स्टार्टअप्स के लिए समृद्ध योजना

२५ अगस्त, २०२१ को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने अपने प्रारंभिक चरण में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए उत्पाद नवाचार, विकास और विकास के लिए एमईआईटीवाई के स्टार्ट-अप एक्सेलेरेटर्स को लॉन्च किया। यह योजना मुख्य रूप से अगले ३ वर्षों में लगभग ३०० भारतीय सॉफ्टवेयर उत्पाद स्टार्ट-अप को गति देने पर केंद्रित है। इस योजना के तहत स्टार्ट-अप को वर्तमान मूल्यांकन के आधार पर ४० लाख रुपये का वित्तीय निवेश प्रदान किया जाएगा। धन के अलावा स्टार्ट-अप को आगे बढ़ने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण और कौशल सेट मिलेगा, यह स्टार्ट-अप को निवेशकों, सलाहकारों और ग्राहकों के नेटवर्क तक पहुंच प्रदान करता है ताकि उन्हें सफल होने में सहायता मिल सके। यह योजना राज्य में एक मजबूत स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में योगदान देगी।

अवलोकन:

योजना स्टार्टअप्स के लिए समृद्ध योजना
योजना के तहत केंद्र सरकार
द्वारा लॉन्च किया गया इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव
लॉन्च की तारीख २५ अगस्त, २०२१
द्वारा कार्यान्वित एमईआईटीवाई स्टार्ट-अप हब (एमएसएच)
लाभार्थी भारतीय सॉफ्टवेयर उत्पाद स्टार्ट-अप
लाभ ४० लाख रुपये तक की निवेश सहायता, निवेशकों और सलाहकारों के नेटवर्क तक पहुंच आदि।
प्रमुख उद्देश्य देश में एक मजबूत स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए स्टार्ट-अप को प्रोत्साहित और तेज करना।

योजना के उद्देश्य और लाभ:

  • इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश में ३०० सॉफ्टवेयर उत्पाद स्टार्ट-अप का समर्थन करना है।
  • यह स्टार्ट-अप को ४० लाख रुपये तक की निवेश सहायता प्रदान करता है।
  • योजना स्टार्ट-अप को निवेशकों, सलाहकारों और ग्राहकों के नेटवर्क तक यह पहुंच प्रदान करेगी।
  • व्यवसाय में सफल होने के लिए आवश्यक कौशल सेट और प्रशिक्षण प्रदान करेगा।
  • स्टार्ट-अप को फलने-फूलने में यह मदद करता है।
  • यह योजना बढ़ी हुई उत्पादकता और नवाचार को भी सक्षम करेगी।
  • लंबे समय में, यह देश में बढ़ी हुई आर्थिक वृद्धि और विकास को प्रभावित करेगा।

योजना विवरण:

  • इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने २५ अगस्त, २०२१ को उत्पाद नवाचार, विकास और विकास के लिए एमईआईटीवाई के स्टार्ट-अप एक्सेलेरेटर्स समृद्ध का शुभारंभ किया।
  • यह योजना देश में सॉफ्टवेयर उत्पाद आधारित स्टार्ट-अप में तेजी लाने और बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है।
  • इस योजना से देश में लगभग ३०० स्टार्ट-अप को लाभ होता है।
  • स्टार्ट-अप को ग्राहकों, निवेशकों और सलाहकारों के नेटवर्क तक पहुंच के साथ-साथ मौजूदा मूल्यांकन के आधार पर ४० लाख रुपये तक का वित्तीय निवेश प्रदान किया जाएगा।
  • आवश्यक कौशल सेट भी प्रदान किए जाएंगे।
  • सरकार का लक्ष्य शुरुआती चरण में स्टार्ट-अप को समर्थन देना है जिसमें जोखिम भी शामिल है।
  • इससे स्टार्ट-अप्स को अपने व्यवसाय को बढ़ाने और सफल होने पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी।
  • देश में अधिक से अधिक स्टार्ट-अप के संचालन से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
  • यह योजना उत्पादकता बढ़ाने के लिए स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करेगी।
  • यह देश में स्टार्ट-अप का एक मजबूत आधार और पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करेगी।
  • पारंपरिक और साथ ही नए युग के उद्योगों में रोजगार प्रदान करने के केंद्र सरकार के मिशन में यह योगदान देगा।
traders & shopkeepers

मुख्यमंत्री व्यापारी सामुहिक निजी दुर्घटना बीमा योजना और मुख्यमंत्री व्यापारी क्षतिपुर्ति बीमा योजना

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहरलाल खट्टर ने व्यपारियो के लिए २ नयी योजनाओंकी शुरुआत की है। इस योजनाओंका नाम है मुख्यमंत्री व्यापारी सामुहिक निजी दुर्घटना बीमा योजना और मुख्यमंत्री व्यापारी क्षतिपुर्ति बीमा योजना। यह हरयाणा सरकार की छोटे व्यापारियों/कारोबारियों के लिए मुफ्त बिमा योजना है। योजना के तहत व्यपारियोंको सुरक्षित करने के लिए ५ लाख का मुफ्त बिमा और उनके व्यापर को सुरक्षित करने के लिए २५ लाख तक का मुफ्त बीमा प्रदान किया जायेगा। इस योजना पर सरकार ३८ करोड़ रुपये खर्च करेगी। हरयाणा सरकार दोनों योजनाओं के लिए प्रिमियम का भुगतान करेगी।

योजना: मुख्यमंत्री व्यापारी सामुहिक निजी दुर्घटना बीमा योजना और मुख्यमंत्री व्यापारी क्षतिपुर्ति बीमा योजना
लाभ: व्यपारियो के लिए ५ से २५ लाख तक का मुफ्त बिमा
लाभार्थी: हरियाणा स्तिथ व्यापारी
राज्य: हरयाणा
वर्ष: २०१९
बजट: ३८ करोड़

उद्देश्य:

  • छोटे व्यापारियों का जीवन सुरक्षित करना।
  • आपदाओमे होने वाले व्यापारिक नुकसान से बचाना और मदत करना।
  • छोटे व्यपारियों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना।

फायदे:

  • मुख्यमंत्री व्यापारी सामुहिक निजी दुर्घटना बीमा योजना: दुर्घटना से मृत्यु, स्थायी विकलांगता जैसे परिस्थिति में ५ लाख का मुफ्त जीवन बिमा
  • मुख्यमंत्री व्यापारी क्षतिपुर्ति बीमा योजना: आग, चोरी, बाढ़, भूचाल जैसे आपदाओमे होने वाले नुकसान के लिए ५ से २५ लाख का बिमा योजना

योग्यता:

  • योजनाए हरयाणा राज्य के व्यपारियो के लिए ही लागु है।
  • योजना जी एस टी पंजीकृत व्यापारियों के लिए ही लागु है।
  • मुख्यमंत्री व्यापारी सामुहिक निजी दुर्घटना बीमा योजना: यह योजना दुर्घटना से मृत्यु, स्थायी विकलांगता जैसे परिस्तिति में ही लागु है।
  • मुख्यमंत्री व्यापारी क्षतिपुर्ति बीमा योजना: यह योजना आग, चोरी, बाढ़, भूचाल जैसे आपदाओमे होने वाले नुकसान के लिए लागु है। योजना में बिमा की रकम कारोबार के टर्नओवर पर निर्भर है।
टर्न ओवर बिमा की रकम
२० लाख तक ५ लाख
२० से ५० लाख १० लाख
५० लाख से १ करोड़ १५ लाख
१ करोड़ से १.५० लाख तक २० लाख
१.५० लाख से उपर २५ लाख

 

कैसे करे आवेदन?

  • मुख्यमंत्री व्यापारी सामुहिक निजी दुर्घटना बीमा योजना और मुख्यमंत्री व्यापारी क्षतिपुर्ति बीमा योजना के लिए अलग से आवेदन की जरुरत नहीं है।
  • ऐसे सभी व्यापारी जिन्होंने जी एस टी के लिए पंजीकरण किया है वह सभी योजना में बिमा पात्र है।

हरियाणा में ३.१३ लाख छोटे और माध्यम व्यापारी है। उन सभी को इन योजना का लाभ दिया जायेगा।

MSME, micro, small, medium businesses, industries

क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी स्कीम (सी एल सी एस एस)

भारत सरकार द्वारा क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी स्कीम (सी एल सी एस एस) सुरु की गयी है। इस योजना के तहत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगोंमें प्रौद्योगिकी उन्नयन के लिए भारत सरकार १५% सब्सिडी देगी। योजना का प्रमुख उद्देश्य एम इस एम इ उद्योगोमे तकनिकी विकास को बढ़ावा देना और साथ ही उदपात को बढ़ाना है। भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्रालय द्वारा इस योजना की घोषणा की गयी है।

योजना: क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी स्कीम (सी एल सी एस एस)
सरकार: भारत सरकार
लाभार्थी: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग
लाभ: तकनीकी उन्नयन के लिए सब्सिडी
बजट: २,९०० करोड़ रुपये

उद्देश्य:

  • सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों में तकनीकी उन्नयन
  • छोटे उद्योगों के लगत को काम करना
  • इन उद्योगो से होनेवाले उदपात को बढ़ाना
  • देश से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगो के उदपात का निर्यात बढ़ाना
  • अर्थव्यवस्था का विकास करना

पात्रता:

  • सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग
  • भारत से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशोंमे लागु
  • उद्योगों के पास यु ए एम (UAM) होना आवश्यक है

लाभ:

  • तकनीकी उपग्रडेशन के लिए १५% कैपिटल सब्सिडी (१ करोड़ तक के निवेश के लिए)
  • एस सी / इस टी उद्यमियो के लिए अतिरिक्त १०% सब्सिडी

अधिक जानकारी:

मेधावी छात्रों के लिए निरंकारी छात्रवृत्ति योजना

संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन (एसएनसीएफ) ने मेरिट लिस्ट के आधार पर मेधावी छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए एक निरंकारी छात्रवृत्ति योजना शुरू की थी, जिससे उन्हें स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर व्यावसायिक और तकनीकी पाठ्यक्रमों को आगे बढ़ाने में उनकी ज़िन्दगी सक्षम बनाया जा सके। इस योजना ने योग्य, मेधावी और जरूरतमंद छात्रों की सहायता के लिए एक उद्देश्य और पारदर्शी तंत्र विकसित किया है। शैक्षणिक साल २०१५-१६ से छात्रवृत्ति योजना को “मेधावी छात्रों के लिए निरंकारी राजमाता छात्रवृत्ति योजना” नाम दिया गया है। यह छात्रवृत्ति योजना सभी छात्रों के लिए खुली है, जो पात्रता मानदंडों को पूरा करते है। छात्रवृत्ति राशि का ५० % लड़कियों के लिए आरक्षित है। हालाँकि, इस आरक्षित राशि का उपयोग अन्य छात्रों के लिए किया जा सकता है, अगर छात्राओं के कुल आवेदन से कम है।
                                                                                     Nirankari Scholarship For Meritorious Students (In English):
मेधावी छात्रों के लिए निरंकारी छात्रवृत्ति के लाभ:
  • कोई निश्चित राशि नहीं है जो छात्रवृत्ति पाने वाले प्रत्येक छात्र को भुगतान की जाएंगी।
  • यह राशि शिक्षा समिति, एसएनएफसीटी शिक्षा समिति, एसएनएफसी द्वारा निर्धारित की जाएगी, आर्थिक स्थिति, आवेदकों के परिवार की वित्तीय आवश्यकता का आकलन करेगी और छात्रवृत्ति की राशि तय होने के बाद ही प्रदान की जाएंगी।
  • आवेदन की ट्यूशन फीस छात्रवृत्ति के ५०% लड़कियों के लिए आरक्षित होगी।
मेधावी छात्रों के लिए निरंकारी छात्रवृत्ति लागू करने के लिए आवश्यक पात्रता और शर्तें:
  • आवेदक किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय का नियमित छात्र होना चाहिए।
  • सभी स्रोतों से शैक्षणिक संस्थान के परिवार की आय ३.५० लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • आवेदक के पास संस्थानों / कॉलेजों में राज्य / केंद्र सरकार द्वारा निम्नलिखित विषयों में से किसी भी विषय में प्रवेश के लिए प्रस्ताव होना चाहिए और १२ वी  कक्षा  की परीक्षा  में ९५ % अंक प्राप्त  होना चहिए।
  • इंजीनियरिंग के  किसी भी विषय में  स्नातक पदवी होनी चाहिए।
  • एलोपैथिक और / या आयुर्वेदिक और / या होम्योपैथिक में चिकित्सा में स्नातक पदवी होनी चाहिए।
  • एमबीए / पीजीडीएम।
  • आर्कीटेक्चर।
  • चार्टर्ड  अकाउंटेंसी लेकिन सीपीटी भारतीय  सनबाद से उत्तीर्ण किया होना चाहिए।
  • सीएफए  हासिल होना चाहिए।
  • पदवी परीक्षा में आहर्ता प्राप्त करने के बाद एलएलबी प्रवेश परीक्षा पास होना चाहिए।
मेधावी छात्रों के लिए निरंकारी छात्रवृत्ति लागू करने के लिए आवश्यक दस्तावेज:
  • विधिवत निर्धारित प्रारूप में भरे हुए आवेदन पत्र
  • पासपोर्ट  आकर की तस्वीर
  • नवीनतम  वेतन  पर्ची की  एक  प्रति और परिवार के सभी कमाऊ सदस्यों आई.टी. रिटर्न होना चाहिए।
  • प्रवेश पत्र / पत्र जिसके द्वारा आवेदक को विश्वविद्यालय / शैक्षणिक संस्थान द्वारा प्रवेश की पेशकश की गई है।
  •  सभी पूर्व शैक्षणिक परीक्षाओं के सभी वर्गों के परिणाम, परिणाम १० वी कक्षा के बाद के होना चाहिए।
  • विश्वविद्यालय द्वारा  आयोजित सभी  सेमिस्टर परीक्षा  की  उत्तीर्ण  की  गई  मार्कशीट होना चाहिए।
  • विश्वविद्यालय / संस्थानों द्वारा जारी नवीनतम शुल्क प्राप्तियों की प्रती होना चाहिए।
  • राशन कार्ड / आधार कार्ड / मतदाता पहचान  पत्र / पास-पोर्ट / पैन-कार्ड की प्रती या किसी अन्य निवास प्रमाण पत्र होना चाहिए।
  • पिछले ६  महीने का  माता या  पिता या स्वयं का बैंक खाते का विवरण होना चाहिए।
  • सभी दस्तावेजों, आवेदन पत्र के साथ प्रस्तुत किये गये प्रशंसापत्र स्वयं-सत्यापित होने चाहिए।
आवेदन की प्रक्रिया:
  • लाभार्थी  आवेदन  पत्र nirankarifoundation.org से डाउनलोड कर सकते है।
  • विधिवत भरे हुए आवेदन पत्र में सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ निम्नलिखित पते संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन, फर्स्ट फ्लोर, एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक, निरंकारी कॉम्प्लेक्स, निरंकारी चौक, बरारी रोड, दिल्ली इंडिया -११०००९  पर जमा करना होगा
संपर्क विवरण:
  • छात्र निम्नलिखित पते पर संपर्क कर सकते है: संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन, निरंकारी कॉलोनी, दिल्ली, इंडिया
  • टेलीफोन  नंबर: + ९१-११-४७६६०३८० , +९१-११-४७६६०२००
  • टेलीफोन: +९१-११-४७६६०३८०, + ९१-११-४७६६०२००
संदर्भ और विवरण:

महाराष्ट्र में मराठा छात्रों के लिए नि:शुल्क संघ लोक सेवा आयोग कोचिंग

महाराष्ट्र सरकार ने महाराष्ट्र राज्य के मराठा जाती के छात्रों के लिए नि:शुल्क संघ लोक सेवा आयोग कोचिंग योजना घोषणा की है। इस योजना के माध्यम से मराठा समुदाय के मेधावी छात्रों को १३,००० रुपये  प्रति माह मासिक वजीफे के साथ दिल्ली में यूपीएससी परीक्षा के लिए नि:शुल्क कोचिंग प्रदान की जाएंगी। सरकार प्रत्येक छात्रों को पर ४.३ लाख रुपये का खर्चा करेंगी। इस योजना के तहत २२५ मेधावी छात्रों का चयन किया जाएगा। वह सभी छात्रों को सिविल सेवा / आईएएस परीक्षा का नि:शुल्क कोचिंग प्रदान किया जाएंगा।

Free UPSC Coaching For Maratha  Students In Maharashtra (In English)

नि:शुल्क यूपीएससी कोचिंग

  • राज्य: महाराष्ट्र
  • लाभ: यूपीएससी परीक्षाओं के लिए नि: शुल्क कोचिंग

अन्य योजनाए: छात्रों के लिए छात्रवृतियोंकी सूचि

लाभ:

  • छात्रों को दिल्ली में यूपीएससी परीक्षा की नि:शुल्क कोचिंग।
  • छात्रों को १३,००० रुपये प्रति माह मासिक वजीफा प्रदान।

सरकार छात्रों के लिए नेट-एसईटी परीक्षा का कोचिंग केंद्र शुरू करने वाली है। मराठा समुदाय के छात्रों को नेट-एसईटी परीक्षा का कोचिंग प्रदान किया जाएंगा। सरकार छात्रों को दूरसंचार (टेली-कॉम) के क्षेत्र में प्रशिक्षण प्रदान करने पर काम कर रही है।

ब्याज मुक्त व्यवसाय ऋण योजना:

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के युवाओं के लिए ब्याज मुक्त ऋण योजना शुरू की है ताकि उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने में मदत मिल सके। राज्य के युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए १० लाख रुपये तक का व्यापार ऋण प्रदान किया जाएंगा और सरकार द्वारा ऋण के ब्याज की प्रतिपूर्ति की जाएंगी। महाराष्ट्र राज्य के २,८०० युवाओं को अब तक इस तरह का व्यापार ऋण मिला है और उन्होंने अपना व्यवसाय शुरू किया है। इस योजना के तहत राज्य में रोजगार निर्माण होने की उम्मीद है और इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। इस योजना को अब आगे बढ़ाया गया है। अब राज्य के युवाओं को सहकारी बैंकों से भी ऋण प्रदान किया जाएंगा। पहले ऋण केवल राष्ट्रीयकृत बैंकों से प्राप्त होता था।

अन्य योजनाए: महाराष्ट्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओंकी सूचि

महाराष्ट्र सरकार ने मराठा समुदाय से ईबीसी परिवारों के लिए १६% आरक्षण दिया है। आरक्षण नौकरिया और शिक्षा पर लागू होता है। छात्रों को शिक्षा शुल्क पर भी सब्सिडी दी जाती है।

युवाश्री अर्पण

पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में बेरोजगार युवाओं के लिए युवाश्री अर्पण योजना की घोषणा की है। योजना के तहत युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। पश्चिम बंगाल राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस योजना की घोषणा की है। इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य राज्य के युवाओं को स्वरोजगार और रोजगार निर्माण करने में मदत करना है। राज्य का छोटा मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग इस योजना को लागू करेगा। इस योजना से राज्य के ५०,०००  बेरोजगार युवाओं को लाभ प्रदान किया जाएंगा।

Yuvashree Arpan (In English)

युवाश्री अर्पण

  • राज्य: पश्चिम बंगाल
  • लाभ: व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता
  • लाभार्थी: युवा
  • द्वारा शुरू की: ममता बनर्जी

लाभ:

  • राज्य के युवाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए १ लाख रुपये की वित्तीय सहायता

पात्रता:

  • यह योजना केवल युवाओं के लिए लागू है
  • युवा पश्चिम बंगाल राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए
  • युवाश्री अर्पण के माध्यम से राज्य में उद्यमिता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है
  • उद्यमियों को रोजगार देने से राज्य में आर्थिक विकास होगा

युवाश्री अर्पन का आवेदन पत्र और आवेदन कैसे करें?

अभी सिर्फ इस योजना की घोषणा राज्य की मुख्यमंत्री ने की है। पात्रता मानदंड, आवेदन पत्र, आवेदन प्रक्रिया और चयन मानदंड जैसे सभी विवरणों की घोषणा की जानी बाकी है।

युवाश्री – पश्चिम बंगाल रोगजार बैंक: पंजीकरण / नामांकन, मॉक टेस्ट, नवीनतम नौकरियों की सूचि

पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार बैंक की पहल युवाश्री शुरू की है। राज्य के युवा नवीनतम नौकरियों की सूची युवाश्री  वेबसाइट www.employmentbankwb.gov.in पर देख सकते है। युवाश्री  वेबसाइट पर राज्य के युवा नौकरी प्राप्त करने के लिए स्वयं को नामांकित कर सकते है, नौकरियों के बारे में नवीनतम अपडेट प्राप्त कर सकते है, मेल खानी वाली नौकरी प्राप्त कर सकते है,  मॉक टेस्ट ले सकते है और नौकरियों के लिए आवेदन भी कर सकते है। बेरोजगार सहायता के लिए भी बेरोजगार पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते है।

यह योजना को मूल रूप से साल २०१३  में शुरू किया गया था और इस योजना को पहले युवा उत्सव प्रकल्प (वाईयुपी) कहा जाता था। अब युवा उत्सव प्रकल्प (वाईयुपी) योजना का नाम बदलकर युवाश्री योजना कर दिया गया है।

Yuvashree – Employment Bank By West Bengal (In English)

युवाश्री योजना / युवा उत्सव प्रकल्प (वाईयुपी)

  •  राज्य: पश्चिम बंगाल
  • लाभ: युवाओं के लिए रोजगार सहायता
  • लाभार्थी: बेरोजगार / नौकरी चाहने वाले
  • आधिकारिक वेबसाइट: www.employmentbankwb.gov.in

युवाश्री पोर्टल:

राज्य के नौकरी चाहने वाले युवा खुद को नामांकित कर सकते है।  नवीनतम नौकरियों के बारे में अद्यतन दर्ज कर सकते है। युवा मेल खानी वाली नौकरी प्राप्त कर सकते है।  नौकरियों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते है।  प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मॉक टेस्ट भी कर सकते है।  युवाओं को इस योजना के तहत विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण प्रदान दिया जाएंगा।युवाओं को उज्वल भविष्य के बारे में जानकारी प्रदान की जाएंगी। युवाओं को विभिन्न स्व-रोजगार योजना के बारे में जानकारी प्रदान की जाएंगी।

पोर्टल का उपयोग कंपनियों और संस्थानों द्वारा भी किया जा सकता है। कंपनियां (नौकरी प्रदाता) अपने पास मौजूद सभी नौकरी के पद युवाओं के लिए पोर्टल पर डाल सकती है। कंपनियों और संस्थान अपने मापदंड से मेल खाते हुए उम्मीदवार खोज सकते है। संभावित उम्मीदवारों के लिए नियोक्ता भी खोज सकते है। संस्थान अपने छात्रों का जानकारी पोर्टल पर अपलोड कर सकते है और उन्हें नौकरी के अवसर प्रदान कर सकते है।

युवाश्री योजना के लिए नामांकन कैसे करें?

  • युवाश्री पोर्टल पर ऑनलाइन नामांकन पर जाने के लिए यहां क्लिक करें

युवाश्री ऑनलाइन नामांकन (सोर्स: employmentbankwb.gov.in)

  • नामांकन आवेदन पत्र को पूरी तरह से भरें, व्यवसायिक अनुभव विवरण के साथ सभी व्यक्तिगत, शैक्षिक विवरण प्रदान करें
  • सभी शर्तें को स्वीकार करें और पंजीकरण पूरा करने के लिए “Submit” बटन पर क्लिक करे

युवाश्री के लिए नामांकन स्थिति की जांच कैसे करें?

  • नामांकन स्थिति पर जाने के लिए यहां क्लिक करें
  • सुरक्षा कोड के साथ-साथ अपनी नौकरी चाहने वाला युवा अपना आईडी दर्ज करे
  • Submit करें बटन पर क्लिक करें
  • आपकी नामांकन स्थिति दिखाई जाएंगी

ग्राम समृद्धि योजना (जीएसवाई)

भारत सरकार ने देश के असंगठित खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में मदत के लिए ग्राम समृद्धि योजना (जीएसवाई)  शुरू करने की योजना बना रही है। इस योजना को खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय लागू करेगा। कुटीर उद्योग, कृषि उत्पादक संगठन और व्यक्तिगत खाद्य निर्माण करने वाले यूनिट इस योजना से लाभान्वित किये जाएंगे।

Gram Samridhi Yojana (In English)

ग्राम समृद्धि योजना (जीएसवाई)

  • लाभ: वित्तीय सहायता, ऋण और ब्याज पर सब्सिडी
  • लाभार्थी: लघु / गृह-आधारित खाद्य प्रसंस्करण यूनिट
  • बजट: ३,०००  करोड़ रुपये

ग्राम समृद्धि योजना (जीएसवाई) का उद्देश्य:

  • लघु और मध्यम पैमाने पर खाद्य प्रसंस्करण यूनिट को मदत और प्रोत्साहित किया जाएंगा।
  • उन्हें आर्थिक रूप से मदत की जाएंगी।
  •  उनको वित्त और  ऋण तक आसानी से पहुँच प्रदान की जाएंगी।
  • कौशल विकास में उनकी मदत की जाएंगी, प्रौद्योगिकी उन्नयन और विस्तार किया जाएंगा।
  • उद्यमशीलता को प्रोत्साहित किया जाएंगा और युवा व्यवस्था को बढ़ावा देने में मदत की जाएंगी।
  • ग्रामीण क्षेत्र में अधिक नौकरियां प्रदान की जाएंगी ताकी भारत देश की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिल सके।

लाभार्थी:

  • गृह-आधारित लघु खाद्य प्रसंस्करण यूनिट
  • किसान उत्पादक संगठन
  • वैयक्तिक खाद्य प्रसंस्करण

लाभ:

  • लाभार्थी को ऋण तक आसानी से पहुँच प्रदान की जाएंगी।
  • प्रसंस्करण यूनिट को १० लाख रुपये तक के ऋण के लिए सब्सिडी प्रदान की जाएंगी।
  • ऋण के ब्याज पर सब्सिडी प्रदान की जाएंगी।

योजना मुख्य रूप से स्थानीय किसानों की मदत करेगी। इस योजना के माध्यम से सरकार का मुख्य उद्देश देश के किसानों की आय को दोगुना करनी है। ग्रामीण खाद्य प्रसंस्करण यूनिट स्थानीय कृषि उत्पाद, पैकेज और बाजार को संसाधित करेगी।

इस योजना के लिए विश्व बैंक द्वारा ५०% वित्त पोषित करेंगी। विश्व बैंक के तरफ से १,५०० करोड़ रुपये का निवेश ग्राम समृद्धि योजना में किया जाएगा, जहाँ शेष १,५०० करोड़ रुपये का निवेश केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा किया जाएगा। इस योजना के तहत देश में ग्रामीण ऊष्मायन और व्यापार केंद्र भी स्थापित किये जाएंगे। ऊष्मायन बुनियादी सुविधाओं और सेवाओं के साथ समर्थन करेंगे। व्यापार केंद्र नये उत्पादों को शुरू करने, विपणन और उन्हें बेचने में मदत करेंगे।

इस योजना का शुभारंभ किया जाना बाकी है। मंजूरी मिलते ही इस योजना को चरणों में शुरू किया जाएगा। पहले चरण में इस योजना को देश के महाराष्ट्र, पंजाब, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश राज्य में लागू किया जाएगा।

कौशल्या सेतु कौशल विकास कार्यक्रम:

महाराष्ट्र सरकार ने  कौशल्या सेतु का शुभारंभ किया है। यह महाराष्ट राज्य के छात्रों के लिए एक कौशल विकास कार्यक्रम है। इस अवसर पर महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फड़नवीस, केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री राजीव प्रताप रूडी और महाराष्ट्र राज्य के शिक्षा मंत्री श्री विनोद तावड़े उपस्थित थे। कौशल्या सेतु पहल के तहत  माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक शिक्षा महाराष्ट्र राज्य बोर्ड के छात्र, जो कक्षा दसवीं या एसएससी परीक्षा पास करने में असफल रहे है, उन छात्रों को कौशल विकास पाठ्यक्रमों के लिए समायोजित किया जाएगा, ताकि उन छात्रों को एक साल खोना ना पड़े। कौशल्या सेतु महाराष्ट्र राज्य में विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रमों में से एक सर्वश्रेष्ठ कौशल विकास कार्यक्रम है।  कौशल्या सेतु कौशल विकास कार्यक्रम के माध्यम से सरकार कौशल विकास कार्यक्रम के लिए उन छात्रों को समायोजित करेगी जो दसवीं या बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं को पास करने में असफल रहे है। इस योजना के माध्यम से  सरकार को असफल छात्रों का एक साल बचाने का मुख्य लक्ष्य है। कौशल विकास पहल के माध्यम से  महाराष्ट्र सरकार ने भारत देश के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के कौशल भारत मिशन – २०२०  की दिशा में योगदान करने की योजना बनाई है। महाराष्ट्र सरकार की पहल में केंद्र सरकार के साथ-साथ नीति आयोग का समर्थन है और इस पहल से कुशल लोगों को अपना व्यवसाय शुरू करने और रोजगार प्रदान करने के अलावा अन्य स्वरोजगार गतिविधियों में भी मदत मिलेगी। महाराष्ट्र सरकार के अनुसार, कौशल्या सेतु एक बहुआयामी कार्यक्रम है जिस में तकनीकी, वित्तीय, ऊष्मायन और सुविधा सहित कई पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

                                                                 Kaushalya Setu Skill Development Programme (In English):

कौशल्या सेतु कौशल विकास कार्यक्रम के लाभ:

  • राज्य के लगभग ७.५ लाख छात्रों को कौशल प्रदान किया जाएंगा।
  • कौशल विकास कार्यक्रम के तहत दसवीं या बारहवीं कक्षा की परीक्षा को पास करने में असफल रहने वाले छात्रों को मदत की जाएंगी। इस प्रकार सरकार  का राज्य में असफल छात्रों का एक साल को बचाने का मुख्य लक्ष्य है।
  • अपने कौशल के प्रमाण पत्र की मांग करने वाले छात्रों को अनौपचारिक रूप से अधिग्रहीत कर लिया है।
  • व्यक्तियों को स्नातक स्तर की पढ़ाई तक कौशल प्रदान किया जाएंगा।
  • राज्य के स्कूल में छात्र के जल्दी स्कूल छोड़ने के प्रमाण को कम किया जाएंगा।
  • बाल मजदूर और उनके परिवार को शिक्षा के लिए प्रोस्ताहित किया जाएंगा।

कौशल्या सेतु कौशल विकास कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं:

  • माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक शिक्षा महाराष्ट्र राज्य बोर्ड के छात्र, जो कक्षा दसवीं या एसएससी परीक्षा पास करने में असफल रहे है, उन छात्रों को कौशल विकास पाठ्यक्रमों के लिए समायोजित किया जाएगा। इस योजना के माध्यम से महाराष्ट्र राज्य के छात्रों को एक साल खोना नहीं पड़ेगा।
  • यह प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरु किये कौशल भारत मिशन -२०२० को पूरा करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
  • यह केंद्र सरकार द्वारा स्टार्ट-अप व्यवसायों के सभी पहलुओं का समर्थन करने के लिए नीति आयोग  द्वारा शुरू किया गया एक तंत्र है और अन्य स्व-रोजगार गतिविधियों को  विशेष रूप से प्रौद्योगिकी-संचालित क्षेत्रों में सेतु  एक तकनीकी-वित्तीय, ऊष्मायन और सुविधा कार्यक्रम है।

कौशल्या सेतु कौशल विकास कार्यक्रम के लिए पात्रता आवेदन:

  • महाराष्ट राज्य का छात्र जिसकी आयु १४ साल से आधिक है।
  • बिना  किसी भी शैक्षणिक पात्रता / अनुभव / कौशल के लिए और नौकरी की तलाशने वालो के लिए या स्वरोजगार करने वाला व्यक्ति इस योजना के लिए पात्र है।
  • व्यक्ति महाराष्ट्र राज्य का निवासी होना चाहिए।

कौशल्या सेतु कौशल विकास कार्यक्रम के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  • निवास प्रमाण पत्र
  • पहचान प्रमाण पत्र जैसे की आधार कार्ड
  • अधिवास प्रमाण पत्र

संपर्क विवरण और संदर्भ:

  • आधिक जानकारी के लिए इस योजना के आधिकारिक वेबसाइट पर जाए: https://mahakaushalya.com/Site/Index

 

 

स्नातक और स्नातकोत्तर अध्ययन के लिए सुवर्णा जयंती मेरिट छात्रवृत्ति:   

केरल सरकार (महाविद्यालय सदृश शिक्षा विभाग) द्वारा केरल राज्य के बीपीएल (गरीबी रेखा के निचे) परिवार के छात्रों के लिए स्नातक और स्नातकोत्तर जैसी उच्च शिक्षा प्राप्त करने के सुवर्णा जयंती मेरिट छात्रवृत्ति सुरु की है। इस योजना का मुख्य उद्देश आर्थिक रूप से पिछड़े छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है।

                                                     Suvarna Jubilee Merit Schoarship For UG & PG studies (In English)

  स्नातक और स्नातकोत्तर अध्ययन के लिए सुवर्णा जयंती मेरिट छात्रवृत्ति  के लाभ:

  • सुवर्ण जयंती मेरिट छात्रवृत्ति छात्रों को स्नातक और स्नातकोत्तर जैसी उच्च शिक्षा का अध्ययन करने के लिए वित्तीय सहायता का लाभ प्रदान करती है। वित्तीय सहायता की संरचना नीचे उल्लिखित है।
  • चयनित उम्मीदवारों या विद्वानों को १०,००० (दस हजार) रुपये प्रति वर्ष छात्रवृत्ति राशि प्रदान की जाएंगी।
  • छात्रवृत्ति राशि सीधे छात्र के बैंक खाते में जमा की जाएगी।

स्नातक और स्नातकोत्तर अध्ययन के लिए सुवर्णा जयंती मेरिट छात्रवृत्ति लागू करने के लिए आवश्यक पात्रता और शर्तें:

  • छात्र सरकार मान्य सहायता प्राप्त कॉलेज या विश्वविद्यालय विभाग में स्नातक (यूजी) या स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष में होना चाहिए।
  • छात्र को बीपीएल परिवार से संबंधित होना चाहिए।
  • पात्रता परीक्षा में छात्र को ५०% या उससे अधिक अंक प्राप्त करने चाहिए।

स्नातक और स्नातकोत्तर अध्ययन के लिए सुवर्णा जयंती मेरिट छात्रवृत्ति  का  आवेदन / प्रवेश प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज:

  • बीपीएल कार्ड या राशन कार्ड
  • आधार कार्ड
  • बैंक विवरण, खाता नंबर, शाखा का नाम, खाता धारक का नाम, आयएफएससी कोड, एमआयसीआर कोड
  • पिछले साल के परीक्षा की मार्कशीट (पास)
  • निवास प्रमाण
  • आय प्रमाण पत्र (राशि का उल्लेख नहीं रहा तो चलेंगा लेकिन यह राशि कम का होना चाहिए)
  • पूरी तहर भरा हुआ आवेदन पत्र
  • पहचान प्रमाण
  • वास्तविक प्रमाण पत्र
  • पासपोर्ट आकर की तस्वीर 

आवेदन की प्रक्रिया:

  • उम्मीदवार को केरल सरकार के आधिकारिक छात्रवृत्ति पोर्टल यानी  http://www.dcescholarship.kerala.gov.in  पर लॉगिन करना होगा।
  • उम्मीदवार को छात्रवृत्ति पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा।
  • उम्मीदवार को आवेदन आईडी और पासवर्ड उत्पन्न करना होंगा।
  • उम्मीदवार को आवेदन आईडी और पासवर्ड का उपयोग करके छात्रवृत्ति पोर्टल पर जाना होगा और अपलोड पासपोर्ट आकार की तस्वीर के साथ सावधानीपूर्वक पूर्ण आवेदन पत्र भरना होगा।
  • उस आवेदन पत्र का प्रिंट आउट प्राप्त करे।

किससे संपर्क करें और कहां संपर्क करें:

  • किसी भी प्रकार के सवालों के लिए, उम्मीदवार कॉलेज / संस्थान से संपर्क कर सकता है, जहां से छात्र  शिक्षा प्राप्त करना चाहता है।
  • महाविद्यालय सदृश शिक्षा विभाग है: ईमेल: dcescholarship@gmail.com

संदर्भ और विवरण: