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मुख्यमंत्री सहायता योजना / चीफ मिनिस्टर असिस्टेंस स्कीम

मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के आदिवासी परिवारों के लिए मुख्यमंत्री सहायता योजना / चीफ मिनिस्टर असिस्टेंस स्कीम की घोषणा की है। योजना के तहत आदिवासी परिवारों को जन्म-मृत्यु समारोह (भोज) के लिए आर्थिक सहायता की जाएगी। योजना का उद्देश्य आदिवसीयोंको सहुकारोंसे लिए जाने वाले कर्जे से बचाना है। आदिवासी परिवारोंमें जन्म पर भोज समारोह और मृत्यु पर मृत्युभोज समारोह होता है जिसके लिए सहुकारोंसे कर्जा लिया जाता है। अब इस योजना से साथ कर्जे की जरुरत नहीं पड़ेगी।

योजना: मुख्यमंत्री सहायता योजना / चीफ मिनिस्टर असिस्टेंस स्कीम
लाभ: जन्म-मृत्यु समारोह (भोज) के लिए आर्थिक सहायता
लाभार्थी: आदिवासी परिवार
राज्य: मध्य प्रदेश (एम पी)

योजना का उद्देश्य:

  • आदिवासी परिवारोंको जन्म और मृत्यु पर मदत करना।
  • आदिवसीयों को सहुकारोंसे लिए जाने वाले कर्जे से बचाना।
  • आदिवसीयों को सन्मान से जीने में मदत करना।
  • लाभर्थियोंको ५० किलो गेहू या चावल दिया जायेगा।

पात्रता:

  • योजना केवल मध्य प्रदेश में लागु है।
  • योजना के सिर्फ मध्य प्रदेश के आदिवासी परिवारों के लिए है।
  • आर्थिक सहायता केवल जन्म और मृत्यु पर दी जाती है।

योजना के महत्वपूर्ण बिंदु:

  • मध्य प्रदेश राज्य में २१.०९% आदिवासी लोग रहते है।
  • योजना राज्य के २० जिलों में आने वाले ८९ ट्राइबल ब्लॉक्स के लिए है।
  • राज्य में ४७ विधान सभा सीट्स आदिवासियों के लिए आरक्षित है।
  • राज्य में ८०.६७ लाख आदिवासी रहते है।
  • योजना राज्य में निन्मलिखित जिलों में लागु की जाएगी: मंडला, डिंडोरी, बालाघाट, शहडोल, अन्नुपुर, उमरिआ, अलीराजपुर, झाबुआ, बड़वानी, धार, खरगोन, खंडवा, भुराणपुर, होशंगाबाद, बैतूल, सीधी, सिओनी, छिंदवाड़ा, शेओपुर
coaching / कोचिंग

जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना

दिल्ली सरकार ने जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना (जे बी एम् पी वी वाय ) सुरु की है। योजना के तहत छात्रों को मुफ्त कोचिंग एवं छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। यह योजना दिल्ली में रहने और पढ़ने वाले एस सी/एस टी, ओबीसी तथा इडब्ब्लुएस परिवारोंसे आने वाले छात्रों के लिए है। योजना का मुख्य उद्देश्य सभी वर्गों के छात्रों के लिए सामान अवसर प्रदान करना है। दिल्ली सरकार के मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने इस योजना की घोषणा की है। योजना के तहत अब सभी पात्र छात्रों की कोचिंग पर रुपये १ लाख तक की राशि खर्च की जाएगी।

योजना: जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना (जे बी एम् पी वी वाय )
लाभ: छात्रों के लिए मुफ्त कोचिंग और छात्रवृत्ति
लाभार्थी: दिल्ली में कक्षा दसवीं से बारवी में पढ़ने वाले छात्र
राज्य: दिल्ली
आधिकारिक वेबसाइट: scstwelfare.delhigovt.nic.in

पात्रता:

  • योजना केवल दिल्ली में पढ़ने वाले छात्रों के लिए लागु है
  • योजना अनुसूचित जाती/जनजाति (एस सी/एस टी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और आर्थिक रूप से कमजोर (इडब्ब्लुएस) वर्ग के छात्रों के लिए ही है
  • आय सीमा: ऐसे छात्र जिनकी पारिवारिक आय ८ लाख से काम है वही इस योजना के लिए पात्र है
  • योजना केवल कक्षा दसवीं से बारवीं पास और बारवी में पढ़ने वाले छात्रों के लिए है

लाभ:

  • मुफ्त कोचिंग: छात्रों को सरकार द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम के लिए मुफ्त कोचिंग
  • छात्रवृत्ति: प्रति माह २,५०० रुपये छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाएगी

योजना के अंतरगत आने वाले पाठ्यक्रम:

  • संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित ग्रुप ए और बी परीक्षा कर्मचारी चयन आयोग (SSC), विभिन्न रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) और न्यायिक सेवा परीक्षा
  • राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित ग्रुप ए और बी परीक्षा
  • बैंकों, बीमा कंपनियों और सार्वजनिक क्षेत्र द्वारा आयोजित अधिकारियों की ग्रेड परीक्षाएँ उपक्रम (पीएसयू)
  • इंजीनियरिंग (आईआईटी-जेईई और एआईईईई) में प्रवेश के लिए प्रीमियर प्रवेश परीक्षा, मेडिकल (एआईपीएमटी), प्रबंधन जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रम (कैट) और कानून (CLAT)

कैसे करे आवेदन?

  • जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना के आवेदन के लिए सरकार द्वारा निर्धारित कोचिंग संस्थानो पर आवेदन करना होगा। सरकार द्वारा निर्धारित कोचिंग संस्थानो के सूचि के लिए यहाँ क्लिक करे
  • आवेदन पत्र को पूरी तरह भरे और सेण्टर पर ही जमा करें
  • आवेदन की स्थिति की जानकारी, मुफ्त कोचिंग और छात्रवृत्ति आपको कोचिंग सेण्टर ही प्रदान करेगा

जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना की अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे।

मेघालय जनजातीय छात्र पुस्तक अनुदान (पोस्ट मैट्रिक शिक्षा) योजना

अनुसूचित जाती और अनुसूचित जनजाती छात्रों के लिए मेघालय जनजातीय छात्र पुस्तक अनुदान (पोस्ट मैट्रिक शिक्षा) योजना मेघालय राज्य सरकार (सामाजिक न्याय और कल्याण मंत्रालय) अनुसूचित जाती और अनुसूचित जनजाती विकास और अल्पसंख्यक और अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा शुरू की गई है। योजना का मुख्य उद्देश्य मेघालय के  मेधावी आदिवासी छात्रों को वित्तीय सहायता देना है, जो मेघालय राज्य सहित भारत में किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान में तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के अलावा अन्य पाठ्यक्रमों में उनके अध्ययन के लिए आवश्यक पुस्तकों की खरीद के लिए है। योजना के तहत छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह योजना अधिसूचित अनुसूचित जाती और अनुसूचित जनजाती  समुदायों के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएंगी ताकि उच्च शिक्षा में उनकी प्राप्ति की दर बढ़ाने और शिक्षा के माध्यम से उनकी रोजगार और सशक्तीकरण को बढ़ाने के लिए बेहतर अवसर प्रदान कर सकें और अनुसूचित जाती और अनुसूचित जनजाती समुदायों की आर्थिक स्थिति और सामाजिक स्तीथी मजबूत हो  सके।(In English)
                                                           Meghalaya-Tribal-Student-Book-Grant-Post-Matric-Education (In English):
मेघालय आदिवासी छात्रों के पुस्तक अनुदान के लाभ:
  • अनुसूचित जाती और अनुसूचित जनजाती छात्रों को मेघालय जनजातीय छात्र पुस्तक अनुदान सहायता के रूप में प्रदान करता है। छात्रों की आवश्यकता के अनुसार छात्रवृत्ति की दरें नीचे उल्लिखित हैं:
  • ११ वी – १२ वी कक्षा (कला / वाणिज्य) ५०० रुपये की दर से।
  • ११ वी – १२ वी कक्षा (विज्ञान) ७०० रुपये की दर से।
  • पदवी  (कला / वाणिज्य) ६०० रुपये की दर से।
  • पदवी  (कला / वाणिज्य) ७५० रुपये की दर से सम्मान।
  • पदवी (विज्ञान) ९०० रुपये  की दर से
  • पदवी (विज्ञान) १००० रुपये  की दर से सम्मान।
  • स्नातकोत्तर (कला / वाणिज्य) ९०० रुपये की दर से।
  • स्नातकोत्तर (विज्ञान) १,२०० रुपये की दर से।
  • अनुसंधान-२  एम.फिल, एम लिट, पीएच.डी.  १,५०० रुपये की दर से।
मेघालय आदिवासी छात्रों की पुस्तक अनुदान लागू करने के लिए आवश्यक पात्रता और शर्तें:
  • उम्मीदवार मेघालय राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए, जो खासी-जयंतिया या गारो समुदाय से संबंधित है या ऐसे जनजाति (समुदाय), समुदाय (संबंध) से संबंधित कोई भी छात्र इस  योजना के लिए पात्र है।
  • उम्मीदवार को बोर्ड / विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित पूर्ववर्ती परीक्षा में कुल ६०  प्रतिशत अंक प्राप्त करने चाहिए।
  • मेघालय सहित भारत के किसी भी स्थान पर किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रम के अलावा अन्य अध्ययन का पाठ्यक्रम नियमित होना चाहिए।
  • वह सरकार के अधीन किसी भी क्षमता में कार्यरत नहीं होना चाहिए
मेघालय आदिवासी छात्रों के पुस्तक अनुदान को लागू करने के लिए आवश्यक दस्तावेज:
  • जाति प्रमाण पत्र
  • पासपोर्ट के आकार की तस्वीर
  • मूल निवासी प्रमाण पत्र
  • ग़ैर आपराधिक प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र
  • निवास प्रमाण पत्र
  • आधार कार्ड
  • बैंक का विवरण आईएफएससी कोड, एमआईसीआर कोड, खाता नंबर , खाता धारक का नाम, शाखा का नाम
  • स्कूल की मार्क शीट और प्रमाण पत्र
  • वास्तविक प्रमाण पत्र
आवेदन की प्रक्रिया:
  • राज्य के भीतर पढ़ने वाले छात्रों को अपने संबंधित संस्थानों से आवेदन पत्र (नए सिरे से) एकत्र करने होंगे , जबकि राज्य के बाहर पढ़ने वाले छात्र अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय से आवेदन पत्र जमा कर सकते है।
  • आवेदन पत्र जमा करने वाले सभी छात्रों को सॉफ्ट कॉपी के साथ जमा करना होंगा।
  • छात्रों को संस्थान के प्रमुख को सभी दस्तावेजों के साथ आवेदन पत्र जमा करना चाहिए।
संपर्क विवरण:
  • लाभार्थी  उस संस्थान से संपर्क कर सकता है जहां से  वह शिक्षा प्राप्त  रहा है।
  • उम्मीदवार अनुसूचित जाती और अनुसूचित जनजाती विकास और अल्पसंख्यक और अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग से संपर्क कर सकते है।
संदर्भ और विवरण:

एपीजे अब्दुल कलाम अमृत योजना:

महाराष्ट्र सरकार ने आदिवासी क्षेत्रों के गर्भवती और  स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पौष्टिक भोजन प्रदान करने के लिए एपीजे अब्दुल कलाम अमृत योजना को मंजूरी दी है। मुंबई में महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फड़नवीस की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं के बच्चे की वृद्धि अपने चरम पर हो तो गर्भवती महिलाओं को पोषक आहार प्रदान करके आदिवासी बच्चों के कुपोषण पर अंकुश लगाना है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को उसके बच्चे के बेहतर विकास के लिए पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है। यह योजना महाराष्ट्र राज्य सरकार के आदिवासी विकास विभाग की एक पहल है। एपीजे अब्दुल कलाम अमृत योजना राज्यों के आदिवासी आबादी वाले १६ जिलों में लागू की जाएंगी। इस योजना को महिला और बाल कल्याण विभाग के तहत आने वाले आंगनवाड़ियों द्वारा लागू किया जाएंगा। यह योजना आदिवासी महिला को गर्भावस्था के तीसरे महीने से उसकी पसंद का मुफ्त और पौष्टिक गरम पका हुआ भोजन हर दिन प्रदान करती है, जिसे महिला के प्रसव के तीन महीने बाद तक जारी रखा जाएगा ताकि बच्चे स्वस्थ रहें। इस योजना के तहत लाभार्थी महिला को खाने में भाकर / रोटी, चावल, दाल, हरी सब्जियां (आयोडीन युक्त नमक में पकाया जाएंगा), गुड़, मूंगफली के लड्डू और उबले अंडे,केला, नचनी का हलवा और सोया दूध प्रदान किया जाएंगा।

                                                                                                APJ Abdul Kalam Amrut Yojana (In English)

एपीजे अब्दुल कलाम योजना का लाभ:

