प्रधानमंत्री जन-धन योजना (पीएमजेडीवाई):

प्रधानमंत्री जन-धन योजना (पीएमजेडीवाई) साल २०१४ में अपने पहले स्वतंत्रता दिवस भाषण पर भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया मिशन है। इस मिशन को शुरू करने का उद्देश्य बैंकिंग बचत और जमा खातों में बीमा,पेंशन और डेबिट / क्रेडिट कार्ड सेवाओं को प्रदान करना है। इस योजना के तहत उपयोगकर्ताओं को शून्य शेष राशि के साथ एक बैंक खाता खोलने की अनुमति दी जाती है और उन्हें रुपये डेबिट कार्ड दिया जाता है। बैंकिंग सेवाओं को इतनी आसानी से उपलब्ध करना प्रधान मंत्री जन-धन योजना का मुख्य उद्देश है।इस योजना के तहत एक हफ्ते की अवधि में अधिकांश बैंक खातों को खोलने का गिनीज विश्व रिकॉर्ड बना है  और एक बड़ी उपलब्धि यह है कि १० फरवरी, २०१६ तक  इस योजना के तहत २००  मिलियन बैंक खाते खोले जा रहे हैं और ३२३.७८ अरब जमा किये गये हैं। यह योजना बैंकिंग उद्योग के लिए एक बड़ी सफलता बन गई है।

प्रधान मंत्री जन-धन योजना के लाभ:

  • शून्य शेष राशि खाता: इस योजना के तहत उपयोगकर्ताओं को कोई भी राष्ट्रीयकृत बैंक खाता खोलने की अनुमति है।
  • डेबिट कार्ड सेवा: लाभार्थी को शून्य शेष राशि खाते के साथ रुपये डेबिट कार्ड की सेवा प्रदान की जाती है।
  • आकस्मिक मृत्यु बीमा:  लाभार्थी की आकस्मिक मौत होने पर खाताधारक के पद उम्मीदवार को १,००,००० रुपये बीमा राशी प्रदान की जाती है।
  • जीवन बीमा कवर: २६ जनवरी २०१५ तक खोले गए सभी खातों को अतिरिक्त ३०,००० रुपये जीवन बीमा राशी दी जाएगी।
  • ओवरड्राफ्ट की अनुमति: लाभार्थी खाता खोलने के छह महीने के बाद ५००० रुपये का ओवरड्राफ्ट कर सकते हैं।   
  • ऑनलाइन बैंकिंग: डिजिटलीकरण के साथ प्रधानमंत्री जन-धन योजना में भी सभी खाते को ऑनलाइन बैंकिंग सुविधाओं का आनंद लेने की अनुमति है।

प्रधानमंत्री जन-धन योजना के लिए पात्रता:

  • भारतीय राष्ट्रीयता वाला कोई भी व्यक्ति जन-धन योजना के लिए पात्र है।
  • १० साल की आयु का कोई भी व्यक्ति खाता खोलने के लिए पात्र है लेकिन नाबालिगों को अपने खाते का प्रबंधन करने के लिए अभिभावक होना चाहिए।
  • अगर व्यक्ति के पास राष्ट्रीयता का कोई सबूत नहीं है लेकिन बैंक अनुसंधान शोध पर वह व्यक्ति भारतीय पाया जाने पर इस योजना के लिए पात्र है।
  • लाभार्थी का पहले से ही राष्ट्रीयकृत बैंक में बचत खाता है  वह अपना बचत खाता प्रधानमंत्री जन-धन योजना में स्थानांतरित कर सकता है और इस योजना लाभ ले सकता है।

प्रधानमंत्री जन-धन योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  • पते का सबूत  
  • पासपोर्ट आकार की फोटोग्राफ
  • सरकार द्वारा प्रमाणीकरण किया गया पहचान प्रमाण पत्र  

प्रधानमंत्री जन-धन योजना योजना के लाभ प्राप्त करने के लिए किससे संपर्क करना है और कहां से संपर्क करना है:

लगभग सभी राष्ट्रीयकृत बैंक (एसबीआई बैंक , बैंक ऑफ महाराष्ट्र, पंजाब नेशनल बैंक, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, एक्सिस बैंक  और अन्य राष्ट्रीयकृत बैंक ) वहां हैं जहां कोई इस योजना के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर सकता है।

योजना के लिए नामांकन के लिए ऑनलाइन फॉर्म:

प्रधान मंत्री जन-धन योजना योजना के लिए आवेदन पत्र और प्रक्रियाएं किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंकों में बहुत अच्छी तरह से समझाई गई हैं।

  • हिंदी में प्रपत्र: http://www.pmjdy.gov.in/files/forms/account-opening/hindi.pdf  
  • अंग्रेजी में प्रपत्र: http://www.pmjdy.gov.in/files/forms/account-opening/English.pdf

विवरण और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के बारे में और जानने के लिए निचे दिए लिंक पर जाएं

विवरण: 

  • http://www.pmjdy.gov.in/

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  • प्रधानमंत्री जन-धन योजना

मुख्यमंत्री सुकन्या योजना (एमएसवाय) झारखंड: लड़कियों के लिए ४०,००० रुपये का प्रोत्साहन

झारखंड सरकार ने राज्य में बालिकाओं के लिए मुख्यमंत्री सुकन्या योजना (एमएसवाय) शुरू की है। झारखंड राज्य के लड़कियों को उनके जन्म से लेकर शादी होने तक प्रोत्साहन / वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में कन्या भ्रूण हत्या को रोकना है और पुरुष से महिला लिंगानुपात में सुधार करना है। इस योजना का माध्यम से झारखंड राज्य में बाल विवाह पर रोक लगाई जाएंगी। यह योजना राज्य के लड़कियों को प्रोत्साहित करती है और उन्हें सशक्त बनाती है।

झारखंड राज्य के मुख्यमंत्री श्री रघुबर दास ने इस योजना को शुरू कीया है। इस योजना के तहत राज्य के २६ लाख परिवार लाभान्वित होंगे। राज्य के २६ लाख परिवारों को इस योजना का लाभ मिलेगा। इस योजना के कुछ लाभ सीधे लड़की के माताओं के खाते में स्थानांतरित कर दिए जाएंगे और कुछ लाभ डाक के तहत सीधे लड़की के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिए जाएंगे।

                                                            Mukhyamantri  Sukanya Yojana (MSY) Jharkhand (In English):

  •  योजना: मुख्यमंत्री सुकन्या योजना (एमएसवाय) इस योजना का नाम है।
  • राज्य: झारखंड राज्य में इस योजना की सुरु किया जाएंगा।
  • योजना सुरु होनी की तिथि: यह योजना जनवरी २०१९ को सुरु होंगी।
  • योजना की घोषणा किसने की: झारखंड राज्य के मुख्यमंत्री श्री रघुबर दास ने इस योजना की घोषणा की है।
  • लाभार्थी: झारखंड राज्य के बीपीएल परिवारों की लड़किया इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकती है।
  • लाभ: लड़की के जन्म से शिक्षा और शादी के लिए वित्तीय सहायता (४०,००० रुपये की प्रोत्साहन राशि) का लाभ लड़कियों को प्रदान किया जाएंगा।
  • पात्रता: झारखण्ड राज्य के बीपीएल परिवार की बालिका इस योजना के लिए पात्र है।
  • आधिकारिक वेबसाइट: एनए
  • हेल्पलाइन (टोल-फ्री नंबर): एनए

मुख्यमंत्री सुकन्या योजना (एमएसवाय) का लाभ:

  •  बालिका के जन्म पर ५,००० रुपये की राशी प्रदान की जाएंगी।
  • बालिका के प्रथम मानक में प्रवेश लेने पर ५,००० रुपये की राशी प्रदान की जाएंगी।
  •  लड़की को ५ वी कक्षा उत्तीर्ण करने पर ५,००० रुपये की राशी प्रदान की जाएंगी।
  • लड़की को ८ वी कक्षा उत्तीर्ण करने पर ५,००० रुपये की राशी प्रदान की जाएंगी।
  • लड़की को १० वी कक्षा उत्तीर्ण करने पर और ११ वी कक्षा में प्रवेश लेंने के लिए ५,००० रुपये की राशी प्रदान की जाएंगी।
  • लड़की को १२ वी कक्षा उत्तीर्ण करने पर ५,००० रुपये की राशी प्रदान की जाएंगी।
  • लड़की की १८  साल की उम्र पूरी होने के बाद और लड़की शादीशुदा नहीं होने पर १०,००० रुपये की राशी प्रदान की जाएंगी।

पात्रता मापदंड:

  • यह योजना केवल झारखंड राज्य में लड़कियों के लिए लागू  है।
  • सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना २०११ में बीपीएल सूची में उन परिवारों में पैदा हुई लडकियों के लिए यह योजना लागु है।
  • लड़की की परिवार की वार्षिक आय ७२,००० रुपये से कम होना चाहिए।
  • अगर लड़की की शादी १८  साल की उम्र तक नहीं हुई तो १०,००० रुपये की प्रोत्साहन राशि लड़की को प्रदान की जाएंगी।

मुख्यमंत्री सुकन्या योजना (एमएसवाय)  आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों की सूची:

  • निवास का प्रमाण पत्र।
  • लड़की का जन्म का दाखला।
  • लड़की के माता-पिता का आधार कार्ड।
  • लड़की की अंक-पत्रिका और स्कूल का प्रवेश प्रमाण पत्र।

नोट: ये मुख्यमंत्री सुकन्या योजना के लिए आवश्यक दस्तावेजों की यह मूल सूची है, कृपया दस्तावेजों की सटीक सूची के लिए संबंधित सरकारी विभाग से जांच करें।

मुख्यमंत्री सुकन्या योजना (एमएसवाय) आवेदन पत्र और आवेदन कैसे करें?

मुख्यमंत्री सुकन्या योजना (एमएसवाय) आवेदन पत्र और आवेदन प्रक्रिया का विवरण गांवों के ग्राम पंचायत कार्यालय, क्षेत्र कार्यालय या नगर निगम कार्यालय में प्राप्त किये जा सकता है। मुख्यमंत्री सुकन्या योजना (एमएसवाय) के अभी तक आवेदन पत्र और ऑनलाइन आवेदन उपलब्ध नहीं है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना (एमकेएवाय) झारखंड: किसानों के लिए वित्तीय सहायता और सब्सिडी योजना –

झारखंड राज्य के मुख्यमंत्री श्री रघुबर दास ने राज्य में किसानों के लिए मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना (एमकेएवाय) की घोषणा की है। सरकार राज्य के गरीब और सीमांत किसानों को सब्सिडी के साथ वित्तीय सहायता / प्रोत्साहन प्रदान करेगी। झारखंड सरकार ने इस योजना के लिए २,२५० करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है और राज्य के २२.७६ लाख गरीब और मध्यम स्तर के किसानों को लाभ होने की उम्मीद है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के किसानों का वित्तीय बोझ हटाना है और उनकी आय बढ़ाना है। योजना का कार्यान्वयन वित्तीय वर्ष २०१९-२० से शुरू होगा।

                                                                   Mukhya Mantri Krishi Ashirvad Yojana (MKAY) (In English)

मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना (एमकेएवाय) झारखंड:  राज्‍य में किसान को वित्‍तीय सहायता प्रदान करने के लिए झारखंड सरकार की एक योजना है।

मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना (एमकेएवाय) का लाभ:

  • राज्य के किसानों को किसानों को ५,००० रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएंगी।
  • किसान इस पैसे का इस्तेमाल बीज, उर्वरक, कीटनाशक खरीदने के लिए कर सकता सकता है और खेत की मजदूरी और अन्य कृषि खर्चों का भुगतान करने के लिए कर सकता सकता है।

मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना (एमकेएवाय) के लिए पात्रता मानदंड:

  • यह योजना केवल झारखंड राज्य में लागू है।
  • गरीब और सीमांत किसान ही इस योजना के लिए पात्र है।
  • जिन किसान के पास १ एकड़ से लेकर ५ एकड़ तक खेती योग्य जमीन है, वह सभी किसान इस योजना के लिए पात्र है।

किसान को वित्तीय सहायता का भुगतान डीबीटी और अन्य साधनों के माध्यम से किया जाएंगा।

 इस योजना के तहत प्रदान की जाने वाली वित्तीय सहायता किसानों को चेक का उपयोग करके या सीधे ऋण के खाते में हस्तांतरण मोड के माध्यम से प्रदान की जाएंगी। राज्य सरकार २०२२ तक राज्य के किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार इस योजना के तहत राज्य के १४.८५ लाख किसानों के लिए प्रति वर्ष ६६ करोड़ रुपये का खर्च करेंगी। राज्य के किसानों को शून्य ब्याज फसल ऋण और फसल बीमा योजना प्रदान की जाएंगी।

मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के माध्यम से राज्‍य में रोजगार के अधिक अवसर निर्माण होने की संभावना है। सरकार कृषि बाजार बनाने पर भी काम कर रही है ताकि राज्य के किसान  अपनी उपज को सीधे बाजार में बेच सकें।

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नि:शुल्क संपत्ति पंजीकरण योजना: १ रुपये नि:शुल्क संपमें भूमि / घर रजिस्ट्री झारखंड के महिलाओं के लिए

नि:शुल्क संपत्ति पंजीकरण योजना झारखंड सरकार ने महिला सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल लागू की है।इस योजना के माध्यम से झारखंड राज्य में भूमि और घर पंजीकरण महिलाओं को लगभग मुफ्त में प्रदान किया जाएंगा। भूमि / घर संपत्ति पंजीकरण १ रुपये की दर से प्रदान किया जाता है।५० लाख रुपये तक की संपत्ति का पंजीकरण केवल १ रुपये में किया जाएंगा।

इस योजना की घोषणा झारखंड राज्य के मुख्यमंत्री श्री रघुबर दास ने की है। इस योजना के तहत पात्र होने के लिए संपत्ति पंजीकरण महिलाओं के नाम पर होना चाहिए। इस योजना के तहत १ लाख २० हजार महिलाएं घर (संपत्ति) की मालिक बन गई है।

                                                                                        Free Property Registration Scheme (In English)

नि:शुल्क संपत्ति पंजीकरण योजना झारखंड: झारखंड सरकार की योजना जिसके तहत राज्य के महिलाओं को १ रुपये में संपत्ति पंजीकरण प्रदान करती है।

नि:शुल्क संपत्ति पंजीकरण योजना का उद्देश्य:

  • इस योजना के तहत राज्य के महिलाओं को सशक्त बनाया जाएंगा और बढ़ावा दिया जाएंगा।
  • महिलाओं को समान अधिकार प्रदान किये जाएंगे।
  • महिला के नाम पर संपत्ति को पंजीकृत करने के लिए राज्य के परिवारों को प्रोत्साहित किया जाएंगा।
  • महिलाओं को सुरक्षा प्रदान की जाएंगी।

नि:शुल्क संपत्ति पंजीकरण योजना का लाभ:

  • ५० लाख रुपये तक जमीन / भूमि संपत्ति का पंजीकरण केवल १ रुपये में किया जाएंगा।

 १ रुपये में संपत्ति पंजीकरण योजना के लिए पात्रता:

  • केवल झारखंड राज्य के निवासियों के लिए यह योजना लागू है।
  • केवल राज्य के संपत्ति के लिए यह योजना लागू है।
  • नि:शुल्क संपत्ति पंजीकरण केवल तभी प्रदान किया जाएंगी,जब संपत्ति महिला के नाम से पंजीकृत होने पर।

संपत्ति पंजीकरण के तहत महिलाओं के लिए १ रुपये में संपत्ति पंजीकरण कैसे करे?

  • संपत्ति पंजीकरण ई-निबंधन पोर्टल, राजस्व विभाग, झारखंड सरकार (regd.jharkhand.gov.in) पर ऑनलाइन किया जा सकता है।
  • आप साइट पर पंजीकरण कर सकते है और नियुक्ति ले सकते है फिर उस क्षेत्र के पंजीकरण कार्यालय विभाग से संपर्क करें जहां आपको भूमि / घर खरीदना है।
  • सुनिश्चित करें कि पंजीकरण आपके परिवार में महिलाओं के नाम से किया जा रहा है।
  • स्टाम्प ड्यूटी का भुगतान करें और पंजीकरण पूरा करने के लिए राजस्व कार्यालय में अधिकारियों द्वारा निर्देशनों का पालन करें।

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मुख्यमंत्री सुकन्या योजना (एमएसवाई): झारखंड में डीबीटी के माध्यम से लड़कियों के लिए प्रोत्साहन राशी-

झारखंड सरकार ने राज्य में लड़कियों के लिए मुख्यमंत्री सुकन्या योजना (एमएसवाई) की घोषणा की है। राज्य में लड़कियों को वित्तीय सहायता (प्रोत्साहन राशी ) प्रदान की जाएगी। लड़कियों के साथ राज्य में २६  लाख परिवारों को इस योजना का लाभ मिलेगा। लड़की का जन्म होने से १८ साल की उम्र तक लड़की को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएंगी। जब लड़किया १, ६, ९ और ११ वीं मानकों में स्कूल में प्रवेश लेते समय उनके खाते में राज्य सरकार प्रोत्साहन राशी या छात्रवृति जमा करेगी। इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देना और बाल विवाह को रोकना है।

                                                                                   Mukhyamantri Sukanya Yojana (MSY) (In English)

मुख्यमंत्री सुकन्या योजना (एमएसवाई): राज्य में लड़कियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए झारखंड सरकार की एक योजना की एक है।

  • योजना का कार्यान्वयन कब सुरु होंगा: १ जनवरी २०१९ को इस योजना का कार्यान्वयन सुरु होंगा।
  • योजना की घोषणा किसने की: झारखंड राज्य के मुख्यमंत्री रघुबर दास इस योजना की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री सुकन्या योजना (एमएसवाई) का उद्देश्य:

  • राज्य में लड़कियों को बढ़ावा दिया जाएंगा।
  • लड़कियों की शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया जाएंगा।
  • इस योजना के माध्यम से राज्य में  बाल विवाह को रोकने मदत होंगी।
  • बालिकाओं  और उनके परिवारों को सशक्त बनाया जाएंगा।
  • बालिकाओं और उनके परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएंगी।
  • इस योजना के माध्यम से राज्य में लड़कियों के स्कूल छोड़ने के दरों को कम किया जाएंगा।

मुख्यमंत्री सुकन्या योजना (एमएसवाई) का लाभ:

  • लड़की का जन्म होने से १८ साल की उम्र तक लड़की को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएंगी।
  • जब लड़किया १, ६, ९ और ११ वीं मानकों में स्कूल में प्रवेश लेते समय उनको प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएंगी।

झारखंड मुख्यमंत्री सुकन्या योजना (एमएसवाई) की विशेषताएं और कार्यान्वयन:

  • झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास ने योजना की घोषणा की है।
  • सरकार इस योजना को लागू करने के लिए यूनिसेफ और नागरिक सामाजिक संगठन के साथ काम करेगी।
  • यह योजना राज्य के सामाजिक आर्थिक विकास में मदत करेगी।
  • लाभ सीधे लाभार्थियों के डीबीटी बैंक खाते में हस्तांतरित किया जाएगा।
  • सरकार इस मिशन के माध्यम से गरीबी को रोकने, प्रवासन , राज्य में कुपोषण और बाल विवाह पर रोक लगाई जाएंगी।
  • मुख्यमंत्री सुकन्या योजना (एमएसवाई) मुख्यमंत्री कन्यादान योजना और मुख्यमंत्री लक्ष्मी योजना की जगह लेगी।
  • दोनों योजनाएं (मुख्यमंत्री कन्यादान योजना और मुख्यमंत्री लक्ष्मी योजना) १ जनवरी २०१९ से समाप्त हो जाएंगा।

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धान अधिप्राप्ति योजना: झारखंड सरकार की योजना न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीदने की योजना –

झारखंड सरकार ने राज्य के किसान का धान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदने के लिए धान अधिप्राप्ति योजना की घोषणा की है।राज्य के किसान को धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) १७५० रुपये प्रदान किया जाएगा।धान अधिप्राप्ति योजना के माध्यम से राज्य के किसानों के धान की खरीदी १ दिसंबर २०१८ से शुरू होंगी और ३१ मार्च २०१९ तक जारी रहेगी।इस योजना को २७ नवंबर २०१८ को झारखंड राज्य के मुख्यमंत्री श्री रघुबर दास की अध्यक्षता में झारखंड सरकार के मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित किया गया है। भारत सरकार द्वारा धान के लिए घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) १,७५० रुपये है,जिसे अब झारखंड राज्य के किसानों को भी दिया जाएगा।

                                                                                                           Dhaan Adhiprapti Yojana (In English)

धान अधिप्राप्ति योजना: झारखंड सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर राज्य के किसानों का धान खरीदने के लिए एक योजना है।

धान अधिप्राप्ति योजना का उद्देश्य:

  • राज्य के किसानों को धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) प्रदान किया जाएंगा।
  • इस योजना के माध्यम से राज्य के किसानों को गारंटीकृत आय प्राप्त करने में मदत की जाएंगी।
  • राज्य के किसान की आय बढ़ाई जाएंगी।

धान अधिप्राप्ति योजना का लाभ:

  • राज्य के किसान का धान १,७५० रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में खरीदा जाएगा।
  • किसानों को अतिरिक्त बोनस भी प्रदान किया जाएगा।
  • राज्य के जो किसान धान बेचना चाहते है उनको टोकन, तारीख और समय की जानकारी एसएमएस द्वारा प्रदान की जाएंगी।
  • सीधे प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से किसान के बैंक खाते में बेचे गयी धान की राशी स्थानांतरित की जाएंगी।

महत्वपूर्ण तिथियाँ:

  • योजना की घोषणा की तिथि: २७ नवंबर २०१८ इस योजना की घोषणा की है।
  • धान खरीदने की तिथि: १ दिसंबर २०१८ को धान की खरीदी शुरू हो जाएंगी।
  •  धान खरीदने की समाप्त होने की तिथि: ३१ मार्च २०१९ धान की खरीदी समाप्त हो जाएंगी।

न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) / दर जिस पर धान २०१८-१९ में खरीदी जाएंगी:

  •  झारखंड राज्य के किसानों को धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) १,७५० प्रति क्विंटल प्रदान किया जाएंगा।

धान अधिप्राप्ति योजना के लिए पात्रता:

  • यह योजना केवल झारखंड राज्य में लागू है।
  •  धान की फसल का उत्पादन करने वाले सभी किसान इस योजना के लिए पात्र है।

धान अधिप्राप्ति योजना का कार्यान्वयन:

  • भारत के खाद्य निगम (एफसीआई) मॉडल को एमएसपीएटी में धान खरीद का समर्थन करने के लिए बदल दिया गया है।
  • वर्तमान में राज्य में २३९ धान खरीद केंद्र है और भविष्य में ऐसे केंद्रों को राज्य में खोले जाएगा।
  •  प्रत्येक केंद्रों में एक सरकारी अधिकारी, एक पीएसीएस अधिकारी, एक एकाउंटेंट सह ऑपरेटर मौजूद रहेंगे।
  • सरकार द्वारा ४ लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जाएगी।
  • राज्य के किसान  खरीददारी / बिक्री तिथि और समय के लिए धान खरीद केंद्र से संपर्क कर सकते है।
  • राज्य के किसानों को एसएमएस द्वारा टोकन प्रदान किया जाएगा।
  •  एनईएफटी / आरटीजीएस के माध्यम से किसानों के डीबीटी खातों में बेचे गई धान की राशी स्थानांतरित की जाएंगी।
  • किसान के बेचे गए धान की राशी का भुगतान १५ दिनों में किया जाएंगा।
  •  धान की खरीद के लिए २०० करोड़ रुपये का बजट आवंटिट किया गया है।
  •  झारखंड राज्य के कुछ जिलों में एफसीआई मॉडल का उपयोग करके धान की खरीददारी की जाएंगी और झारखंड राज्य के शेष जिलों में खरीददारी झारखंड खाद्य और नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड द्वारा की जाएगी।

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उन्नत भारत अभियान:

मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) और भारतीय विज्ञान संस्थानों सहित उच्च शिक्षा संस्थानों को जोड़ने के उद्देश्य से  उन्नत भारत अभियान नामक एक कार्यक्रम शुरू किया है। अनुसंधान (आईआईएसईआरएस) आदि स्थानीय समुदायों के साथ उपयुक्त प्रौद्योगिकियों के माध्यम से विकास चुनौतियों का समाधान करने के लिए है। इस कार्यक्रम के तहत, उच्च शिक्षा के निम्नलिखित १६ संस्थानों द्वारा हस्तक्षेप के लिए १३२ गांवों की पहचान की गई है।  उन्नत भारत अभियान एक भारत देश के वास्तुकला का निर्माण करने में सहायता ज्ञान संस्थानों का लाभ उठाकर ग्रामीण विकास प्रक्रियाओं में परिवर्तनकारी परिवर्तन की दृष्टि से प्रेरित है।  उन्नत  भारत अभियान उच्च शिक्षा संस्थानों को विकास चुनौतियों की पहचान करने और सतत विकास में तेजी लाने के लिए उचित समाधान विकसित करने के लिए ग्रामीण भारत के लोगों को काम करने में सक्षम बनाना है।उन्नत भारत अभियान का मुख्य उद्देश व्यवसायों के लिए ज्ञान और प्रथाओं को प्रदान करना है और ग्रामीण भारत की विकास आवश्यकताओं के जवाब में सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों की क्षमताओं को तरक्की करने के लिए समाज और एक समावेशी शैक्षणिक प्रणाली के बीच एक सार्थक चक्र बनाना है।

                                                                                                              Unnat Bharat Abhiyaan (in English)

निम्नलिखित १६ संस्थान में उच्च शिक्षा हैं:

  • आईआईटी बॉम्बे
  • आईआईटी इंदौर
  • आईआईटी मंडी
  • आईटी जयपुर
  • आईआईटी भुवनेश्वर
  • आईआईटी जोधपुर
  • आईआईटी पटना
  • आईआईटी दिल्ली
  • आईआईटी कानपुर
  • आईआईटी रुड़की
  • आईआईटी गुवाहाटी
  • आईआईटी खड़गपुर
  • आईआईटी रोपर
  • आईआईटी हैदराबाद
  • आईआईटी मद्रास
  • आईसर भोपाल

उन्नत भारत अभियान के उद्देश्य:

  • ग्रामीण भारत की जरूरतों के अनुरूप अनुसंधान और प्रशिक्षण में उच्च शिक्षा के संस्थानों में संस्थागत क्षमता का निर्माण करना, ग्रामीण शिक्षा को उच्च शिक्षा संस्थानों से पेशेवर संसाधन समर्थन  प्रदान करना है।
  • विशेष रूप से जिन्होंने विज्ञान, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी और प्रबंधन के क्षेत्र में विद्यापीठ में उत्कृष्टता हासिल की है।

संपर्क विवरण:

प्रोफेसर वी के विजय प्रमुख, ग्रामीण विकास और प्रौद्योगिकी केंद्र, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, नई दिल्ली -११००१६

संदर्भ और विवरण:

अधिक जानकारी के लिए उन्नत भारत अभियान यात्रा करें: http://unnat.iitd.ac.in/index.php/en/

 

अनुसूचित जाती / अनुसूचित जनजाति सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना झारखंड: युपीएससी प्रीलीम्स पास करने पर  १ लाख रुपये की वित्तीय सहायता    

झारखंड सरकार ने छात्रों को सिविल सेवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए अनुसूचित जाती / अनुसूचित जनजाति सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना शुरू की है। सरकार अब संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित यूपीएससी प्रीलीम्स (पीटी) राउंड के समाशोधन पर  अनुसूचित जाती / अनुसूचित जनजाति के छात्रों को १ लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेंगी। योजना का प्राथमिक उद्देश्य अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों (महा दलित) समुदायों को प्रोत्साहित करना और उन्हें सशक्त करना है। अधिकांश छात्र वित्तीय सीमाओं के कारण अपनी पढ़ाई जारी नहीं रख सकते है।यह योजना छात्रों को अध्ययन जारी रखने के लिए बहुत जरूरी समर्थन प्रदान करती है।

राज्य सरकार पैसे को एकल अनुदान के रूप में प्रदान करेगी और इसे सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में स्थानांतरित किया जाएंगा। यह योजना १ अगस्त २०१८ से लागू है और ५  नवंबर २०१८ को शुरू की गई है।

                                                                    SC / ST Civil Seva Protsahan Yojana Jharkhand (In English)

 अनुसूचित जाती/अनुसूचित जनजाति सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना:  अनुसूचित जाती / अनुसूचित जनजाति छात्रों के लिए एक वित्तीय सहायता योजना जो संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) प्राथमिकताओं को मंजूरी देती है।

अनुसूचित जाती / अनुसूचित जनजाति सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना का उद्देश्य:

  • अनुसूचित जाती / अनुसूचित जनजाति के छात्र को आर्थिक रूप से समर्थन किया जाएंगा।
  • उन्हें सिविल / सार्वजनिक सेवाओं के लिए प्रोत्साहित किया जाएंगा।

अनुसूचित जाती / अनुसूचित जनजाति सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना का लाभ:

  • अनुसूचित जाती / अनुसूचित जनजाति के छात्र को १  लाख रुपये का अनुदान संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षाओं में प्रारंभिक परीक्षण (पीटी) दौर को समाशोधन के लिए प्रदान किया जाएंगा।

अनुसूचित जाती / अनुसूचित जनजाति सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के लिए पात्रता:

  • यह योजना केवल अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए लागू है।
  • योजना केवल झारखंड राज्य के निवासियों के लिए है।
  • यह योजना केवल उन छात्रों के लिए लागू है जिन्होंने झारखंड राज्य से १२ वीं और स्नातक की उपाधि प्राप्त की है।
  • यह योजना  केवल उन छात्रों के लिए लागु है जिनकी वार्षिक आय २.५ लाख रुपये से कम है।

यह योजना उन सभी छात्रों की मदत करेगी जिन्हें संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षाओं के लिए तैयारी करने के लिए परिवारों से दूर रहने की जरूरत है।इस योजना के माध्यम से राज्य के छात्रों को वित्तीय सहायता कोचिंग, किताबें, रहने और भोजन के लिए भुगतान करने में मदत मिलेगी। यह योजना केवल उन लोगों के लिए लागू है जो झारखंड राज्य में कोचिंग ले रहे है और उन छात्रों पर लागू नहीं है जो राज्य के बाहर कोचिंग कर रहे है। मुख्यमंत्री श्री रघुबर दास की अध्यक्षता में कैबिनेट ने इस योजना को मंजूरी दी है और इसके लिए बजट आवंटित किया है।

संबंधित योजनाएं:

  • अनुसूचित जाती / अनुसूचित जनजाति सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना झारखंड
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  • अनुसूचित जाती / अनुसूचित जनजाति के लिए योजनाओं की सूची

 

नि:शुल्क मोबाइल फोन योजना: झारखंड में किसानों के लिए स्मार्टफ़ोन वितरण

झारखंड सरकार ने राज्य में किसानों को नि:शुल्क स्मार्टफोन वितरण के लिए नि:शुल्क मोबाइल फोन योजना की घोषणा की है। राज्य के सभी किसानों को २८ लाख स्मार्ट नि:शुल्क फोन वितरित किए जाएंगे। इस योजना का महत्वपूर्ण उद्देश्य यह है कि राज्य के किसान ई-एनएएम बाजार से जुड़े हों और अपने उत्पादक का बेहतर मूल्य और उत्पादक को ऑनलाइन बेचने में किसान को सक्षम किया जाएंगा।

झारखंड राज्य के किसानों को इंटरनेट कनेक्शन के साथ स्मार्ट फोन प्रदान किया जाएंगा ताकि राज्य का किसान प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया मिशन का हिस्सा बनने में मदद करेंगे। यह राज्य सरकार और कृषि सेवाओं की जानकारी ऑनलाइन प्रदान करने में भी मदत करेगा।

                                                                                                        Free Mobile Phone Scheme (In English)

नि:शुल्क मोबाइल फोन योजना क्या है: झारखंड राज्य के किसानों के लिए एक नि:शुल्क स्मार्टफोन वितरण योजना है।

नि:शुल्क मोबाइल फोन योजना का उद्देश्य:

  • राज्य के किसानों को सशक्त बनाया जाएंगा।
  • किसानों को गारंटीकृत आय प्रदान की जाएंगी।
  • ऑनलाइन कृषि जानकारी और सेवाएं प्रदान की जाएंगी।
  • विभिन्न सरकारी योजनाओं पर अद्यतित प्रदान किया जाएंगा और आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने में मदत करेंगा।
  • राज्य के किसानों को ई-एनएएम पोर्टल के साथ जोडके भारत देश में ऑनलाइन कृषि वस्तुओं के व्यापार के लिए सक्षम बनाया जाएंगा।
  • इस योजना के माध्यम से साल २०२२ तक राज्य के किसानों की आय को दोगुना करने में मदत की जाएंगी।

नि:शुल्क मोबाइल फोन योजना का लाभ:

  •  नि:शुल्क मोबाइल फोन योजना के तहत झारखंड राज्य के सभी किसानों को नि:शुल्क स्मार्टफोन वितरित किये जाएंगे।

राज्य सरकार २९  और ३० नवंबर २०१८ को कृषि और खाद्य शिखर सम्मेलन का आयोजन करेगी। मुख्यमंत्री रघुबीर दास ने सभी किसानों को शिखर सम्मेलन में भाग लेने और राज्य कृषि के ब्रांड एंबेसिडर के रूप में आमंत्रित करने के लिए आमंत्रित किया है। झारखंड राज्य में नि:शुल्क स्मार्टफोन योजना अन्य राज्यों में योजना की सफलता पर आधारित है। मुफ्त वाईफाई / इंटरनेट के साथ नि:शुल्क स्मार्टफोन ने राजस्थान, छत्तीसगढ़ इत्यादि जैसे अन्य राज्यों में किसानों की बहुत मदत की है।

ई-एनएएम पोर्टल:

  • भारत देश में कृषि वस्तुओं के लिए ऑनलाइन व्यापार मंच प्रदान किया जाएंगा।
  • किसान को नवीनतम फसलों का मूल्य प्रदान किया जाएंगा (मंडी भाव / विभिन्न कृषि उपज की दरें)
  • इस योजना से किसानों, व्यापारियों और खरीदारों की मदत होंगी।
  • किसानों को उनके उत्पादन का विपणन करने में मदत की जाएंगी।

संबंधित योजनाएं:

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मुख्यमंत्री कन्यादान योजना (एमकेवाई) झारखंड: लड़कियों के विवाह के लिए ३०,००० रुपये, आवेदन पत्र और आवेदन कैसे करें –  

झारखंड सरकार ने झारखंड राज्य के गरीब परिवार के लड़कियों के विवाह के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री  कन्यादान योजना (एमकेवाई) शुरू की है। यह योजना राज्य के गरीब परिवारों के लिए है। गरीब परिवारों के लड़कियों के विवाह के समय राज्य सरकार ३०,००० रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।इस योजना का उद्देश्य राज्य के गरीब परिवारों का लड़की की शादी के बोझ को दूर करना है और यह सुनिश्चित करना है कि सही समय पर लड़कियों का विवाह हो जाये।

                                                                             Mukhya Mantri Kandyadan Yojana (MKY) (In English)

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना (एमकेवाई) क्या है: राज्य के लड़कियों के लिए एक वित्तीय सहायता योजना है।बेटी की शादी के अवसर पर राज्य के गरीब परिवारों को लड़की के शादी के लिए ३०,००० रुपये दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना (एमकेवाई) का उद्देश्य:

  • इस योजना के माध्यम से गरीब परिवारों के लड़की के शादी के बोझ को कम किया जाएंगा।
  • बेटी के शादी के खर्च के साथ उनकी मदत की जाएंगी।

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना (एमकेवाई) का लाभ:

  • यह योजना केवल झारखंड के स्थायी निवासियों के लिए लागू है।
  • यह योजना केवल उन लोगों के लिए है, जिनकी पारिवारिक की वार्षिक आय ७२,००० रुपये से कम है।
  • विवाह अनुदान केवल लड़कियों के विवाह के अवसर पर दिया जाता है / इस योजना के लिए केवल लड़कियों ही पात्र  है।
  • लड़कियों की उम्र १८ साल के अधिक होना चाहिए और लड़कों की उम्र २१ साल के अधिक होना चाहिए।
  • यह योजना केवल गरीबी रेखा के निचे (बीपीएल) परिवारों के लिए लागू है।
  • यह योजना केवल लड़की के पहली शादी के लिए लागू है।
  • अनाथ लड़किया भी इस योजना के लिए पात्र है।

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना (एमकेवाई) आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों की सूची:

  • पासपोर्ट  आकार की तस्वीर
  • आधार कार्ड / मतदान कार्ड
  • जन्म प्रमाणपत्र
  • शादी की कार्ड

नोट: ये आवश्यक दस्तावेजों की मूल सूची है, यदि आवश्यक हो तो दस्तावेजों की अतिरिक्त सूची के लिए अधिकारियों से जांच कर सकते है।

 मुख्यमंत्री कन्यादान योजना (एमकेवाई)  आवेदन पत्र और आवेदन कैसे करें?

  • मुख्य मंत्री  कन्यादान योजना के लिए आवेदन पत्र डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें।
  • आवेदन पत्र भरें।
  • आवेदन पत्र पर हस्ताक्षर करें या मांता और पिता के अंगूठे की छाप दें।
  • आवेदन पत्र को पंचायत, जिला परिषद या सामाजिक कल्याण कार्यालय में जमा करें।
  • सामाजिक और महिला कल्याण विभाग, झारखंड सरकार इस योजना को लागू करती है।