारत सरकार ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सहयोग से नई योजना सुरु की है। जिसका नाम स्वयं प्रभा योजना है।स्वयं प्रभा योजना मैं ३२ डायरेक्ट-टू-होम (डीटीएच) टेलीविजन चैनल दिखाये जाते है। सभी शिक्षकों, छात्रों और देश भर में नागरिकों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार ने ये सुविधा सुरु की है। इन चैनल द्वारा स्कूल और विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए कार्यक्रमों का प्रसारण किया जाएगा। सरकार की ये पहल ग्रामीण इलाकों के छात्रों की मदद करने के लिए है। इस चैनल द्वारा आईआईटी सहित शीर्ष पायदान संस्थानों से कक्षा व्याख्यान का एक सीधा प्रसारण होगा।चैनल ४ घंटे पाठ के साथ हर दिन मे अलग-अलग विषयों को एक दिन मे ६ बार दोहराया जायेगा।कला, विज्ञान, वाणिज्य, कला प्रदर्शन, सामाजिक विज्ञान और मानविकी के विषयों, इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी, कानून, चिकित्सा, कृषि आदि के रूप में पाठ्यक्रम आधारित पाठ्यक्रम दिखाए जायेगे। प्रारंभ में कार्यक्रम अंग्रेजी भाषा मैं दिखाए जायेगे। लेकिन कुछ समय के बाद सरकार क्षेत्रीय भाषाओं में कार्यक्रमों का शुभारंभ किया जाएगा।पहले चरण मे आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी मद्रास, आईआईटी कानपुर, आईआईटी गुवाहाटी, आईआईटी दिल्ली,जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ,ईग्नू,आईआईएम बैंगलोर,आईआईएम कलकत्ता विश्वविद्यालय मे योजना शुरू की जाएगी।

पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा चैनल इस प्रकार है :

  • कला
  • विज्ञान
  • व्यापार
  • कला प्रदर्शन
  • सामाजिक विज्ञान
  • मानविकी विषयों
  • अभियांत्रिकी
  • प्रौद्योगिकी
  • कानून
  • दवा
  • कृषि

स्वयं प्रभा योजना की विशेषताएं:

१. कला, विज्ञान, वाणिज्य, कला प्रदर्शन, सामाजिक विज्ञान और मानविकी के विषयों, इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी, कानून,      चिकित्सा, कृषि आदि के रूप में पाठ्यक्रम आधारित पाठ्यक्रम दिखाए जायेगे।

२. योजना के तहत स्कूल शिक्षा,स्नातक, स्नातकोत्तर, इंजीनियरिंग,स्कूली बच्चों,व्यवसायिक पाठ्यक्रम और शिक्षकों के  प्रशिक्षण को शामिल किया जाएगा।

३. प्रारंभ में कार्यक्रम अंग्रेजी भाषा मैं दिखाए जायेगे। लेकिन कुछ समय के बाद सरकार क्षेत्रीय भाषाओं में कार्यक्रमों का  शुभारंभ किया जाएगा‌‌‍।

 

छात्र स्वयं प्रभा योजना का लाभ कैसे प्राप्त कर सकते है:

 

१. मंत्रालय ने विषय विशेषज्ञों की नियुक्ति की है। इन विशेषज्ञों के द्वारा संचालित चित्र,विडियो और चित्र सहित अध्ययन  सामग्री का चयन किया जायेगा।

२. सामग्री देखने के ब बाद छात्रों को अंतरिक्ष अनुप्रयोग और भूसूचना विज्ञान भास्कराचार्य संस्थान का  टोल फ्री हेल्पलाइन  नंबर के माध्यम से छात्र अपने सवाल का जवाब प्राप्त कर सकता है।

३. मंत्रालय द्वारा विषय विशेष विशेषज्ञों की नियुक्ति की जाएगी ताकि अच्छी गुणवत्ता की सामुग्री प्रदान की जाए और  विशेषज्ञों को घंटे के हिसाब से पैसे दिए जाएगे।  

४. यह विषय विशेषज्ञों छात्र को सामुग्री और छात्र के सवाल के जवाब प्रदान करेगा।

संदर्भ और विवरण:

१. अधिक जानकारी के लिए  वेबसाइट पर संपर्क करे https://swayam.gov.in/Home

२. स्वयं एप्लीकेशन  डाउनलोड करने के लिए यहां जाएं: https://play.google.com/store/apps/details?id=in.gov.swayam.app

 

 

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