सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पंजाब

३१ अगस्त, २०२१ को अमरिंदर सिंह ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि को ५०० रुपये से बढ़ाकर १५०० रुपये प्रति व्यक्ति करने की शुरुआत की। सामाजिक सुरक्षा पेंशन पहल के तहत राज्य में वृद्ध, विकलांग, विधवा, निराश्रित और अन्य कमजोर वर्ग के लोगों को मासिक पेंशन की सुविधा प्रदान की जाती है। यह पेंशन लाभार्थियों को उनके वृद्धावस्था में वित्तीय सहायता के रूप में प्रदान की जाती है। यह लाभार्थियों को सम्मान के साथ सामाजिक रूप से सुरक्षित जीवन जीने में मदद करता है। इस पहल का उद्देश्य उनकी दैनिक जरूरतों को पूरा करने और शांतिपूर्ण जीवन जीने में उनकी मदद करना है। यह लाभार्थियों को वास्तविक आवश्यकता में मुख्य सहायता प्रदान करेगा जिससे उनका कल्याण सुनिश्चित होगा।

योजना अवलोकन:

योजना का नाम सामाजिक सुरक्षा पेंशन
योजना के तहत पंजाब सरकार
एन्हांस लॉन्च किया गया मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह
लाभार्थी राज्य में वृद्ध, विकलांग, विधवा, निराश्रित और अन्य कमजोर वर्ग के लोग
लाभ मासिक पेंशन के माध्यम से वित्तीय सुरक्षा
संशोधित पेंशन राशि रुपये १५००/- प्रति माह
प्रमुख उद्देश्य राज्य भर में कमजोर वर्गों को वित्तीय और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना।

योजना के उद्देश्य और लाभ:

  • योजना का मुख्य उद्देश्य भविष्य के लिए योजना बनाना है।
  • इस योजना का उद्देश्य राज्य में कमजोर वर्गों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।
  • राज्य के सभी वृद्ध, विधवा, विकलांग, निराश्रित और अन्य इस योजना के अंतर्गत आते हैं।
  • सरकार ने अब पेंशन की राशि बढ़ाकर १५०० रुपए प्रतिमाह कर दी है।
  • यह योजना वित्तीय सुरक्षा प्रदान करेगी इस योजना के तहत कमजोर वर्गों को प्रदान की जाएगी।
  • इसका उद्देश्य राज्य में लाभार्थियों के कल्याण को सुनिश्चित करना है।

प्रमुख बिंदु:

  • मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने ३१ अगस्त २०२१ को सामाजिक सुरक्षा पेंशन में बढ़ोतरी का ऐलान किया।
  • अब लाभार्थियों को मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि बढ़ाकर १५०० रुपये प्रतिमाह की गई है।
  • सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत राज्य के सभी वृद्ध, विधवा, विकलांग, निराश्रित और अन्य को कवर किया जाता है।
  • इसका उद्देश्य राज्य में कमजोर वर्ग के लोगों का आर्थिक विकास करना है।
  • शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य में १० लाभार्थियों को चेक वितरित किए।
  • शुभारंभ के दौरान सीएम ने पूर्व मुख्यमंत्री सरदार बेअंत सिंह को भी श्रद्धांजलि दी।
  • पेंशन राशि में इस वृद्धि से लगभग २७ लाख लाभार्थी लाभान्वित होंगे।
  • पेंशन की राशि में वृद्धि ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए वार्षिक बजट को ४८०० करोड़ रुपये तक बढ़ा दिया।
  • राज्य में इस सामाजिक सुरक्षा पेंशन से लाभार्थियों की वित्तीय सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित होगा।

मिशन वात्सल्य, महाराष्ट्र

महाराष्ट्र सरकार उन महिलाओं के लिए राज्य में मिशन वात्सल्य कार्यक्रम लेकर आई है, जिन्होंने कोविड के कारण अपने पति को खो दिया है। पहल शुरू की गई थी और २५ अगस्त, २०२१ को महिला एवं बाल विकास मंत्री यशोमती ठाकुर द्वारा विवरण प्रदान किया गया था। इस पहल के तहत, राज्य सरकार लाभार्थियों को राज्य में १८ योजनाओं और सेवाओं का कवरेज प्रदान करती है। राज्य सरकार ने मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं और निम्न आय वर्ग की महिलाओं के लिए यह पहल शुरू की है। वर्तमान में लगभग १०,५०० लाभार्थी महिलाओं को इस पहल के तहत कवर किया जा चुका है।

अवलोकन:

पहल मिशन वात्सल्य
पहल के तहत महाराष्ट्र सरकार
द्वारा लॉन्च किया गया महिला एवं बाल विकास मंत्री यशोमती ठाकुर
लाभार्थी जिन महिलाओं ने कोविड के कारण अपने पति को खो दिया
लाभ राज्य में १८ विभिन्न योजनाओं और सेवाओं के तहत कवरेज
उद्देश्य राज्य में उन महिलाओं को सहायता प्रदान करना जिन्होंने कोविड के कारण अपने पति को खो दिया, जिससे उनकी सामाजिक सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित हो सके।

उद्देश्य और लाभ:

  • पहल का मुख्य उद्देश्य उन महिलाओं को सहायता प्रदान करना है जिन्होंने अपने पति को कोविड के कारण खो दिया है।
  • इस पहल के तहत, लाभार्थियों को राज्य में १८ विभिन्न योजनाओं और सेवाओं के तहत कवरेज मिलेगा।
  • यह योजना मुख्य रूप से ग्रामीण और निम्न आय वर्ग के परिवारों की विधवाओं को कवर करती है।
  • इसका उद्देश्य इन कठिन समय में निम्न आय वर्ग की महिलाओं को सामाजिक और वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है।
  • यह पहल उन महिलाओं की बेहतरी और कल्याण के लिए है, जिन्होंने अपने पति को खो दिया है।

प्रमुख बिंदु:

  • महिला एवं बाल विकास मंत्री यशोमती ठाकुर ने २५ अगस्त, २०२१ को मिशन वात्सल्य पहल की शुरुआत की।
  • यह पहल मुख्य रूप से राज्य में उन महिलाओं के समर्थन के लिए शुरू की गई है जिन्होंने अपने पति को कोविड के कारण खो दिया है।
  • इस कार्यक्रम के तहत राज्य सरकार मुख्य रूप से संजय गांधी निराधार योजना और घरकुल योजना सहित १८ विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का लाभ प्रदान करेगी।
  • उन्हें सभी आवश्यक प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।
  • इस पहल के तहत मुख्य रूप से ग्रामीण और निम्न आय वर्ग की महिलाओं को शामिल किया जाएगा।
  • महिला एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, स्थानीय इकाई अधिकारी, आंगनबाडी सेविकाएं ऐसी महिलाओं के घर जाकर सेवाएं दे रही हैं।
  • राज्य में कोविड महामारी की शुरुआत के बाद से अब तक लगभग १५,०९५ महिलाओं ने अपने पति को कोविड के कारण खो दिया है।
  • जिला टास्क फोर्स ने योजना के तहत लगभग १४,६६१ लाभार्थियों को सूचीबद्ध किया है।
  • विभाग पहले ही राज्य में लगभग १०,५०० लाभार्थी महिलाओं से संपर्क कर चुका है।
  • राज्य सरकार कोविड से प्रभावित राज्य में लोगों की सहायता के लिए विभिन्न प्रयास कर रही है।
  • इन कठिन और अभूतपूर्व समय में विधवाओं की मदद करने के लिए सरकार द्वारा यह पहल एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे उनका कल्याण और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

कामकाजी महिला छात्रावास योजना:

भारत देश के केंद्र सरकार (महिला और बाल विकास मंत्रालय) द्वारा कामकाजी महिला के लिए कामकाजी महिला छात्रावास योजना शुरू की गई है। इस योजना के माध्यम से कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और किफायती दरो में आवास प्रदान किया जाएंगा। भारत देश की अधिक से अधिक महिलाएं बड़े शहरों के साथ-साथ शहरी और ग्रामीण औद्योगिक समूहों में रोजगार की तलाश में अपना घर छोड़ कर रह रही है। ऐसी महिलाओं द्वारा सामना की जाने वाली मुख्य कठिनाइयों में से एक सुरक्षित और सुविधाजनक रूप से स्थित आवास की कमी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक रूप से स्थित आवासों की उपलब्धता को बढ़ावा देना है, जहां कहीं भी संभव हो, शहरी, अर्ध-शहरी या ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर मौजूद है।

                                                                                             Working Women Hostel Scheme (In English):

कामकाजी महिला छात्रावास योजना के लाभ:

  • सभी कामकाजी महिलाओं को छात्रावास जाति, धर्म, वैवाहिक स्थिति आदि किसी भेदभाव के बिना प्रदान किया जाएंगा।
  • कामकाजी महिला छात्रावास योजना,कामकाजी महिलाओं और एजेंसियों / संगठनों के लिए दो तरह से लाभ प्रदान करती है, जो छात्रावास स्थापित करना चाहते है क्योंकि एजेंसियां ​​/ संगठन को भवन निर्माण के लिए वित्तीय सहायता मिलेंगी।
  • नौकरी का प्रशिक्षण लेनी वाली महिलाओं को छात्रावास में समायोजित किया जाएंगा।
  • कामकाजी महिलाओं के बच्चों को भी छात्रावास में शामिल किया जाएंगा, लड़कियों के लिए १८ साल की आयु तक और लड़कों के लिए ५ साल की आयु तक की उम्र के बच्चों को उनकी माताओं के साथ ऐसे छात्रावास में समायोजित किया जाएंगा।
  • एजेंसियां / संगठन कामकाजी महिलाओं को सहायता लागू करेगा और कामकाजी महिला को छात्रावास भवन के निर्माण की लागत का ७५% प्रदान किया जाएगा।

कामकाजी महिला छात्रावास योजना के लिए पात्रता:

  • कामकाजी महिलाओं की आयु १८ साल से अधिक होनी चाहिए।
  • कामकाजी महिला एकल, विधवा, तलाकशुदा, विवाहित, विवाहित महिला लेकिन जिनके पति और परिवार एक ही शहर / क्षेत्र में नहीं रहते है। समाज के वंचित वर्ग की महिलाओं को विशेष रूप से वरीयता प्रदान की जाएंगी। शारीरिक रूप से अक्षम लाभार्थियों के लिए सीटों के आरक्षण का भी प्रावधान है।
  • कामकाजी महिलाओं का नौकरी का प्रशिक्षण अवधि एक साल से अधिक नहीं होना चाहिए।
  • महिलाओं को छात्रावास की सुविधा का अधिकार होगा, लेकिन महानगरीय शहरों में महिला की मासिक सकल आय ५०,००० रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए या महिला की मासिक समेकित (सकल) आय ३५,००० रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • किसी भी कामकाजी महिला को तीन साल से अधिक छात्रावास में रहने की अनुमति नहीं दी जाएंगी।

कामकाजी महिला छात्रावास योजना की प्रवेश प्रक्रिया  और आवेदन पत्र के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  • प्रवेश प्रक्रिया बदलती रहती है क्योंकि पूरे देश के छात्रवास उपलब्ध है, इसलिए कुछ राज्य प्रक्रियाओं और आवेदन के लिए कृपया इस लिंक पर जाएँ- http://www.wcd.nic.in/sites/default/files/wwhrulesdtd12082011.pdf

संदर्भ और विवरण:

 

एनटीआर भरोसा पेंशन (एनबीपी) योजना आंध्र प्रदेश:  वृद्ध, विकलांग विधवा, बुनकर और रोगियों को मासिक पेंशन

आंध्र प्रदेश सरकार ने एनटीआर भरोसा पेंशन (एनबीपी) योजना  के रूप में समाज के कमजोर वर्गों के लिए पेंशन योजना शुरू की है। राज्य में एक नई पेंशन योजना है जिसमें वृद्ध, विकलांग, विधवा, बुनकर, ताड़ी निकालने वाले, एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी (एआरटी), सीकेडीयू शामिल हैं। योजना के तहत लाभार्थियों को मासिक पेंशन प्रदान की जाएंगी। योजना का प्राथमिक उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों के लोगों को सम्मान और गर्व के साथ जीवन जीने में मदत करना है।

                                                                     NTR Bharosa Pensions (NBP) Andhra Pradesh (In English)

एनटीआर भरोसा पेंशन (एनबीपी) का उद्देश्य:

  • समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाया जाएंगा।
  • समाज के कमजोर वर्गों के लोगो का मासिक खर्चे का ध्यान रखने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएंगी।
  • यह सुनिश्चित करने के लिए कि राज्य में हर कोई गरिमा और गर्व के साथ रह सके।

एनटीआर भारोसा पेंशन और राशि के तहत पेंशन का प्रकार:

  • वृद्धावस्था व्यक्ति: १,००० रुपये प्रति माह पेंशन प्रदान की जाएंगी।
  • बुनकर: १,००० रुपये प्रति माह पेंशन प्रदान की जाएंगी।
  • विधवा: १,००० रुपये प्रति माह पेंशन प्रदान की जाएंगी।
  • विकलांग (पीडब्ल्यूडी <८०%):  १,००० रुपये प्रति माह पेंशन प्रदान की जाएंगी।
  • ताड़ी निकालने वाले:  १,००० रुपये प्रति माह पेंशन प्रदान की जाएंगी।
  • एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी (एआरटी):  १,००० रुपये प्रति माह पेंशन प्रदान की जाएंगी।
  • विकलांग (पीडब्ल्यूडी> या = ८०%):  १५०० रुपये प्रति माह पेंशन प्रदान की जाएंगी।
  • सीकेडीयू:  २,५०० रुपये प्रति माह पेंशन प्रदान की जाएंगी।

एनटीआर भरोसा पेंशन के लिए पात्रता:

पेंशन के लिए बुनियादी मानदंड आवेदक को गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) से संबंधित होना चाहिए।

  • वृद्धावस्था व्यक्ति: ६५  वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक इस योजना के लिए पात्र है।
  • बुनकर: आवेदक की आयु ५० वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
  • विधवा: विधवा महिला की आयु १८  साल या  उससे अधिक होनी चाहिए।
  • विकलांग (पीडब्ल्यूडी <८०%): ४०% से अधिक विकलांगता वाले व्यक्ति इस योजना के लिए पात्र है।
  • ताड़ी निकालने वाले: ५० वर्ष से अधिक आयु के लाभार्थी इस योजना के लिए पात्र है।
  • एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी (एआरटी): ६ महीने से अधिक समय तक एआरटी उपचार से गुजरने वाले व्यक्ति इस इस योजना के लिए पात्र है।
  • विकलांग (PWD> या = ८०%): विकलांगता ८०  प्रतिशत से अधिक होनी चाहिए।
  • अज्ञात एटिओलॉजी किडनी की पुरानी बीमारी (सिकेडीयु): सिकेडीयु उपचार के दौर से गुजरने वाला मरीज इस योजना के लिए पात्र है।

एनटीआर भरोसा पेंशन (एनबीपी) का आवेदन करने के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  • आवेदक की पासपोर्ट आकार की तस्वीर
  • आधार कार्ड
  • बैंक का बचत खाते का  पासबुक
  • आयु और पते का प्रमाण पत्र
  • विकलांगता (एसएडीएआरइएम) प्रमाण पत्र: विकलांग व्यक्ति के लिए
  • विधवा के लिए: पति का मृत्यु का प्रमाण पत्र होना चाहिए
  • ताड़ी निकालने वालों के लिए: सहकारी समिति से प्रमाण पत्र
  • बुनकरों के लिए: बुनकरों की सहकारी समिति से पंजीकरण प्रमाणपत्र

आंध्र प्रदेश एनटीआर भरोसा पेंशन (एनबीपी) के लिए आवेदन कैसे करें?

  • एनबीपी के आवेदन पत्र ग्राम पंचायत, मंडल परिषद विकास अधिकारी और नगर आयुक्त कार्यालय में उपलब्ध रहेंगे। आवेदन पत्र को प्राप्त करे  और पूरी तरह से भरें।
  • आवेदन पत्र के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें, इस पर हस्ताक्षर करें और आवेदन पत्र  को उसी कार्यालय में जमा करें।

आवेदन प्रपत्रों को जन्मभूमि समितियों द्वारा सत्यापित किया जाएगा। एक बार आवेदन स्वीकृत होने के बाद पात्र लाभार्थियों को निर्धारित कार्यालयों और समय पर हर महीने पेंशन दी जाएगी। ऐसे सभी कार्यालय सही लाभार्थियों की पहचान करने के लिए बायो-मेट्रिक कार्ड रीडर से सुसज्ज है। बुढ़ापे या बीमारी के कारण बिस्तर पर पड़े हुए लाभार्थी के लिए हर महीने की पेंशन लाभार्थी के घर पर प्रदान की जाएंगी

आंध्र प्रदेश एनटीआर भारोसा पेंशन आवेदन स्थिति की ऑनलाइन जांच करें:

एनटीआर भरोसा पेंशन (एनबीपी) आवेदन की स्थिति उनकी आधिकारिक वेबसाइट ntrbharosa.ap.gov.in पर ऑनलाइन चेक की जा सकती है।

  • एनटीआर भरोसा पेंशन (एनबीपी) आवेदन की स्थिति की जांच पृष्ठ पर जाने के लिए यहाँ क्लिक करे।
  • पेंशन आईडी चेक बॉक्स पर क्लिक करें
  • अपनी पेंशन आईडी, राशन कार्ड नंबर,एसएडीएआरइएम आयडी दर्ज करें और अपना जिला, मंडल, पंचायत आदि चुनें और गो बटन पर क्लिक करें

एपी एनटीआर भारोसा पेंशन आवेदन स्थिति ऑनलाइन (स्रोत: ntrbharosa.ap.gov.in)

संबंधित योजनाएं:

 

दिल्ली विधवा पेंशन योजना (विधवा पेंशन योजना): ऑनलाइन आवेदन पत्र और पंजीकरण –

दिल्ली सरकार ने राज्य के विधवा महिला को दिल्ली विधवा पेंशन योजना (विधवा पेंशन योजना) के आवेदन के लिए आमंत्रित किया है। इस योजना का ऑनलाइन पंजीकरण और आवेदन पत्र ई-डिस्ट्रीबल्स दिल्ली ऑनलाइन पोर्टल edistrict.delhigovt.nic.in पर ऑनलाइन उपलब्ध है। दिल्ली पेंशन योजना के तहत विधवा महिलाओं को परेशानी में मदत प्रदान की जाएंगी।विधवा और  तलाकशुदा महिला के लिए एक वित्तीय सहायता योजना है। यह योजना दिल्ली विधावा पेंशन योजना हिस्सा है। २,५०० रुपये की मासिक पेंशन पात्र लाभार्थि महिला को प्रदान की जाती है। दिल्ली का महिला एवं बाल विकास विभाग (डब्ल्यूसीडी) इस योजना को लागू करता है।

                                                   Delhi Vidhwa Pension Yojana (Widow Pension Scheme) (In English)

विधवा पेंशन योजना के आवेदन लिए दस्तावेजों की सूची:

  • आधार कार्ड
  • आयु प्रमाण पत्र
  • आधार से जुड़े बैंक खाते का विवरण
  • निवास प्रमाण पत्र (आवेदक पिछले ५ साल से दिल्ली का निवासी होना चाहिए)
  • आय प्रमाण पत्र
  • आवेदक का शपथ पत्र जिसमे आवेदक किसी अन्य पेंशन का लाभ नहीं ले रहा है,यह शपथ पत्र में नमूद होना चाहिए

नोट: विधवा पेंशन योजना के आवेदन के लिए आवश्यक न्यूनतम दस्तावेजों की सूची नए उपयोगकर्ताओं को पोर्टल पर पंजीकरण करने के लिए है।

 दिल्ली विधवा पेंशन योजना (विधवा पेंशन योजना) के लिए आवेदन कैसे करें?

  • दिल्ली विधवा पेंशन योजना (विधवा पेंशन योजना) के लिए ऑनलाइन पंजीकरण दिल्ली ई-डिस्ट्रीज पोर्टल पर किया जा सकता है, पोर्टल पर जाने के लिए यहां क्लिक करें।
  • नए उपयोगकर्ताओं को पोर्टल पर पंजीकरण करने की आवश्यकता है, पंजीकरण पृष्ठ पर जाने के लिए यहां क्लिक करें और स्वयं को पंजीकृत करने के लिए निर्देशनो का पालन करें।
  • अब लॉगिन पेज पर जाने के लिए यहां क्लिक करें और अपना उपयोगकर्ता नाम और पासवर्ड से लॉगिन करें।
  • दिल्ली विधवा पेंशन योजना (विधवा पेंशन योजना) ऑनलाइन आवेदन पत्र का चयन करें, आवेदन पत्र को पूरी तरहा से भरें, आवश्यक दस्तावेजों की स्कैन की गई प्रतियां अपलोड करें और आवेदन पत्र को जमा करें।

परेशानी में महिलाओं के लिए दिल्ली पेंशन योजना: दिल्ली में परेशान महिलाओं के लिए एक पेंशन योजना है।पति द्वारा विधवा, तलाक या छोड़े गए सभी गरीब महिलाएं को इस योजना के लाभ के लिए पात्र है और उन्हें २,५०० रुपये की मासिक पेंशन प्रदान की जाएंगी जाएगी।

संबंधित योजनाएं:

 

 

राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना (एनएफबीएस):

 राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना केंद्र सरकार (महिला एवं बाल विकास मंत्रालय) द्वारा शुरू की गई योजना है और परिवार की सुरक्षा के लिए ओडिशा राज्य सरकार द्वारा राज्य में लागू किया है। इस योजना को लागू करने के पीछे मुख्य उद्देश्य यह है कि अगर गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) रहने वाले परिवारों की मुख्य व्यक्ति मौत हो जाने पर, शोकग्रस्त परिवारों को २०,००० रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएंगी।

असल में, यह योजना केवल उन लोगों के लिए है जो निम्न गरीबी रेखा (बीपीएल) के अंतर्गत आते है ताकि यदि किसी भी कारण परिवार की मुख्य व्यक्ति की मौत हो जाने पर  सरकार ऐसे शोकग्रस्त परिवारों को सामान्य जनजीवन में वापस लाने और जीवन में स्थिरता प्रदान करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है। ओडिशा राज्य के गरीब रेखा के निचे (बीपीएल) लोग केवल इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र है।

                                                                              National Family Benefits Scheme (NFBS) (In English)

राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना के लाभ:

  • राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना शोकग्रस्त परिवार को वित्तीय सहायता और वित्तीय सुरक्षा के रूप में लाभ प्रदान करती है।
  • इस योजना के तहत, परिवार की मुख्य व्यक्ति की मौत हो जाने पर उस परिवार को २०,००० रुपये की  वित्तीय सहायता प्रदान की जाएंगी ।

राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना लागू करने के लिए पात्रता और आवश्यक शर्तें:

  • यह योजना केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई है, इसी कारण से इस योजना में भारत देश के सभी नागरिक इस योजना के लिए पात्र है, लेकिन संबंधित राज्य की नीचे उल्लिखित आवश्यकता और शर्तें ओडिशा सरकार से अलग हो सकती है।
  • उम्मीदवार का परिवार गरीबी रेखा से नीचे(बीपीएल)  होना चाहिए।
  • लाभार्थी का परिवार ओडिशा राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए।

राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना को लागू करने के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  • आधार कार्ड
  • बीपीएल राशन कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र जो निवास प्रधिकरण ने प्रमाणित किया होना चाहिए
  • परिवार के मुख्य व्यक्ति का मृत्यु का प्रमाण पत्र

राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना की आवेदन की प्रक्रिया:

संपर्क विवरण:

  • उड़ीसा राज्य के महिला एवं बाल विकास विभाग ओडिशा से संपर्क करे।
  •  उड़ीसा राज्य का सामाजिक कल्याण विभाग ओडिशा से संपर्क करे।

संदर्भ और विवरण:

  • दस्तावेजों और अन्य सहायता के बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: http://wcdodisha.gov.in/node/63

संबंधित योजनाए:

  • वित्तीय सहायता योजना
  • राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना

 

 

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना (आईजीएनडब्ल्यूपीएस):

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना केंद्र सरकार (ग्रामीण विकास मंत्रालय) द्वारा शुरू की  है।आर्थिक रूप से कमजोर (बीपीएल) वर्ग से संबंधित विधवा महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।यह योजना १९९५  में राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत पेश की गई है। यह योजना विशेष रूप से विधवा महिलाओं के लिए है और योजना के माध्यम से विधवा महिला को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।इस योजना के तहत महिला को हर महीने में ३०० रुपये उसकी मृत्यु तक पेंशन प्रदान की जाएंगी।सभी पात्र महिलाओं को जीवन को आसान और स्वतंत्र बनाने के लिए सहायता प्रदान की जाएंगी और इस योजना के माध्यम से एक तरह का विधवा महिला को समर्थन किया जाएगा। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक महिलाओं को कुछ पात्रता मानदंडों की अर्हता प्राप्त करने की आवश्यकता है।

                                                                 Indira Gandhi Rashtriy Vidhava Pension Yojana (In English)

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के लाभ:

  • इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना विधवा महिलाओं को वित्तीय सहायता के रूप में लाभ प्रदान करती है। पेंशन की दरें नीचे उल्लिखित है।
  • गरीबी रेखा के निचे (बीपीएल) विधवा महिला ४० साल या उससे अधिक आयु की है तो इस योजना के लिए पात्र है और उसे पेंशन ३०० रुपये प्रति महिना दी जाएंगी और विधवा महिला की उम्र ७९ साल से ज्यादा होने पर पेंशन ३०० से ५०० रुपये  प्रति महिना प्रदान की  जाएगी।

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना लागू करने के लिए पात्रता और आवश्यक शर्तें:

  • इस योजना में पात्र होने के लिए विधवा महिलाओं की आयु ४० से ५९  वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • विधवा महिलाओं को गरीबी रेखा के निचे (बीपीएल) या बहुत कम आय से संबंधित होनी चाहिए।
  • विधवा महिला भारत देश  की स्थायी निवासी होनी चाहिए।
  • केवल विधवा महिलाएं इस योजना का लाभ ले सकती है।

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना लागू करने के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  • आधार कार्ड
  • बीपीएल राशन कार्ड
  • बैंक विवरण उदा- खाता संख्या, खाता धारक का नाम, शाखा का नाम, आईएफएससी कोड, एमआईसीआर कोड
  • निवासी प्रमाण पत्र (निवास प्राधिकरण से प्रमाणित किया होना चाहिए)
  • पति का मृत्यु का प्रमाण पत्र
  • आयु प्रमाण जैसे की मतदान कार्ड

आवेदन की प्रक्रिया:

इस योजना के लिए आवेदन पत्र और प्रक्रियाएं स्थानीय सरकार में बहुत अच्छी तरह से समझाई गई है। आवेदक ग्राम पंचायत, नगर पालिकाओं में संपर्क कर सकते है और आवेदन पत्र और अन्य प्रक्रियाओं के साथ विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते है।

संपर्क विवरण:

विधवा महिलाएं ग्राम पंचायत, आंगनवाड़ी केंद्रों, नगर निगम से संपर्क कर सकती है।

संदर्भ और विवरण:

 दस्तावेजों और अन्य जानकारी के लिए कृपया इस योजना के आधिकारिक वेबसाइट पर जाए:

 

 

 

महाराष्ट्र में संजय गांधी निराधर अनुदान योजना:

संजय गांधी निराधार अनुदान योजना महाराष्ट्र सरकार द्वारा शुरू की है। महाराष्ट्र राज्य सरकार निराधार व्यक्तियों, अंधे, विकलांग, अनाथ बच्चों, प्रमुख बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों, तलाकशुदा महिलाओं, त्याग वाली महिलाओं, वेश्यावृत्ति से मुक्त महिलाओं, अपमानित महिलाओं आदि को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इस योजना में विधवा बच्चों को भी लाभ प्रदान किया जाता है। संजय गांधी निराधर अनुदान योजना के तहत महाराष्ट्र सरकार लाभार्थी को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इस योजना में प्रत्येक लाभार्थी को प्रति माह ६०० / – रुपये दिए जाते है और एक से अधिक लाभार्थी वाले परिवार को प्रति माह ९०० / – रुपये दिए जाते है । लाभार्थी को लाभ तब तक दिया जाएगा जब तक कि उसका बच्चा २५  वर्ष का हो जाएंगा या वह नियोजित हो जाएंगा। यदि लाभार्थी की केवल बेटियां है तो लाभ २५  वर्ष  तक या शादी होने तक लाभ प्रदान किया जाएंगा। इस विशेष योजना का मुख्य उद्देश्य एक जरूरतमंद व्यक्ति को वित्तीय सहायता प्रदान करना है।

                                                                                               Sanjay Gandhi Niradhar Yojana (In English)

संजय गांधी  निराधर योजना का लाभ:

  • व्यक्तिगत लाभार्थी को ६०० रुपये प्रति महिना प्रदान किया जाएगा।
  • एक से अधिक लाभार्थी वाले परिवार को ९००  रुपये प्रति महिना प्रदान किया जाएगा।

संजय गांधी नरधर योजना के लिए पात्रता:

  • गंतव्य व्यक्तियों, अंधे, विकलांग, अनाथ बच्चे, बड़ी बीमारियों से पीड़ित व्यक्ति, तलाकशुदा महिलाओं, त्याग किए गए महिलाएं, वेश्यावृत्ति से मुक्त महिलाएं, अपमानित महिलाओं, ट्रांसजेंडर इस योजना के लिए पात्र है।
  • व्यक्ति जिसकी विकलांगता न्यूनतम ४०% से ज्यादा  है।
  • व्यक्ति जिसकी उम्र ६५ साल से कम है।
  •  व्यक्ति की वार्षिक पारिवारिक की आय २१,००० रुपये तक होनी चाहिए।
  •  व्यक्ति महाराष्ट्र राज्य का निवासी होना चाहिए।

संजय गांधी निराधार योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  • आवेदन पत्र
  • निवास का प्रमाण पत्र
  • आयु का प्रमाण पत्र
  • आय का प्रमाण पत्र
  • लाभार्थी का परिवार गरीबी रेखा के निचे (बीपीएल) में होना चाहिए
  • अपंग का प्रमाण पत्र
  • सिविल सर्जन और सरकारी अस्पताल के मेडिकल अधीक्षक द्वारा जारी किया अपंग का प्रमाण पत्र

आवेदन के लिए प्रक्रिया:

  • आवेदक को गांव की तालाटी से संपर्क करना चाहिए।
  • आवेदक को तहसीलदार से संपर्क करना चाहिए।
  • संजय गांधी निराधार योजना की प्रक्रिया के लिए संबंधित जिले के जिला सामाजिक कल्याण अधिकारी से आवेदक संपर्क करे।

संदर्भ और विवरण:

 

 

 

हरियाणा में मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना:

मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना हरियाणा राज्य सरकार के  सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्रालय, सामाजिक कल्याण विभाग द्वारा पेश की गई एक योजना है। इस योजना को शुरू करने के पीछे मुख्य उद्देश्य एससी / डीटी या ओबीसी / एसबीसी परिवारों से लड़कियों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है।गरीबी रेखा के निचे (बीपीएल) और विधवाओं / तलाकशुदा / निराधार महिलाओं / अनाथ और निराधार बच्चों अनुसूचित जाति / डीटी या ओबीसी / एसबीसी परिवारों की लड़कियों को वित्तीय सहायता के रूप में लाभ प्रदान करती है। इस योजना के तहत विवाह समारोह का जश्न मनाने के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना के तहत लाभ लेने के लिए आवेदक लड़की को नीचे वर्णित कुछ पात्रता मानदंडों को अर्हता प्राप्त करने की आवश्यकता है।

                                                               Mukhya Mantri Vivah Shagun Yojna In Hariyana (In English)

मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के लाभ:

  • मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना गरीबी रेखा के निचे (बीपीएल) और विधवाओं / तलाकशुदा / निराधार महिलाओं / अनाथ और निराधार बच्चों अनुसूचित जाति / डीटी या ओबीसी / एसबीसी परिवारों की लड़कियों को वित्तीय सहायता के रूप में लाभ प्रदान करती है और नीचे वित्तीय सहायता की दरें उल्लिखित की  है।
  • ३१,००० रुपये की राशि खिलाडी वाली महिला को प्रदान की जाती है (किसी भी जाति / किसी भी आय)
  • लाभार्थी को ४१,००० रुपये की राशि  प्रदान की जाती है। इनमें से ३६,००० रुपये की राशि शादी के उत्सव पर भुगतान की जाती और शादी का पंजीकरण प्रमाण पत्र जमा करने के ६  महीने के भीतर ५,००० रुपये की राशी भुगतान की जाती है। शादी पंजीकरण प्रमाणपत्र ६ महीने के भीतर जमा नहीं होने पर कोई शेष राशि का भुगतान नहीं किया जाएगा।
  • ११,००० रुपये की राशि गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले समाज के सभी वर्गों (एससी के अलावा) और सभी वर्ग के परिवारों (अनुसूचित जाति / बीसी समेत) को भुगतान की जाती है। भूमि अधिग्रहण करने वाले व्यक्तियों के लिए ११,००० रुपये की राशी  प्रदान की जाती है या जिनकी परिवार की वार्षिक आय १,००,००० रुपये से कम है, उनको १०,००० रुपये की राशि शादी के उत्सव पर या उससे पहले भुगतान की जाना चाहिए। शादी पंजीकरण प्रमाण पत्र जमा करने पर ६ महीने के भीतर १००० रुपये  की राशी का भुगतान किया जाएगा। शादी पंजीकरण प्रमाणपत्र ६ महीने के भीतर जमा नहीं होने पर कोई शेष राशि का भुगतान नहीं की जाएंगी।

मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना लागू करने के लिए पात्रता और आवश्यक शर्तें:

  • गरीबी रेखा के निचे (बीपीएल) और विधवाओं / तलाकशुदा / निराधार महिलाओं / अनाथ और निराधार बच्चों  वाले अनुसूचित जाति / डीटी या ओबीसी / एसबीसी परिवारों की लड़कियां इस योजना के लिए पात्र है।
  • आय प्रमाण पत्र १ लाख रुपये प्रति वर्ष से अधिक नहीं होना चाहिए केवल ओबीसी / एसबीसी जाती के महिला के लिए है।
  • लाभार्थी महिला हरियाणा राज्य की निवासी होनी चाहिए।
  • दुल्हन की उम्र १८ साल या उससे अधिक होनी चाहिए।
  • दूल्हे की उम्र २१ साल या उससे अधिक होनी चाहिए।
  • किसी व्यक्ति की २  बेटियों के विवाह के लिए लाभ दिया जाएगा।
  • विधवा / तलाक शुदा महिला अपनी शादी के लिए लाभ ले सकती है बशर्ते उसने पहले इस योजना का लाभ नहीं लेना चाहिए।
  • परिवार बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) श्रेणी से संबंधित होना चाहिए।

मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना लागू करने के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  • लाभार्थी का स्थायी निवास प्रमाण
  • दूल्हे का आयु प्रमाण पत्र जैसे की एचएससी, एसएससी बोर्ड प्रमाण पत्र, जन्म का प्रमाण पत्र
  • दुल्हन के आयु प्रमाण जैसे की एचएससी, एसएससी बोर्ड प्रमाण पत्र, जन्म का प्रमाण पत्र
  • आधार कार्ड
  • बीपीएल राशन कार्ड
  • जाति का प्रमाण पत्र
  • बैंक खाता विवरण उदा- खाता क्रमांक, आईएफएससी कोड, एमआईसीआर कोड, शाखा का नाम
  • तलाक शुदा महिलाओं के मामले में तलाक प्रमाण पत्र
  • परिवार के मुखिया का आय प्रमाण पत्र
  • विवाह का विवाह प्रमाण पत्र

आवेदन की प्रक्रिया:

  • आवेदक को इस ऑनलाइन आवेदन पत्र को शादी की तारीख से एक महीने पहले प्रस्तुत करना चाहिए  haryanawelfareschemes.org डीडब्ल्यूओ (जिला कल्याण अधिकारी) अनुदान मंजूर करेगा और राशी का भुगतान आधार से जुड़े बैंक खाते के माध्यम से किया जाएगा।
  • शादी की तारीख के बाद आवेदन जमा करने के मामले में, शगुन की मंजूरी के लिए सक्षम प्राधिकारी निम्नानुसार है।
  • विवाह के एक महीने तक: जिला कल्याण अधिकारी
  • विवाह के  महीने बाद: डिप्टी कमिश्नर
  • विवाह के  महीने बाद: संबंधित विभागीय आयुक्त

संपर्क विवरण:

  • लाभार्थी महिला उम्मीदवार जिला कल्याण अधिकारी या जिला सामाजिक कल्याण कार्यालय से संपर्क कर सकती है।

संदर्भ और विवरण:

  • इस योजना के अधिक जानकारी के लिए योजना के आधिकारिक वेबसाइट पर जाए:
  • http://scbchry.gov.in/mukhya_mantri_vivah_shagun_yojna.htm
  • https://govinfo.me/wp-content/uploads/2016/08/indira-gandhi-guidelines.pdf

संबंधित योजनाएं:

विधवा महिलाओं के लिए योजना

हरियाणा राज्य में योजनाओं की सूची

हरियाणा राज्य में लड़कियों के लिए योजना

 

 

मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक कल्याण योजना: हिमाचल प्रदेश के अल्पसंख्यक के विकास और कल्याण के लिए योजना

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री जय राम ठाकुर ने राज्य के अल्पसंख्यको के लिए मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक कल्याण योजना की घोषणा की है। योजना मुख्य रूप से मुस्लिम समुदाय के लिए है। मुस्लिम समुदायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें मदत करना मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक कल्याण योजना का मुख्य उद्देश है। इस योजना के माध्यम से अल्पसंख्यक छात्र और युवओं को समान अवसर प्रदान किये जाएगे। मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक कल्याण योजना के तहत विधवाओं को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की जाएगी और स्वास्थ्य के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। गरीब मुस्लिम परिवार के लडकियों को विवाह के लिए अनुदान दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक कल्याण योजना क्या है? हिमाचल प्रदेश के अल्पसंख्यक के विकास और कल्याण के लिए एक योजना है।

मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक कल्याण योजना का उद्देश:

  • हिमाचल राज्य में अल्पसंख्यको सशक्तिकरण के लिए  
  • अल्पसंख्यक को आर्थिक रूप से मदत करने के लिए
  • कमजोर परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए
  • समुदाय से युवाओं को समान अवसर प्रदान करने के लिए

मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक कल्याण योजना का लाभ:

  • २५,००० रुपये विवाह के लिए अनुदान प्रदान किया जाएगा।  
  • ५,००० रुपये उपचार और चिकिस्ता के लिए प्रदान किये जाएगे
  • विधवाओ,वृद्ध और विकलांग को ४०० रुपये प्रति महिना सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक कल्याण योजना के लिए पात्रता:

  • योजना केवल हिमाचल प्रदेश में रहने वाले अल्पसंख्यको के लिए लागू है।
  • गरीब मुस्लिम परिवार के लडकियों को विवाह के लिए अनुदान दिया जाता है।
  • मेडिकल सहायता केवल गरीब मुस्लिम परिवार को दी जाती है।  
  • गरीब मुसलमान जैसे की विधवाओ,वृद्ध और विकलांग को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक कल्याण योजना के विशेषताएं और कार्यन्वयन:

  • यह योजना हिमाचल प्रदेश के अल्पसंख्यक मुसलमानों के लिए शुरू की है।
  • मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर द्वारा यह योजना शुरू की है।  
  • योजना के माध्यम से गरीब मुसलमानों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
  • शादी के लिए २५,००० रुपये का अनुदान,उपचार के लिए ५,००० रुपये का अनुदान और विधवाओ,वृद्ध और विकलांग को ४०० रुपये प्रति महिना सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की जाएगी।
  • लाभार्थी की पहचान की जाएगी और वक्फ बोर्ड के माध्यम से मदत की जाएगी।
  • योजना अभी  सिर्फ शुरू की है। आवेदन प्रक्रिया,आवेदन पत्र और आवश्यक दस्तावेजों की सूची अभी तक उपलब्ध नही है।                                                                                                                                                                

अन्य महत्वपूर्ण योजनाएं: