अमृत विशेष योजनाएं, कर्नाटक

७५वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर, कर्नाटक राज्य सरकार विभिन्न क्षेत्रों में समग्र विकास को गति देने के लिए ११ विभिन्न योजनाएं लेकर आई है। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने राज्य के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए अमृत विशेष योजनाओं की शुरुआत की। योजनाएं आवास क्षेत्र, बुनियादी ढांचा क्षेत्र, सूक्ष्म उद्यमों, स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे आदि जैसे क्षेत्रों में विकास के लिए हैं। इन योजनाओं के माध्यम से राज्य सरकार अब मेगा और मिनी परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करेगी। ये योजनाएं चल रही योजनाओं के अनुरूप होंगी और इनका क्रियान्वयन जल्द ही शुरू हो जाएगा। इन योजनाओं के लिए आवंटित कुल अनुमानित बजट १००० करोड़ रुपये तक है।

अवलोकन:

योजनाएं अमृत विशेष योजनाएं
योजनाओं के तहत कर्नाटक सरकार
द्वारा लॉन्च किया गया मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई
लॉन्च की तारीख १५ अगस्त, २०२१
लाभ ग्राम पंचायतों का विकास, विद्यालयों को अधोसंरचना सुविधाओं का प्रावधान, सूक्ष्म उद्यमों को वित्तीय सहायता आदि।
उद्देश्य राज्य में समग्र विकास सुनिश्चित करने के लिए
बजट १००० करोड़ रुपये तक

उद्देश्य और लाभ:

  • योजनाओं का मुख्य उद्देश्य राज्य में समग्र विकास सुनिश्चित करना है।
  • यह ग्राम पंचायतों, आवास क्षेत्र, सूक्ष्म उद्यमों, खेल, स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे आदि जैसे विभिन्न क्षेत्रों में विकास सुनिश्चित करता है।
  • इस योजना से बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
  • इन योजनाओं के तहत प्रत्येक लक्षित क्षेत्र को आवश्यकतानुसार वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
  • इस प्रकार ये योजनाएं निवासियों के कल्याण को सुनिश्चित करेंगी।
  • यह राज्य के आर्थिक विकास और विकास में योगदान देगा।

लॉन्च की गई ११ अमृत विशेष योजनाओं का विवरण:

  • अमृत ​​ग्राम पंचायतें –

इस योजना के तहत राज्य सरकार विकास के लिए राज्य में ७५० ग्राम पंचायतों का चयन करेगी जिससे निवासियों को बुनियादी सुविधाएं, अधिकार और लाभ सुनिश्चित हो सकें। इसमें हर घर में पीने का पानी सुनिश्चित करना, कचरे का उचित निपटान, स्ट्रीट लाइट, सौर ऊर्जा की स्थापना आदि शामिल होंगे।

  • अमृत ​​निर्मला निगम –

राज्य सरकार ७५ शहरी स्थानीय निकायों के सौन्दर्यीकरण और उन्नयन को सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक को एक-एक करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।

  • अमृत ​​ग्रामीण आवास योजना –

यह ७५०,००० ग्राम पंचायतों में प्रत्येक बेघर व्यक्ति के लिए आवास सुविधा का प्रावधान सुनिश्चित करती है। यह ग्रामीण क्षेत्रों में सभी के लिए आवास सुनिश्चित करेगा।

  • अमृत ​​एफपीओ – ​​

योजना के तहत प्रत्येक एफपीओ को ३ साल के लिए ३० लाख रुपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह राज्य में कृषि और अन्य उपज के उत्पादन को बढ़ावा देगा। राज्य में कृषि, मत्स्य पालन और बुनकर उत्पादों के विपणन के लिए सहायता प्रदान की जाएगी।

  • अमृत ​​विद्यालय अधोसंरचना कार्यक्रम –

इस योजना के माध्यम से राज्य के ७५० विद्यालयों को अवसंरचना सुविधाओं के साथ-साथ चिन्हित ७५० विद्यालयों को १०-१० लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया जाएगा। चिन्हित किए गए विद्यालयों को भवन, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, शौचालय आदि जैसी समग्र आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

  • अमृत ​​आंगनबाडी केंद्र –

राज्य सरकार इस योजना के तहत राज्य में ७५०० आंगनवाड़ियों को उनके ढांचागत विकास के लिए कुल एक लाख रुपये का अनुदान प्रदान करेगी। यह अनुदान आंगनबाड़ियों के ढांचागत विकास के लिए दिया जाएगा।

  • अमृत ​​स्व-सहायता सूक्ष्म उद्यम –

इस योजना के तहत लगभग ७५०० स्वयं सहायता समूहों को एक-एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

  • अमृत ​​सामुदायिक विकास कार्यक्रम –

योजना के तहत राज्य सरकार सामुदायिक सेवा प्रदान करने के लिए लगभग ७५० स्कूलों और कॉलेजों की पहचान करेगी।

  • अमृत ​​स्वास्थ्य अधोसंरचना उन्नयन कार्यक्रम –

इस योजना के माध्यम से राज्य सरकार राज्य के प्रत्येक ७५० प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को लगभग २० लाख रुपए प्रदान करेगी।

  • अमृत ​​कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम –

राज्य सरकार अगले दो वर्षों में आरक्षित समुदायों के ७५००० युवाओं के कौशल विकास प्रशिक्षण और कार्यक्रमों के लिए लगभग ११२ करोड़ रुपये खर्च करेगी।

  • अमृत ​​​​खेल गोद लेने का कार्यक्रम –

राज्य सरकार द्वारा राज्य के ७५ खिलाडिय़ों को वर्ष २०२४ में पेरिस में होने वाले अगले ओलम्पिक में क्वालीफाई करने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

लक्ष्मी भंडार योजना, पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल सरकार १ सितंबर, २०२१ से राज्य भर में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लक्ष्मी भंडार नाम की एक योजना शुरू करने वाली है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) परिवारों से संबंधित २५-६० वर्ष की आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को प्रति माह १००० रुपये की सहायता दी जाएगी और सामान्य श्रेणी के परिवारों की पात्र महिलाओं को ५०० रुपये प्रति माह प्रदान किया जाएगा। राज्य के महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण विभाग ने योजना को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस योजना का उद्देश्य राज्य में लगभग १.६ करोड़ लाभार्थियों को कवर करना है।

योजना अवलोकन:

योजना का नाम लक्ष्मी भंडार योजना
योजना के तहत पश्चिम बंगाल सरकार
प्रारंभ तिथि १ सितंबर, २०२१
आवेदन की तिथियां १६अगस्त से १५ सितंबर २०२१
लाभार्थी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और सामान्य वर्ग की महिलाएं
लाभ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के परिवारों की पात्र महिलाओं को १००० रुपये प्रति माह और सामान्य श्रेणी के परिवारों की पात्र महिलाओं को ५०० रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता।
प्रमुख उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना और उन्हें वित्तीय और सामाजिक स्थिरता प्रदान करना।

योजना के उद्देश्य और लाभ:

  • इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना है।
  • इस योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और सामान्य वर्ग की महिलाओं को कवर किया जाएगा।
  • अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के परिवारों की पात्र महिलाओं को १००० रुपये प्रति माह और सामान्य श्रेणी के परिवारों की पात्र महिलाओं को ५०० रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता।
  • इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को वित्तीय और सामाजिक स्थिरता प्रदान करना है।
  • इसका उद्देश्य वित्तीय सहायता प्रदान करना भी है ताकि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में सक्षम बनाया जा सके।
  • इससे इन महिलाओं और उनके परिवारों का रहन-सहन बेहतर होगा।

पात्रता और अपात्रता:

  • २५ से ६० वर्ष के आयु वर्ग में अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / सामान्य वर्ग की महिला निवासी आवेदन करने के लिए पात्र हैं।
  • कैजुअल वर्कर आवेदन करने के पात्र हैं।
  • निजी या सरकारी क्षेत्र में स्थायी नौकरी वाली महिलाएं आवेदन करने के लिए पात्र नहीं होंगी।
  • २ हेक्टेयर से अधिक भूमि वाली महिलाएं आवेदन करने के लिए पात्र नहीं हैं।
  • कम से कम १ कर भुगतान करने वाले सदस्य वाले सामान्य वर्ग के परिवार आवेदन करने के पात्र नहीं हैं।

प्रमुख बिंदु:

  • राज्य में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से १ सितंबर २०२१ से लक्ष्मी भंडार योजना शुरू होने जा रही है।
  • यह योजना गवर्निंग पार्टी द्वारा किए गए चुनाव पूर्व वादों में से एक है।
  • इसे राज्य में महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए शुरू किया जाएगा।
  • यह योजना राज्य में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और सामान्य वर्ग की सभी महिलाओं को कवर करेगी।
  • यह योजना अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के परिवारों की पात्र महिलाओं को १००० रुपये प्रति माह और सामान्य श्रेणी के परिवारों की पात्र महिलाओं को ५०० रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।
  • सहायता की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
  • लाभार्थी का बैंक खाता आधार कार्ड से जुड़ा होना चाहिए।
  • इस योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए, लाभार्थी को आवश्यक दस्तावेजों के साथ विधिवत भरा हुआ आवेदन पत्र जमा करना होगा।
  • राज्य भर के सरकारी कार्यालयों/शिविरों में फार्म निःशुल्क उपलब्ध होंगे।
  • लाभार्थी आधार कार्ड कॉपी और बैंक पासबुक कॉपी जैसे दस्तावेज जमा कर सकता है।
  • इच्छुक आवेदक १६ अगस्त से १५ सितंबर २०२१ तक आवेदन कर सकते हैं।
  • इसका उद्देश्य महिलाओं की बेहतरी और कल्याण है जिससे उन्हें सशक्त बनाया जा सके।
  • इस योजना से राज्य में लगभग १.६ करोड़ लाभार्थी लाभान्वित होंगे।
coaching / कोचिंग

जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना

दिल्ली सरकार ने जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना (जे बी एम् पी वी वाय ) सुरु की है। योजना के तहत छात्रों को मुफ्त कोचिंग एवं छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। यह योजना दिल्ली में रहने और पढ़ने वाले एस सी/एस टी, ओबीसी तथा इडब्ब्लुएस परिवारोंसे आने वाले छात्रों के लिए है। योजना का मुख्य उद्देश्य सभी वर्गों के छात्रों के लिए सामान अवसर प्रदान करना है। दिल्ली सरकार के मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने इस योजना की घोषणा की है। योजना के तहत अब सभी पात्र छात्रों की कोचिंग पर रुपये १ लाख तक की राशि खर्च की जाएगी।

योजना: जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना (जे बी एम् पी वी वाय )
लाभ: छात्रों के लिए मुफ्त कोचिंग और छात्रवृत्ति
लाभार्थी: दिल्ली में कक्षा दसवीं से बारवी में पढ़ने वाले छात्र
राज्य: दिल्ली
आधिकारिक वेबसाइट: scstwelfare.delhigovt.nic.in

पात्रता:

  • योजना केवल दिल्ली में पढ़ने वाले छात्रों के लिए लागु है
  • योजना अनुसूचित जाती/जनजाति (एस सी/एस टी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और आर्थिक रूप से कमजोर (इडब्ब्लुएस) वर्ग के छात्रों के लिए ही है
  • आय सीमा: ऐसे छात्र जिनकी पारिवारिक आय ८ लाख से काम है वही इस योजना के लिए पात्र है
  • योजना केवल कक्षा दसवीं से बारवीं पास और बारवी में पढ़ने वाले छात्रों के लिए है

लाभ:

  • मुफ्त कोचिंग: छात्रों को सरकार द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम के लिए मुफ्त कोचिंग
  • छात्रवृत्ति: प्रति माह २,५०० रुपये छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाएगी

योजना के अंतरगत आने वाले पाठ्यक्रम:

  • संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित ग्रुप ए और बी परीक्षा कर्मचारी चयन आयोग (SSC), विभिन्न रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) और न्यायिक सेवा परीक्षा
  • राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित ग्रुप ए और बी परीक्षा
  • बैंकों, बीमा कंपनियों और सार्वजनिक क्षेत्र द्वारा आयोजित अधिकारियों की ग्रेड परीक्षाएँ उपक्रम (पीएसयू)
  • इंजीनियरिंग (आईआईटी-जेईई और एआईईईई) में प्रवेश के लिए प्रीमियर प्रवेश परीक्षा, मेडिकल (एआईपीएमटी), प्रबंधन जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रम (कैट) और कानून (CLAT)

कैसे करे आवेदन?

  • जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना के आवेदन के लिए सरकार द्वारा निर्धारित कोचिंग संस्थानो पर आवेदन करना होगा। सरकार द्वारा निर्धारित कोचिंग संस्थानो के सूचि के लिए यहाँ क्लिक करे
  • आवेदन पत्र को पूरी तरह भरे और सेण्टर पर ही जमा करें
  • आवेदन की स्थिति की जानकारी, मुफ्त कोचिंग और छात्रवृत्ति आपको कोचिंग सेण्टर ही प्रदान करेगा

जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना की अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे।

बिहार छात्र क्रेडिट कार्ड योजना (बिएससीसीवाई- सात निश्चय कार्यक्रम): छात्रोकों शिक्षा के लिये वित्तिय सहायता एवं ऋण योजना

बिहार सरकार ने प्रमुख ७ निश्चय  कार्यक्रम के तहत राज्य के छात्रों के लिए बिहार छात्र क्रेडिट कार्ड योजना की घोषणा की है. इस योजना के माध्यम से बिहार में उच्च शिक्षा के लिए गरीब छात्रों को वित्तीय सहयता प्रदान की जाएगी।

७ निश्चय  कार्यक्रम क्या  है?

यह बिहार  राज्य के मुख्यमंत्री श्री नीतिश कुमार द्वारा बिहार के विकास के लिए शुरू किया गया एक प्रमुख कार्यक्रम है जिस के तहत  बिहार राज्य मे सुशाशन प्रदान  किया जाएगा. कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य में युवाओं को सशक्त बनाना और अध्ययन और नौकरी या स्वयंरोजगार के अवसरों के दौरान उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान करना है.

बिहार छात्र क्रेडिट कार्ड योजनाहै क्या है?

बिहार राज्य मे छात्र १२ वी पास होने पर छात्र वित्तीय सीमाओ के कारण उच्च शिक्षा का खर्च नहीं उठा सकते इस लिए बिहार राज्य सरकार ने छात्रों को योजना के तहत वित्तीय सहायता प्रदान करेंगी. ईस योजना के तहत छात्र को उच्च शिक्षा के लिए बैंक से  ऋण  दिया जाएगा. बिहार छात्र क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से  राज्य मे सुशाशन प्रदान किया जाएगा.

बिहार छात्र क्रेडिट कार्ड योजना उद्देश्य:

  • बिहार छात्र क्रेडिट कार्ड योजना के तहत छात्र को एजुकेशनल ऋण  प्रदान किया जाएगा.
  • इस योजना के माध्यम से अगले ५ साल मे ५ लाख से ९ लाख छात्र  की भर्ती की जाएगी  
  • छात्र ने बैंक से लिया ऋण चुकाने में सक्षम नही रहने पर  छात्र को व्याज और  दंड  का भुगतान करना होगा.
  • बिहार छात्र क्रेडिट कार्ड योजना  के तहत छात्र को अधिकतम लाख रुपये तक  बैंक से ऋण दिया जाएगा
  • बैंक  पात्र छात्रों को कितने भी रुपये का ऋण दे  सकती है लेकिन केवल ४ लाख  रूपए बिहार छात्र क्रेडिट कार्ड योजना के तहत कवर किया जाएगा

बिहार छात्र क्रेडिट कार्ड योजना बिहार छात्र क्रेडिट कार्ड योजना (बि एस सी सी वाय – सात निश्चय कार्यक्रम)  के लिए पात्रता और  कौन आवेदन कर सकता है?

  • छात्र बिहार राज्य का निवासी होना चाहिए
  •  छात्र  १२ वी कक्षा मे पढ़ रहा हो या तो १२ वी कक्षा उतीर्ण होना चाहिए
  • छात्र  सरकार मान्य अधिकृत स्कूल मे पढ़ रहा है वह योजना के लिए आवेदन कर सकता है  
  • गरीब छात्र जो उच्च शिक्षा का खर्च नहीं उठा सकते और उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते है  उन्हे योजना के माध्यम से मदत की जाएगी  
  • बिहार छात्र क्रेडिट कार्ड योजना के तहत छात्र को बीए , बीएससी, इंजीनियरींग, एमबीबीएस, लॉ आदि व्यवसायिक और तकनिकी पाठ्यक्रम के लिए ऋण दिया जाएगा
  • आयु सीमा: आवेदक की उम्र आवेदन करते समय  २५ वर्ष से अधिक नही होनी चाहिए
  • लाभार्थी पहले से ही योजना के तहत डिग्री प्राप्त कर रहा है  वह लाभार्थी दूसरी डिग्री के लिए योजना का लाभ प्राप्त नही कर सकता है 
  • लाभार्थी ने बीच मे शिक्षा छोड़ देने पर लाभार्थी को शेष ऋण राशि प्राप्त नहीं होंगी

बिहार छात्र क्रेडिट कार्ड योजना  बिएससीसीवाई)  लागू करने के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • १० वी और १२ वी का  प्रमाण पत्र 
  • प्रवेश प्रमाण पत्र
  • आवेदक के माता और पिता का पासपोर्ट फोटो
  • परिवार के आय प्रमाण पत्र (फॉर्म नंबर १६)
  • २ साल आयकर रिटर्न
  • बैंक का पिछले ६ महिने का बैंक स्टेटमेंट   
  • आधार कार्ड
  • पहचान  प्रमाण पत्र
  • आयकर और संपत्ति कर भुगतान की रसीद
  • बिहार छात्र क्रेडिट कार्ड योजना का आवेदन पत्र

बिहार छात्र क्रेडिट कार्ड योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करे?

  • लाभार्थी बिहार छात्र क्रेडिट कार्ड योजना के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करने के लिए मोबाइल एप्लीकेशन का उपयोग कर  सकता है 
  • पंजीकरण करने के बाद ओटीपी ईमेल/ पंजीकृत मोबाइल के माध्यम से प्रदान किया जाएगा
  • पंजीकृत आईडी और पासवर्ड के साथ लाभार्थी  प्रवेश करे
  • लाभार्थी अपनी सभी आवश्यक जानकारी प्रदान करे
  • लाभार्थी सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करे
  • आवेदन जमा करे और रसीद डाउनलोड करने के बाद इसे भविष्य के सन्दर्भ  के लिए संभालकर रखे.

बिहार छात्र क्रेडिट कार्ड योजना टोल फ्री हेल्पलाइन / टोल फ्री नंबर:

१८०० ३४५ ६४४४

अधिक जानकारी और विवरण:

अनुसूचित जाती / जनजाति / अन्य पिछड़ा वर्ग / अल्पसंख्यांक छात्रवृत्ती: पहली से बारवीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र/छात्राओं के लिए – योग्यता, आवेदन पत्र, फायदे और आवेदन की प्रक्रिया

Scholarship/Merit Scholarship (Class 1 to 12) (read in english)

कक्षा पहली से बारवी में पढ़ने वाले अनुसूचित जाती / जनजाति / अन्य पिछड़ा वर्ग / अल्पसंख्यांक के छात्रों के लिए केंद्र सरकार द्वारा छात्रवृत्ती दी जाती है| इस छात्रवृत्ति का उद्देश्य पिछड़े वर्ग का उत्थान और विकास करना और साथ ही उन्हें सामान सुविधाएं/अवसर उपलब्ध करना है| पिछड़े वर्ग से कई विद्यार्थी गरीबी से कारन पढ़ नहीं सकते है| इस छात्रवृत्ति के तहत बच्चो को आर्थिक अनुदान दिया जायेगा जिससे वह पढ़ सके|

एससी / एसटी/ ओबीसी / मिन छात्रवृति (१ ली से १२ वी कक्षा) के लाभ:

  • अनुसूचित जाति/जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग (१ ली से ३ री कक्षा): ईस श्रेणी के छात्रो को छात्रवृति की राशि किसी भी मार्क की आवश्कता नही है और छात्र को १००० रूपए प्रति वर्ष राशि प्रदान की जाएगी|
  • अन्य पिछड़ा वर्ग (६ वी से ८ वी कक्षा): छात्रो जिसको ५५% से ६०% के बिच अंक प्राप्त करने पर ६०० रूपए छात्रवृति प्रदान की जाएगी और ६०% ज्यदा अंक प्राप्त करने पर ७२० रूपए छात्रवृति प्रदान की जाएगी|
  • एससी / एसटी / ओबीसी / मिन (९ वी और १० वी कक्षा): ५५% से ६०% के बिच अंक प्राप्त करने वाले छात्रोको १,६२० रूपए छात्रवृति प्रदान की जाएगी और ६०% ज्यदा अंक प्राप्त करने पर २,०४० रूपए छात्रवृति प्रदान की जाएगी|
  • एससी / एसटी / ओबीसी / मिन (११ वि और १२ वी कक्षा): छात्रो जिसको ५५% से ७०% के बिच मार्क प्राप्त करने पर ३००० रूपए छात्रवृति प्रदान की जाएगी और ७०% ज्यदा मार्क प्राप्त करने पर ४५०० रूपए छात्रवृति प्रदान की जाएगी|

एससी / एसटी/ ओबीसी / मिन छात्रवृति(१ ली से १२ वी कक्षा) के लिए पात्रता:

  • आवेदक अनुसूचित जाति / जनजाति / अन्य पिछड़ा वर्ग / अल्पसंख्यक वर्ग से होना चाहिए
  • आवेदक दिल्ली का निवासी होना चाहिए, पिछले तीन वर्ष मे दिल्ली मे के रहने वाला होना चाहिए
  • अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारो को छात्रवृति पाने के लिए कोई आय सीमा नही है
  • ओबीसी उम्मीदवारो के परिवार की वार्षिक आय २ लाख रूपए प्रति वर्ष के निचे होना चहिए
  • बैंक खाता छात्र के नाम पर होना चाहिए (संयुक्त खाते को अनुमति दी जाती है)

आवश्यक दस्तावेज:

  • आवेदन पत्र
  • निवासी प्रमाण पत्र (महाकाव्य कार्ड, आधार कार्ड नंबर, राशन कार्ड,एमटीएनएल द्वरा लैंडलाइन टेलीफोन बिल, GNCTD द्वारा जारी किया गया ड्राइविंग लाइसेंस, अधिवास प्रमाण पत्र या राष्ट्रीय बैंक का पासबुक
  • छात्र / पिता के नाम का जाति प्रमाण पत्र (अनुसूचित जाति / जनजाति / अन्य पिछड़ा वर्ग) एसडीएम / उपयुक्त द्वारा जारी की सत्यापित प्रतिलिपि होना जरूरी है.
  • अल्पसंख्यक छात्रों के लिए १० रूपए स्टाम्प पेपर पर माता-पिता/ अभिभावक द्वारा घोषणा पत्र
  • माता-पिता/अभिभावक सरकारी कर्मचारी होने पर वेतन पर्ची की जरुरत होगी. और स्वरोजगार या निजी काम कर रहा है तो दिल्ली के एसडीएम द्वारा आय प्रमाण पत्र
  • मूल शुल्क रसीद
  • पिछले साल की मार्कलिस्ट
    गैर आपराधिक प्रमाण पत्र
  • आधार कार्ड

आवेदन पत्र:
आवेदन पत्र के लिए अपनी आधिकरिरक वेबसाइट पर सभी जानकारी उपलब्ध है । हर साल आवेदन पत्र नए सिरे जारी किए जाएगे. छात्र अपना प्रपत्र संबंधित प्रिंसिपल/स्कूल मे प्रस्तुत करे. आवेदन पत्र निचे दिए गए लिंक पर उपलब्ध है|

योजना के बारे मे अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे:

  • स्कूलों
  • एसडीएम कार्यालय
  • एससी / एसटी / ओबीसी / अल्पसंख्यक, बी- ब्लॉक, दूसरा मंजिल,विकास भवन, पी एस्टेट,नई दिल्ली-११०००२

अधिक जानकारी और विवरण: