कन्या सुमंगला योजना (केएसवाय) उत्तर प्रदेश: बालिकाओं के लिए वित्तीय सहायता योजना

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के लड़कियों के लिए कन्या सुमंगला योजना (केएसवाय) की घोषणा की है। इस योजना के तहत लड़कियों को उनकी शिक्षा पूरी करने के लिए और शादी करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। उत्तर प्रदेश बजट २०१९-२० में इस योजना की घोषणा की गई है। इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य लड़कियों को सशक्त बनाना है और उन्हें वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है।

सरकार द्वारा पूर्व-निर्धारित राशी लड़कियों के बैंक खाते में जमा की जाएंगी। लडकियों को यह राशि जन्म के समय, टीकाकरण के समय , १ वीं, ६ वीं, १० वीं कक्षा, स्नातक में प्रवेश के समय और शादी के समय लड़कियों के बैंक खाते में जमा की जाएंगी। जब लडकिया स्नातक स्तर की पढाई पूरी करेंगे और शादी करेंगी तब उन्हें एक सुंदर राशि उपलब्ध होगी। सरकार का उद्देश्य बालिकाओं की सुरक्षा प्रदान करना है और उन्हें अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य प्रदान किया जा सके।

                                                                   Kanya Sumangala Yojana (KSY) Uttar Pradesh (In English):

  • योजना: कन्या सुमंगला योजना (केएसवाई)
  • राज्य: उत्तर प्रदेश
  • लाभ: वित्तीय सहायता
  • लाभार्थी: लडकियाँ

यह योजना मध्य प्रदेश राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुरू की गई है।  यह योजना भाजपा की योजना पर आधारित है जिसे लाड़ली लक्ष्मी योजना कहा जाता है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने इस योजना के लिए १,२०० करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।

पात्रता मानदंड: यह योजना केवल उत्तर प्रदेश राज्य के लड़कियों के लिए लागू है। अन्य विवरण जैसे कि पारिवारिक आय मानदंड, आयु सीमा आदि की घोषणा सरकार द्वारा की जानी बाकी है।

लाभ: सरकार निम्नलिखित अंतराल पर लड़कियों के बैंक खाते में निश्चित राशि जमा करेगी। उन्हें अपनी शिक्षा पूरी करने और शादी करने के बाद एकमुश्त राशि प्रदान की जाएगी।

  • पहली किस्त: लड़की के जन्म के समय
  • दूसरी  किस्त: टीकाकरण के समय
  • तीसरी किस्त: १ ली कक्षा में प्रवेश लेते समय
  • चौथी क़िस्त: ६ वी कक्षा की पढाई के के दौरान
  • पाचवी क़िस्त: ९ वी कक्षा की पढाई के के दौरान
  • छटवी किस्त: स्नातक स्तर की पढाई के के दौरान
  • सातवी क़िस्त: शादी के समय

उत्तर प्रदेश  कन्या सुमंगला योजना (केएसवाय) आवेदन पत्र और आवेदन कैसे करें?

यह योजना १ अप्रैल २०१९ से लागू की जाएगी। सरकार से योजना के कार्यान्वयन की शुरुआत में आवेदन पत्र का वितरण शुरू करने की उम्मीद है। आवश्यक दस्तावेजों की सूची और आवेदन प्रक्रिया भी अभी तक उपलब्ध नहीं है।

 

असम बजट २०१९-२०: गरीब दुल्हनों को १ तोला / ग्राम सोना, सब्सिडी वाले चावल, चीनी

असम राज्य के वित्त मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने वित्त वर्ष का असम बजट २०१९-२०  पेश किया है। बजट में कई सामाजिक कल्याण योजनाओं, सब्सिडी, छात्रवृत्ति और नि:शुल्क योजनाओं की घोषणा की गई है। लाभार्थी को सब्सिडी वाले चावल १ रुपये प्रति किलो दर के हिसाब से प्रदान किये जाएंगे और गरीब दुल्हनों के लिए १ तोला / ग्राम सोना प्रदान करना अन्य सभी घोषणाओं में से एक प्रमुख पहल है।

