अन्ना विश्वविद्यालय प्रवेश २०१९: बीई, बी-टेक, एमएससी, सीआईडब्लूजीसी, एनआरआई  और  एफ  एन  श्रेणियों के लिए

अन्ना विश्वविद्यालय तमिलनाडु ने  बीई, बी-टेक, एमएससी के लिए अन्ना विश्वविद्यालय प्रवेश २०१९  की घोषणा की है। खाड़ी देशों के भारतीय कामगार के बच्चों  (सीआईडब्लूजीसी), गैर-निवासी भारतीय (एनआरआई), विदेशी राष्ट्रीय (एफ  एन) श्रेणियों के छात्रों के लिए पाठ्यक्रम शुरू  किया है। उपर्युक्त श्रेणियों के छात्र अपनी आधिकारिक वेबसाइट www.annauniv.edu पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते है।
                                                                                                             Anna University  Admission 2019 (In English):
अन्ना विश्वविद्यालय प्रवेश २०१९
पाठयक्रम: बीई, बी-टेक, एमएससी (५ साल  के पाठ्यक्रम)
श्रेणियाँ: खाड़ी देशों के भारतीय श्रमिकों के बच्चे (सीआईडब्लूजीसी), गैर-निवासी भारतीय (एनआरआई), विदेशी राष्ट्रीय (एफ  एन)
वेबसाइट: www.cir.annauniv.edu
ऑनलाइन  आवेदन पत्र  और पंजीकरण: यहाँ  क्लिक करें
संपर्क  विवरण: ईमेल : adm2012015@annauniv.edu
          फोन: +९१-४४-२२३५८६३५ / ८६३१ / ८५६१
महत्वपूर्ण तिथियाँ:
  • यूजी कार्यक्रम के पंजीकरण की अंतिम तिथि: ०७  जून २०१९
  • विदेशी नागरिकों के लिए परामर्श  की तिथि: १७  जून २०१९
  • सीआईडब्ल्यूजीसी और एनआरआई के लिए काउंसलिंग की तिथि: १८  जून २०१९
पंजीकरण शुल्क: $ २००
आवश्यक दस्तावेज:
  • अंकपत्रिका / योग्यता परीक्षाओं की पदवी
  • जन्म  प्रमाण पत्र
  • पासपोर्ट
  • माता -पिता  का वीजा
  • छात्र  और माता-पिता काघोषणा पत्र
  • चिकित्सा प्रमाण  पत्र
  • स्कैन की  गई तस्वीर
  • स्कैन किये गये हस्ताक्षर
अन्ना विश्वविद्यालय प्रवेश २०१९ – बीई, बी-टेक, एमएससी, सीआईडब्लूजीसी, एनआरआई  और  एफ  एन  श्रेणियों के लिए पंजीकरण
और ऑनलाइन आवेदन:
  • अन्ना विश्वविद्यालय के पंजीकरण आवेदन पत्र  पर जाने के लिए यहां क्लिक करें
  • पंजीकरण आवेदन  पत्र को पूरी तरह से भरें और सबमिट करें।
  • प्रवेश  पत्र और लॉगिन करने के लिए यहां क्लिक करें
  • बीई, बी-टेक, एमएससी, सीआईडब्लूजीसी, एनआरआई  और  एफ  एन  श्रेणियों के लिए आवेदन पत्र भरे
  • आवश्यक दस्तावेज़ों की स्कैन की गई प्रतियाँ अपलोड करे।
  • शुल्क का  भुगतान  करे।
  • आवेदन पत्र जमा करे  और आवेदन नंबर को याद रखे।

प्रवासी लाभांश पेंशन योजना (पीडीपीएस): गैर-निवासी केरलवासियों (एनआरके) के लिए पेंशन योजना-

केरल सरकार राज्य में जल्द ही गैर-निवासी केरलवासियों (एनआरके) के लिए प्रवासी लाभांश पेंशन योजना (पीडीपीएस) की घोषणा करेगी। केरल राज्य के राज्यपाल पी सतशिवम ने राज्य विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान इस योजना की घोषणा की है। एक बार ५ लाख रुपये का भुगतान करने पर गैर-निवासी केरलवासियों (एनआरके) के लिए एक नियमित पेंशन योजना है।

इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य दुनिया भर के विभिन्न देशों में रहने वाले प्रवासी मलयालियों का कल्याण और विकास करना है। प्रवासी लाभांश पेंशन योजना (पीडीपीएस) के तहत एकत्रित धनराशि को केरल इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड (केआयआयएफबी) में निवेश किया जाएगा। इस धनराशि का इस्तेमाल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए किया जाएगा।

२१ लाख केरलवासी जो विदेशों में पलायन कर चुके है। उनमें से ९०% मध्य पूर्व में रहते है। राज्य में प्रेषण (भेजा हुआ धन) ८५,०९२  करोड़ रुपये है।

                                                                            Pravasi Dividend Pension Scheme (PDPS) (In English):

  • योजना: प्रवासी लाभांश पेंशन योजना (पीडीपीएस)
  • राज्य: केरल
  • लाभ: नियमित पेंशन योजना
  • लाभार्थी:  गैर-निवासी केरलवासि (एनआरके / एनओआरकेए) प्रवासी मलयाली
  • द्वारा घोषणा: केरल राज्य के राज्यपाल पी सतशिवम

एनओआरकेए के लिए शुरू की जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय टोल-फ्री नंबर और पोर्टल के साथ कॉल सेंटर।

केरल सरकार गैर-निवासी केरलवासियों (एनआरके) के लिए अंतरराष्ट्रीय टोल-फ्री नंबर के साथ एक कॉल सेंटर शुरू करने पर काम कर रही है। एनआरके जानकारी प्राप्त करने, समस्याओं की रिपोर्ट करने, सहायता प्राप्त करने और शिकायत दर्ज करने के लिए कॉल कर सकते है।

सरकार प्रवासी मलयाली के लिए एक परस्पर संवादात्मक पोर्टल शुरू करने की भी योजना बना रही है। यह पोर्टल जानकारी प्रदान करेगा, विभिन्न नौकरी के अवसर और ऑनलाइन सत्यापन और भर्ती प्रक्रिया को भी प्रदान करेगा। मुख्य रूप से टोल-फ्री नंबर और पोर्टल विदेशों में रहने वाले अनिवासी भारतीयों के लिए संपर्क का बिंदु के रूप में कार्य करेगा।

 

प्रवासी तीर्थ दर्शन योजना (पीटीडीवाय): अनिवासी भारतीयों के लिए निःशुल्क धार्मिक पर्यटन-

भारत देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने प्रवासी भारतीयों के लिए प्रवासी तीर्थ दर्शन योजना (पीटीडीवाय) की घोषणा की है। भारत सरकार विदेशों में बसे उन सभी लोगों को धार्मिक पर्यटन प्रायोजित करेगी। इस योजना की घोषणा प्रवासी भारतीय दिवस २०१९ में की गई है। सरकार भारत के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक दौरे के लिए चयनित अनिवासी भारतीयों का समूह बनाएगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य अनिवासी भारतीय (एनआरआई) को भारत देश की मूल और सांस्कृतिक विविधता के बारे में जानकारी बताना है और मुख्य रूप से देश में पर्यटन को बढ़ावा देना है। भारत देश के अर्थव्यवस्था के जीडीपी में पर्यटन का बहोत बड़ा योगदान रहा है।

                                                                                  Pravashi Tirth Darshan Yojana (PTDY) (In English):

  • योजना: प्रवासी तीर्थ दर्शन योजना (पीटीडीवाई)
  • योजना की घोषणा: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी
  • विशेषण: भारत देश के पर्यटन को बढ़ावा देना
  • लाभ: भारत देश के धार्मिक स्थलों पर मुफ्त यात्रा करें
  • लाभार्थी: अनिवासी भारतीय (एनआरआई)

प्रवासी भारतीय दिवस २०१९ को ४० अनिवासी भारतीय (एनआरआई) पर्यटकों का पहिला समूह मौजूद था। हर साल दो बार इस यात्रा का आयोजन किया जाएगा।

प्रवासी तीर्थ दर्शन योजना (पीटीडीवाय) का लाभ:

  • अनिवासी भारतीय (एनआरआई) को भारत देश की जड़ो के बारे में जानने का अवसर प्रदान किया जाएंगा।
  • भारत देश की सांस्कृतिक विविधता को देखने का अवसर प्रदान किया जाएंगा।
  • भारत देश के चयनित धार्मिक स्थलों नि:शुल्क यात्रा प्रदान की जाएंगी।
  • सरकार अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) के लिए निवास स्थान से भारत देश तक की हवाई यात्रा का खर्चा करेगी।

प्रवासी तीर्थ दर्शन योजना (पीटीडीवाय) के लिए पात्रता:

  • यह योजना केवल अनिवासी भारतीय (एनआरआई) के लिए लागू है।
  • आयु सीमा: ४५ से ६५ आयु वर्ग के अनिवासी भारतीय (एनआरआई) इस योजना के लिए आवेदन कर सकते है।

इस योजना को चरणों में लागू किया जाएगा। नि:शुल्क यात्रा के लिए सभी इच्छुक पात्र लाभार्थी आवेदन कर सकते है। सरकार यात्रा के लिए आवेदकों में से कुछ लोगों का चयन करती है। गिरमिटिया देश जैसे मॉरीशस, फिजी, सूरीनाम, गुयाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, जमैका देश में रहने वाले अनिवासी भारतीय (एनआरआई) को प्राधान्य दिया जाएंगा।

अन्य महत्वपूर्ण योजनाएँ:

 

 

आयकर विभाग मुखबिर पुरस्कार योजना: आयकर चोरी को सूचित करें और ५ करोड़ रुपये तक कमाएं

केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीडीबीटी) ने आयकर विभाग मुखबिर पुरस्कार योजना सुरु की है| इस योजना के तहत आयकर चोरी को सूचित करने पर ५ करोड़ रुपये तक तक का इनाम दिया जायेगा। इस योजना के तहत कोई भी कर चोरी (टैक्स चोरी) की रिपोर्ट कर सकता है और ५  करोड़ रुपये तक का इनाम प्राप्त कर सकता है। भारत और विदेश में आयकर चोरी करने वालो की जानकारी प्राप्त करने के लिए यह अभिनव उपक्रम आयकर विभाग द्वारा सुरु किया गया है| मुखबिरों का नाम और पहचान सरकार द्वारा गोपनीय रखी जाएगी। यह योजना आयकर विभाग (आईटी) अधिनियम, १९६१, ब्लैक मनी (अनजान विदेशी आय और संपत्ति) के प्रावधानों और कर अधिनियम २०१५ के प्रभाव के तहत पर्याप्त कर चोरी के तहत लागू की गई है। इस योजना को पहली बार २००७ में सुरु किया गया था और इस योजना २०१५  में संशोधित किया गया है ।

Income Tax Informants Rewards Scheme (In English)

आयकर मुखबिरों पुरस्कार योजना क्या है?टैक्स चोरी के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड द्वारा संचालित योजना जो मुखबीरोंको ५ करोड़ तक के इनाम से पुरस्कृत करता है|

अद्यतन: योजना २०१८  में फिर से शुरू की गई है और आयकर विभाग मुखबिर पुरस्कार योजना २०१८  के रूप में इस योजना को जाना जाता है और इनाम राशि अब ५ करोड़ रुपये करोड़ है| इससे पहले मुखबिरों को तत्काल इनाम के रूप में १ लाख का भुगतान किया जाता था और बाद में वास्तविक कर वसूली के आधार पर बरामद राशि का १०% के  तत्काल पुरस्कार के रूप में मुखबिर को प्रदान किया जाता था और बाद में १५  लाख का भुगतान किया जाता है।

आयकर मुखबिरों पुरस्कार योजना के लिए पात्रता:

  • यह योजना सभी के लिए खुली है।
  • कोई भी व्यक्ति आयकर चोरी की रिपोर्ट कर सकता है।

कर चोरी को कैसे सूचित करें?

  • इस योजना का लाभ उठाने के लिए मुखबिर के पास करदाता की विशिष्ट जानकारी होनी चाहिए।
  • मुखबिर के पास करदाता के कर चोरी पर विशिष्ट विवरण होना चाहिए।
  • अनुबंध ए और अनुबंध बी में लिखित बयान में विशिष्ट विवरण के साथ रिपोर्ट की जानी चाहिए (अनुबंध ए और अनुबंध बी डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें)

पुरस्कार राशि:

  • भारत और विदेशों में कर बकाएदरों के मुखबिर को ५ करोड़ रुपये का इनाम मिलेगा।
  • इनाम केवल वसूली योग्य करों की राशि पर लागू होता है।
  • इनाम राशी करों की राशि पर लागू नहीं होती है जिसे पुनर्प्राप्त नहीं किया जा सकता है।

अधिक जानकारी: