विद्यांजली योजना (स्कूल स्वयंसेवा कार्यक्रम): बच्चो की शिक्षा और देश की तरक्की में अपना सहयोग दे

September 8, 2018 | By hngiadmin | Filed in: अंडमान व नोकोबार द्वीप समूह, भारत सरकार, योजनाएं, आंध्र प्रदेश, छात्र, खबरें, अरुणाचल प्रदेश, शिक्षा, शोधकर्ता, असम, बेरोज़गार, बिहार, मणिपुर सरकार, छत्तीसगढ़, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, गोवा, गुजरात, हरयाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, ओडिशा, पुडुचेरी, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, पंजाब.

विद्यांजली (स्कूल स्वयंसेवा कार्यक्रम) मानव शिक्षा और विकास मंत्रालय और स्कूल शिक्षा साक्षरता विभाग की एक पहल है जो सर्व शिक्षा अभियान के तहत देश भर में सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में सामुदायिक और निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ाने के लिए शुरू किया है। इस कार्यक्रम पर उन लोगों को एक साथ लाने के लिए विचार किया जा रहा है जो स्कूलों में स्वयंसेवा करने के इच्छुक है। स्वयंसेवक बच्चो के साथ संवाद स्थापित करेंगे और साथ ही उनके मेंटर के तौर पर काम करेंगे। विद्यांजली योजना का प्राथमिक लक्ष्य उन स्कूलों को स्वयंसेवक शिक्षक प्रदान करना है विशेष रूप से जिनके पास शिक्षा में बच्चों की सहायता करने के लिए कोई शिक्षित शिक्षक नहीं हैं। यह योजना अलग-अलग पृष्ठभूमि और सेवाओं से लोगों को आमंत्रित कर रही है ताकि वे बच्चों को सही ढंग से शिक्षित कर सके।

Vidyanjali Yojana (In English)

विद्यांजली योजना का लाभ:

  • योजना का सबसे बड़ा लाभ उन लोगों को शैक्षणिक सहायता प्रदान करना है जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।
  • पैसे या कभी-कभी आधारभूत संरचना की कमी के कारण अधिकांश बच्चों को उचित प्रणाली का शिक्षण नहीं मिलता है उन्हें योजना के माध्यम से उच्च शिक्षण प्रदान किया जाएगा।
  • जो लोग अपने ज्ञान के साथ समाज की सेवा करने के इच्छुक है, उन्हें अपने ज्ञान को ज़रूरतमंद लोगों के साथ साझा करने का अच्छा मौका है।
  • सेवानिवृत लोगों और गृहिणीयों जो पर्याप्त समय  प्रबंधित कर सकते  है अब उन्हें ऐसे महान नौकरी में भाग लेने का सुनहरा मौका मिलेंगा।
  • जो बेहद बुद्धिमान और प्रतिभाशाली हैं लेकिन उन्हें नौकरी तलाशने के लिए मंच नहीं मिल रहा हैं, वे अपने सपनों को पूरा करने और भविष्य में अपने पेशे को आगे बढ़ाने के अवसर प्राप्त कर सकते है।

विद्यांजली योजना स्वयंसेवक बनने के लिए पात्रता:

  • भारत के सभी नागरिक जैसे (सेवानिवृत्त पेशेवर, सेवानिवृत्त रक्षा कर्मियों, सेवानिवृत्त सरकारी कर्मि, पेशेवर और गृह निर्माताओं सहित सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी) विद्यांजली योजना के लिए आवेदन कर सकते है।
  • भारतीय मूल के विदेशी व्यक्ति भी इस योजना के लिए पात्र है। लेकिन, भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके पास ओसीआई कार्ड होना अनिवार्य है।
  • सेवानिवृत्त स्वयंसेवकों के पासस्नातक की  डिग्री होनी चाहिए।
  • आवेदनकर्ता न्यूनतम हाईस्कूल (१२ वी कक्षा) पास होना चाहिए।
  • आवेदनकर्ता कम से कम १८ वर्ष की आयु का होना चाहिये और स्कूली शिक्षा भी पूरी होनी चाहिए (१२ वीं कक्षा के बराबर)।

विद्यांजली योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  • पासपोर्ट आकार की फोटो
  • पैन कार्ड
  • आधार कार्ड
  • भारतीय पासपोर्ट
  • मतदान कार्ड
  • मूल निवासी प्रमाण पत्र
  • योग्यता का प्रमाण पत्र

विद्यांजली योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया:

  • स्वयंसेवक MyGov.in  वेब पोर्टल के माध्यम से स्वयंसेवी कार्यक्रम के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते है या मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से आवेदन कर सकते है।
  • योजना की अधिक माहिती के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाये: MyGov.in
  • यहां क्लिक करें और वैध ईमेल आईडी या फोन नंबर के साथ वेबसाइट पर पंजीकरण करें।
  • नाम, संपर्क विवरण, पत्ते का सबूत के साथ आवश्यक जानकारी के साथ आवेदन पत्र भरें।
  • अब अन्य दस्तावेजों के साथ प्रपत्र जमा करे।

स्वयंसेवी की भूमिका क्या है?

  • विद्यांजली कार्यक्रम के तहत स्वयंसेवक को सरकारी स्कूलों को अपनी सेवाएं प्रदान करना होंगा।
  • स्वयंसेवकों को बच्चों को पढ़ना, रचनात्मक लेखन के साथ बच्चों की मदद करना, बच्चों के साथ कहानी की किताब बनाना आदि गतिविधियों का संचालन करना होंगा।

स्वयंसेवी के लिए चयन प्रक्रिया: 

  • चयन प्रक्रिया की निगरानी शिक्षा अधिकारी और संबंधित स्कूलों के संचालक द्वारा की जाएगी।
  • पंजीकरण के बाद खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) आवेदकों का चयन करेंगे।
  • प्रस्तावित स्कूल के  संचालक और  खंड शिक्षा अधिकारी के परामर्श के बाद स्वयंसेवकों की नियुक्ति की जाएगी।
  • स्कूल के  संचालक सहमत होने पर स्वयंसेवकों को स्कूलों में भेजा जाता है। 
  •  स्वयंसेवकों को १२ सप्ताह तक सेवा देनी पड़ती है और सप्ताह में एक बार या सप्ताह में दो बार सेवा प्रदान करना पड़ती है।
  • प्रत्येक स्वयंसेवक का निर्धारित समय समाप्त होने के बाद, आवेदक फिर से ऑनलाइन आवेदन कर सकता है।

संदर्भ और विवरण:

  • विद्यांजली योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए: MyGov.in
  • पंजीकरण ऑनलाइन के लिए यहाँ क्लिक करे
  • विद्यांजली एप्लीकेशन डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करे

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