   Assam Budget 2019-20: 1 Tola / Gram Gold To Poor Brides,Subsidized Rice,Sugar (In English):

असम बजट २०१९-२०:

  • सस्ती पोषण और पोषण सहायता (एएनए) योजना: इस योजना के माध्यम से लाभार्थी को सब्सिडी वाले चावल १ रुपये प्रति किलो दर के हिसाब से प्रदान किये जाएंगे।
  • सस्ती पोषण और पोषण सहायता (एएनए) योजना के तहत राज्य के ५३  लाख गरीब परिवारों को लाभ प्रदान किया जाएंगा और लोगों को खाद्य सुरक्षा प्रदान की जाएंजी।
  • सस्ती पोषण और पोषण सहायता (एएनए) योजना असम राज्य में मार्च २०१९  को शुरू होने वाली है।
  • नि:शुल्क एक तोला सोने की योजना: गरीब दुल्हनों को उनकी शादी के समय १ ग्राम सोने की कीमत यानि ३८,००० रुपये प्रदान किये जाएंगे।
  • असम राज्य के ५ लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले सभी परिवार इस योजना के लिए पात्र है।
  •  नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें योजना: असम सरकार राज्य के ११ वीं कक्षा से डिग्री स्तर तक के सभी छात्रों को नि: शुल्क पाठ्य-पुस्तकें प्रदान किये जाएंगे।
  • सरकारी कॉलेज या प्रांतीय कॉलेजों और विश्वविद्यालय के हॉस्टल में रहने वाले सभी छात्रों को मेस बिल के लिए ७०० रुपये महिना प्रदान किया जाएंगा।
  • नि:शुल्क ई-बाइक: सरकार छात्रों के लिए बैटरी से चलने वाली ई-बाइक नि:शुल्क में उपलब्ध कराएगी।
  • छात्रओं को उच्च माध्यमिक परीक्षा में प्रथम श्रेणी में आने पर नि:शुल्क ई-बाइक प्रदान की जाएंगी।
  •  नि:शुल्क चावल और चीनी: असम सरकार राज्य के चाय बागान श्रमिकों को हर महीने नि:शुल्क चावल और २ रूपये प्रति किलो दर के हिसाब से चीनी प्रदान करेगी।
  •  तत्काल परिवार सहायता योजना: ४५ साल की आयु तक विधवा महिला को २५,००० रुपये की तत्काल सहायता और विधवा महिला के ६० साल के आयु तक २५० रुपये की मासिक पेंशन प्रदान की जाएंगी।
  • मुस्लिम समुदाय के लिए योजना: स्वदेशी मुसलमानों के लिए विकास निगम स्थापित किया जाएंगा।
  • उच्च शिक्षा के लिए अल्पसंख्यक समुदाय की लड़कियों के छात्रवृत्ति के लिए २०० करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।

मुख्यमंत्री सुकन्या योजना (एमएसवाय) झारखंड: लड़कियों के लिए ४०,००० रुपये का प्रोत्साहन

झारखंड सरकार ने राज्य में बालिकाओं के लिए मुख्यमंत्री सुकन्या योजना (एमएसवाय) शुरू की है। झारखंड राज्य के लड़कियों को उनके जन्म से लेकर शादी होने तक प्रोत्साहन / वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में कन्या भ्रूण हत्या को रोकना है और पुरुष से महिला लिंगानुपात में सुधार करना है। इस योजना का माध्यम से झारखंड राज्य में बाल विवाह पर रोक लगाई जाएंगी। यह योजना राज्य के लड़कियों को प्रोत्साहित करती है और उन्हें सशक्त बनाती है।

झारखंड राज्य के मुख्यमंत्री श्री रघुबर दास ने इस योजना को शुरू कीया है। इस योजना के तहत राज्य के २६ लाख परिवार लाभान्वित होंगे। राज्य के २६ लाख परिवारों को इस योजना का लाभ मिलेगा। इस योजना के कुछ लाभ सीधे लड़की के माताओं के खाते में स्थानांतरित कर दिए जाएंगे और कुछ लाभ डाक के तहत सीधे लड़की के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिए जाएंगे।

