महाराष्ट्र में संजय गांधी निराधर अनुदान योजना:

संजय गांधी निराधार अनुदान योजना महाराष्ट्र सरकार द्वारा शुरू की है। महाराष्ट्र राज्य सरकार निराधार व्यक्तियों, अंधे, विकलांग, अनाथ बच्चों, प्रमुख बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों, तलाकशुदा महिलाओं, त्याग वाली महिलाओं, वेश्यावृत्ति से मुक्त महिलाओं, अपमानित महिलाओं आदि को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इस योजना में विधवा बच्चों को भी लाभ प्रदान किया जाता है। संजय गांधी निराधर अनुदान योजना के तहत महाराष्ट्र सरकार लाभार्थी को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इस योजना में प्रत्येक लाभार्थी को प्रति माह ६०० / – रुपये दिए जाते है और एक से अधिक लाभार्थी वाले परिवार को प्रति माह ९०० / – रुपये दिए जाते है । लाभार्थी को लाभ तब तक दिया जाएगा जब तक कि उसका बच्चा २५  वर्ष का हो जाएंगा या वह नियोजित हो जाएंगा। यदि लाभार्थी की केवल बेटियां है तो लाभ २५  वर्ष  तक या शादी होने तक लाभ प्रदान किया जाएंगा। इस विशेष योजना का मुख्य उद्देश्य एक जरूरतमंद व्यक्ति को वित्तीय सहायता प्रदान करना है।

                                                                                               Sanjay Gandhi Niradhar Yojana (In English)

संजय गांधी  निराधर योजना का लाभ:

  • व्यक्तिगत लाभार्थी को ६०० रुपये प्रति महिना प्रदान किया जाएगा।
  • एक से अधिक लाभार्थी वाले परिवार को ९००  रुपये प्रति महिना प्रदान किया जाएगा।

संजय गांधी नरधर योजना के लिए पात्रता:

  • गंतव्य व्यक्तियों, अंधे, विकलांग, अनाथ बच्चे, बड़ी बीमारियों से पीड़ित व्यक्ति, तलाकशुदा महिलाओं, त्याग किए गए महिलाएं, वेश्यावृत्ति से मुक्त महिलाएं, अपमानित महिलाओं, ट्रांसजेंडर इस योजना के लिए पात्र है।
  • व्यक्ति जिसकी विकलांगता न्यूनतम ४०% से ज्यादा  है।
  • व्यक्ति जिसकी उम्र ६५ साल से कम है।
  •  व्यक्ति की वार्षिक पारिवारिक की आय २१,००० रुपये तक होनी चाहिए।
  •  व्यक्ति महाराष्ट्र राज्य का निवासी होना चाहिए।

संजय गांधी निराधार योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  • आवेदन पत्र
  • निवास का प्रमाण पत्र
  • आयु का प्रमाण पत्र
  • आय का प्रमाण पत्र
  • लाभार्थी का परिवार गरीबी रेखा के निचे (बीपीएल) में होना चाहिए
  • अपंग का प्रमाण पत्र
  • सिविल सर्जन और सरकारी अस्पताल के मेडिकल अधीक्षक द्वारा जारी किया अपंग का प्रमाण पत्र

आवेदन के लिए प्रक्रिया:

  • आवेदक को गांव की तालाटी से संपर्क करना चाहिए।
  • आवेदक को तहसीलदार से संपर्क करना चाहिए।
  • संजय गांधी निराधार योजना की प्रक्रिया के लिए संबंधित जिले के जिला सामाजिक कल्याण अधिकारी से आवेदक संपर्क करे।

संदर्भ और विवरण:

 

 

 

स्मार्ट राशन योजना (एस आर वाय) पंजाब: नयी आटा दाल योजना – पात्रता, आवश्यक दस्तावेज़, आवेदन पत्र और आवेदन की प्रक्रिया

भारत सरकार के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एनएफएसए)। के तहत पंजाब सरकार ने स्मार्ट राशन कार्ड योजना (SRCS) की सुरवात की है. ईस योजना के तहत लाभार्थी को राशन नई मजबूत जैव मीट्रिक प्रणाली के आधार पर वितरित किया जाएगा. राशन गरीब और जरुरतमंद लाभार्थीयों को वितरित किया जाये और जैव मीट्रिक प्रणाली के मदत से भ्रष्टाचार को रोकना यह योजना का मुख्य उद्देश है. पंजाब राज्य मे १.४१ करोड़ लोगो को नए स्मार्ट राशन कार्ड योजना के तहत लाभान्वित किया जाएगा और इस योजना के लिए सरकार आगामी बजट २०१८-२०१९ में ५०० करोड़ का बजट का प्रस्ताव करने वाली है. स्मार्ट राशन कार्ड योजना १ अप्रैल २०१८ से शुरू करने का निर्धार है.

स्मार्ट राशन कार्ड योजना (SRCS) पंजाब क्या है?

पंजाब सरकार की नई आटा दाल योजना जिसके तहत जैव मीट्रिक प्रणाली के आधार पर लाभार्थी को राशन विपरित किया जाएगा|

स्मार्ट राशन कार्ड योजना (SRCS) का लाभ:

  • पंजाब राज्य के १.४२ लोग स्मार्ट राशन कार्ड योजना (SRCS) योजना के तहत लाभान्वित किया जाए
  • गेहूं २ रूपए प्रति किलोग्राम से दिया जाएगा
  • राशन नई मजबूत जैव मीट्रिक प्रणाली के आधार पर दिया जाएगा
  • गेहूं 30 किलोग्राम पैकेजिंग मे दिया जाएगा
  • छह महीने का राशन (गेहूं) एक ही बार मे दिया जाएगा
  • राशन लाभार्थी के घर पर विपरित किया जाएगा
  • लाभार्थी बैग साथ मे रखे जिसमे उनको राशन दिया जा सके
  • एक परिवार मे परिवार के सदस्यों की संख्या के नुसार राशन मिलेगा उसके उपर राशन नही मिलेगा परिवार के सदस्य को प्रति माह 5 किलोग्राम के हिसाब से गेहूं दिया जाएगा
  • २० रूपए किलोग्राम योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को आधा किलोग्राम दाल प्रति महिने के हिसाब दि जाएगी
  • एक किलोग्राम चीनी और चाय १०० ग्राम SRCS के तहत रियायती दरो पर दी जाएगी