  • लाभार्थी महिला की भोजन निःशुल्क प्रदान किया जाएगा।
  • लाभार्थी महिला को गरम और पका हुआ भोजन प्रदान करने की प्राथमिकता के ऊपर ध्यान रखा जाएंगा।
  • महिलाओं को गर्भावस्था के तीसरे महीने से प्रसव के बाद के तीन महीने की अवधि यानी छह महीने के अवधि तक भोजन प्रदान किया जाएगा।
  • महिला को भोजन में दाल, चावल, फल, सब्जियां और दूध की आपूर्ति के साथ उबले अंडे प्रदान किये जाएंगे।
  • इस योजना के माध्यम से पहले साल में १.९ लाख से अधिक महिलाओं को लाभ प्रदान किया जाएंगा।
  • इस योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं को पौष्टिक भोजन प्रदान किया जाएंगा।

एपीजे अब्दुल कलाम योजना का उद्देश्य:

जब बच्चे की वृद्धि अपने चरम पर हो तो ६ महीने तक गर्भवती महिलाओं को पोषण प्रदान किया जाएंगा ताकि आदिवासी बच्चों के कुपोषण पर अंकुश लगाया जा सके।

 एपीजे अब्दुल कलाम योजना का कार्यान्वयन:

  • आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आदिवासी महिलाएं और स्थानीय भोजन समितियां इस योजना को लागू करेंगी।
  • महिला और बाल कल्याण विभाग की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को वजीफा देने के लिए १० करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे।
  • इस योजना का क्रियान्वयन जनजातीय आबादी वाले १६ जिलों में किया जाएगा।
  • १६ जिलों के प्रत्येक आदिवासी गांवों में चार सदस्यीय भोजन समिति का गठन किया जाएगा।
  • एक महिला पंचायत सदस्य समिति की प्रमुख होंगी और इस समिति में दो गर्भवती या स्तनपान कराने वाली माता और एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शामिल रहेंगी।
  • लाभार्थी महिलाओं को २२ रुपये का भोजन प्रदान करने के लिए प्रति वर्ष ७५ करोड़ रुपये की लागत लगेंगी।
  • इस योजना के क्रियान्वयन से यह सुनिश्चित होगा कि शिशुओं को स्तनपान की अवधि के दौरान शिशुओं लाभ होगा, जो अंततः में राज्य के आदिवासी बच्चों के कुपोषण को रोकने में मदत करेगा।

एपीजे अब्दुल कलाम अमृत योजना के तहत भोजन परोसें:

  • लाभार्थियों की सुविधा के अनुसार आंगनवाड़ी केंद्र में पौष्टिक भोजन परोसा जाएगा। इसमें कुछ अवसरों पर दाल, फल, सब्जियां, चावल और उबले अंडे और दूध प्रदान किया जाएंगा।

संदर्भ और विवरण:

 

 

कायापलट अभियान और अटल आरोग्य वाहिनी-आदिवासी जीवनदायिनी: एक योजना आदिवासियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए-

महाराष्ट्र राज्य सरकार ने जनजातीयों (आदिवासी) के जीवन स्तर में सुधार के लिए राज्य में  कायापलट अभियान और अटल आरोग्य वाहिनी-आदिवासी जीवनदायिनी योजना सुरु की है।महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडानविस ने कायापलट अभियान को शुरू किया है और अटल आरोग्य वाहिनी- आदिवासी जीवादायनी को ध्वजांकित किया है।

                   Kayapalat Abhiyan & Atal Arorya Vahinu-Adivasi Heevandayini Scheme (In English)

कायापलट अभियान (परिवर्तन अभियान):

महाराष्ट्र राज्य के जनजातीय छात्रों के शिक्षा सुविधाओं में सुधार के लिए महाराष्ट्र सरकार की एक योजना है। सभी जनजातीय विद्यालय (आश्रम शाला), सरकारी आवासीय विद्यालय राज्य भर में एकलव्य विद्यालयों के साथ एक जीवंत शिक्षण का वातावरण बनाया जाएगा। इस योजना से महाराष्ट्र राज्य में २.५  लाख जनजातीय छात्रों को फायदा होगा।इस योजना के माध्यम से महाराष्ट्र राज्य के ५०२ सरकारी सहायता प्राप्त आवासीय विद्यालय, १४ एकलव्य स्कूल और ४९१ सरकारी छात्रावास को बेहतर शिक्षा सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

अटल आरोग्य वाहिनी-आदिवासी जीवनदायिनी: आदिवासी जाती के लाभार्थी को स्वास्थ्य देखभाल के लिए एम्बुलेंस सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। अटल आरोग्य वाहिनी-आदिवासी जीवनदायनी योजना मुख्य रूप से आदिवासी छात्रों को नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वास्थ्य देखभाल सेवा प्रदान करेगी। उनके स्वास्थ्य के बारे में सारी जानकारी केंद्रीकृत डेटाबेस में संग्रहीत की जाएगी। एम्बुलेंस में पूरी तरह सुसज्जित चिकित्सा सुविधा होंगी जो निम्नलिखित सेवाएं को प्रदान करेगी:

आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं प्रदान  की जाएंगी।

एआरएआई प्रमाणित बुनियादी जीवन समर्थन एम्बुलेंस उपलब्ध की जाएंगी।

एम्बुलेंस २४x७  उपलब्ध रहेंगी।

एम्बुलेंस में विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूत रहेंगे।

लाभार्थी को उपचार के बारे में स्वास्थ्य सलाह प्रदान की जाएंगी।

प्रत्येक एम्बुलेंस में बुनियादी जीवन समर्थन (बीएलएस) प्रणाली, २ डॉक्टर और १ स्वास्थ्य सहायक उपस्थित रहेंगे।

एम्बुलेंस में दवाइयों और इंजेक्शन का सामान बुनियादी उपचार के लिए रहेंगा।

आदिवासी क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में सुसज्जित औषधालय स्थापित किया जाएंगा। सभी स्वास्थ्य अभिलेख (रिकॉर्ड) स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली (एचएसआईएस) में संचित किये जाएंगे और डिजिटल स्वास्थ्य कार्ड मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से उपलब्ध किए जाएंगे।

इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य दूरदराज क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सेवाएं प्रदान करना है। सरकार ने जनजातियों का समर्थन करने के लिए ४८  समूह बनाए है। प्रत्येक समूह में ४ से ६ आश्रम शाला और एक एकलव्य स्कूल होगा। सरकार ने प्रत्येक समूह के लिए ४८  एम्बुलेंस प्रदान किये है। प्रत्येक छात्र को डिजिटल स्वास्थ्य कार्ड दिया जाएगा जिसमें उनके स्वास्थ्य जांच-अप अभिलेख (रिकॉर्ड) के बारे में सभी विवरण होंगे।

संबंधित योजनाएं:

महाराष्ट्र में आदिवासी स्वास्थ्य देखभाल

आदिवासी स्वास्थ्य जांच

आदिवासी आश्रम शाला

आदिवासी एकलव्य स्कूल

 

मो मशारी योजना ओडिशा: मलेरिआ से गर्भवती महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए मुफ्त मच्छर नेट

ओडिशा राज्य सरकार (स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय) द्वारा मलेरिया से गर्भवती महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा और रक्षा करने के लिए मो मशारी (माई मच्छर नेट / मुफ्त मच्छर नेट) योजना की शुरवात की है। मलेरिया और इसकी संबंधित समस्याएं जैसे एनीमिया, गर्भपात और वजन कम होना आदि समस्याएं को योजना के माध्यम से कम किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को ५०% तक मलेरिया की विकृति को कम करना है।

Mo Mashari Scheme (In English)

ओडिशा सरकार ने नवंबर २००९ में पांच जनजातीय जिलों केंजर, कंधमाल, रायगडा, नवरंगपुर और मलकांगिरी में मो मशारी (माई मच्छर नेट) योजना की शुरुआत की है, कोरापुट और कालाहांडी जिलों में उच्च मलेरिया की घटनाएं घटी थीं तो उन दो जिलों को योजना में शामिल किया गया। यह एक नई विशिष्ट पहल है और हर माँ और गर्भवती महिलाओं के बीच मलेरिया जैसी बीमारी को कम करने में मदद करती है। ओडिशा राज्य की स्थायी निवास महिलाएं इस योजना का लाभ ले सकती है और खुद और उसके बच्चे को मलेरिया और अन्य संबंधित बीमारियों से रक्षा कर सकती है।

ओडिशा स्वास्थ सेवाएं हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर
१०८ / ईमेल: orhealth@nic.in

मो मशारी योजना के लाभ:

  • मलेरिया से हर गर्भवती महिलाओं को बचाने के लिए मो मशारी योजना लाभ प्रदान करती है जिसके परिणाम स्वरूप मलेरिया से माँ और गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा प्रदान की जाती है।
  • मलेरिया और अन्य संबंधित बीमारियों से बचाने के लिए आवश्यक टीकाकरण, मुफ्त मच्छर नेट इत्यादि इस योजना के तहत प्रदान किया जाता है।
  • इस योजना के माध्यम से मलेरिया जैसे रोगों को कम किया जाएगा और बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में मदत की जाएगी।
  • गर्भावस्था के दौरान महिलाओं की स्वास्थ्य की सुरक्षा इस योजना के माध्यम से की जाएगी।
  • इस योजना के तहत उच्च मलेरिया जिलों में  टिकाऊ मच्छर नेट एलएलआईएन ( लॉन्ग लास्टिंग इन्सेक्टीसायडल नेट) प्रदान की जाएगी।
  • ८४ % से अधिक पात्र  गर्भवती महिला को वितरण क्षेत्र में एलएलआईएन (लॉन्ग लास्टिंग इन्सेक्टीसायडल नेट) द्वारा  सुरक्षित किया  गया है ।
  • टिकाऊ मच्छर नेट एलएलआईएन (लॉन्ग लास्टिंग इन्सेक्टीसायडल नेट) आंगनवाड़ी केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य, गांव स्वास्थ्य केंद्र से और पोषण दिवस, टीकाकरण दिवस, प्रसवपूर्व जांच या अन्य उपयुक्त  उपक्रमों  से दी जाएगी।

मो मशारी योजना के लिए पात्रता और आवश्यक शर्तें:

  • गर्भवती महिला आदिवासी जिलों जैसे कालाहांडी, कंधमाल, केंजर, कोरापुट, रायगडा, नवरंगपुर और मलकांगिरी  जैसे साथ उच्च मलेरिया घटना आदिवासी जिलों की निवासी होनी चाहिए।
  • इन सात उपरोक्त जिलों के आदिवासी जनजातीय विद्यालयों के रहिवासी पात्र हैं।
  • आवेदक महिला ओडिशा राज्य के स्थायी निवासी होनी चाहिए।

आवश्यक दस्तावेज

  • बीपीएल राशन कार्ड,
  • पहचान पत्र,
  • निवास प्रमाण पत्र,
  • आधार कार्ड

मो मशारी योजना आवेदन फॉर्म और आवेदन की प्रक्रिया:

  • योजना के आवेदन नजदीकी आंगनवाड़ी में किये जा सकते है।
  • आवेदक महिलाये आंगनवाड़ी करायलयो में जाकर फॉर्म भरे और डाक्यूमेंट्स जमा कराये।

अन्य महत्वपूर्ण योजनाए:

बिहार छात्र क्रेडिट कार्ड योजना (बिएससीसीवाई- सात निश्चय कार्यक्रम): छात्रोकों शिक्षा के लिये वित्तिय सहायता एवं ऋण योजना

बिहार सरकार ने प्रमुख ७ निश्चय  कार्यक्रम के तहत राज्य के छात्रों के लिए बिहार छात्र क्रेडिट कार्ड योजना की घोषणा की है. इस योजना के माध्यम से बिहार में उच्च शिक्षा के लिए गरीब छात्रों को वित्तीय सहयता प्रदान की जाएगी।

७ निश्चय  कार्यक्रम क्या  है?

यह बिहार  राज्य के मुख्यमंत्री श्री नीतिश कुमार द्वारा बिहार के विकास के लिए शुरू किया गया एक प्रमुख कार्यक्रम है जिस के तहत  बिहार राज्य मे सुशाशन प्रदान  किया जाएगा. कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य में युवाओं को सशक्त बनाना और अध्ययन और नौकरी या स्वयंरोजगार के अवसरों के दौरान उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान करना है.

बिहार छात्र क्रेडिट कार्ड योजनाहै क्या है?

बिहार राज्य मे छात्र १२ वी पास होने पर छात्र वित्तीय सीमाओ के कारण उच्च शिक्षा का खर्च नहीं उठा सकते इस लिए बिहार राज्य सरकार ने छात्रों को योजना के तहत वित्तीय सहायता प्रदान करेंगी. ईस योजना के तहत छात्र को उच्च शिक्षा के लिए बैंक से  ऋण  दिया जाएगा. बिहार छात्र क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से  राज्य मे सुशाशन प्रदान किया जाएगा.

बिहार छात्र क्रेडिट कार्ड योजना उद्देश्य:

  • बिहार छात्र क्रेडिट कार्ड योजना के तहत छात्र को एजुकेशनल ऋण  प्रदान किया जाएगा.
  • इस योजना के माध्यम से अगले ५ साल मे ५ लाख से ९ लाख छात्र  की भर्ती की जाएगी  
  • छात्र ने बैंक से लिया ऋण चुकाने में सक्षम नही रहने पर  छात्र को व्याज और  दंड  का भुगतान करना होगा.
  • बिहार छात्र क्रेडिट कार्ड योजना  के तहत छात्र को अधिकतम लाख रुपये तक  बैंक से ऋण दिया जाएगा
  • बैंक  पात्र छात्रों को कितने भी रुपये का ऋण दे  सकती है लेकिन केवल ४ लाख  रूपए बिहार छात्र क्रेडिट कार्ड योजना के तहत कवर किया जाएगा

बिहार छात्र क्रेडिट कार्ड योजना बिहार छात्र क्रेडिट कार्ड योजना (बि एस सी सी वाय – सात निश्चय कार्यक्रम)  के लिए पात्रता और  कौन आवेदन कर सकता है?

  • छात्र बिहार राज्य का निवासी होना चाहिए
  •  छात्र  १२ वी कक्षा मे पढ़ रहा हो या तो १२ वी कक्षा उतीर्ण होना चाहिए
  • छात्र  सरकार मान्य अधिकृत स्कूल मे पढ़ रहा है वह योजना के लिए आवेदन कर सकता है  
  • गरीब छात्र जो उच्च शिक्षा का खर्च नहीं उठा सकते और उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते है  उन्हे योजना के माध्यम से मदत की जाएगी  
  • बिहार छात्र क्रेडिट कार्ड योजना के तहत छात्र को बीए , बीएससी, इंजीनियरींग, एमबीबीएस, लॉ आदि व्यवसायिक और तकनिकी पाठ्यक्रम के लिए ऋण दिया जाएगा
  • आयु सीमा: आवेदक की उम्र आवेदन करते समय  २५ वर्ष से अधिक नही होनी चाहिए
  • लाभार्थी पहले से ही योजना के तहत डिग्री प्राप्त कर रहा है  वह लाभार्थी दूसरी डिग्री के लिए योजना का लाभ प्राप्त नही कर सकता है 
  • लाभार्थी ने बीच मे शिक्षा छोड़ देने पर लाभार्थी को शेष ऋण राशि प्राप्त नहीं होंगी

बिहार छात्र क्रेडिट कार्ड योजना  बिएससीसीवाई)  लागू करने के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • १० वी और १२ वी का  प्रमाण पत्र 
  • प्रवेश प्रमाण पत्र
  • आवेदक के माता और पिता का पासपोर्ट फोटो
  • परिवार के आय प्रमाण पत्र (फॉर्म नंबर १६)
  • २ साल आयकर रिटर्न
  • बैंक का पिछले ६ महिने का बैंक स्टेटमेंट   
  • आधार कार्ड
  • पहचान  प्रमाण पत्र
  • आयकर और संपत्ति कर भुगतान की रसीद
  • बिहार छात्र क्रेडिट कार्ड योजना का आवेदन पत्र

बिहार छात्र क्रेडिट कार्ड योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करे?

  • लाभार्थी बिहार छात्र क्रेडिट कार्ड योजना के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करने के लिए मोबाइल एप्लीकेशन का उपयोग कर  सकता है 
  • पंजीकरण करने के बाद ओटीपी ईमेल/ पंजीकृत मोबाइल के माध्यम से प्रदान किया जाएगा
  • पंजीकृत आईडी और पासवर्ड के साथ लाभार्थी  प्रवेश करे
  • लाभार्थी अपनी सभी आवश्यक जानकारी प्रदान करे
  • लाभार्थी सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करे
  • आवेदन जमा करे और रसीद डाउनलोड करने के बाद इसे भविष्य के सन्दर्भ  के लिए संभालकर रखे.

बिहार छात्र क्रेडिट कार्ड योजना टोल फ्री हेल्पलाइन / टोल फ्री नंबर:

१८०० ३४५ ६४४४

अधिक जानकारी और विवरण:

अनुसूचित जाती / जनजाति / अन्य पिछड़ा वर्ग / अल्पसंख्यांक छात्रवृत्ती: पहली से बारवीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र/छात्राओं के लिए – योग्यता, आवेदन पत्र, फायदे और आवेदन की प्रक्रिया

Scholarship/Merit Scholarship (Class 1 to 12) (read in english)

कक्षा पहली से बारवी में पढ़ने वाले अनुसूचित जाती / जनजाति / अन्य पिछड़ा वर्ग / अल्पसंख्यांक के छात्रों के लिए केंद्र सरकार द्वारा छात्रवृत्ती दी जाती है| इस छात्रवृत्ति का उद्देश्य पिछड़े वर्ग का उत्थान और विकास करना और साथ ही उन्हें सामान सुविधाएं/अवसर उपलब्ध करना है| पिछड़े वर्ग से कई विद्यार्थी गरीबी से कारन पढ़ नहीं सकते है| इस छात्रवृत्ति के तहत बच्चो को आर्थिक अनुदान दिया जायेगा जिससे वह पढ़ सके|

एससी / एसटी/ ओबीसी / मिन छात्रवृति (१ ली से १२ वी कक्षा) के लाभ:

  • अनुसूचित जाति/जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग (१ ली से ३ री कक्षा): ईस श्रेणी के छात्रो को छात्रवृति की राशि किसी भी मार्क की आवश्कता नही है और छात्र को १००० रूपए प्रति वर्ष राशि प्रदान की जाएगी|
  • अन्य पिछड़ा वर्ग (६ वी से ८ वी कक्षा): छात्रो जिसको ५५% से ६०% के बिच अंक प्राप्त करने पर ६०० रूपए छात्रवृति प्रदान की जाएगी और ६०% ज्यदा अंक प्राप्त करने पर ७२० रूपए छात्रवृति प्रदान की जाएगी|
  • एससी / एसटी / ओबीसी / मिन (९ वी और १० वी कक्षा): ५५% से ६०% के बिच अंक प्राप्त करने वाले छात्रोको १,६२० रूपए छात्रवृति प्रदान की जाएगी और ६०% ज्यदा अंक प्राप्त करने पर २,०४० रूपए छात्रवृति प्रदान की जाएगी|
  • एससी / एसटी / ओबीसी / मिन (११ वि और १२ वी कक्षा): छात्रो जिसको ५५% से ७०% के बिच मार्क प्राप्त करने पर ३००० रूपए छात्रवृति प्रदान की जाएगी और ७०% ज्यदा मार्क प्राप्त करने पर ४५०० रूपए छात्रवृति प्रदान की जाएगी|

एससी / एसटी/ ओबीसी / मिन छात्रवृति(१ ली से १२ वी कक्षा) के लिए पात्रता:

  • आवेदक अनुसूचित जाति / जनजाति / अन्य पिछड़ा वर्ग / अल्पसंख्यक वर्ग से होना चाहिए
  • आवेदक दिल्ली का निवासी होना चाहिए, पिछले तीन वर्ष मे दिल्ली मे के रहने वाला होना चाहिए
  • अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारो को छात्रवृति पाने के लिए कोई आय सीमा नही है
  • ओबीसी उम्मीदवारो के परिवार की वार्षिक आय २ लाख रूपए प्रति वर्ष के निचे होना चहिए
  • बैंक खाता छात्र के नाम पर होना चाहिए (संयुक्त खाते को अनुमति दी जाती है)

आवश्यक दस्तावेज:

  • आवेदन पत्र
  • निवासी प्रमाण पत्र (महाकाव्य कार्ड, आधार कार्ड नंबर, राशन कार्ड,एमटीएनएल द्वरा लैंडलाइन टेलीफोन बिल, GNCTD द्वारा जारी किया गया ड्राइविंग लाइसेंस, अधिवास प्रमाण पत्र या राष्ट्रीय बैंक का पासबुक
  • छात्र / पिता के नाम का जाति प्रमाण पत्र (अनुसूचित जाति / जनजाति / अन्य पिछड़ा वर्ग) एसडीएम / उपयुक्त द्वारा जारी की सत्यापित प्रतिलिपि होना जरूरी है.
  • अल्पसंख्यक छात्रों के लिए १० रूपए स्टाम्प पेपर पर माता-पिता/ अभिभावक द्वारा घोषणा पत्र
  • माता-पिता/अभिभावक सरकारी कर्मचारी होने पर वेतन पर्ची की जरुरत होगी. और स्वरोजगार या निजी काम कर रहा है तो दिल्ली के एसडीएम द्वारा आय प्रमाण पत्र
  • मूल शुल्क रसीद
  • पिछले साल की मार्कलिस्ट
    गैर आपराधिक प्रमाण पत्र
  • आधार कार्ड

आवेदन पत्र:
आवेदन पत्र के लिए अपनी आधिकरिरक वेबसाइट पर सभी जानकारी उपलब्ध है । हर साल आवेदन पत्र नए सिरे जारी किए जाएगे. छात्र अपना प्रपत्र संबंधित प्रिंसिपल/स्कूल मे प्रस्तुत करे. आवेदन पत्र निचे दिए गए लिंक पर उपलब्ध है|

योजना के बारे मे अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे:

  • स्कूलों
  • एसडीएम कार्यालय
  • एससी / एसटी / ओबीसी / अल्पसंख्यक, बी- ब्लॉक, दूसरा मंजिल,विकास भवन, पी एस्टेट,नई दिल्ली-११०००२

अधिक जानकारी और विवरण: