कोविड-१९ प्रभावित आजीविका सहायता योजना, मणिपुर

२२ अगस्त, २०२१ को मणिपुर के मुख्यमंत्री श्री एन बीरेन सिंह ने उन लोगों की सहायता के लिए ‘कोविड -१९ प्रभावित आजीविका सहायता योजना‘ शुरू की, जिनकी आजीविका कोविड महामारी के कारण प्रभावित हुई है। मणिपुर में ऐसे कई लोग हैं जो कोविड की दूसरी लहर के कारण आर्थिक रूप से बेहद प्रभावित हैं। इस योजना के तहत सरकार प्रति परिवार एक लाभार्थी को दो समान किश्तों में ५००० रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। इस योजना के तहत राज्य सरकार को जिला स्तर पर लगभग २२३३६ आवेदन प्राप्त हुए। इन आवेदनों में से ७९४३ आवेदनों का अधिकारियों द्वारा सत्यापन किया जाता है। सरकार ने पहली किस्त वितरित की और दूसरी किस्त सितंबर, २०२१ में वितरित की जाएगी। राज्य सरकार द्वारा इस कठिन समय में निम्न आय वर्ग के लोगों के कल्याण के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

अवलोकन –

योजना का नाम कोविड-१९ प्रभावित आजीविका सहायता योजना
योजना के तहत मणिपुर सरकार
द्वारा लॉन्च किया गया मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह
लॉन्च की तारीख २२ अगस्त २०२१
कार्यान्वयन के तहत राज्य समाज कल्याण विभाग
पात्र लाभार्थी स्ट्रीट वेंडर, दिहाड़ी मजदूर, निर्माण स्थल के मजदूर, किसान, सार्वजनिक परिवहन चालक, स्कूल वैन चालक, कारीगर, दुकान सहायक, बुनकर, प्रदर्शन करने वाले कलाकार आदि।
लाभ दो समान किश्तों में ५००० रुपये की आर्थिक सहायता
उद्देश्य सहायता प्रदान करना और उन लोगों का कल्याण सुनिश्चित करना जिनकी आजीविका कोविड के कारण प्रमुख रूप से प्रभावित है।

उद्देश्य और लाभ –

  • पहल का मुख्य उद्देश्य उन लोगों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है जिनके छोटे व्यवसाय और राज्य में आजीविका कोविड के कारण प्रमुख रूप से प्रभावित है।
  • इस पहल के तहत, राज्य सरकार प्रति परिवार एक लाभार्थी को ५००० रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।
  • राज्य सरकार लाभार्थियों को सहायता की राशि २ समान किश्तों में सीधे उनके संबंधित बैंक खातों में देगी।
  • इसका उद्देश्य इन कठिन समय में परिवार का कल्याण सुनिश्चित करना है।
  • इससे लाभार्थियों को जीवित रहने और बुनियादी जीवन स्तर बनाए रखने में मदद मिलेगी।
  • यह पहल राज्य भर में इस कठिन और अभूतपूर्व समय में लाभार्थियों और उनके परिवारों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा के लिए है।

प्रमुख बिंदु –

  • मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने २२ अगस्त, २०२१ को इम्फाल में एक कार्यक्रम में कोविड -१९ प्रभावित आजीविका सहायता योजना का शुभारंभ किया।
  • कोविड महामारी की दूसरी लहर ने राज्य में छोटे व्यवसायों वाले या निम्न आय वर्ग के बहुत से लोगों की आजीविका और अस्तित्व को प्रभावित किया है।
  • इसलिए ऐसे लोगों की मदद के लिए राज्य सरकार यह योजना लेकर आई है।
  • योजना का क्रियान्वयन राज्य समाज कल्याण विभाग के अधीन होगा।
  • योजना के तहत लाभार्थियों को ५००० रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
  • लाभार्थियों को २ समान किश्तों में सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
  • इस योजना के तहत जिला स्तर पर लगभग २२३३६ आवेदन प्राप्त हुए थे।
  • इनमें से ७९४३ आवेदनों का सत्यापन किया जा चुका है।
  • राज्य सरकार ने २५०० रुपये की पहली किस्त वितरित की और २५०० रुपये की दूसरी किस्त सितंबर, २०२१ में वितरित की जाएगी।
  • प्रति परिवार एक लाभार्थी लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र होगा।
  • इस योजना का उद्देश्य लोगों को कठिन परिस्थितियों से निपटने में मदद करना है।
  • इसका उद्देश्य लोगों को जीवित रहने और जीवन स्तर के बुनियादी स्तर को बनाए रखने में सहायता करना है।
  • यह एक वरदान साबित होगा, जिससे लाभार्थियों और उनके परिवारों का कल्याण और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
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क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी स्कीम (सी एल सी एस एस)

भारत सरकार द्वारा क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी स्कीम (सी एल सी एस एस) सुरु की गयी है। इस योजना के तहत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगोंमें प्रौद्योगिकी उन्नयन के लिए भारत सरकार १५% सब्सिडी देगी। योजना का प्रमुख उद्देश्य एम इस एम इ उद्योगोमे तकनिकी विकास को बढ़ावा देना और साथ ही उदपात को बढ़ाना है। भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्रालय द्वारा इस योजना की घोषणा की गयी है।

योजना: क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी स्कीम (सी एल सी एस एस)
सरकार: भारत सरकार
लाभार्थी: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग
लाभ: तकनीकी उन्नयन के लिए सब्सिडी
बजट: २,९०० करोड़ रुपये

उद्देश्य:

  • सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों में तकनीकी उन्नयन
  • छोटे उद्योगों के लगत को काम करना
  • इन उद्योगो से होनेवाले उदपात को बढ़ाना
  • देश से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगो के उदपात का निर्यात बढ़ाना
  • अर्थव्यवस्था का विकास करना

पात्रता:

  • सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग
  • भारत से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशोंमे लागु
  • उद्योगों के पास यु ए एम (UAM) होना आवश्यक है

लाभ:

  • तकनीकी उपग्रडेशन के लिए १५% कैपिटल सब्सिडी (१ करोड़ तक के निवेश के लिए)
  • एस सी / इस टी उद्यमियो के लिए अतिरिक्त १०% सब्सिडी

अधिक जानकारी:

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पशुधन टीकाकरण योजना / कण्ट्रोल ऑफ़ फुट एंड माउथ डिजीज (एफ एम डी) एंड ब्रूसीलोसिस स्कीम

केंद्र सरकार ने घरेलु पशुओंके संवर्धन के लिए पशुधन टीकाकरण योजना / कण्ट्रोल ऑफ़ फुट एंड माउथ डिजीज (एफ एम डी) एंड ब्रूसीलोसिस स्कीम सुरु की है। इस योजना के तहत पशुओंमे होने वाली पैर और मुंह की बीमारियां और ब्रुसेलोसिस की समस्‍या से निपटने के लिए टीकाकरण किया जायेगा। केंद्र सरकार ने योजना के लिए १३.५०० करोड़ रुपये आवंटित किये है।

योजना: पशुधन टीकाकरण योजना / कण्ट्रोल ऑफ़ फुट एंड माउथ डिजीज (एफ एम डी) एंड ब्रूसीलोसिस स्कीम
लाभ: घरेलु पशुओंको मुफ्त टीकाकरण योजना
लाभार्थी: पशु पालक एवं किसान
प्रारंभ:  सितम्बर २०१९
बजट: १३.५०० करोड़ रुपये

उद्देश्य:

  • पशुओमे होनेवाली बीमारियोका पूरी तरह से उन्मूलन करना।
  • पशु उत्पाद में बढ़ोतरी लाना।
  • पशु पालक एवं किसानोंका पशुओंके स्वास्थ पर होने वाले खर्च को काम करना।
  • किसानों और पशु पालकों का मुनाफा बढ़ाना।

कण्ट्रोल ऑफ़ फुट एंड माउथ डिजीज (एफ एम डी) एंड ब्रूसीलोसिस प्रोग्राम क्या है?

  • भारत सरकार एक नयी योजना जिसके तहत पशुओंमे होने वाली बीमारियों से बचने के लिए मुफ्त टीकाकरण किया जायेगा।
  • आने वाले पांच सालो में अलग अलग चरणोमे पशु टीकाकरण किया जायेगा।
  • योजना के तहत 30 करोड़ गाय, बैल और भैसे, 20 करोड़ बकरिया अवं १ करोड़ सुअरोका मुफ्त टीकाकरण किया जायेगा।
  • पैर और मुंह की बीमारियां और ब्रुसेलोसिस की समस्‍या के कारन कई गंभीर परिणाम पशुओं पे होते है। जैसे की पशुओमे दूध की कमी होना, वह अनुपजाऊ हो जाते है।
  • इससे पशु पालकोंको भरी नुकसान हो जाता है।
  • इन बीमारियो के वजह से देश का हर साल १८,००० – २०,००० करोड़ का नुकसान हो जाता है।
  • भारत सरकार का पशुपालन और मत्स्य पालन मंत्रालय इस योजना को लागु करेगा।
  • बहोत लम्बे समय से लागु है लेकिन अब इस योजना का प्रचार प्रसार अधिक प्रभावी रूप से किया जायेगा, जिससे अधिक से अधिक मात्रा में पशुपालक इसके बारे में जानकारी पा सके और अपने पशुओंको समय रहते टीकाकरण कर सके।

नए पैन कार्ड निकालने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया

अब भारत देश के के नागरिक नया पैन कार्ड घर बैठे प्राप्त कर सकते है। अब देश के नागरिक को पैन कार्ड प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया को पूरा करना होंगा। आवेदक को जानकारी या अन्य मदत या शिकायत इस info@panind.com ई-मेल आयडी पर दर्ज कर सकते है। आपके शिकायत का निवारण कार्यलयलिन शुरू रहने वाले २ या ३ दिन तक किया जाएंगा।

कामकाज का समय:

सोमवार से  शुक्रवार: सुबह १० बजे से  शाम के  ६ बजे तक

शनिवार और रविवार: काम बंद रहेंगा

 

पैन कार्ड ऑनलाइन निकालने के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  • आवेदक भारत देश का नागरिक होना चाहिए।
  • आवेदक की उम्र १८ साल से ज्यादा होनी चाहिए।
  • यूआईडीएआय द्वारा जारी किया गया आधार कार्ड होना चाहिए।
  • बैंक प्रमाण पत्र मूल रूप से शाखा प्रमुख के लेटर हेड पर (जारी करने वाले अधिकारी का नाम और स्टांप के साथ) जिसमें विधिवत रूप से संलग्न फोटोग्राफ और आवेदक का बैंक ए / सी नहीं है।
  • एमपी या एमएलए या नगर परिषद (अनुबंध-ए) द्वारा हस्ताक्षरित मूल में पहचान का प्रारूप होना चाहिए।
  • केंद्र सरकार या राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए तस्वीर के साथ पहचान प्रमाण पत्र या आवेदक का सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम का राशन कार्ड होना चाहिए।
  • मतदाता पहचान पत्र होना चाहिए।

पैन कार्ड ऑनलाइन निकालने के लिए प्रक्रिया:

  • आवेदक https://bit.ly/2DLGDFQ  इस लिंक पर क्लिक करे।
  • नए पैन कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र  भरने के लिए “अब लागू करें” टैब पर क्लिक करें।
  • पैन आवेदन पत्र  ऑनलाइन भरने के लिए अपने विवरण भरें और अगले  बटन पर क्लिक करें।
  • पैसे का भुगतान करें।
  • आप आसानी से पैसे भुगतान करने  का तरीका चुन सकते है।
  • पैसे भुगतान करने के बाद सफल, डाउनलोड करें और अपने पूर्व भरे हुए आवेदन पत्र को प्रिंट करें और “आगे बढ़ें” बटन पर क्लिक करें और “निर्देश मैनुअल और दस्तावेज़ सूची” बटन को देखें।
  • निर्देश पुस्तिका में उल्लिखित हमारे पते पर फोटो, हस्ताक्षर, दस्तावेज संलग्न करें और पोस्ट करें।

साक्षी संरक्षण योजना २०१८: रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (आरबीआई) ने साक्षी संरक्षण योजना २०१८  को  मंजूरी दे दी है

भारत देश के रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (आरबीआई) ने साक्षी संरक्षण योजना २०१८  को  मंजूरी दे दी है। साक्षी संरक्षण योजना २०१८  को रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (आरबीआई) द्वारा अनुमोदित किया गया है और राज्य और केंद्र सरकारों को इसे लागू करने का निर्देश दिये गये है। इस योजना के माध्यम से गवाहों को सुरक्षा प्रदान की जाएंगी। इस योजना के तहत खतरे की धारणाओं की श्रेणियों की पहचान करना, खतरा विश्लेषण शिकायत की छान-बीन करना पुलिस के प्रमुख द्वारा जैसे  गवाह और आरोपी जांच के दौरान आमने-सामने नहीं आने चाहिए यह सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित किया जाएंगा। गवाह का स्थानांतरण, गवाहों को अवगत कराया जाना,गोपनीयता और अभिलेखों के संरक्षण, खर्चों की वसूली आदि सुविधा प्रदान की जाएंगी।
साक्षी संरक्षण योजना के  माध्यम से गवाहों की तीन श्रेणियों में  पहचान की जाती है:
 
  • मामला १: जहां गवाह या परिवार के सदस्यों को  जांच, परीक्षण या उसके बाद भी जान से मारने की धमकी देना।
  • मामला २: जहां गवाह या परिवार के सदस्यों को सुरक्षा, प्रतिष्ठा या संपत्ति तक  खतरा फैला हुआ है।
  • मामला ३: ऐसे मामले  बात उत्पीड़न या धमकी तक फैली हुई है गवाह या उसके परिवार के सदस्यों, प्रतिष्ठा या संपत्ति के दौरान  जांच, परीक्षण या उसके बाद खतरा है।
साक्षी संरक्षण योजना का उद्देश्य:
  • साक्षी संरक्षण योजना के माध्यम से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को संवेदनशील बनाया जाएंगा।
  • साल २०१९ के अंत तक गवाह के कमरे और आजु बाजू के परिसर में कैमरे  लगाये जाएंगे।
  • इस कैमरा की मदत से गवाह को सुरक्षित रखा जाएंगा।
  • आरोपियों और गवाह को आमने सामने से आने से रोक ने की सुविधा प्रदान की जाएंगी।
  • इस  कार्यक्रम पर आने वाला पूरा खर्चा राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा स्थापित की जाने वाली निधि से लिया जाएंगा।

टाटा इनोवेशन फेलोशिप

टाटा इनोवेशन फैलोशिप जैव प्रौद्योगिकी विभाग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय और सरकार द्वारा स्थापित एक अत्यधिक आक्रामक योजना है। वैज्ञानिकों की पहचान करने और उन्हें पुरस्कृत करने के लिए यह फेलोशिप जैविक विज्ञान में उत्कृष्ट ट्रैक रिकॉर्ड के साथ वैज्ञानिक के लिए है और स्वास्थ्य देखभाल, कृषि और जीवन विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी से संबंधित अन्य क्षेत्रों में प्रमुख समस्याओं के लिए अभिनव समाधान खोजने के लिए एक गहरी प्रतिबद्धता है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य अंतःविषय कार्य को पुरस्कृत करना है जहां व्यावसायीकरण की दिशा में नवाचार और अनुवाद अनुसंधान पर प्रमुख जोर दिया गया है। यह फेलोशिप जीवन विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी के सभी क्षेत्रों को शामिल करने के लिए है जिसमें स्वास्थ्य देखभाल, कृषि, इंजीनियरिंग, पर्यावरण विज्ञान आदि से संबंधित क्षेत्र शामिल है, इस फेलोशिप द्वारा शामिल किया जाएगा।
                                                                                                                                                         Tata Innovation Fellowship (In English):
टाटा इनोवेशन फेलोशिप के लाभ:
  • मेजबान संस्थान से नियमित वेतन के अलावा फैलोशिप की राशि २५,००० रुपये प्रति माह है।
  • यदि कोई पुरस्कार प्राप्त करने वाला व्यक्ति अंतरराष्ट्रीय संगठन से वेतन प्राप्त कर रहा है, तो वह अनुसंधान अनुदान के लिए हकदार होगा अर्थात आकस्मिक रूप से केवल फेलो को उपभोग्य सामग्रियों, उपकरणों, अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू यात्रा, श्रमशक्ति और अन्य आकस्मिक खर्चों पर खर्चों के लिए प्रतिवर्ष ६.०० लाख रुपये का आकस्मिक अनुदान प्राप्त होगा।
  • फेलोशिप के तहत चल रहे अनुसंधान परियोजना के कार्यान्वयन के संबंध में किया जाएगा।
  • टाटा इनोवेशन फेलो भारत सरकार की विभिन्न एस एंड टी एजेंसियों के एक्स्ट्रामुरल और अन्य अनुसंधान योजनाओं के माध्यम से अन्य नियमित अनुसंधान अनुदान के लिए पात्र होंगे।
  • संस्थान जहां उम्मीदवार काम कर रहा है इस फेलोशिप के तहत अनुसंधान को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक बुनियादी ढाँचा और प्रशासनिक सहायता प्रदान करेगा।
टाटा इनोवेशन फेलोशिप लागू करने के लिए आवश्यक पात्रता और शर्तें:
  • फेलोशिप भारत में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए खुली है जो ५५ वर्ष से कम आयु के है।
  • आवेदक के पास पीएच.डी. जीवन विज्ञान, कृषि,पशु चिकिस्ता विज्ञान में डिग्री या मेडिकल साइंस, इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री या बायोटेक्नोलॉजी / संबंधित क्षेत्रों में समकक्ष डिग्री होनी चाहिए।
  • आवेदक का विशिष्ट क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान और प्रकाशन होना चाहिए। उम्मीदवार का विश्वविद्यालय / संस्थान / संगठन में नियमित रूप से स्थायी पद होना चाहिए और उसे अनुसंधान और विकास में संलग्न होना चाहिए। यदि वह किसी अन्य फेलोशिप का लाभ उठा रहा है, तो उसे फेलोशिप के लिए केवल एक विकल्प का चयन करना होगा।
  • आवेदक को भारत में कम से कम ५ साल बिताने होंगे।
  • बकाया ट्रैक रिकॉर्ड के फेलोशिप के लिए आवेदन करना चाहिए और नवीन समाधान खोजने की गहरी प्रतिबद्धता होनी चाहिए। स्वास्थ्य देखभाल, कृषि और जीवन विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी से संबंधित अन्य क्षेत्रों में प्रमुख समस्याओ  के अभिनव समाधान खोजने होंगे।
टाटा इनोवेशन फेलोशिप लागू करने के लिए आवश्यक दस्तावेज:
  • पासपोर्ट आकार की तस्वीर
  • स्नातक और स्नातकोत्तर  पदवी का प्रमाणपत्र
  • वैध जाति का प्रमाण पत्र यदि आवश्यक हो तो
  • आधार कार्ड
  • पहचान का प्रमाण पत्र जैसे की मतदाता पहचान पत्र,ड्राइविंग लाइसेंस
  • पिछले साल की अंकपत्रिका
  • बैंक विवरण, खाता धारक का नाम, खाता क्रमांक , आईएफएससी कोड, एमआईसीआर कोड
  • खोज संबंधित प्रमाण यदि कोई उपलब्ध जैसे  की आईईईई कागज
  • अनुसंधान का विवरण  जिसके लिए उम्मीदवार आवेदन कर रहा है
  • विकलांग प्रमाणपत्र यदि उम्मीदवार विकलांग होने पर
आवेदन की प्रक्रिया:
  • टाटा इनोवेशन फेलोशिप की आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन है और आवेदन पत्र निम्नलिखित वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है: http://www.dbtindia.nic.in/wp-content/uploads/Proforma2016-17_200916.pdf- 
  • पूरी तरह से भरा हुआ आवेदन पत्र होना चाहिए। इस पृष्ठ के संपर्क विवरण अनुभाग में पता का उल्लेख करने के लिए ६ प्रतियों में भेजा जाएंगा
संपर्क विवरण:
उम्मीदवार आवेदन पत्र को निम्नलिखित पते पर भेजें: ए के रावत, वैज्ञानिक “एफ”’, जैव प्रौद्योगिकी विभाग, ब्लॉक -२ , सीजीओ कॉम्प्लेक्स, लोधी रोड, नई दिल्ली -११०००३
 ई-मेल: dbt@n.in
संदर्भ और विवरण:

विकलांग छात्रों को उच्च श्रेणी की शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति

भारत देश  में २.६८ करोड़ व्यक्ति विकलांग है, जो कुल जनसंख्या का २.२१ प्रतिशत है। इसमें आँख ,आवाज , भाषण और मानसिक विकलांग व्यक्ति शामिल है। विकलांग व्यक्तियों की शैक्षणिक आबादी बहुत कम है, जिसमें सामान्य आबादी के  ३५ % के मुकाबले ५१ % निरक्षरता है। उच्च शिक्षा सहित सभी स्तरों पर विकलांगों की भागीदारी और पूर्णता दर निम्न स्तर पर जारी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य विकलांग छात्रों को पूर्ण वित्तीय सहायता प्रदान करके गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को मान्यता देना और बढ़ावा देना है। यह योजना किसी भी विषय में स्नातकोत्तर उपाधि या डिप्लोमा स्तर की पढ़ाई करने के लिए विकलांग छात्रों को मदत करेगी।
                                                                                        Scholarship For Top Class Education For Student With Disabilities (In English):
विकलांग छात्रों को उच्च श्रेणी की शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति का लाभ:
  • विकलांग छात्रों को शीर्ष श्रेणी की शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए वित्तीय सहायता के रूप में लाभ प्रदान करती है।
  • विकलांग व्यक्ति को २ लाख रुपये प्रति वर्ष तक का शिक्षण शुल्क और प्रतिपूर्ति के लिए देय गैर-वापसी योग्य शुल्क संस्थान के तरफ से प्रदान किया जाएंगा।
  • विकलांग व्यक्ति को अनुरक्षण भत्ता मिलेगा। छात्रवास  लिए ३,००० रुपये प्रति माह और विद्वानों के लिए १,५०० रुपये प्रति माह प्रदान किया जाएंगा।
  • विकलांग व्यक्ति को विशेष भत्ते (पाठक के भत्ते के प्रकार से संबंधित, अनुरक्षण भत्ता, सहायक भत्ता आदि) से २,००० रुपये प्रति माह प्रदान किया जाएंगा।
  • विकलांग व्यक्ति को पुस्तकों और स्टेशनरी के लिए ५,००० रुपये प्रति वर्ष प्रदान किया जाएंग
विकलांग छात्रों को शीर्ष श्रेणी की शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति के लिए आवश्यक पात्रता और शर्तें:
  • छात्र भारत देश का नागरिक होना चाहिए।
  • विकलांगता वाले व्यक्ति में ४० % से कम विकलांगता नहीं होनी चाहिए और किसी भी सक्षम चिकित्सा प्राधिकारी द्वारा जारी विकलांगता प्रमाण पत्र होना चाहिए।
  • संबंधित संस्थान द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुसार पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री / डिप्लोमा के स्तर पर पूर्णकालिक पाठ्यक्रम का पीछा करने के लिए किसी भी अधिसूचित संस्थानों में प्रवेश पाने वाला छात्र इस योजना के लिए पात्र है।
  • उम्मीदवार को भारत सरकार की किसी भी योजना के तहत किसी अन्य छात्रवृत्ति का लाभ नहीं लेना चाहिए।
  • उम्मीदवार अपने माता-पिता के सभी स्रोतों से कुल वार्षिक आय ६,००,००० रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
विकलांग छात्रों को  उच्च श्रेणी की शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति लागू करने के लिए आवश्यक दस्तावेज:
  • माता-पिता / अभिभावक आय प्रमाण पत्र (६.० लाख रुपये प्रति वर्ष तक)
  • छात्र को ४०% विकलांग दिखाने वाला प्रमाणपत्र या ४० % से अधिक विकलांग दिखाने वाला प्रमाणपत्र होना चाहिए।
  • बैंक विवरण: खाता क्रमांक , खाता धारक का नाम, आईएफएससी कोड, एमआईसीआर कोड, शाखा का नाम
  • आधार कार्ड
  • पिछले साल की पास की मार्क शीट
  • जन्म प्रमाणपत्र
  • पासपोर्ट आकर की तस्वीर
  • आवेदन पत्र जो ऑनलाइन उपलब्ध है
  • आवश्यकता होने पर प्रमाण पत्र दें
  • मूल निवासी प्रमाण पत्र
आवेदन की प्रक्रिया:
  • छात्रवृत्ति आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: https://scholarships.gov.in/main.do
  • पंजीकरण के लिए आवश्यक जानकारी भरें।
  • आईडी और पासवर्ड जनरेट होगा।
  • एंटर आईडी और पासवर्ड डालकर लॉगइन करें।
  • आवेदन पत्र अपलोड तस्वीर के साथ आवश्यक जानकारी को खोल देगा।
  • उस आवेदन पत्र का प्रिंट आउट लें और उसे सभी दस्तावेजों के साथ स्कूल / संस्थान में जमा करें।
संपर्क विवरण:
  • छात्र संस्थान या कॉलेज से संपर्क कर सकते है जहां से वह छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहा है।
  • उम्मीदवार विकलांग व्यक्तियों के सशक्तीकरण विभाग के कार्यालय, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के कार्यालय, ५ वीं मंजिल पारावारन भवन, सीजीओ कॉम्प्लेक्स, लोधी रोड नई दिल्ली से संपर्क करें – ११०००३ (भारत)
  • हेल्प लाइन नंबर : ०१२०-६६१९५४०
संदर्भ और विवरण:

मेधावी छात्रों के लिए निरंकारी छात्रवृत्ति योजना

संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन (एसएनसीएफ) ने मेरिट लिस्ट के आधार पर मेधावी छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए एक निरंकारी छात्रवृत्ति योजना शुरू की थी, जिससे उन्हें स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर व्यावसायिक और तकनीकी पाठ्यक्रमों को आगे बढ़ाने में उनकी ज़िन्दगी सक्षम बनाया जा सके। इस योजना ने योग्य, मेधावी और जरूरतमंद छात्रों की सहायता के लिए एक उद्देश्य और पारदर्शी तंत्र विकसित किया है। शैक्षणिक साल २०१५-१६ से छात्रवृत्ति योजना को “मेधावी छात्रों के लिए निरंकारी राजमाता छात्रवृत्ति योजना” नाम दिया गया है। यह छात्रवृत्ति योजना सभी छात्रों के लिए खुली है, जो पात्रता मानदंडों को पूरा करते है। छात्रवृत्ति राशि का ५० % लड़कियों के लिए आरक्षित है। हालाँकि, इस आरक्षित राशि का उपयोग अन्य छात्रों के लिए किया जा सकता है, अगर छात्राओं के कुल आवेदन से कम है।
                                                                                     Nirankari Scholarship For Meritorious Students (In English):
मेधावी छात्रों के लिए निरंकारी छात्रवृत्ति के लाभ:
  • कोई निश्चित राशि नहीं है जो छात्रवृत्ति पाने वाले प्रत्येक छात्र को भुगतान की जाएंगी।
  • यह राशि शिक्षा समिति, एसएनएफसीटी शिक्षा समिति, एसएनएफसी द्वारा निर्धारित की जाएगी, आर्थिक स्थिति, आवेदकों के परिवार की वित्तीय आवश्यकता का आकलन करेगी और छात्रवृत्ति की राशि तय होने के बाद ही प्रदान की जाएंगी।
  • आवेदन की ट्यूशन फीस छात्रवृत्ति के ५०% लड़कियों के लिए आरक्षित होगी।
मेधावी छात्रों के लिए निरंकारी छात्रवृत्ति लागू करने के लिए आवश्यक पात्रता और शर्तें:
  • आवेदक किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय का नियमित छात्र होना चाहिए।
  • सभी स्रोतों से शैक्षणिक संस्थान के परिवार की आय ३.५० लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • आवेदक के पास संस्थानों / कॉलेजों में राज्य / केंद्र सरकार द्वारा निम्नलिखित विषयों में से किसी भी विषय में प्रवेश के लिए प्रस्ताव होना चाहिए और १२ वी  कक्षा  की परीक्षा  में ९५ % अंक प्राप्त  होना चहिए।
  • इंजीनियरिंग के  किसी भी विषय में  स्नातक पदवी होनी चाहिए।
  • एलोपैथिक और / या आयुर्वेदिक और / या होम्योपैथिक में चिकित्सा में स्नातक पदवी होनी चाहिए।
  • एमबीए / पीजीडीएम।
  • आर्कीटेक्चर।
  • चार्टर्ड  अकाउंटेंसी लेकिन सीपीटी भारतीय  सनबाद से उत्तीर्ण किया होना चाहिए।
  • सीएफए  हासिल होना चाहिए।
  • पदवी परीक्षा में आहर्ता प्राप्त करने के बाद एलएलबी प्रवेश परीक्षा पास होना चाहिए।
मेधावी छात्रों के लिए निरंकारी छात्रवृत्ति लागू करने के लिए आवश्यक दस्तावेज:
  • विधिवत निर्धारित प्रारूप में भरे हुए आवेदन पत्र
  • पासपोर्ट  आकर की तस्वीर
  • नवीनतम  वेतन  पर्ची की  एक  प्रति और परिवार के सभी कमाऊ सदस्यों आई.टी. रिटर्न होना चाहिए।
  • प्रवेश पत्र / पत्र जिसके द्वारा आवेदक को विश्वविद्यालय / शैक्षणिक संस्थान द्वारा प्रवेश की पेशकश की गई है।
  •  सभी पूर्व शैक्षणिक परीक्षाओं के सभी वर्गों के परिणाम, परिणाम १० वी कक्षा के बाद के होना चाहिए।
  • विश्वविद्यालय द्वारा  आयोजित सभी  सेमिस्टर परीक्षा  की  उत्तीर्ण  की  गई  मार्कशीट होना चाहिए।
  • विश्वविद्यालय / संस्थानों द्वारा जारी नवीनतम शुल्क प्राप्तियों की प्रती होना चाहिए।
  • राशन कार्ड / आधार कार्ड / मतदाता पहचान  पत्र / पास-पोर्ट / पैन-कार्ड की प्रती या किसी अन्य निवास प्रमाण पत्र होना चाहिए।
  • पिछले ६  महीने का  माता या  पिता या स्वयं का बैंक खाते का विवरण होना चाहिए।
  • सभी दस्तावेजों, आवेदन पत्र के साथ प्रस्तुत किये गये प्रशंसापत्र स्वयं-सत्यापित होने चाहिए।
आवेदन की प्रक्रिया:
  • लाभार्थी  आवेदन  पत्र nirankarifoundation.org से डाउनलोड कर सकते है।
  • विधिवत भरे हुए आवेदन पत्र में सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ निम्नलिखित पते संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन, फर्स्ट फ्लोर, एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक, निरंकारी कॉम्प्लेक्स, निरंकारी चौक, बरारी रोड, दिल्ली इंडिया -११०००९  पर जमा करना होगा
संपर्क विवरण:
  • छात्र निम्नलिखित पते पर संपर्क कर सकते है: संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन, निरंकारी कॉलोनी, दिल्ली, इंडिया
  • टेलीफोन  नंबर: + ९१-११-४७६६०३८० , +९१-११-४७६६०२००
  • टेलीफोन: +९१-११-४७६६०३८०, + ९१-११-४७६६०२००
संदर्भ और विवरण:

एनएसीडब्लूसी इंटर्नशिप योजना

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने छात्रों और रासायनिक सुरक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में काम कर रहे पेशेवरों के  लिए एनएसीडब्लूसी इंटर्नशिप योजना की घोषणा की है। चयनित व्यक्तियों को राष्ट्रीय प्राधिकरण रासायनिक हथियार सम्मेलन (एनएसीडब्लूसी) में परिवर्तन करने के लिए इंटर्नशिप करने  का  मौका  प्रदान  किया  जाएंगा।  इस  कार्यक्रम  का  का प्राथमिक उद्देश्य छात्रों और रासायनिक सुरक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में काम कर रहे पेशेवरों को  प्रोस्ताईत करना है।

                                                                                                                       NACWC Internship Scheme (In English):

एनएसीडब्ल्यूसी इंटर्नशिप योजना के लाभ:
  • रसायन उद्योग में  अल्पकालिक जोखिम और राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय रासायनिक हथियारों की क्षेत्र में काम करने वाले संगठन।
  •  इंटर्नशिप में जहरीले रसायनों से संबंधित और उनका दुरुपयोग पर रोक लगाने का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएंगा।
  • उनको रासायनिक सुविधाओं से संबंधित अनुभव प्राप्त होंगा।
  • रसायनों का शांतिपूर्ण उपयोग करने  के  बारे में जागरूकता निर्माण की जाएंगी।
एनएसीडब्ल्यूसी इंटर्नशिप योजना के लिए पात्रता  और मापदंड:
  • छात्र को  भारत देश के मान्यता प्राप्त  विश्वविद्यालय या संस्थान से  स्नातक पदवी प्राप्त  करनी  होंगी।
  • छात्र  को रासायनिक अभियांत्रिकी और प्रौद्योगिकी में तृतीय वर्ष और चतुर्थ वर्ष के स्नातक पदवी होनी चाहिए।
  • रासायनिक सुरक्षा और सुरक्षा उद्योग या भारतीय रासायनिक परिषद में काम करने वाला पेशेवर।

 

एनएसीडब्ल्यूसी इंटर्नशिप योजना के पात्रता और मापदंड की अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करे

इंटर्नशिप की अवधि: २ महीने

कुल इंटर्नशिप पद: ३ पद

 

महत्वपूर्ण तिथियाँ:

  • आवेदन की अंतिम तिथि: छात्रों के लिए १५  अप्रैल और पेशेवर के  लिए  ५  अगस्त (हर साल)
  • सूची का अंतिम रूप: छात्रों के लिए २० अप्रैल और पेशेवर के  लिए  २० अगस्त (हर साल)
  • इंटर्नशिप का अवधि: छात्रों के लिए मई-जुलाई और पेशेवर के  लिए सितंबर से दिसंबर (हर साल)
एनएसीडब्ल्यूसी इंटर्नशिप योजना २०१९ के लिए आवेदन कैसे करें:
  • एनएसीडब्ल्यूसी की  आधिकारिक वेबसाइट nacwc.nic.in से  आवेदन पत्र  डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें
  • अंतिम के दो  पृष्ठ पर जाएं आवेदन पत्र पीडीएफ प्रारूप  में  डाउनलोड करे।
  • छात्रों के लिए अनुलग्नक – १  है और  पेशेवर के  लिए अनुलग्नक- २  है, आवेदन पत्र की प्रिंट निकाले।
  • आवेदन पत्र को  पूरी तरह से  भरें।
  • आवेदन पत्र पर पासपोर्ट आकार की  तस्वीर  चिपकाएँ।
  • छात्र  जिस संस्थान में अध्ययन कर रहे वहां  का अनुमोदन लें या  पेशेवर जिस कंपनी में काम कर रहे वहां का अनुमोदन लें।
  • आवेदन पत्र पर हस्ताक्षर करें और इसे स्कैन करें।
  • स्कैन किया  गया  आवेदन  पत्र  deputysecretarynacwc@nic.in पर भेजे।

किसान सुविधा / एम  किसान एप्लीकेशन: सभी किसानों को मौसम अपडेट, फसल की कीमतों और कृषि सलाह प्रदान करने के लिए  एक एप्लीकेशन 

कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने भारत देश में किसानों के लिए किसान सुविधा / एम  किसान एप्लीकेशन शुरू  किया  है। यह एक सब के  लिए एक मोबाइल एप्लीकेशन है जो देश भर में विभिन्न फसलों के लिए मौसम की अद्यतन, नवीनतम मंडी दरों, कृषि सलाह और कई अन्य कृषि सेवाएं प्रदान करता है। एप्लिकेशन को सी-डैक पर मोबाइल सेवा टीम द्वारा विकसित किया गया है। किसान सुविधा एक नि:शुल्क  मोबाइल एप्लीकेशन है और सभी किसान को अपने स्मार्टफ़ोन पर एप्लीकेशन  डाउनलोड और इंस्टॉल कर सकते है। एप्लीकेशन  पर कृषि सहयोग और किसान कल्याण विभाग की  सभी कृषि सेवाएं प्रदान करता है।
                                                                                                         Kisan Suvidha / mKisan Application (In English):
किसान सुविधा एप्लीकेशन: किसानों के लिए एक मोबाइल एप्लीकेशन
द्वारा शुरू  किया:  भारत सरकार  के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय
डाउनलोड  करे: गूगल प्ले  स्टोर  से किसान सुविधा  एप्लीकेशन डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें
किसान सुविधा / एम  किसान एप्लीकेशन  विशेषताएं और सेवाएँ:
  • अगले ५  दिनों के लिए मौसम का अपडेट प्राप्त कर सकते है।
  • भारत देश भर में डीलर की विभिन्न मंडियों से नवीनतम फसल की कीमतें की  जानकारी  प्राप्त  कर  सकते है।
  • उनके विवरण के साथ कृषि व्यापारियों, कृषि संबंधी सलाह और फसल की सुरक्षा सलाह प्त  कर  सकते है।
  • कृषि सलाह प्रदान की जाएंगी।
  • संनंत्र  और फसल  संरक्षण सलाह प्रदान की जाएंगी।
  • चरम  मौसम  अलर्ट प्रदान  किया जाएंगा।
  • वस्तुओं  के  लिए  बाजार की  कीमतें प्रदान की जाएंगी।
  • राज्य  भर  में  विभिन्न  फसलों  की  अधिकतम  कीमतें प्रदान की जाएंगी।
यहं एप्लीकेशन  विभिन्न लोकप्रिय भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है। किसान एप्लीकेशन के साथ बातचीत करने और जानकारी प्राप्त करने के लिए अपनी भाषा चुन सकते है। इस एप्लीकेशन  का प्राथमिक उद्देश्य किसानों को जानकारी के साथ सशक्त बनाना है। मौसम का अपडेट और एप्लीकेशन पर चरम मौसम अपडेट / अलर्ट किसान को तैयार होने और उनकी फसल और मवेशियों की रक्षा करने में मदद करता है। विभिन्न फसलों के नवीनतम बाजार मूल्य किसानों को उनकी फसलों के सर्वोत्तम मूल्य दिलाने में मदद करेंगा।