राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना, छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में भूमिहीन श्रमिकों की सहायता के लिए राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना लेकर आई है। योजना की घोषणा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने २८ जुलाई २०२१ को की थी। इस योजना के तहत भूमिहीन कृषि श्रमिकों या श्रमिकों को मनरेगा के तहत हर साल ६००० रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। राज्य भर के नाइयों, लोहारों, धोबियों और पुजारियों को भी सहायता प्रदान की जाएगी। यह उन श्रमिकों के सभी परिवारों को सहायता प्रदान करने का इरादा रखता है जिनके पास जमीन का एक छोटा सा टुकड़ा भी नहीं है और जो कृषि श्रम पर निर्भर हैं। यह योजना जल्द ही शुरू की जाएगी और इस साल से राज्य में लागू की जाएगी। राज्य सरकार ने इस योजना के लिए अनुपूरक बजट में २०० करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

योजना अवलोकन:

योजना का नाम: राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना
योजना के तहत: छत्तीसगढ़ सरकार
द्वारा घोषित: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
घोषणा तिथि: २८ जुलाई, २०२१
मुख्य लाभार्थी: भूमिहीन श्रमिक जिनमें नाई, लोहार, धोबी, पुजारी शामिल हैं
लाभ: ६०००/- रुपये की वित्तीय सहायता प्रति वर्ष
प्रमुख उद्देश्य: राज्य में भूमिहीन श्रमिकों और उनके परिवारों को सहायता प्रदान करना
बजट: रु. २०० करोड़

योजना के उद्देश्य और लाभ:

  • योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में भूमिहीन श्रमिकों को लाभान्वित करना है।
  • इस योजना में नाई, लोहार, धोबी, पुजारी आदि सहित सभी भूमिहीन श्रमिकों को शामिल किया गया है।
  • इस योजना के तहत ६००० रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
  • लाभार्थियों को सीधे उनके बैंक खाते में लाभ मिलेगा।
  • इसका उद्देश्य राज्य के सभी भूमिहीन श्रमिकों और उनके परिवारों का कल्याण सुनिश्चित करना है।
  • मुश्किल और परीक्षा की घड़ी में यह लाभार्थियों के लिए वरदान साबित होगा।

योजना विवरण:

  • मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य में भूमिहीन श्रमिकों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना की घोषणा की है।
  • यह घोषणा सीएम ने २८ जुलाई, २०२१ को की है।
  • इस योजना के तहत लाभार्थियों को वित्तीय सहायता के रूप में प्रति वर्ष ६००० रुपये मिलेंगे।
  • यह राशि सीधे लाभार्थी के खाते में डीबीटी के माध्यम से जमा की जाएगी।
  • इस योजना में राज्य के सभी भूमिहीन कृषि श्रमिकों को शामिल किया गया है, जिनमें नाई, लोहार, धोबी और पुजारी शामिल हैं, जिनके पास एक भी जमीन नहीं है।
  • इस योजना से मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि श्रमिक कार्य पर निर्भर लाभार्थियों और मनरेगा के श्रमिकों को लाभ होगा।
  • पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को सालाना ६०००/- रुपये मिल रहे हैं।
  • और अब इस योजना के तहत भूमिहीन श्रमिकों को सालाना ६०००/- रुपये मिलेंगे।
  • राज्य सरकार ने इस योजना के लिए अनुपूरक बजट में २०० करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
  • यह योजना लाभार्थियों के लिए लाभकारी होगी जिसमें कठिन समय में उनकी आजीविका सुरक्षित होगी।
  • इस प्रकार यह उनके कल्याण और सामाजिक सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा।

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