पोरिजाई सहाय योजना, पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल सरकार राज्य में प्रवासी कामगारों की सहायता के लिए ‘पोरिजई सहाय‘ नाम से एक नई राशन योजना लेकर आई है। राज्य श्रम विभाग ने योजना की शुरुआत की और योजना का विवरण प्रदान किया। इस योजना के तहत राज्य सरकार राज्य में प्रवासी श्रमिकों को मुफ्त मासिक राशन प्रदान करेगी। लाभार्थियों को हर महीने ५ किलो अनाज मुफ्त मिलेगा। श्रम विभाग ने राज्य में लगभग २,८३३ प्रवासी श्रमिकों को अधिसूचित किया है। इस योजना के तहत सभी चिन्हित लाभार्थियों को लाभ प्रदान किया जाएगा। यह योजना राज्य भर में प्रवासी मजदूरों की सहायता करती है और इस प्रकार उनका कल्याण सुनिश्चित करती है।

योजना अवलोकन:

योजना पोरिजाई सहाय
योजना के तहत पश्चिम बंगाल सरकार
द्वारा कार्यान्वित राज्य श्रम विभाग
लाभार्थी राज्य में प्रवासी श्रमिक और उनके आश्रित
लाभ मासिक राशन जिसमें ५ किलो अनाज शामिल है
प्रमुख उद्देश्य राज्य में प्रवासी कामगारों के अच्छे स्वास्थ्य और कल्याण को सुनिश्चित करना।

उद्देश्य और लाभ:

  • इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रवासी श्रमिकों को उनकी भूख की समस्या को दूर करने में मदद करने के लिए भोजन उपलब्ध कराना है।
  • इस योजना के तहत, राज्य सरकार प्रत्येक प्रवासी मजदूरों को ५ किलो खाद्यान्न सहित मुफ्त मासिक राशन प्रदान करेगी।
  • यह योजना महामारी के इस कठिन समय में श्रमिकों और उनके परिवारों को बुनियादी भोजन सुनिश्चित करेगी।
  • महामारी ने कई प्रवासी कामगारों को प्रभावित किया, जिसमें उन्हें आर्थिक तंगी के कारण भूख की समस्या का भी सामना करना पड़ा। इस प्रकार, यह योजना सुनिश्चित करेगी कि राज्य में कोई भी बिना भोजन के भूखा न रहे।
  • इसका उद्देश्य राज्य भर में प्रवासी श्रमिकों की समग्र स्वास्थ्य स्थितियों को बढ़ाना है।
  • यह बुनियादी भोजन के साथ श्रमिकों की मदद करेगा और इस तरह उनकी सामाजिक सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करेगा।

प्रमुख बिंदु:

  • पश्चिम बंगाल श्रम विभाग ने राज्य में प्रवासी श्रमिकों के लिए पोरिजाई सहाय योजना की घोषणा की है।
  • इस योजना के तहत, राज्य सरकार राज्य में प्रवासी श्रमिकों को मुफ्त मासिक राशन प्रदान करेगी।
  • प्रवासी श्रमिकों के आश्रित भी मुफ्त राशन के पात्र होंगे।
  • लाभार्थियों को हर महीने ५ किलो अनाज मुफ्त मिलेगा।
  • इस योजना के तहत राज्य में लगभग २,८३३ प्रवासी श्रमिकों की पहचान की गई है।
  • श्रम विभाग के प्रतिनिधि प्रवासी श्रमिक के घर जाकर कूपन देंगे।
  • कूपन का उपयोग करके श्रमिक किसी भी राशन की दुकान के माध्यम से योजना के तहत आवंटित मुफ्त राशन आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।
  • पहचान किए गए प्रवासी श्रमिकों का विवरण डेटाबेस में सुरक्षित रूप से दर्ज किया जाएगा।
  • यही डेटाबेस राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के साथ भी साझा किया जाएगा।
  • राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयास कर रही है कि राज्य में कोई भूखा न रहे या भूख की समस्या का सामना न करे।
  • इस महामारी में प्रवासी श्रमिक आर्थिक रूप से प्रभावित होते हैं और इस प्रकार राज्य सरकार प्रवासी श्रमिकों को बुनियादी खाद्य सुरक्षा प्रदान करती है।
  • इसका उद्देश्य राज्य में प्रवासी श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करना है।

लक्ष्मी भंडार योजना, पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल सरकार १ सितंबर, २०२१ से राज्य भर में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लक्ष्मी भंडार नाम की एक योजना शुरू करने वाली है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) परिवारों से संबंधित २५-६० वर्ष की आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को प्रति माह १००० रुपये की सहायता दी जाएगी और सामान्य श्रेणी के परिवारों की पात्र महिलाओं को ५०० रुपये प्रति माह प्रदान किया जाएगा। राज्य के महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण विभाग ने योजना को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस योजना का उद्देश्य राज्य में लगभग १.६ करोड़ लाभार्थियों को कवर करना है।

योजना अवलोकन:

योजना का नाम लक्ष्मी भंडार योजना
योजना के तहत पश्चिम बंगाल सरकार
प्रारंभ तिथि १ सितंबर, २०२१
आवेदन की तिथियां १६अगस्त से १५ सितंबर २०२१
लाभार्थी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और सामान्य वर्ग की महिलाएं
लाभ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के परिवारों की पात्र महिलाओं को १००० रुपये प्रति माह और सामान्य श्रेणी के परिवारों की पात्र महिलाओं को ५०० रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता।
प्रमुख उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना और उन्हें वित्तीय और सामाजिक स्थिरता प्रदान करना।

योजना के उद्देश्य और लाभ:

  • इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना है।
  • इस योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और सामान्य वर्ग की महिलाओं को कवर किया जाएगा।
  • अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के परिवारों की पात्र महिलाओं को १००० रुपये प्रति माह और सामान्य श्रेणी के परिवारों की पात्र महिलाओं को ५०० रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता।
  • इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को वित्तीय और सामाजिक स्थिरता प्रदान करना है।
  • इसका उद्देश्य वित्तीय सहायता प्रदान करना भी है ताकि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में सक्षम बनाया जा सके।
  • इससे इन महिलाओं और उनके परिवारों का रहन-सहन बेहतर होगा।

पात्रता और अपात्रता:

  • २५ से ६० वर्ष के आयु वर्ग में अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / सामान्य वर्ग की महिला निवासी आवेदन करने के लिए पात्र हैं।
  • कैजुअल वर्कर आवेदन करने के पात्र हैं।
  • निजी या सरकारी क्षेत्र में स्थायी नौकरी वाली महिलाएं आवेदन करने के लिए पात्र नहीं होंगी।
  • २ हेक्टेयर से अधिक भूमि वाली महिलाएं आवेदन करने के लिए पात्र नहीं हैं।
  • कम से कम १ कर भुगतान करने वाले सदस्य वाले सामान्य वर्ग के परिवार आवेदन करने के पात्र नहीं हैं।

प्रमुख बिंदु:

  • राज्य में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से १ सितंबर २०२१ से लक्ष्मी भंडार योजना शुरू होने जा रही है।
  • यह योजना गवर्निंग पार्टी द्वारा किए गए चुनाव पूर्व वादों में से एक है।
  • इसे राज्य में महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए शुरू किया जाएगा।
  • यह योजना राज्य में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और सामान्य वर्ग की सभी महिलाओं को कवर करेगी।
  • यह योजना अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के परिवारों की पात्र महिलाओं को १००० रुपये प्रति माह और सामान्य श्रेणी के परिवारों की पात्र महिलाओं को ५०० रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।
  • सहायता की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
  • लाभार्थी का बैंक खाता आधार कार्ड से जुड़ा होना चाहिए।
  • इस योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए, लाभार्थी को आवश्यक दस्तावेजों के साथ विधिवत भरा हुआ आवेदन पत्र जमा करना होगा।
  • राज्य भर के सरकारी कार्यालयों/शिविरों में फार्म निःशुल्क उपलब्ध होंगे।
  • लाभार्थी आधार कार्ड कॉपी और बैंक पासबुक कॉपी जैसे दस्तावेज जमा कर सकता है।
  • इच्छुक आवेदक १६ अगस्त से १५ सितंबर २०२१ तक आवेदन कर सकते हैं।
  • इसका उद्देश्य महिलाओं की बेहतरी और कल्याण है जिससे उन्हें सशक्त बनाया जा सके।
  • इस योजना से राज्य में लगभग १.६ करोड़ लाभार्थी लाभान्वित होंगे।

सीईओ पश्चिम बंगाल मतदाता सूची २०१९: पश्चिम बंगाल मतदाता सूची में अपना नाम कैसे जांचें?

सीईओ पश्चिम बंगाल ने संसद चुनाव २०१९  के लिए कमर कस ली है। उन्होंने २०१९ के आम चुनावों के लिए अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है। मतदाता सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक  वेबसाइट   www.ceowestbengal.nic.in   पर उपलब्ध है। पोर्टल आगामी लोकसभा चुनाव २०१९ की सभी नवीनतम जानकारी भी प्रदान करता है। पोर्टल पर मतदाता अपना नाम पा सकता है मतदान केंद्र, चुनाव परिणाम आदि की सूची और जानकारी भी प्राप्त कर सकते है।

                                                                                             CEO West Bengal Voter List 2019 (In English):

सीईओ पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल मतदाता सूची में अपना नाम कैसे जांचें?

  • सीईओ पश्चिम बंगाल आधिकारिक वेबसाइट पर जाने के लिए यहां क्लिक करें
  • व्हाट्स न्यू सेक्शन के तहत मतदाता सत्यापन और सूचना कार्यक्रम (वीवीआईपी) लिंक पर क्लिक करें या सीधे लिंक पर जाने के लिए यहा क्लिक करे
  • सर्च इंजन लिंक के लिए यहां क्लिक करें या सीधे लिंक पर जाने के लिए यहां क्लिक करें
  • आप राज्य-वार, जिला-वार और विधानसभा क्षेत्रवार मतदाता सूची खोज सकते है, अब राज्यवार पर क्लिक करें
  • आप अपना नाम और ईपीआईसी नंबर से खोज सकते है।

पश्चिम बंगाल  मतदाता सूची में अपना नाम नाम से खोजें (स्रोत: ceowestbengal.nic.in)

पश्चिम बंगाल  मतदाता सूची में अपना नाम ईपीआईसी नंबर से खोजे (स्रोत: ceowestbengal.nic.in)

  • अपना नाम या ईपीआईसी नंबर दर्ज करें। कैप्चा के साथ और खोजे बटन पर क्लिक करें
  • यदि आप एक पंजीकृत मतदाता है तो आपका नाम मतदाता विवरण के साथ दिखाया जाएगा।

लोकसभा चुनाव २०१९ की सीईओ पश्चिम बंगाल अंतिम मतदाता सूची डाउनलोड करें:

  • पश्चिम बंगाल सीईओ की आधिकारिक वेबसाइट पर जाने के लिए यहाँ क्लिक करें
  • निर्वाचक नामावली (मतदाता सूची) लिंक पर क्लिक करें या सीधे लिंक के लिए यहाँ क्लिक करें
  • सभी जिलों की सूची दिखाई जाएगी अपने जिले के सूची पर क्लिक करें।
  • चुने गए जिले से संबंधित विधानसभा क्षेत्रों को दिखाया जाएगा, अपने विधानसभा क्षेत्र  पर क्लिक करें।
  • सभी मतदान केंद्रों की सूची सूचीबद्ध की जाएगी, पीडीएफ प्रारूप में पूरक रोल के साथ ड्राफ्ट रोल डाउनलोड करने के लिए अपने बूथ पर क्लिक करें।

 

युवाश्री अर्पण

पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में बेरोजगार युवाओं के लिए युवाश्री अर्पण योजना की घोषणा की है। योजना के तहत युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। पश्चिम बंगाल राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस योजना की घोषणा की है। इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य राज्य के युवाओं को स्वरोजगार और रोजगार निर्माण करने में मदत करना है। राज्य का छोटा मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग इस योजना को लागू करेगा। इस योजना से राज्य के ५०,०००  बेरोजगार युवाओं को लाभ प्रदान किया जाएंगा।

Yuvashree Arpan (In English)

युवाश्री अर्पण

  • राज्य: पश्चिम बंगाल
  • लाभ: व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता
  • लाभार्थी: युवा
  • द्वारा शुरू की: ममता बनर्जी

लाभ:

  • राज्य के युवाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए १ लाख रुपये की वित्तीय सहायता

पात्रता:

  • यह योजना केवल युवाओं के लिए लागू है
  • युवा पश्चिम बंगाल राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए
  • युवाश्री अर्पण के माध्यम से राज्य में उद्यमिता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है
  • उद्यमियों को रोजगार देने से राज्य में आर्थिक विकास होगा

युवाश्री अर्पन का आवेदन पत्र और आवेदन कैसे करें?

अभी सिर्फ इस योजना की घोषणा राज्य की मुख्यमंत्री ने की है। पात्रता मानदंड, आवेदन पत्र, आवेदन प्रक्रिया और चयन मानदंड जैसे सभी विवरणों की घोषणा की जानी बाकी है।

युवाश्री – पश्चिम बंगाल रोगजार बैंक: पंजीकरण / नामांकन, मॉक टेस्ट, नवीनतम नौकरियों की सूचि

पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार बैंक की पहल युवाश्री शुरू की है। राज्य के युवा नवीनतम नौकरियों की सूची युवाश्री  वेबसाइट www.employmentbankwb.gov.in पर देख सकते है। युवाश्री  वेबसाइट पर राज्य के युवा नौकरी प्राप्त करने के लिए स्वयं को नामांकित कर सकते है, नौकरियों के बारे में नवीनतम अपडेट प्राप्त कर सकते है, मेल खानी वाली नौकरी प्राप्त कर सकते है,  मॉक टेस्ट ले सकते है और नौकरियों के लिए आवेदन भी कर सकते है। बेरोजगार सहायता के लिए भी बेरोजगार पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते है।

यह योजना को मूल रूप से साल २०१३  में शुरू किया गया था और इस योजना को पहले युवा उत्सव प्रकल्प (वाईयुपी) कहा जाता था। अब युवा उत्सव प्रकल्प (वाईयुपी) योजना का नाम बदलकर युवाश्री योजना कर दिया गया है।

Yuvashree – Employment Bank By West Bengal (In English)

युवाश्री योजना / युवा उत्सव प्रकल्प (वाईयुपी)

  •  राज्य: पश्चिम बंगाल
  • लाभ: युवाओं के लिए रोजगार सहायता
  • लाभार्थी: बेरोजगार / नौकरी चाहने वाले
  • आधिकारिक वेबसाइट: www.employmentbankwb.gov.in

युवाश्री पोर्टल:

राज्य के नौकरी चाहने वाले युवा खुद को नामांकित कर सकते है।  नवीनतम नौकरियों के बारे में अद्यतन दर्ज कर सकते है। युवा मेल खानी वाली नौकरी प्राप्त कर सकते है।  नौकरियों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते है।  प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मॉक टेस्ट भी कर सकते है।  युवाओं को इस योजना के तहत विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण प्रदान दिया जाएंगा।युवाओं को उज्वल भविष्य के बारे में जानकारी प्रदान की जाएंगी। युवाओं को विभिन्न स्व-रोजगार योजना के बारे में जानकारी प्रदान की जाएंगी।

पोर्टल का उपयोग कंपनियों और संस्थानों द्वारा भी किया जा सकता है। कंपनियां (नौकरी प्रदाता) अपने पास मौजूद सभी नौकरी के पद युवाओं के लिए पोर्टल पर डाल सकती है। कंपनियों और संस्थान अपने मापदंड से मेल खाते हुए उम्मीदवार खोज सकते है। संभावित उम्मीदवारों के लिए नियोक्ता भी खोज सकते है। संस्थान अपने छात्रों का जानकारी पोर्टल पर अपलोड कर सकते है और उन्हें नौकरी के अवसर प्रदान कर सकते है।

युवाश्री योजना के लिए नामांकन कैसे करें?

  • युवाश्री पोर्टल पर ऑनलाइन नामांकन पर जाने के लिए यहां क्लिक करें

युवाश्री ऑनलाइन नामांकन (सोर्स: employmentbankwb.gov.in)

  • नामांकन आवेदन पत्र को पूरी तरह से भरें, व्यवसायिक अनुभव विवरण के साथ सभी व्यक्तिगत, शैक्षिक विवरण प्रदान करें
  • सभी शर्तें को स्वीकार करें और पंजीकरण पूरा करने के लिए “Submit” बटन पर क्लिक करे

युवाश्री के लिए नामांकन स्थिति की जांच कैसे करें?

  • नामांकन स्थिति पर जाने के लिए यहां क्लिक करें
  • सुरक्षा कोड के साथ-साथ अपनी नौकरी चाहने वाला युवा अपना आईडी दर्ज करे
  • Submit करें बटन पर क्लिक करें
  • आपकी नामांकन स्थिति दिखाई जाएंगी

प्रधानमंत्री जन-धन योजना (पीएमजेडीवाई):

प्रधानमंत्री जन-धन योजना (पीएमजेडीवाई) साल २०१४ में अपने पहले स्वतंत्रता दिवस भाषण पर भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया मिशन है। इस मिशन को शुरू करने का उद्देश्य बैंकिंग बचत और जमा खातों में बीमा,पेंशन और डेबिट / क्रेडिट कार्ड सेवाओं को प्रदान करना है। इस योजना के तहत उपयोगकर्ताओं को शून्य शेष राशि के साथ एक बैंक खाता खोलने की अनुमति दी जाती है और उन्हें रुपये डेबिट कार्ड दिया जाता है। बैंकिंग सेवाओं को इतनी आसानी से उपलब्ध करना प्रधान मंत्री जन-धन योजना का मुख्य उद्देश है।इस योजना के तहत एक हफ्ते की अवधि में अधिकांश बैंक खातों को खोलने का गिनीज विश्व रिकॉर्ड बना है  और एक बड़ी उपलब्धि यह है कि १० फरवरी, २०१६ तक  इस योजना के तहत २००  मिलियन बैंक खाते खोले जा रहे हैं और ३२३.७८ अरब जमा किये गये हैं। यह योजना बैंकिंग उद्योग के लिए एक बड़ी सफलता बन गई है।

प्रधान मंत्री जन-धन योजना के लाभ:

  • शून्य शेष राशि खाता: इस योजना के तहत उपयोगकर्ताओं को कोई भी राष्ट्रीयकृत बैंक खाता खोलने की अनुमति है।
  • डेबिट कार्ड सेवा: लाभार्थी को शून्य शेष राशि खाते के साथ रुपये डेबिट कार्ड की सेवा प्रदान की जाती है।
  • आकस्मिक मृत्यु बीमा:  लाभार्थी की आकस्मिक मौत होने पर खाताधारक के पद उम्मीदवार को १,००,००० रुपये बीमा राशी प्रदान की जाती है।
  • जीवन बीमा कवर: २६ जनवरी २०१५ तक खोले गए सभी खातों को अतिरिक्त ३०,००० रुपये जीवन बीमा राशी दी जाएगी।
  • ओवरड्राफ्ट की अनुमति: लाभार्थी खाता खोलने के छह महीने के बाद ५००० रुपये का ओवरड्राफ्ट कर सकते हैं।   
  • ऑनलाइन बैंकिंग: डिजिटलीकरण के साथ प्रधानमंत्री जन-धन योजना में भी सभी खाते को ऑनलाइन बैंकिंग सुविधाओं का आनंद लेने की अनुमति है।

प्रधानमंत्री जन-धन योजना के लिए पात्रता:

  • भारतीय राष्ट्रीयता वाला कोई भी व्यक्ति जन-धन योजना के लिए पात्र है।
  • १० साल की आयु का कोई भी व्यक्ति खाता खोलने के लिए पात्र है लेकिन नाबालिगों को अपने खाते का प्रबंधन करने के लिए अभिभावक होना चाहिए।
  • अगर व्यक्ति के पास राष्ट्रीयता का कोई सबूत नहीं है लेकिन बैंक अनुसंधान शोध पर वह व्यक्ति भारतीय पाया जाने पर इस योजना के लिए पात्र है।
  • लाभार्थी का पहले से ही राष्ट्रीयकृत बैंक में बचत खाता है  वह अपना बचत खाता प्रधानमंत्री जन-धन योजना में स्थानांतरित कर सकता है और इस योजना लाभ ले सकता है।

प्रधानमंत्री जन-धन योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  • पते का सबूत  
  • पासपोर्ट आकार की फोटोग्राफ
  • सरकार द्वारा प्रमाणीकरण किया गया पहचान प्रमाण पत्र  

प्रधानमंत्री जन-धन योजना योजना के लाभ प्राप्त करने के लिए किससे संपर्क करना है और कहां से संपर्क करना है:

लगभग सभी राष्ट्रीयकृत बैंक (एसबीआई बैंक , बैंक ऑफ महाराष्ट्र, पंजाब नेशनल बैंक, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, एक्सिस बैंक  और अन्य राष्ट्रीयकृत बैंक ) वहां हैं जहां कोई इस योजना के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर सकता है।

योजना के लिए नामांकन के लिए ऑनलाइन फॉर्म:

प्रधान मंत्री जन-धन योजना योजना के लिए आवेदन पत्र और प्रक्रियाएं किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंकों में बहुत अच्छी तरह से समझाई गई हैं।

  • हिंदी में प्रपत्र: http://www.pmjdy.gov.in/files/forms/account-opening/hindi.pdf  
  • अंग्रेजी में प्रपत्र: http://www.pmjdy.gov.in/files/forms/account-opening/English.pdf

विवरण और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के बारे में और जानने के लिए निचे दिए लिंक पर जाएं

विवरण: 

  • http://www.pmjdy.gov.in/

संबंधित योजनाए:

  • प्रधानमंत्री जन-धन योजना

कृषक बंधु प्रकल्प योजना पश्चिम बंगाल: विवरण, आवेदन पत्र और आवेदन कैसे करें?

पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में किसानों के लिए कृषक बंधु प्रकल्प योजना शुरू की है। कृषक बंधु बीमित आय योजना के तहत राज्य के किसानों को प्रति वर्ष १०,००० रुपये प्रदान किये जाएंगे। कृषक बंधु मृत्यु लाभ योजना के तहत राज्य के किसान का मृत्यु होने पर किसान के परिवार को २ लाख  रुपये प्रदान किये जाएंगे।

इस योजना का शुभारंभ पश्चिम बंगाल राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा किया गया है। इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य राज्य में किसानों को सशक्त बनाना है और कर्ज में डूबे किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। यह योजना तेलंगाना रेथु बंधु लोकप्रिय योजना पर आधारित है, जो किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। राज्य के किसानों को प्रति वर्ष ८,००० रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएंगी।

                                                                                 Krishak Bandhu Prakalpa West Bengal (In English):

  •  योजना: कृषक बंधु प्रकल्प योजना
  • वैकल्पिक नाम: कृषक बंधु स्कीम, कृषक बंधु योजना
  • राज्य: पश्चिम बंगाल
  • उप-योजना: कृषक बंधु बीमित आय योजना, कृषक बंधु मृत्यु लाभ योजना
  • लाभ: राज्य के किसानों को १०,००० रुपये प्रति वर्ष की वित्तीय सहायता (खरीफ मौसम की शुरुआत में ५,००० रुपये और रब्बी मौसम की शुरुआत में ५,००० रुपये प्रदान किये जाएंगे)
  • प्राकृतिक मृत्यु सहित किसान की मृत्यु की स्थिति में २ लाख रुपये का अनुदान एक बार प्रदान किया जाएंगा
  • लाभार्थी: पश्चिम बंगाल राज्य के किसान
  • द्वारा सुरु की: पश्चिम बंगाल राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
  • प्रारंभ तिथि: दिसंबर २०१८- जनवरी २०१९

कृषक बंधु (बीमित आय) योजना:

  • लाभ: ५,००० रुपये (पहली किस्त: १ जून) की वित्तीय सहायता खरीफ मौसम की शुरुआत में प्रदान की जाएंगी और ५,००० रुपये (दूसरी किस्त: २ नवंबर) की वित्तीय सहायता रबी मौसम की शुरुआत में प्रदान की जाएंगी।
  • पात्रता: भचासी सहित सभी किसान (योगदान करने वाले किसान) आवेदन कर सकते है।

कृषक बंधु (मृत्यु लाभ) योजना:

  • लाभ: किसान का मृत्यु होने पर २ लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया जाएंगा।
  • पात्रता: १८ से ६० साल आयु वर्ग के किसान के परिवार के सदस्य / नामांकित व्यक्ति या योगदान करने वाले किसान (भचासी) इस योजना के लिए पात्र है।

पश्चिम बंगाल राज्य का कृषि विभाग योजना के लिए एक बुनियादी एजेंसी है और इस योजना को लागू करेगी।

कृषक बंधु कार्ड: पश्चिम बंगाल राज्य के सभी किसानों को इस योजना के तहत अपना पंजीकरण करने की आवश्यक है। सभी पंजीकृत किसानों को कृषक बंधु कार्ड प्रदान किये जाएंगे। योजना के विभिन्न लाभ प्राप्त करने के लिए कृषक बंधु कार्ड को लागू करना आवश्यक है।

कृषक बंधु प्रकल्प स्कीम / योजना: आवेदन पत्र, आवश्यक दस्तावेज और आवेदन कैसे करें?

  • कृषक बंधु (बीमित आय) योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया और आवेदन कैसे करना है, इसकी घोषणा सरकार द्वारा की जानी बाकी है। विवरण उपलब्ध होने पर यह लेख अपडेट किया जाएगा।
  • कृषक बंधु (मृत्यु लाभ) योजना के आवेदन पत्र को डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें।
  • आवेदन पत्र को पूरी तहरा से भरे।
  • पहचान प्रमाण पत्र, कृषक बंधु कार्ड, किसान की मृत्यु का प्रमाण पत्र आदि की सत्यापित प्रतिलिपि आवेदन पत्र को जोड़े।
  • आवेदन पत्र को जमा करे।

योजना के बारे में आधिक जानकारी के लिए पश्चिम बंगाल कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट matirkatha.net पर जाए। यह राशि लाभार्थी किसानों के बैंक खातों में चेक या प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) का उपयोग करके प्रदान की जाएगी।

 

मनबिक प्रकल्प योजना: पश्चिम बंगाल में विकलांगों के लिए मासिक पेंशन

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में विकलांग व्यक्तियों (पीडब्लूडी) को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए मनबिक प्रकल्प योजना शुरू की है।इस योजना के तहत पश्चिम बंगाल राज्य में १,००० रुपये की मासिक पेंशन सभी अलग-अलग (दिव्यांग / विकलांग) को प्रदान की जाएंगी।इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य राज्य के विकलांगों को सशक्त बनाना है। इस योजना के तहत यह सुनिश्चित करना है कि राज्य के विकलांग गरिमा और आत्म-सम्मान के साथ रहें।मनबिक प्रकल्प योजना के माध्यम से पश्चिम बंगाल राज्य में २ लाख  विकलांग लोगों को लाभ पहुंचाने की उम्मीद है।पश्चिम बंगाल सरकार ने योजना के कार्यान्वयन के लिए २५० करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।

                                                                                                        Manabik Prakalpa Scheme (In English)

मनाबिक प्रकल्प योजना क्या है? विकलांग व्यक्ति (पीडब्ल्यूडी) को मासिक पेंशन प्रदान करने के लिए पश्चिम बंगाल राज्य सरकार की एक योजना है।

मनाबिक प्रकल्प योजना का उद्देश्य:

  •  राज्य के विकलांग लोगों को सशक्त बनाया जाएंगा।
  • इस योजना के तहत राज्य के विकलांग लोगों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएंगी।
  • राज्य के विकलांग लोग गरिमा के साथ रह सके।

मनाबिक प्रकल्प योजना का लाभ:

  • राज्य के विकलांग लोगों को १,००० रुपये की मासिक पेंशन प्रदान की जाएंगी।

मनबिक प्रकल्प योजना के लिए पात्रता:

  • केवल पश्चिम बंगाल राज्य के विकलांग व्यक्तियों के लिए यह योजना लागु है।
  • आवेदक ५०% से अधिक विकलांग होना चाहिए।
  • आवेदक की वार्षिक आमदनी १ लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।

मनबिक प्रकल्प योजना के आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों की सूची:

  • आवासीय प्रमाणपत्र
  • उपयुक्त प्रधिकारी से प्रमाणित किया गया विकलांग प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाणपत्र
  • आधार कार्ड
  • मतदाता पहचान पत्र
  • राशन कार्ड
  • बैंक पासबुक

नोट: उपरोक्त दस्तावेजों की स्व-हस्ताक्षरित प्रतिबंधित प्रतियां आवश्यक है।

विकलांगों के लिए पश्चिम बंगाल मनाबिक पेंशन योजना: आवेदन पत्र और आवेदन कैसे करे-

  • पश्चिम बंगाल सरकार के महिला एवं बाल विकास एवं सामाजिक कल्याण विभाग ने पीडीएफ प्रारूप में मैनबिक आवेदन पत्र शुरू किया है  जिन्हें उनकी वेबसाइट  birbhum.gov.in  से डाउनलोड किया जा सकता है।
  • पीडीएफ प्रारूप में आवेदन पत्र डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें। मनबिक प्रपत्र को खंड विकास कार्यालय या पंचायत समिति कार्यालय या नगर निगम कार्यालय से नि:शुल्क में प्राप्त किया जा सकता है।
  • आवेदन पत्र को पूरी तरह से भरें।
  • पासपोर्ट आकार की तस्वीर और आवेदन पत्र पर हस्ताक्षर करें।आवेदन पत्र को खंड विकास कार्यालय या पंचायत समिति कार्यालय या नगर निगम के कार्यालय में जमा करें।
  • आवेदन के बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा समीक्षा की जाती है और फिर लाभार्थियों को मासिक पेंशन दी जाएगी।लाभार्थी को हर साल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की आवश्यकता होती है। इस योजना के बारे में और जानने के लिए डब्लूपी मनाबिक पेंशन योजना दिशानिर्देश डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें।

संबंधित योजनाएं:

 

 

उन्नत भारत अभियान:

मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) और भारतीय विज्ञान संस्थानों सहित उच्च शिक्षा संस्थानों को जोड़ने के उद्देश्य से  उन्नत भारत अभियान नामक एक कार्यक्रम शुरू किया है। अनुसंधान (आईआईएसईआरएस) आदि स्थानीय समुदायों के साथ उपयुक्त प्रौद्योगिकियों के माध्यम से विकास चुनौतियों का समाधान करने के लिए है। इस कार्यक्रम के तहत, उच्च शिक्षा के निम्नलिखित १६ संस्थानों द्वारा हस्तक्षेप के लिए १३२ गांवों की पहचान की गई है।  उन्नत भारत अभियान एक भारत देश के वास्तुकला का निर्माण करने में सहायता ज्ञान संस्थानों का लाभ उठाकर ग्रामीण विकास प्रक्रियाओं में परिवर्तनकारी परिवर्तन की दृष्टि से प्रेरित है।  उन्नत  भारत अभियान उच्च शिक्षा संस्थानों को विकास चुनौतियों की पहचान करने और सतत विकास में तेजी लाने के लिए उचित समाधान विकसित करने के लिए ग्रामीण भारत के लोगों को काम करने में सक्षम बनाना है।उन्नत भारत अभियान का मुख्य उद्देश व्यवसायों के लिए ज्ञान और प्रथाओं को प्रदान करना है और ग्रामीण भारत की विकास आवश्यकताओं के जवाब में सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों की क्षमताओं को तरक्की करने के लिए समाज और एक समावेशी शैक्षणिक प्रणाली के बीच एक सार्थक चक्र बनाना है।

                                                                                                              Unnat Bharat Abhiyaan (in English)

निम्नलिखित १६ संस्थान में उच्च शिक्षा हैं:

  • आईआईटी बॉम्बे
  • आईआईटी इंदौर
  • आईआईटी मंडी
  • आईटी जयपुर
  • आईआईटी भुवनेश्वर
  • आईआईटी जोधपुर
  • आईआईटी पटना
  • आईआईटी दिल्ली
  • आईआईटी कानपुर
  • आईआईटी रुड़की
  • आईआईटी गुवाहाटी
  • आईआईटी खड़गपुर
  • आईआईटी रोपर
  • आईआईटी हैदराबाद
  • आईआईटी मद्रास
  • आईसर भोपाल

उन्नत भारत अभियान के उद्देश्य:

  • ग्रामीण भारत की जरूरतों के अनुरूप अनुसंधान और प्रशिक्षण में उच्च शिक्षा के संस्थानों में संस्थागत क्षमता का निर्माण करना, ग्रामीण शिक्षा को उच्च शिक्षा संस्थानों से पेशेवर संसाधन समर्थन  प्रदान करना है।
  • विशेष रूप से जिन्होंने विज्ञान, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी और प्रबंधन के क्षेत्र में विद्यापीठ में उत्कृष्टता हासिल की है।

संपर्क विवरण:

प्रोफेसर वी के विजय प्रमुख, ग्रामीण विकास और प्रौद्योगिकी केंद्र, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, नई दिल्ली -११००१६

संदर्भ और विवरण:

अधिक जानकारी के लिए उन्नत भारत अभियान यात्रा करें: http://unnat.iitd.ac.in/index.php/en/

 

मनोबिक योजना: पश्चिम बंगाल में विकलांग के लिए मासिक पेंशन योजना

पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री डॉ अमित मित्रा ने राज्य में विकलांग / दिव्यांग  लोगों के लिए मनोबिक योजना की घोषणा की है। यह योजना पश्चिम बंगाल राज्य के विकलांगों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है।

इस योजना की घोषणा राज्य बजट २०१८ के दौरान की है।लाभार्थी को  ४०% या उससे ज्यादा विकलांग होने पर १००० रुपये की मासिक पेंशन प्रदान की जाएंगी।ममता बनर्जी के इस योजना के लिए २५० करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।

वित्त मंत्री ने पश्चिम बंगाल राज्य के वृद्धावस्था के किसानों के लिए मासिक पेंशन की भी घोषणा की है। इससे पहले ७५० रुपये की पेंशन वृद्ध किसानों को दी जाती थी, अब यह बढ़कर १००० रुपये प्रति महिना की है। पश्चिम बंगाल राज्य में लाभार्थियों की संख्या अब ६६ हजार से एक लाख तक बढ़ गयी है।

                                                                                                                          Manobik Scheme (In English)

मनोबिक योजना के लिए पात्रता:

  • केवल पश्चिम बंगाल राज्य  का निवासी ही आवेदन कर सकता है।
  • ४०% या अधिक विकलांगता वाले लोग मासिक पेंशन के लिए आवेदन कर सकते  है।
  • संबंधित चिकित्सा अधिकारी का अपंग प्रमाण पत्र होना चाहिए जिसमें लाभार्थी व्यक्ति शारीरक काम करने में अनउपयोक्त है,यह उल्लेख किया होना चाहिए।
  • अक्षम व्यक्ति जो किसी भी केंद्र या राज्य सरकार पेंशन योजना का लाभार्थी है, वह मनोबिक योजना के लिए पात्र  नहीं है।
  • इस योजना के लिए आवेदन करने वाला विकलांग व्यक्ति कम से कम १० वर्षों तक पश्चिम बंगाल राज्य का निवासी होना चाहिए (अगर व्यक्ति उम्र के १० वर्ष से कम है, यदि वह पश्चिम बंगाल राज्य में  पैदा हुआ है और पछिम बंगाल राज्य में सारी जिन्दगी पर  रोक लगा दी  है तो लाभार्थी इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते है।

मनोबिक योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  • निवासी प्रमाण पत्र ।
  • विकलांगता प्रमाण पत्र।
  • ग्राम पंचायत से आय प्रमाण  पत्र।
  • चिकित्सा अधिकारी का अपंग प्रमाण पत्र, जिसमें लाभार्थी व्यक्ति शारीरक कम करने में अनउपयोक्त है,यह उल्लेख किया होना चाहिए।
  • संबंधित जिले के जिला अधिकारी द्वारा पेंशन मंजूर दी जाएगी।

मनोबिक योजना के लिए आवेदन कैसे करें:

  • इस योजना के लिए आवेदन पत्र शहरी स्तर पर उप-विभागीय अधिकारी के कार्यालय,ग्रामीण स्तर पर क्षेत्र विकास अधिकारी और पंचायत स्तर पर कार्यकारी अधिकारी के कार्यालय  में उपलब्ध है।
  • उपर्युक्त उल्लेख दस्तावेजों के साथ पूरा आवेदन पत्र उसी कार्यालय में जमा किया जा सकता है जहां से आपको आवेदन पत्र  मिला हो।
  • लाभार्थी आवेदन पत्र संबंधित अधिकारी द्वारा एक महीने के समय में सत्यापित किया जाएगा।
  • एक बार अनुमोदित होने के बाद पेंशन हर महीने लाभार्थी के बैंक बचत खाते में जमा की जाएगी या यदि लाभार्थी के पास बैंक खाता नहीं है तो डाक आदेश द्वारा लाभार्थी को पेंशन भेजी जाएंगी।

बजट २०१८ के दौरान महत्वपूर्ण रूप से लड़कियों, महिलाओं के सशक्तिकरण और शिक्षा के लिए अन्य महत्वपूर्ण योजनाएं की घोषणा  की गई  है।

  • कन्याश्री प्रकल्प  पश्चिम बंगाल: महिला बाल कल्याण योजना, पात्रता, आवश्यक  दस्तावेज और ऑनलाइनआवेदन कैसे करें: wbkanyashree.gov.in
  • रुपश्री योजना पश्चिम बंगाल: २५,००० रुपये की वित्तीय सहायता लड़की के शादी के समय लड़कियों के परिवार को प्रदान की जाएगी।

संबंधित योजनाएं :

  • पश्चिम बंगाल राज्य में योजनाएं की सूची
  • विकलांगताओं के लिए पेंशन योजनाओं की सूची