                                                            Mukhyamantri  Sukanya Yojana (MSY) Jharkhand (In English):

  •  योजना: मुख्यमंत्री सुकन्या योजना (एमएसवाय) इस योजना का नाम है।
  • राज्य: झारखंड राज्य में इस योजना की सुरु किया जाएंगा।
  • योजना सुरु होनी की तिथि: यह योजना जनवरी २०१९ को सुरु होंगी।
  • योजना की घोषणा किसने की: झारखंड राज्य के मुख्यमंत्री श्री रघुबर दास ने इस योजना की घोषणा की है।
  • लाभार्थी: झारखंड राज्य के बीपीएल परिवारों की लड़किया इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकती है।
  • लाभ: लड़की के जन्म से शिक्षा और शादी के लिए वित्तीय सहायता (४०,००० रुपये की प्रोत्साहन राशि) का लाभ लड़कियों को प्रदान किया जाएंगा।
  • पात्रता: झारखण्ड राज्य के बीपीएल परिवार की बालिका इस योजना के लिए पात्र है।
  • आधिकारिक वेबसाइट: एनए
  • हेल्पलाइन (टोल-फ्री नंबर): एनए

मुख्यमंत्री सुकन्या योजना (एमएसवाय) का लाभ:

  •  बालिका के जन्म पर ५,००० रुपये की राशी प्रदान की जाएंगी।
  • बालिका के प्रथम मानक में प्रवेश लेने पर ५,००० रुपये की राशी प्रदान की जाएंगी।
  •  लड़की को ५ वी कक्षा उत्तीर्ण करने पर ५,००० रुपये की राशी प्रदान की जाएंगी।
  • लड़की को ८ वी कक्षा उत्तीर्ण करने पर ५,००० रुपये की राशी प्रदान की जाएंगी।
  • लड़की को १० वी कक्षा उत्तीर्ण करने पर और ११ वी कक्षा में प्रवेश लेंने के लिए ५,००० रुपये की राशी प्रदान की जाएंगी।
  • लड़की को १२ वी कक्षा उत्तीर्ण करने पर ५,००० रुपये की राशी प्रदान की जाएंगी।
  • लड़की की १८  साल की उम्र पूरी होने के बाद और लड़की शादीशुदा नहीं होने पर १०,००० रुपये की राशी प्रदान की जाएंगी।

पात्रता मापदंड:

  • यह योजना केवल झारखंड राज्य में लड़कियों के लिए लागू  है।
  • सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना २०११ में बीपीएल सूची में उन परिवारों में पैदा हुई लडकियों के लिए यह योजना लागु है।
  • लड़की की परिवार की वार्षिक आय ७२,००० रुपये से कम होना चाहिए।
  • अगर लड़की की शादी १८  साल की उम्र तक नहीं हुई तो १०,००० रुपये की प्रोत्साहन राशि लड़की को प्रदान की जाएंगी।

मुख्यमंत्री सुकन्या योजना (एमएसवाय)  आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों की सूची:

  • निवास का प्रमाण पत्र।
  • लड़की का जन्म का दाखला।
  • लड़की के माता-पिता का आधार कार्ड।
  • लड़की की अंक-पत्रिका और स्कूल का प्रवेश प्रमाण पत्र।

नोट: ये मुख्यमंत्री सुकन्या योजना के लिए आवश्यक दस्तावेजों की यह मूल सूची है, कृपया दस्तावेजों की सटीक सूची के लिए संबंधित सरकारी विभाग से जांच करें।

मुख्यमंत्री सुकन्या योजना (एमएसवाय) आवेदन पत्र और आवेदन कैसे करें?

मुख्यमंत्री सुकन्या योजना (एमएसवाय) आवेदन पत्र और आवेदन प्रक्रिया का विवरण गांवों के ग्राम पंचायत कार्यालय, क्षेत्र कार्यालय या नगर निगम कार्यालय में प्राप्त किये जा सकता है। मुख्यमंत्री सुकन्या योजना (एमएसवाय) के अभी तक आवेदन पत्र और ऑनलाइन आवेदन उपलब्ध नहीं है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

तेलंगाना में मुस्लिम दुल्हन के लिए शादी मुबारक योजना:

तेलंगाना सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने गरीब मुस्लिम लड़कियों के लिए एक उपन्यास योजना ” शादी मुबारक” योजना की घोषणा की है। तेलंगाना राज्य में जिन परिवार के वार्षिक आय कम है,उन परिवार के लिए शादी मुबारक योजना बहुत फायदेमंद है।यह योजना अल्पसंख्यक समुदाय के विकास के लिए एक अच्छी पहल है, क्योंकि अल्पसंख्यक समुदाय में कुछ गरीब लोग  है जिनके पास लड़की की शादी की व्यवस्था करने के लिए ज्यादा पैसा नहीं होते। तेलंगाना सरकार ने लड़की के माता-पिता को अपनी बेटी की शादी करने में मदत करने के लिए पैसे उपलब्ध कराकर एक सही कदम उठाया है। यह हर माता-पिता का सपना है कि उनके लड़की का सही समय पर सही व्यक्ति के साथ शादी हो जाये। तेलंगाना सरकार ने गरीब मुस्लिम लड़कियों के विवाह के लिए मुस्लिम परिवारों का समर्थन करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

                                                 Shadi Mubarak Scheme For Muslim Brides In Telangana (In English)

मुस्लिम दुल्हन के लिए शादी मुबारक योजना के लाभ:

  • मुस्लिम दुल्हन को शादी मुबारक योजना के तहत वित्तीय सहायता के रूप में छात्रवृत्ति प्रदान की जाएंगी।
  • ५१,००० रुपये की वित्तीय सहायता विवाह के समय मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित हर अविवाहित लड़की को प्रदान की जाएंगी।

मुस्लिम दुल्हन के लिए शादी मुबारक योजना लागू करने के लिए आवश्यक पात्रता और शर्तें:

  •  अविवाहित लड़की अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित होनी चाहिए।
  • अविवाहित लड़की तेलंगाना राज्य की निवासी होनी चाहिए।
  • अविवाहित लड़की को विवाह के समय १८ साल की आयु पूरी होनी चाहिए।
  • उस लड़की की शादी २ अक्टूबर, २०१४  को या उसके बाद होगी।
  • अविवाहित लड़की के माता-पिता की वार्षिक आय २,००,००० रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के साथ अंतर जाति विवाह के लिए प्रोत्साहन पुरस्कार जैसे किसी भी अन्य योजना के साथ “शादी मुबारक” योजना को जोड़ा नहीं जा सकता है।

मुस्लिम दुल्हन के लिए शादी मुबारक योजना लागू करने के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  • लड़की का जन्म प्रमाण पत्र
  • समुदाय प्रमाणपत्र
  • आय प्रमाणपत्र (प्रमाणपत्र नवीनतम होना चाहिए और विवाह की तारीख से ६ महीने से अधिक पुराना नहीं होना चाहिए)
  • दुल्हे और दुल्हन का आधार कार्ड
  • बैंक पासबुक (बचत खाता) के पहले पृष्ठ की एक स्कैन की गई तस्वीर, दुल्हन और उसके खाते के विवरण होना चाहिए।
  • शादी का कार्ड यदि उपलब्ध होने पर
  • शादी की तस्वीर
  • ग्राम पंचायत / चर्च / मस्जिद / किसी अन्य प्राधिकारी / संस्था द्वारा विवाह प्रमाण पत्र  जिसमे लाभार्थी ने विवाह किया है यह उल्लखित होना चाहिए

आवेदन की प्रक्रिया:

  •  आवेदक शादी मुबारक योजना के आधिकारिक वेबसाइट साइट (http: //epasswebsite.cgg.gov.in) पर जाके ऑनलाइन आवेदन करना होंगा।
  • “रजिस्टर” बटन पर क्लिक करें और आवेदन पत्र में सभी आवश्यक विवरण को भरें।
  • दुल्हे और दुल्हन की तस्वीर अपलोड करें , आयु प्रमानपत्र, दुल्हन की स्कैन की गई आधार प्रतिलिपि, दुल्हे और दुल्हन की की स्कैन की गई आधार प्रतिलिपि, स्कैन किया गया बैंक पासबुक।
  • अब उल्लिखित बॉक्स में डिजिटल कोड दर्ज करें। फिर “जमा करें” बटन पर क्लिक करें,आवेदन पत्र जमा करने के बाद, भविष्य के संदर्भ के लिए आवेदन पत्र की प्रिंटआउट को संभालकर रखे।

संपर्क विवरण:

  • आवेदक निम्नलिखित पते पर संपर्क कर सकता है: ईपीएएसएस, प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग यूनिट, एसपीआईयू, ग्राउंड फ्लोर, दामोदरम संजीविया संशेमा भवन (डीएसएस भवन), अप्पो: चाचा नेहरू पार्क, मसाब टैंक, हैदराबाद।
  • तकनीकी मुद्दों के लिए: ०४०-२३१२०३११, २३१२०३१२ नंबर पर संपर्क करे।

संदर्भ और विवरण:

संबंधित योजनाएं:

 

 

 

 

 

shadianudan.upsdc.gov.in  उत्तर प्रदेश शादी अनुदान योजना: लड़की की शादी के लिए सहायता, ऑनलाइन आवेदन पत्र और आवेदन की स्थिति की जांच करें:  

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के गरीब परिवारों के लड़की की शादी के वित्तीय सहायता के   लिए  शादी अनुदान योजना को शुरू किया है। इस योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों के लड़की की शादी के खर्च से बचाना है। यह योजना अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों के लिए है।इस योजना के माध्यम से सरकार एक परिवार के पहली २  लड़की के शादी के लिए २०,००० रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करती है।उत्तर प्रदेश शादी अनुदान योजना के लिए आवेदन  shadianudan.upsdc.gov.in वेबसाइट पर ऑनलाइन किया जा सकता है। उत्तर प्रदेश शादी अनुदान योजना के लिए आवेदन पत्र वेबसाइट पर ऑनलाइन उपलब्ध है।आवेदकों को आवेदन पत्र को पूरी तरहा से भरना होंगा और आवेदन पत्र को जमा करना होंगा।

                                                                                                           UP  Shadi Anudan Yojana (In English)

 शादी अनुदान योजना: उत्तर प्रदेश राज्य में गरीब परिवारों की लड़कियों के लिए एक विवाह सहायता योजना है।

शादी अनुदान योजना का लाभ:

 इस योजना के माध्यम से सरकार एक परिवार के पहली २  लड़की के शादी के लिए २०,००० रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करती है।

शादी अनुदान योजना के लिए पात्रता:

  • यह योजना केवल उत्तर प्रदेश राज्य के स्थायी निवासियों के लिए लागू है।
  • अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), आर्थिक रूप से पिछडा वर्ग (ईबीसी) और अल्पसंख्यक समुदाय इस योजना के लिए पात्र है।
  • योजना मुख्य रूप से केवल गरीबी रेखा के निचे (बीपीएल) परिवार के लिए लागू होती है।
  • ग्रामीण क्षेत्रों के लिए परिवार की वार्षिक आय ५६,४६० रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • शहरी क्षेत्रों के लिए परिवार की वार्षिक आय ४६,०८० रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • शादी के समय लड़की की उम्र १८  साल से कम नहीं होनी चाहिए।

शादी अनुदान योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज़:

  • आवेदक और शादी करने वाली लड़की की स्कैन की गई तस्वीर
  • स्कैन किया गया हुआ आधार कार्ड
  • लड़की का जन्म प्रमाण पत्र (स्कैन की गई प्रतिलिपि)
  • शादी का कार्ड (स्कैन की गई प्रति)
  • बैंक पासबुक की स्कैन की गई प्रति

शादी अनुदान योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र और ऑनलाइन आवेदन कैसे करे:

  • उत्तर प्रदेश शादी अनुदान योजना ऑनलाइन आवेदन पर जाने के लिए यहां क्लिक करें।
  • अनुसूचित जाती (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), आर्थिक रूप से पिछडा वर्ग (ईबीसी) और अल्पसंख्यकों के लिए आवेदन पत्र उपलब्ध है, अपनी श्रेणी पर क्लिक करें।
  • आवेदन पत्र को पूरी तरह से भरें।
  • सभी आवश्यक दस्तावेजों की स्कैन की गई प्रतियों को अपलोड करें आवेदन पत्र को जमा करें।
  • शादी अनुदान योजना के लिए आवेदन सामान्य सेवा केंद्र (सीएससी), जन सुविधा केंद्र (जेएसके) में ऑफलाइन भी किया जा सकता है। आवेदन शादी की तारीख से ९० दिन या शादी होने के ९० दिन के बाद किया जाना चाहिए।

शादी अनुदान योजना की ऑनलाइन आवेदन स्थिति की जांच करें:

उत्तर प्रदेश शादी अनुदान आवेदन की स्थिति ऑनलाइन देखने के लिए यहां क्लिक करें। अपना जिला चुनें, अपना आवेदन पंजीकरण नंबर दर्ज करें और खोज बटन पर क्लिक करें।

संबंधित योजनाएं:

  • उत्तर प्रदेश में विवाह सहायता योजना
  • गरीबी रेखा के निचे (बीपीएल) परिवार के लिए योजना की सूची
  • अल्पसंख्यक समुदायों के लिए योजना की सूची

 

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना (एमकेवाई) झारखंड: लड़कियों के विवाह के लिए ३०,००० रुपये, आवेदन पत्र और आवेदन कैसे करें –  

झारखंड सरकार ने झारखंड राज्य के गरीब परिवार के लड़कियों के विवाह के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री  कन्यादान योजना (एमकेवाई) शुरू की है। यह योजना राज्य के गरीब परिवारों के लिए है। गरीब परिवारों के लड़कियों के विवाह के समय राज्य सरकार ३०,००० रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।इस योजना का उद्देश्य राज्य के गरीब परिवारों का लड़की की शादी के बोझ को दूर करना है और यह सुनिश्चित करना है कि सही समय पर लड़कियों का विवाह हो जाये।

                                                                             Mukhya Mantri Kandyadan Yojana (MKY) (In English)

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना (एमकेवाई) क्या है: राज्य के लड़कियों के लिए एक वित्तीय सहायता योजना है।बेटी की शादी के अवसर पर राज्य के गरीब परिवारों को लड़की के शादी के लिए ३०,००० रुपये दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना (एमकेवाई) का उद्देश्य:

  • इस योजना के माध्यम से गरीब परिवारों के लड़की के शादी के बोझ को कम किया जाएंगा।
  • बेटी के शादी के खर्च के साथ उनकी मदत की जाएंगी।

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना (एमकेवाई) का लाभ:

  • यह योजना केवल झारखंड के स्थायी निवासियों के लिए लागू है।
  • यह योजना केवल उन लोगों के लिए है, जिनकी पारिवारिक की वार्षिक आय ७२,००० रुपये से कम है।
  • विवाह अनुदान केवल लड़कियों के विवाह के अवसर पर दिया जाता है / इस योजना के लिए केवल लड़कियों ही पात्र  है।
  • लड़कियों की उम्र १८ साल के अधिक होना चाहिए और लड़कों की उम्र २१ साल के अधिक होना चाहिए।
  • यह योजना केवल गरीबी रेखा के निचे (बीपीएल) परिवारों के लिए लागू है।
  • यह योजना केवल लड़की के पहली शादी के लिए लागू है।
  • अनाथ लड़किया भी इस योजना के लिए पात्र है।

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना (एमकेवाई) आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों की सूची:

  • पासपोर्ट  आकार की तस्वीर
  • आधार कार्ड / मतदान कार्ड
  • जन्म प्रमाणपत्र
  • शादी की कार्ड

नोट: ये आवश्यक दस्तावेजों की मूल सूची है, यदि आवश्यक हो तो दस्तावेजों की अतिरिक्त सूची के लिए अधिकारियों से जांच कर सकते है।

 मुख्यमंत्री कन्यादान योजना (एमकेवाई)  आवेदन पत्र और आवेदन कैसे करें?

  • मुख्य मंत्री  कन्यादान योजना के लिए आवेदन पत्र डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें।
  • आवेदन पत्र भरें।
  • आवेदन पत्र पर हस्ताक्षर करें या मांता और पिता के अंगूठे की छाप दें।
  • आवेदन पत्र को पंचायत, जिला परिषद या सामाजिक कल्याण कार्यालय में जमा करें।
  • सामाजिक और महिला कल्याण विभाग, झारखंड सरकार इस योजना को लागू करती है।

 

स्टेट मर्रिज असिस्टेंस स्कीम (एसएमएएस) जम्मू-कश्मीर: बीपीएल लड़कियों शादी के लिए वित्तीय सहायता योजना

जम्मू-कश्मीर सरकार ने राज्य के गरीब लड़कियों की मदत के लिए स्टेट मर्रिज असिस्टेंस स्कीम (एसएमएएस) शुरू की है। यह गरीबी रेखा से निचे (बीपीएल) लड़कियों को उनकी शादी के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए एक सामाजिक सहायता योजना है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में गरीब परिवारों की मदद करना है जो वित्तीय बाधाओं के कारण बेटी की शादी नहीं कर सकते है। यह योजना २०१५  में शुरू की गई थी। जम्मू-कश्मीर के सामाजिक कल्याण विभाग के माध्यम से इस योजना को लागू कियागया है।

State Marriage Assistance Scheme (SMAS)

स्टेट मर्रिज असिस्टेंस स्कीम (एसएमएएस) क्या हैजम्मू-कश्मीर के गरीब लड़कियों की शादी के लिए  एक वित्तीय सहायता योजना।

स्टेट मर्रिज असिस्टेंस स्कीम (एसएमएएस) का लाभ:

  •  जम्मू-कश्मीर के गरीब लड़कियों की शादी के लिए २५,००० रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
  • लड़कियों की शादी के लिए ५ ग्राम सोन प्रदान किया जाता है।

 स्टेट मर्रिज असिस्टेंस स्कीम (एसएमएएस) के लिए पात्रता और कौन आवेदन कर सकता है:

  • योजना केवल जम्मू-कश्मीर में गरीब लड़कियों के लिए है।
  • गरीबी रेखा के निचे (बीपीएल) परिवार इस योजना के लिए आवेदन कर सकते है।
  • जो परिवार लड़की की वित्तीय बाधाओं के कारण शादी नहीं कर सकते है वह इस योजना के लिए पात्र है।
  • आवेदक लड़की की उम्र १८ साल से अधिक होनी चाहिए।
  • आवेदक लड़की जो किसी भी अन्य सरकारी योजना के तहत पहले से ही समान लाभ प्राप्त कर रहे है, तो वह लड़की इस योजना के लिए पात्र नहीं है।
  • इस योजना का लाभ केवल एक बार प्राप्त किया जा सकता है।

 स्टेट मर्रिज असिस्टेंस स्कीम (एसएमएएस) के आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों की सूची:

  • दो पासपोर्ट आकार की तस्वीर
  • निवास का प्रमाण पत्र  (मतदाता आईडी / आधार कार्ड / ड्राइविंग लाइसेंस)

स्टेट मर्रिज असिस्टेंस स्कीम (एसएमएएस) के लिए आवेदन कहा करे और कैसे करें?

  • बीपीएल परिवार की पहचान डीडीसी / डीएसडब्ल्यूओ सर्वेक्षण सूची में की जानी चाहिए।
  • राज्य विवाह सहायता योजना के लिए आवेदन पत्र डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें।
  • आवेदन पत्र को प्रिंट करें और आवेदन पत्र को सही तरीके से भरें।
  • एक पासपोर्ट आकार की तस्वीर पेस्ट करें और निवास प्रमाण की वास्तविक प्रति संलग्न करें।
  • निकटतम जिला समाज कल्याण कार्यालय में जाएं और आवेदन पत्र जमा करें।
  • जिला समाज कल्याण कार्यालय आवेदन और लाभ हस्तांतरण के बारे में और जानकारी प्रदान करेंगे।

अन्य महत्वपूर्ण योजनाएं: