pregnant women / गर्भवती महिला

अम्मा मातृत्व पोषण किट योजना

तमिलनाडु राज्य की मुख्यमंत्री ने राज्य के गर्भवती महिला के लिए अम्मा मातृत्व पोषण किट योजना शुरू की है। इस योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को आवश्यक आयरन टॉनिक और पूरक पोषण प्रदान किया जाएंगा। इस योजना के तहत राज्य में माता और शिशु के मृत्यु के दर को कम किया जाएंगा। हर साल तमिलनाडु राज्य की ८ लाख गर्भवती महिलाओं को इस योजना का लाभ प्रदान किया जाएंगा।

Amma Maternity Nutrition Kit

 

अम्मा मातृत्व पोषण किट योजना
राज्य: तमिलनाडु
लाभ: नि:शुल्क मातृत्व किट
लाभार्थी: गर्भवती महिला

अम्मा मातृत्व पोषण किट:

  • आयरन टॉनिक और पोषण संबंधी खुराक दो चरणों में प्रदान की जाएंगी।
  • प्रथम चरण:  गर्भावस्था के १२ सप्ताह में
  • दूसरा चरण: गर्भावस्था के १६ से २० सप्ताह के बीच

योजना के लिए पात्रता:

  • यह योजना केवल तमिलनाडु राज्य के स्थायी निवासियों के लिए लागू है।
  • यह योजना केवल केवल गर्भवती महिलाओं के लिए लागू है।

इसी तरह की योजना अम्मा बेबी किट नाम से राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता द्वारा शुरू की गई थी। नवजात शिशुओं को इस योजना के तहत बेबी किट वितरित की जाती है। इस बेबी किट में साबुन, तेल बच्चे के कपड़े आदि शामिल है। तमिलनाडु राज्य में अम्मा बेबी किट योजना के माध्यम से १७ लाख माताओं को योजना का लाभ मिला है।

अम्मा मातृत्व पोषण किट डॉ मुथुलक्ष्मी रेड्डी मातृत्व लाभ योजना के तहत दी जाती है। किट के अलावा गर्भवती महिलाओं को वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाती है। गर्भवती महिलाओं को १८,००० रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

कन्या सुमंगला योजना (केएसवाय) उत्तर प्रदेश: बालिकाओं के लिए वित्तीय सहायता योजना

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के लड़कियों के लिए कन्या सुमंगला योजना (केएसवाय) की घोषणा की है। इस योजना के तहत लड़कियों को उनकी शिक्षा पूरी करने के लिए और शादी करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। उत्तर प्रदेश बजट २०१९-२० में इस योजना की घोषणा की गई है। इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य लड़कियों को सशक्त बनाना है और उन्हें वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है।

सरकार द्वारा पूर्व-निर्धारित राशी लड़कियों के बैंक खाते में जमा की जाएंगी। लडकियों को यह राशि जन्म के समय, टीकाकरण के समय , १ वीं, ६ वीं, १० वीं कक्षा, स्नातक में प्रवेश के समय और शादी के समय लड़कियों के बैंक खाते में जमा की जाएंगी। जब लडकिया स्नातक स्तर की पढाई पूरी करेंगे और शादी करेंगी तब उन्हें एक सुंदर राशि उपलब्ध होगी। सरकार का उद्देश्य बालिकाओं की सुरक्षा प्रदान करना है और उन्हें अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य प्रदान किया जा सके।

                                                                   Kanya Sumangala Yojana (KSY) Uttar Pradesh (In English):

  • योजना: कन्या सुमंगला योजना (केएसवाई)
  • राज्य: उत्तर प्रदेश
  • लाभ: वित्तीय सहायता
  • लाभार्थी: लडकियाँ

यह योजना मध्य प्रदेश राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुरू की गई है।  यह योजना भाजपा की योजना पर आधारित है जिसे लाड़ली लक्ष्मी योजना कहा जाता है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने इस योजना के लिए १,२०० करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।

पात्रता मानदंड: यह योजना केवल उत्तर प्रदेश राज्य के लड़कियों के लिए लागू है। अन्य विवरण जैसे कि पारिवारिक आय मानदंड, आयु सीमा आदि की घोषणा सरकार द्वारा की जानी बाकी है।

लाभ: सरकार निम्नलिखित अंतराल पर लड़कियों के बैंक खाते में निश्चित राशि जमा करेगी। उन्हें अपनी शिक्षा पूरी करने और शादी करने के बाद एकमुश्त राशि प्रदान की जाएगी।

  • पहली किस्त: लड़की के जन्म के समय
  • दूसरी  किस्त: टीकाकरण के समय
  • तीसरी किस्त: १ ली कक्षा में प्रवेश लेते समय
  • चौथी क़िस्त: ६ वी कक्षा की पढाई के के दौरान
  • पाचवी क़िस्त: ९ वी कक्षा की पढाई के के दौरान
  • छटवी किस्त: स्नातक स्तर की पढाई के के दौरान
  • सातवी क़िस्त: शादी के समय

उत्तर प्रदेश  कन्या सुमंगला योजना (केएसवाय) आवेदन पत्र और आवेदन कैसे करें?

यह योजना १ अप्रैल २०१९ से लागू की जाएगी। सरकार से योजना के कार्यान्वयन की शुरुआत में आवेदन पत्र का वितरण शुरू करने की उम्मीद है। आवश्यक दस्तावेजों की सूची और आवेदन प्रक्रिया भी अभी तक उपलब्ध नहीं है।

 

असम बजट २०१९-२०: गरीब दुल्हनों को १ तोला / ग्राम सोना, सब्सिडी वाले चावल, चीनी

असम राज्य के वित्त मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने वित्त वर्ष का असम बजट २०१९-२०  पेश किया है। बजट में कई सामाजिक कल्याण योजनाओं, सब्सिडी, छात्रवृत्ति और नि:शुल्क योजनाओं की घोषणा की गई है। लाभार्थी को सब्सिडी वाले चावल १ रुपये प्रति किलो दर के हिसाब से प्रदान किये जाएंगे और गरीब दुल्हनों के लिए १ तोला / ग्राम सोना प्रदान करना अन्य सभी घोषणाओं में से एक प्रमुख पहल है।

   Assam Budget 2019-20: 1 Tola / Gram Gold To Poor Brides,Subsidized Rice,Sugar (In English):

असम बजट २०१९-२०:

  • सस्ती पोषण और पोषण सहायता (एएनए) योजना: इस योजना के माध्यम से लाभार्थी को सब्सिडी वाले चावल १ रुपये प्रति किलो दर के हिसाब से प्रदान किये जाएंगे।
  • सस्ती पोषण और पोषण सहायता (एएनए) योजना के तहत राज्य के ५३  लाख गरीब परिवारों को लाभ प्रदान किया जाएंगा और लोगों को खाद्य सुरक्षा प्रदान की जाएंजी।
  • सस्ती पोषण और पोषण सहायता (एएनए) योजना असम राज्य में मार्च २०१९  को शुरू होने वाली है।
  • नि:शुल्क एक तोला सोने की योजना: गरीब दुल्हनों को उनकी शादी के समय १ ग्राम सोने की कीमत यानि ३८,००० रुपये प्रदान किये जाएंगे।
  • असम राज्य के ५ लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले सभी परिवार इस योजना के लिए पात्र है।
  •  नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें योजना: असम सरकार राज्य के ११ वीं कक्षा से डिग्री स्तर तक के सभी छात्रों को नि: शुल्क पाठ्य-पुस्तकें प्रदान किये जाएंगे।
  • सरकारी कॉलेज या प्रांतीय कॉलेजों और विश्वविद्यालय के हॉस्टल में रहने वाले सभी छात्रों को मेस बिल के लिए ७०० रुपये महिना प्रदान किया जाएंगा।
  • नि:शुल्क ई-बाइक: सरकार छात्रों के लिए बैटरी से चलने वाली ई-बाइक नि:शुल्क में उपलब्ध कराएगी।
  • छात्रओं को उच्च माध्यमिक परीक्षा में प्रथम श्रेणी में आने पर नि:शुल्क ई-बाइक प्रदान की जाएंगी।
  •  नि:शुल्क चावल और चीनी: असम सरकार राज्य के चाय बागान श्रमिकों को हर महीने नि:शुल्क चावल और २ रूपये प्रति किलो दर के हिसाब से चीनी प्रदान करेगी।
  •  तत्काल परिवार सहायता योजना: ४५ साल की आयु तक विधवा महिला को २५,००० रुपये की तत्काल सहायता और विधवा महिला के ६० साल के आयु तक २५० रुपये की मासिक पेंशन प्रदान की जाएंगी।
  • मुस्लिम समुदाय के लिए योजना: स्वदेशी मुसलमानों के लिए विकास निगम स्थापित किया जाएंगा।
  • उच्च शिक्षा के लिए अल्पसंख्यक समुदाय की लड़कियों के छात्रवृत्ति के लिए २०० करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।

जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाय):

राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) के माध्यम से केंद्र सरकार (परिवार और कल्याण मंत्रालय) द्वारा जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाय) शुरू की गई है। जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाय) विशेष रूप से गरीब और गर्भवती महिलाओं के लिए शुरू की गई है, जो आर्थिक रूप से मजबूत नहीं है और उस महिला का परिवार गरीबी रेखा के निचे (बीपीएल) में आता है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बच्चे के जन्म से पहले और बाद में गर्भवती महिलाओं को नकद सहायता प्रदान करना, बेहतर आहार प्रदान करना, गर्भावस्था की पूर्व और बाद की देखभाल प्रदान करना और मृत्यु दर में वृद्धि करना है। इसका उद्देश्य नव-नवजात या माता के मृत्यु दर को कम करना है।

                                                                                                    Janani Suraksha Yojana (JSY) (In English):

 जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाय) के लाभ:

  • गर्भवती महिलाओं को चिकित्सा और वित्तीय सहायता प्रदान की जाएंगी।
  • माँ और बच्चे को प्रसव के पाहिले और प्रसव के बाद की देखभाल प्रदान की जाएंगी।
  • माँ के मृत्यु के दर को कम किया जाएगा ताकि गर्भवती महिला के प्रसव के बाद शिशु या बच्चे के मृत्यु के दर में कमी आएंगी।
  • गर्भवती महिलाओं को नकद सहायता प्रदान की जाएगी। नकद सहायता को निम्नलिखित दो तरीके में वर्गीकृत किया गया है।
  • एलपीएस  (कम प्रदर्शन करने वाले राज्य)
  • एचपीएस  (उच्च प्रदर्शन करने वाला राज्य)

जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाय) का लाभ प्राप्त करने की पात्रता:

  •  लाभार्थी महिला का परिवार बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) धारक होना चाहिए, इसका मतलब है कि लाभार्थी के पास बीपीएल कार्ड या राशन कार्ड होना चाहिए।
  • अनुसूचित जाती / अनुसूचित जनजाति और गैर बीपीएल परिवार की गर्भवती महिलाओं सहित सभी गर्भवती महिलाओं को इस योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा।
  • इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए माता की आयु १९ साल से कम नहीं होनी चाहिए।
  • लाभार्थी माता को दो जीवित बच्चों तक इस योजना का लाभ प्रदान किया जाएंगा।

जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाय) के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  • महिला के पास राशन कार्ड (बीपीएल / एपीएल) होना चाहिए।
  • बैंक पासबुक।
  • आधार कार्ड।
  • कोई भी योजना कार्ड (जैसे राजीवगांधी जीवनदायिनी आरोग्य योजना का कार्ड)।

किससे संपर्क करें और कहां संपर्क करें:

  • मुख्य रूप से आशा (मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं) से संपर्क करने की आवश्यकता है जो समुदाय और स्वास्थ्य प्रणाली के बीच संबंध स्थापित करती है। आशा (मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं) गर्भवती महिलाओं या बच्चे के विशेष रूप से अनुभाग की किसी भी स्वास्थ्य संबंधी मांग के लिए पहला पोर्ट कॉल है।
  • प्राथमिक स्वास्थ्य उप-केंद्र ग्रामीण जनसंख्या के अनुसार है।
  • प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तालुका स्तर पर उपलब्ध है।

अधिक जानकारी के लिए यहां जाएं:

 ऑनलाइन पंजीकरण के यहां जाएं:

 

मुख्यमंत्री सुकन्या योजना (एमएसवाय) झारखंड: लड़कियों के लिए ४०,००० रुपये का प्रोत्साहन

झारखंड सरकार ने राज्य में बालिकाओं के लिए मुख्यमंत्री सुकन्या योजना (एमएसवाय) शुरू की है। झारखंड राज्य के लड़कियों को उनके जन्म से लेकर शादी होने तक प्रोत्साहन / वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में कन्या भ्रूण हत्या को रोकना है और पुरुष से महिला लिंगानुपात में सुधार करना है। इस योजना का माध्यम से झारखंड राज्य में बाल विवाह पर रोक लगाई जाएंगी। यह योजना राज्य के लड़कियों को प्रोत्साहित करती है और उन्हें सशक्त बनाती है।

झारखंड राज्य के मुख्यमंत्री श्री रघुबर दास ने इस योजना को शुरू कीया है। इस योजना के तहत राज्य के २६ लाख परिवार लाभान्वित होंगे। राज्य के २६ लाख परिवारों को इस योजना का लाभ मिलेगा। इस योजना के कुछ लाभ सीधे लड़की के माताओं के खाते में स्थानांतरित कर दिए जाएंगे और कुछ लाभ डाक के तहत सीधे लड़की के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिए जाएंगे।

                                                            Mukhyamantri  Sukanya Yojana (MSY) Jharkhand (In English):

  •  योजना: मुख्यमंत्री सुकन्या योजना (एमएसवाय) इस योजना का नाम है।
  • राज्य: झारखंड राज्य में इस योजना की सुरु किया जाएंगा।
  • योजना सुरु होनी की तिथि: यह योजना जनवरी २०१९ को सुरु होंगी।
  • योजना की घोषणा किसने की: झारखंड राज्य के मुख्यमंत्री श्री रघुबर दास ने इस योजना की घोषणा की है।
  • लाभार्थी: झारखंड राज्य के बीपीएल परिवारों की लड़किया इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकती है।
  • लाभ: लड़की के जन्म से शिक्षा और शादी के लिए वित्तीय सहायता (४०,००० रुपये की प्रोत्साहन राशि) का लाभ लड़कियों को प्रदान किया जाएंगा।
  • पात्रता: झारखण्ड राज्य के बीपीएल परिवार की बालिका इस योजना के लिए पात्र है।
  • आधिकारिक वेबसाइट: एनए
  • हेल्पलाइन (टोल-फ्री नंबर): एनए

मुख्यमंत्री सुकन्या योजना (एमएसवाय) का लाभ:

  •  बालिका के जन्म पर ५,००० रुपये की राशी प्रदान की जाएंगी।
  • बालिका के प्रथम मानक में प्रवेश लेने पर ५,००० रुपये की राशी प्रदान की जाएंगी।
  •  लड़की को ५ वी कक्षा उत्तीर्ण करने पर ५,००० रुपये की राशी प्रदान की जाएंगी।
  • लड़की को ८ वी कक्षा उत्तीर्ण करने पर ५,००० रुपये की राशी प्रदान की जाएंगी।
  • लड़की को १० वी कक्षा उत्तीर्ण करने पर और ११ वी कक्षा में प्रवेश लेंने के लिए ५,००० रुपये की राशी प्रदान की जाएंगी।
  • लड़की को १२ वी कक्षा उत्तीर्ण करने पर ५,००० रुपये की राशी प्रदान की जाएंगी।
  • लड़की की १८  साल की उम्र पूरी होने के बाद और लड़की शादीशुदा नहीं होने पर १०,००० रुपये की राशी प्रदान की जाएंगी।

पात्रता मापदंड:

  • यह योजना केवल झारखंड राज्य में लड़कियों के लिए लागू  है।
  • सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना २०११ में बीपीएल सूची में उन परिवारों में पैदा हुई लडकियों के लिए यह योजना लागु है।
  • लड़की की परिवार की वार्षिक आय ७२,००० रुपये से कम होना चाहिए।
  • अगर लड़की की शादी १८  साल की उम्र तक नहीं हुई तो १०,००० रुपये की प्रोत्साहन राशि लड़की को प्रदान की जाएंगी।

मुख्यमंत्री सुकन्या योजना (एमएसवाय)  आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों की सूची:

  • निवास का प्रमाण पत्र।
  • लड़की का जन्म का दाखला।
  • लड़की के माता-पिता का आधार कार्ड।
  • लड़की की अंक-पत्रिका और स्कूल का प्रवेश प्रमाण पत्र।

नोट: ये मुख्यमंत्री सुकन्या योजना के लिए आवश्यक दस्तावेजों की यह मूल सूची है, कृपया दस्तावेजों की सटीक सूची के लिए संबंधित सरकारी विभाग से जांच करें।

मुख्यमंत्री सुकन्या योजना (एमएसवाय) आवेदन पत्र और आवेदन कैसे करें?

मुख्यमंत्री सुकन्या योजना (एमएसवाय) आवेदन पत्र और आवेदन प्रक्रिया का विवरण गांवों के ग्राम पंचायत कार्यालय, क्षेत्र कार्यालय या नगर निगम कार्यालय में प्राप्त किये जा सकता है। मुख्यमंत्री सुकन्या योजना (एमएसवाय) के अभी तक आवेदन पत्र और ऑनलाइन आवेदन उपलब्ध नहीं है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

कामकाजी महिला छात्रावास योजना:

भारत देश के केंद्र सरकार (महिला और बाल विकास मंत्रालय) द्वारा कामकाजी महिला के लिए कामकाजी महिला छात्रावास योजना शुरू की गई है। इस योजना के माध्यम से कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और किफायती दरो में आवास प्रदान किया जाएंगा। भारत देश की अधिक से अधिक महिलाएं बड़े शहरों के साथ-साथ शहरी और ग्रामीण औद्योगिक समूहों में रोजगार की तलाश में अपना घर छोड़ कर रह रही है। ऐसी महिलाओं द्वारा सामना की जाने वाली मुख्य कठिनाइयों में से एक सुरक्षित और सुविधाजनक रूप से स्थित आवास की कमी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक रूप से स्थित आवासों की उपलब्धता को बढ़ावा देना है, जहां कहीं भी संभव हो, शहरी, अर्ध-शहरी या ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर मौजूद है।

                                                                                             Working Women Hostel Scheme (In English):

कामकाजी महिला छात्रावास योजना के लाभ:

  • सभी कामकाजी महिलाओं को छात्रावास जाति, धर्म, वैवाहिक स्थिति आदि किसी भेदभाव के बिना प्रदान किया जाएंगा।
  • कामकाजी महिला छात्रावास योजना,कामकाजी महिलाओं और एजेंसियों / संगठनों के लिए दो तरह से लाभ प्रदान करती है, जो छात्रावास स्थापित करना चाहते है क्योंकि एजेंसियां ​​/ संगठन को भवन निर्माण के लिए वित्तीय सहायता मिलेंगी।
  • नौकरी का प्रशिक्षण लेनी वाली महिलाओं को छात्रावास में समायोजित किया जाएंगा।
  • कामकाजी महिलाओं के बच्चों को भी छात्रावास में शामिल किया जाएंगा, लड़कियों के लिए १८ साल की आयु तक और लड़कों के लिए ५ साल की आयु तक की उम्र के बच्चों को उनकी माताओं के साथ ऐसे छात्रावास में समायोजित किया जाएंगा।
  • एजेंसियां / संगठन कामकाजी महिलाओं को सहायता लागू करेगा और कामकाजी महिला को छात्रावास भवन के निर्माण की लागत का ७५% प्रदान किया जाएगा।

कामकाजी महिला छात्रावास योजना के लिए पात्रता:

  • कामकाजी महिलाओं की आयु १८ साल से अधिक होनी चाहिए।
  • कामकाजी महिला एकल, विधवा, तलाकशुदा, विवाहित, विवाहित महिला लेकिन जिनके पति और परिवार एक ही शहर / क्षेत्र में नहीं रहते है। समाज के वंचित वर्ग की महिलाओं को विशेष रूप से वरीयता प्रदान की जाएंगी। शारीरिक रूप से अक्षम लाभार्थियों के लिए सीटों के आरक्षण का भी प्रावधान है।
  • कामकाजी महिलाओं का नौकरी का प्रशिक्षण अवधि एक साल से अधिक नहीं होना चाहिए।
  • महिलाओं को छात्रावास की सुविधा का अधिकार होगा, लेकिन महानगरीय शहरों में महिला की मासिक सकल आय ५०,००० रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए या महिला की मासिक समेकित (सकल) आय ३५,००० रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • किसी भी कामकाजी महिला को तीन साल से अधिक छात्रावास में रहने की अनुमति नहीं दी जाएंगी।

कामकाजी महिला छात्रावास योजना की प्रवेश प्रक्रिया  और आवेदन पत्र के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  • प्रवेश प्रक्रिया बदलती रहती है क्योंकि पूरे देश के छात्रवास उपलब्ध है, इसलिए कुछ राज्य प्रक्रियाओं और आवेदन के लिए कृपया इस लिंक पर जाएँ- http://www.wcd.nic.in/sites/default/files/wwhrulesdtd12082011.pdf

संदर्भ और विवरण:

 

एनटीआर भरोसा पेंशन (एनबीपी) योजना आंध्र प्रदेश:  वृद्ध, विकलांग विधवा, बुनकर और रोगियों को मासिक पेंशन

आंध्र प्रदेश सरकार ने एनटीआर भरोसा पेंशन (एनबीपी) योजना  के रूप में समाज के कमजोर वर्गों के लिए पेंशन योजना शुरू की है। राज्य में एक नई पेंशन योजना है जिसमें वृद्ध, विकलांग, विधवा, बुनकर, ताड़ी निकालने वाले, एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी (एआरटी), सीकेडीयू शामिल हैं। योजना के तहत लाभार्थियों को मासिक पेंशन प्रदान की जाएंगी। योजना का प्राथमिक उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों के लोगों को सम्मान और गर्व के साथ जीवन जीने में मदत करना है।

                                                                     NTR Bharosa Pensions (NBP) Andhra Pradesh (In English)

एनटीआर भरोसा पेंशन (एनबीपी) का उद्देश्य:

  • समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाया जाएंगा।
  • समाज के कमजोर वर्गों के लोगो का मासिक खर्चे का ध्यान रखने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएंगी।
  • यह सुनिश्चित करने के लिए कि राज्य में हर कोई गरिमा और गर्व के साथ रह सके।

एनटीआर भारोसा पेंशन और राशि के तहत पेंशन का प्रकार:

  • वृद्धावस्था व्यक्ति: १,००० रुपये प्रति माह पेंशन प्रदान की जाएंगी।
  • बुनकर: १,००० रुपये प्रति माह पेंशन प्रदान की जाएंगी।
  • विधवा: १,००० रुपये प्रति माह पेंशन प्रदान की जाएंगी।
  • विकलांग (पीडब्ल्यूडी <८०%):  १,००० रुपये प्रति माह पेंशन प्रदान की जाएंगी।
  • ताड़ी निकालने वाले:  १,००० रुपये प्रति माह पेंशन प्रदान की जाएंगी।
  • एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी (एआरटी):  १,००० रुपये प्रति माह पेंशन प्रदान की जाएंगी।
  • विकलांग (पीडब्ल्यूडी> या = ८०%):  १५०० रुपये प्रति माह पेंशन प्रदान की जाएंगी।
  • सीकेडीयू:  २,५०० रुपये प्रति माह पेंशन प्रदान की जाएंगी।

एनटीआर भरोसा पेंशन के लिए पात्रता:

पेंशन के लिए बुनियादी मानदंड आवेदक को गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) से संबंधित होना चाहिए।

  • वृद्धावस्था व्यक्ति: ६५  वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक इस योजना के लिए पात्र है।
  • बुनकर: आवेदक की आयु ५० वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
  • विधवा: विधवा महिला की आयु १८  साल या  उससे अधिक होनी चाहिए।
  • विकलांग (पीडब्ल्यूडी <८०%): ४०% से अधिक विकलांगता वाले व्यक्ति इस योजना के लिए पात्र है।
  • ताड़ी निकालने वाले: ५० वर्ष से अधिक आयु के लाभार्थी इस योजना के लिए पात्र है।
  • एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी (एआरटी): ६ महीने से अधिक समय तक एआरटी उपचार से गुजरने वाले व्यक्ति इस इस योजना के लिए पात्र है।
  • विकलांग (PWD> या = ८०%): विकलांगता ८०  प्रतिशत से अधिक होनी चाहिए।
  • अज्ञात एटिओलॉजी किडनी की पुरानी बीमारी (सिकेडीयु): सिकेडीयु उपचार के दौर से गुजरने वाला मरीज इस योजना के लिए पात्र है।

एनटीआर भरोसा पेंशन (एनबीपी) का आवेदन करने के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  • आवेदक की पासपोर्ट आकार की तस्वीर
  • आधार कार्ड
  • बैंक का बचत खाते का  पासबुक
  • आयु और पते का प्रमाण पत्र
  • विकलांगता (एसएडीएआरइएम) प्रमाण पत्र: विकलांग व्यक्ति के लिए
  • विधवा के लिए: पति का मृत्यु का प्रमाण पत्र होना चाहिए
  • ताड़ी निकालने वालों के लिए: सहकारी समिति से प्रमाण पत्र
  • बुनकरों के लिए: बुनकरों की सहकारी समिति से पंजीकरण प्रमाणपत्र

आंध्र प्रदेश एनटीआर भरोसा पेंशन (एनबीपी) के लिए आवेदन कैसे करें?

  • एनबीपी के आवेदन पत्र ग्राम पंचायत, मंडल परिषद विकास अधिकारी और नगर आयुक्त कार्यालय में उपलब्ध रहेंगे। आवेदन पत्र को प्राप्त करे  और पूरी तरह से भरें।
  • आवेदन पत्र के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें, इस पर हस्ताक्षर करें और आवेदन पत्र  को उसी कार्यालय में जमा करें।

आवेदन प्रपत्रों को जन्मभूमि समितियों द्वारा सत्यापित किया जाएगा। एक बार आवेदन स्वीकृत होने के बाद पात्र लाभार्थियों को निर्धारित कार्यालयों और समय पर हर महीने पेंशन दी जाएगी। ऐसे सभी कार्यालय सही लाभार्थियों की पहचान करने के लिए बायो-मेट्रिक कार्ड रीडर से सुसज्ज है। बुढ़ापे या बीमारी के कारण बिस्तर पर पड़े हुए लाभार्थी के लिए हर महीने की पेंशन लाभार्थी के घर पर प्रदान की जाएंगी

आंध्र प्रदेश एनटीआर भारोसा पेंशन आवेदन स्थिति की ऑनलाइन जांच करें:

एनटीआर भरोसा पेंशन (एनबीपी) आवेदन की स्थिति उनकी आधिकारिक वेबसाइट ntrbharosa.ap.gov.in पर ऑनलाइन चेक की जा सकती है।

  • एनटीआर भरोसा पेंशन (एनबीपी) आवेदन की स्थिति की जांच पृष्ठ पर जाने के लिए यहाँ क्लिक करे।
  • पेंशन आईडी चेक बॉक्स पर क्लिक करें
  • अपनी पेंशन आईडी, राशन कार्ड नंबर,एसएडीएआरइएम आयडी दर्ज करें और अपना जिला, मंडल, पंचायत आदि चुनें और गो बटन पर क्लिक करें

एपी एनटीआर भारोसा पेंशन आवेदन स्थिति ऑनलाइन (स्रोत: ntrbharosa.ap.gov.in)

संबंधित योजनाएं:

 

मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना: हिमाचल प्रदेश में नए पैदा हुए बच्चे के लिए नि:शुल्क शिशु किट –

हिमाचल प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री आशिर्वाद योजना शुरू की है और राज्य के सरकारी अस्पतालों में पैदा हुए नए बच्चों को नि:शुल्क शिशु किट प्रदान की जाएंगी।नवजात शिशुओं को १,५०० रुपये के में शिशु किट में १५ चीजे प्रदान की जाएंगी।इस योजना से राज्य में १ लाख माताओं और शिशुओं को लाभ पहुंचाने की उम्मीद है। हिमाचल प्रदेश में नि:शुल्क शिशु किट का वितरण दिसंबर २०१८  से शुरू होगा।

इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य हिमाचल प्रदेश में परिवारों के महिला को बच्चों के जन्म के दौरान अस्पतालों में जाने के लिए प्रोत्साहित करना है।अस्पतालों में जन्म हुए बच्चे को स्वच्छ वातावरण मिलेंगा,उसके कारन नवजात बच्चे को संक्रमण होने से बचाया जाएंगा।राज्य सरकार की उम्मीदवार माताओं के लिए एक और योजना है जिसके अंतर्गत उन्हें पौष्टिक भोजन के लिए गर्भावस्था के दौरान ७०० रुपये प्रति महिना की वित्तीय सहायता प्रदान किया जाएंगी।

                                                                                             Mukhymantri Aashirwad Yojana (In English)

हिमाचल प्रदेश मुख्यमंत्री आशिर्वाद योजना: हिमाचल प्रदेश में पैदा हुए नए बच्चों के लिए एक नि:शुल्क शिशु किट वितरण योजना है।

मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना का उद्देश्य:

  • माताओं को प्रसव के लिए अस्पतालों में जाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएंगा।
  • इस  योजना के तहत नवजात शिशु को उचित पोषण प्रदान किया जाएंगा।
  • यह सुनिश्चित करने के लिए कि स्वच्छता शिशु देखभाल उत्पादों का उपयोग किया जाता है।

मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना का लाभ:

  • इस योजना के माध्यम से नवजात शिशुओं को नि:शुल्क शिशु किट प्रदान की जाएंगी।

मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना के लिए पात्रता:

  • यह योजना केवल हिमाचल प्रदेश में लागू है।
  • नि:शुल्क शिशु किट केवल उन लोगों को दी जाएगी जिनका जन्म सरकारी अस्पतालों में हुआ है।

शिशु किट में मिलने वाली चीजे:  मुख्यमंत्री आशिर्वाद योजना के नई किट में १५ चीजे है: सूट, वेट्स (बनियान), मखमल कपड़ा, दस्ताने की जोड़ी (डस्टेन), मोजे की जोड़ी, शारीर को मालिश करने का तेल, तौलिया, ६ नापियां, मच्छर दानी, कंबल, १ खिलौना,टूथपेस्ट और टूथ ब्रश, स्नान करने का साबुन, वैसलीन और माताओं के लिए तरल हाथ प्रक्षालक भी शामिल होगा।

राज्य बजट २०१८-१९ के दौरान आशिर्वाद योजना की घोषणा की गई है। इसे नवंबर २०१८  में हिमाचल प्रदेश के मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित किया गया है। इस योजना को साल २०१८ के दिसंबर महीने के अंत में शुरू किया जाएगा।नि:शुल्क शिशु किट का वितरण शुरू हो जाएगा।

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शिशु देखभाल किट योजना: महाराष्ट्र में नवजात और उनकी माताओं को नि:शुल्क शिशु किट   

महाराष्ट्र सरकार ने नवजात शिशु और उनकी माताओं के लिए शिशु देखभाल किट योजना की घोषणा की है। महाराष्ट्र सरकार से शिशुओं को उपहार के रूप में २,००० रुपये की नि:शुल्क शिशु देखभाल किट प्रदान की जाएगी।यह योजना केवल उन नवजात शिशुओं पर लागू होती है जो सरकारी अस्पतालों और राज्य के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में जन्म लेते है।

इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य उम्मीदवार महिला को सरकारी अस्पतालों और राज्य के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में नवजात शिशु को जन्म देने के लिए प्रोत्साहित करना है।गरीब और दूरदराज क्षेत्र के घरों में कई मामलों में माता पुरानी प्रथाओं के कारन अपने घर पर बच्चों को जन्म देती है।राज्य में पुरानी प्रथाओं और असुविधा के कारन माता और नवजात शिशु की मौत हो जाती है। यह योजना गर्भवती माताओं और परिवार में नवजात शिशु को जन्म देने वाले महिला को अस्पतालों में भर्ती होने के लिए प्रोत्साहित करती है।

                                                                                                                  Baby Care Kit Scheme (In English)

शिशु देखभाल किट योजना का उद्देश्य:

  • महाराष्ट्र राज्य में नवजात शिशु के मृत्यु दर को कम करना इस योजना का मुख्य उद्देश है।

नि:शुल्क शिशु देखभाल किट किसे प्रदान की जाएंगी? नवजात शिशु की माताओं और नवजात शिशु जिसका जन्म महाराष्ट्र राज्य के सरकारी अस्पताल में हुआ है,उनको नि:शुल्क शिशु देखभाल किट प्रदान की जाएंगी।

 शिशु देखभाल किट योजना का लाभ:

  • लाभार्थी नवजात शिशु को २,००० रुपये  की नि:शुल्क शिशु देखभाल किट प्रदान की जाएंगी।
  • गर्भवती माताओं को अस्पतालों में नवजात शिशु को जन्म देने के लिए प्रोत्साहित किया जाएंगा।

इस योजना को शुरू में आंध्र प्रदेश, हरियाणा और तेलंगाना राज्य में लागू किया गया था।अस्पताल में जन्म देने वाली गर्भवती माताओं की संख्या इस योजना के माध्यम से काफी बढ़ गई है।महाराष्ट्र सरकार ने नवजात शिशुओं और उनके माताओं के लिए नि:शुल्क शिशु किट के वितरण के लिए १०० करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।इस योजना का कार्यान्वयन साल २०१८-१९  में शुरू होगा।

शिशु देखभाल किट में वस्तुओं की सूची:  शिशु के कपड़े, शिशु के लिए एक छोटा सा बिस्तर, तौलिया, प्लास्टिक डायपर (नापियां), शरीर की मालिश का तेल, थर्मामीटर, मच्छर दानी, वूलन का कंबल, शैम्पू, नाखून कटर, हाथ मोजे, मोजे, शरीर धोने के लिए एक छोटासा बिस्तर , तरल हाथ प्रक्षालक, माताओं के लिए लोकर के कपड़े और खिलौने आदि शिशु देखभाल किट में वस्तुओं को प्रदान किया जाएंगा।

महाराष्ट राज्य का महिला एवं बाल कल्याण विभाग इस योजना को लागू करेगा। हर साल लगभग १२ लाख गर्भवती महिलाएं जन्म देती है। इनमें से ८ लाख शहरी क्षेत्रों में से है और १२ लाख ग्रामीण क्षेत्रों से है। उनमें से ४ लाख के करीब महिला पहली बार नवजात शिशु को जन्म देती है।

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दिल्ली विधवा पेंशन योजना (विधवा पेंशन योजना): ऑनलाइन आवेदन पत्र और पंजीकरण –

दिल्ली सरकार ने राज्य के विधवा महिला को दिल्ली विधवा पेंशन योजना (विधवा पेंशन योजना) के आवेदन के लिए आमंत्रित किया है। इस योजना का ऑनलाइन पंजीकरण और आवेदन पत्र ई-डिस्ट्रीबल्स दिल्ली ऑनलाइन पोर्टल edistrict.delhigovt.nic.in पर ऑनलाइन उपलब्ध है। दिल्ली पेंशन योजना के तहत विधवा महिलाओं को परेशानी में मदत प्रदान की जाएंगी।विधवा और  तलाकशुदा महिला के लिए एक वित्तीय सहायता योजना है। यह योजना दिल्ली विधावा पेंशन योजना हिस्सा है। २,५०० रुपये की मासिक पेंशन पात्र लाभार्थि महिला को प्रदान की जाती है। दिल्ली का महिला एवं बाल विकास विभाग (डब्ल्यूसीडी) इस योजना को लागू करता है।

                                                   Delhi Vidhwa Pension Yojana (Widow Pension Scheme) (In English)

विधवा पेंशन योजना के आवेदन लिए दस्तावेजों की सूची:

  • आधार कार्ड
  • आयु प्रमाण पत्र
  • आधार से जुड़े बैंक खाते का विवरण
  • निवास प्रमाण पत्र (आवेदक पिछले ५ साल से दिल्ली का निवासी होना चाहिए)
  • आय प्रमाण पत्र
  • आवेदक का शपथ पत्र जिसमे आवेदक किसी अन्य पेंशन का लाभ नहीं ले रहा है,यह शपथ पत्र में नमूद होना चाहिए

नोट: विधवा पेंशन योजना के आवेदन के लिए आवश्यक न्यूनतम दस्तावेजों की सूची नए उपयोगकर्ताओं को पोर्टल पर पंजीकरण करने के लिए है।

 दिल्ली विधवा पेंशन योजना (विधवा पेंशन योजना) के लिए आवेदन कैसे करें?

  • दिल्ली विधवा पेंशन योजना (विधवा पेंशन योजना) के लिए ऑनलाइन पंजीकरण दिल्ली ई-डिस्ट्रीज पोर्टल पर किया जा सकता है, पोर्टल पर जाने के लिए यहां क्लिक करें।
  • नए उपयोगकर्ताओं को पोर्टल पर पंजीकरण करने की आवश्यकता है, पंजीकरण पृष्ठ पर जाने के लिए यहां क्लिक करें और स्वयं को पंजीकृत करने के लिए निर्देशनो का पालन करें।
  • अब लॉगिन पेज पर जाने के लिए यहां क्लिक करें और अपना उपयोगकर्ता नाम और पासवर्ड से लॉगिन करें।
  • दिल्ली विधवा पेंशन योजना (विधवा पेंशन योजना) ऑनलाइन आवेदन पत्र का चयन करें, आवेदन पत्र को पूरी तरहा से भरें, आवश्यक दस्तावेजों की स्कैन की गई प्रतियां अपलोड करें और आवेदन पत्र को जमा करें।

परेशानी में महिलाओं के लिए दिल्ली पेंशन योजना: दिल्ली में परेशान महिलाओं के लिए एक पेंशन योजना है।पति द्वारा विधवा, तलाक या छोड़े गए सभी गरीब महिलाएं को इस योजना के लाभ के लिए पात्र है और उन्हें २,५०० रुपये की मासिक पेंशन प्रदान की जाएंगी जाएगी।

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