समृद्धि योजना: एससी/एसटी उद्यमिता योजना कर्नाटक  

November 1, 2018 | By hngiadmin | Filed in: अनुसूचित जाती, योजनाएं, अनुसूचित जनजाति, खबरें, शोधकर्ता, बेरोज़गार, उद्यम और व्यापार, रोज़गार, युवा, स्वयं-रोज़गार, कर्नाटक सरकार, स्व-रोजगार और उद्यमिता, कर्नाटक.

कर्नाटक सरकार ने एससी / एसटी (अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति) श्रेणियों के युवाओं के लिए उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए समृद्धि योजना शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य छोटे व्यवसायों के माध्यम से राज्य में स्व-रोजगार को बढ़ावा देना है। यह योजना रोजगार के अवसर प्रदान करेगी और पिछड़े वर्गों के युवाओं को सशक्त बनाएगी। उद्यमशीलता के लिए युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए सरकार निजी कंपनियों के साथ भागीदारी करेगी।सामाजिक कल्याण मंत्री श्री प्रियंका खड़गे ने इस योजना की घोषणा की है। उनके अनुसार सरकार  अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति  समूहों को वित्तीय रूप से स्वतंत्र बनाने के लिए उद्योग के स्वामित्व वाले निजी उद्यम बनाने की योजना बना रही है। यह योजना रोज़गार के वैकल्पिक साधन बनाने के लिए कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित करेगी।

समृद्धि योजना: उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए कर्नाटक राज्य के  अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति युवाओं के लिए एक कौशल विकास / प्रशिक्षण योजना है।

                                                                                                                      Samruddhi Scheme (In English)

समृद्धि योजना का उद्देश्य:

  • अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति युवाओं को इस योजना के माध्यम से सशक्त बनाया जाएंगा।
  • राज्य में स्व-रोज़गार के अवसर पैदा किये जाएंगे।
  • राज्य में रोजगार निर्माण किये जाएंगे।
  • राज्य में अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएंगा।

समृद्धि योजना के लिए पात्रता:

  • योजना केवल कर्नाटक राज्य में लागू है।
  • अनुसूचित जाति / अनुसूचित  जनजाति के श्रेणियों के युवा केवल इस योजना के लिए आवेदन कर सकते है।

समृद्धि योजना का लाभ:

  • आकांक्षा उद्यमियों के लिए अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति युवा सशक्त निधि के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
  • प्रशिक्षण और वित्त पोषण उद्यमियों को अपने खुदरा (रिटेल)आउटलेट या फ़्रैंचाइज़ी शुरू करने में मदद करेगी।

समृद्धि योजना का विशेषताएं और कार्यान्वयन :

  • कर्नाटक के सामाज कल्याण विभाग द्वारा एक योजना है।
  • व्यवसाय स्वामित्व वाली निजी उद्यम बनाई जाएगी।
  • कर्नाटक सरकार ने ३० खुदरा (रिटेल) कंपनियों के साथ समझौता किया है।
  • योजना को कर्नाटक राज्य के अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति श्रेणियों के २५,०००  युवाओं को लाभ होगा।
  • कर्नाटक सरकार अगले तीन वर्षों के लिए सालाना १०,०००  उद्यमियों को तैयार करने की योजना बना रही है।
  • राज्य में आर्थिक और सामाजिक रूप से हाशिए वाले समाजों को लाभान्वित किया जाएंगा।
  • यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों और कर्नाटक के दूसरे शहरों पर केंद्रित होगी।
  • सरकार इस योजना के तहत महत्वाकांक्षी उद्यमियों को बीज अनुदान प्रदान करेगी वित्तीय सहायता प्रशिक्षित युवाओं को अपनी फ्रेंचाइजी या खुदरा (रिटेल) दुकानों को शुरू करने में मदत करेगी।

समृद्धि योजना के लिए फ्रेंचाइज़र के पैनल के लिए आवेदन:

स्थापित कंपनियों / फर्म राज्य में उद्यमशीलता में तेजी लाने के लिए खुद को फ्रेंचाइजी बनने के लिए तैयार कर सकते है। इच्छुक कंपनियां samruddhiyojane.com पर समृद्धि पोर्टल पर खुद को ऑनलाइन नामांकित कर सकती  है।

 


Tags: , , , , , , , , , , , , ,

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *