कौशल्या सेतु कौशल विकास कार्यक्रम:

महाराष्ट्र सरकार ने  कौशल्या सेतु का शुभारंभ किया है। यह महाराष्ट राज्य के छात्रों के लिए एक कौशल विकास कार्यक्रम है। इस अवसर पर महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फड़नवीस, केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री राजीव प्रताप रूडी और महाराष्ट्र राज्य के शिक्षा मंत्री श्री विनोद तावड़े उपस्थित थे। कौशल्या सेतु पहल के तहत  माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक शिक्षा महाराष्ट्र राज्य बोर्ड के छात्र, जो कक्षा दसवीं या एसएससी परीक्षा पास करने में असफल रहे है, उन छात्रों को कौशल विकास पाठ्यक्रमों के लिए समायोजित किया जाएगा, ताकि उन छात्रों को एक साल खोना ना पड़े। कौशल्या सेतु महाराष्ट्र राज्य में विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रमों में से एक सर्वश्रेष्ठ कौशल विकास कार्यक्रम है।  कौशल्या सेतु कौशल विकास कार्यक्रम के माध्यम से सरकार कौशल विकास कार्यक्रम के लिए उन छात्रों को समायोजित करेगी जो दसवीं या बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं को पास करने में असफल रहे है। इस योजना के माध्यम से  सरकार को असफल छात्रों का एक साल बचाने का मुख्य लक्ष्य है। कौशल विकास पहल के माध्यम से  महाराष्ट्र सरकार ने भारत देश के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के कौशल भारत मिशन – २०२०  की दिशा में योगदान करने की योजना बनाई है। महाराष्ट्र सरकार की पहल में केंद्र सरकार के साथ-साथ नीति आयोग का समर्थन है और इस पहल से कुशल लोगों को अपना व्यवसाय शुरू करने और रोजगार प्रदान करने के अलावा अन्य स्वरोजगार गतिविधियों में भी मदत मिलेगी। महाराष्ट्र सरकार के अनुसार, कौशल्या सेतु एक बहुआयामी कार्यक्रम है जिस में तकनीकी, वित्तीय, ऊष्मायन और सुविधा सहित कई पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

                                                                 Kaushalya Setu Skill Development Programme (In English):

कौशल्या सेतु कौशल विकास कार्यक्रम के लाभ:

  • राज्य के लगभग ७.५ लाख छात्रों को कौशल प्रदान किया जाएंगा।
  • कौशल विकास कार्यक्रम के तहत दसवीं या बारहवीं कक्षा की परीक्षा को पास करने में असफल रहने वाले छात्रों को मदत की जाएंगी। इस प्रकार सरकार  का राज्य में असफल छात्रों का एक साल को बचाने का मुख्य लक्ष्य है।
  • अपने कौशल के प्रमाण पत्र की मांग करने वाले छात्रों को अनौपचारिक रूप से अधिग्रहीत कर लिया है।
  • व्यक्तियों को स्नातक स्तर की पढ़ाई तक कौशल प्रदान किया जाएंगा।
  • राज्य के स्कूल में छात्र के जल्दी स्कूल छोड़ने के प्रमाण को कम किया जाएंगा।
  • बाल मजदूर और उनके परिवार को शिक्षा के लिए प्रोस्ताहित किया जाएंगा।

कौशल्या सेतु कौशल विकास कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं:

  • माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक शिक्षा महाराष्ट्र राज्य बोर्ड के छात्र, जो कक्षा दसवीं या एसएससी परीक्षा पास करने में असफल रहे है, उन छात्रों को कौशल विकास पाठ्यक्रमों के लिए समायोजित किया जाएगा। इस योजना के माध्यम से महाराष्ट्र राज्य के छात्रों को एक साल खोना नहीं पड़ेगा।
  • यह प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरु किये कौशल भारत मिशन -२०२० को पूरा करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
  • यह केंद्र सरकार द्वारा स्टार्ट-अप व्यवसायों के सभी पहलुओं का समर्थन करने के लिए नीति आयोग  द्वारा शुरू किया गया एक तंत्र है और अन्य स्व-रोजगार गतिविधियों को  विशेष रूप से प्रौद्योगिकी-संचालित क्षेत्रों में सेतु  एक तकनीकी-वित्तीय, ऊष्मायन और सुविधा कार्यक्रम है।

कौशल्या सेतु कौशल विकास कार्यक्रम के लिए पात्रता आवेदन:

  • महाराष्ट राज्य का छात्र जिसकी आयु १४ साल से आधिक है।
  • बिना  किसी भी शैक्षणिक पात्रता / अनुभव / कौशल के लिए और नौकरी की तलाशने वालो के लिए या स्वरोजगार करने वाला व्यक्ति इस योजना के लिए पात्र है।
  • व्यक्ति महाराष्ट्र राज्य का निवासी होना चाहिए।

कौशल्या सेतु कौशल विकास कार्यक्रम के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  • निवास प्रमाण पत्र
  • पहचान प्रमाण पत्र जैसे की आधार कार्ड
  • अधिवास प्रमाण पत्र

संपर्क विवरण और संदर्भ:

  • आधिक जानकारी के लिए इस योजना के आधिकारिक वेबसाइट पर जाए: https://mahakaushalya.com/Site/Index

 

 

घर से काम करने के लिए ग्रामीण जन योजना (डब्ल्यूएफएचआरएमएस): आंध्र प्रदेश के ग्रामीण युवा अब घर से काम कर सकते है और कमा सकते है –

आंध्र प्रदेश सरकार राज्य के ग्रामीण क्षेत्र युवाओं के लिए एक अभिनव योजना सुरु करने की योजना बना रही है जिसे घर से काम करने के लिए ग्रामीण जन योजना (डब्ल्यूएफएचआरएमएस) कहा जाता है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्रदान करना और उन्हें सशक्त बनाना है। आंध्र प्रदेश सरकार ने पूरे राज्य में फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क (फाइबरनेट) बिछाया है। आंध्र प्रदेश राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में कम लागत में इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान की जाती है। फाइबरनेट के माध्यम से प्रति माह १५० पिक्चर (फ़िल्में) और मनोरंजन के लिए ग्रामीण क्षेत्र के लोगों द्वारा इंटरनेट सेवाओं का आनंद लिया जाता है, लेकिन अब सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए बुनियादी ढांचे का उपयोग करना चाहती है।

                                                   Work From Home For Rural Masses Scheme (WFHRMS) (In English)

घर से काम करने के लिए ग्रामीण जन योजना (डब्ल्यूएफएचआरएमएस) क्या है? आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं, गृहिणियों और बेरोजगारों को नौकरी के अवसर प्रदान करने के लिए एक अभिनव योजना है। लाभार्थी इस योजना के माध्यम से सरल माहिती (डेटा) प्रविष्टि प्रकार के काम कर सकते है और अपने गांवों में बैठे कर पैसे कमा सकते है।

घर से काम करने के लिए ग्रामीण जन योजना के लिए पात्रता:

  • आंध्र प्रदेश राज्य के गांवों में युवा, गृहिणियां और बेरोजगार इस योजना के लिए आवेदन कर सकते है।
  • न्यूनतम शैक्षणिक पात्रता: लाभार्थी कम से कम १० वीं पास होना चाहिए।
  • लाभार्थी के पास एक कंप्यूटर और वेब कै होना चाहिए।
  • लाभार्थी को कंप्यूटर  ऑपरेटिंग का बेसिक अनुभव होना चाहिए।

घर से काम करने के लिए ग्रामीण जन योजना (डब्ल्यूएफएचआरएमएस) कैसे काम करती है?

  • चयनित उम्मीदवारों को डाटा एंट्री की नौकरी प्रदान की जाएगी।
  • सबसे पहले अमेरिकी निगम और एक यूरोप स्थित बीपीओ भी सरकार का समर्थन कर रहा है और लाभार्थी के लिए नौकरी के अवसर प्रदान करेगा।
  • वेबकैम के माध्यम से कर्मचारियों पर नजर रखी जाएगी।
  • लाभार्थी को वेतन का भुगतान डिजिटल मोड के माध्यम से किया जाएगा।

घर से काम करने के लिए ग्रामीण जन योजना (डब्ल्यूएफएचआरएमएस) ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों  को वैकल्पिक आय स्रोत प्रदान करेगा और उन्हें एक अच्छा और स्वस्थ जीवन जीने के लिए सशक्त और प्रोत्साहित किया जाएंगा। इस योजना के तहत गांवों में सामाजिक-आर्थिक स्थिति में भी सुधार होंगी। यह किसानों को आत्महत्या को रोकने / कम करने में भी सरकार की मदत करेगी। यह योजना आंध्र प्रदेश में उपलब्ध कराने से पहले कुछ महीनों के लिए प्रयोग के आधार पर चलाई जाएगी।

संबंधित योजनाएं:

सीखो और कमाओ योजना (एसएकेएस):

सीखो और कमाओ योजना (एसएकेएस) केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय द्वारा शुरू की गई योजना है लेकिन इस योजना को राज्य सरकारों द्वारा लागू किया गया है। इस योजना के तहत बेरोजगारी और अकुशल अल्पसंख्यक आबादी के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।इस योजना के माध्यम से बड़े पैमाने पर आबादी से जो युवा बेरोजगार है और युवा के पास कोई कौशल नहीं है, उन युवाओं को पहले प्रशिक्षण दिया जाता है और फिर उन्हें कमाने के अवसरों से परिचित किया जाता है। केंद्र सरकार बेरोजगार युवाओं के लिए वित्तीय सहायता को मंजूरी देते है और प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना करती है जो प्रतिष्ठित वर्गों और कंपनियों के साथ साझेदारी करते है और प्रशिक्षण के बाद वे उन्हें नौकरी के अवसर प्रदान किये जाते है। इस तरह से बेरोजगार युवाओं की पहले सीखने, कौशल हासिल करने और अंत में कमाई करने के लिए सक्षम बनाया जाता है।

                                                                                   Seekho Aur Kamao Scheme (Shaksh) (In English):

 सीखो और कमाओ योजना (एसएकेएस) के लाभ:

  • मुफ्त में प्रशिक्षण: इस योजना की नीति बेरोजगार लोगों को मुफ्त में बिना किसी कौशल के सीखने का अवसर प्रदान करती है।
  • नया अवसर: जो लोग कुशल है, उनको नए अवसर की प्रतीक्षा करनी होंगी।
  • प्रतिष्ठित कंपनीयों द्वारा प्रशिक्षण: योजनाओं के तहत बाजार के कई शिक्षण संस्थानों के विशेषतज्ञा द्वारा बेरोजगार लोगों को प्रशिक्षण दिया जाता है, वीएलसीसी जैसी कई कंपनियों द्वारा बेरोजगार लोगों को प्रशिक्षण दिया जाता है।

सीखो और कमाओ योजना (एसएकेएस) के लिए पात्रता:

  • व्यक्ति की आयु १८ वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
  • लाभार्थी व्यक्ति बेरोजगार होना चाहिए।
  • व्यक्ति अल्पसंख्यक समुदाय से होना चाहिए।

सीखो और कमाओ योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  • जन्म प्रमाणपत्र
  • निवास प्रमाण (जैसे बिजली का बिल, पानी का बिल, गैस कनेक्शन का बिल)
  • अल्पसंख्यक समुदाय का घोषणा पत्र – छात्र द्वारा गैर-न्यायिक स्टांप पेपर पर हलफनामा कि वह केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों में से किसी एक से संबंधित है
  • शिक्षा का प्रमाण पत्र जैसे मार्क शीट, डिग्री का प्रमाण पत्र (यदि कोई हो)
  • परिवार की वार्षिक आय

सीखो और कमाओ योजना के लाभ के लिए किससे संपर्क करना और कहाँ से संपर्क करना:

यह योजना प्रत्येक राज्य और चयनित केंद्रों पर सक्रिय है, ताकि इस योजना के बारे लाभार्थी को जल्दी पता चल सके और जरूरतमंद यात्रा कर सके

  • रोजगार कार्यालय
  • नगर निगम
  • ग्राम पंचायतें
  • परियोजना कार्यान्वयन एजेंसियां ​​(प्रशिक्षण प्रदान करने वाली संस्थाएँ या कंपनियां)

सीखो और कमाओ योजना के नामांकन करने के लिए आवेदन पत्र:

जहां भी प्रशिक्षण चल रहा है, केंद्रों पर आवेदन पत्र उपलब्ध किये जाएंगे। मूल रूप से, सरकार ने इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए प्रत्येक राज्य में कई केंद्र स्थापित किए है जहां प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। आवेदक को सीधे उस जगह का दौरा करना होगा और स्वयं / खुद को नामांकित करना होगा।

अधिक जानकारी के लिए लिंक पर जाएँ:

  • अधिक विवरण और सामान्य सवालों के जवाब प्राप्त करने के लिए कृपया उसी लिंक पर जाएं
  • अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय: http://www.minorityaffairs.gov.in/
  • सीखो और कमाओ मंजूर योजनाओं और संस्थानों: http://www.minorityaffairs.gov.in/sanction-Learn-n-arn

संबंधित योजनाएं:

 

 

मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना (सीएमआरएसवाय): राजस्थान में बेरोजगारों के लिए कम ब्याज दर पर व्यापार ऋण

राजस्थान राज्य की नवनियुक्त सरकार ने भामाशाह रोज़गार योजना (बीआरएसवाय) का नाम बदलकर  मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना (सीएमआरएसवाय)  कर दिया है। यह योजना राज्य में शिक्षित और अशिक्षित बेरोजगार और बेरोजगार युवाओं, महिलाओं, अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के युवाओं, विकलांगों और गरीबों के लिए है। योजना उन्हें कम ब्याज दर पर व्यापार ऋण प्रदान करती है ताकि वे अपना व्यवसाय शुरू कर सकें।

                                                                     Chief Minister’s Rojgar Srijan Yojana (CMRSY) (In English)

मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना (सीएमआरएसवाय) क्या है?
राजस्थान सरकार ने नए व्यवसाय शुरू करने के लिए बेरोजगारों को कम ब्याज दर पर व्यवसाय ऋण प्रदान करने की योजना बनाई है।

मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना (सीएमआरएसवाय) का उद्देश्य:

  • युवाओं, महिलाओं, अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएंगी।
  • विकलांगों को समान अवसर प्रदान किये जाएंगे।
  • राज्य में स्वरोजगार निर्माण किये जाएंगे और रोजगार प्रदान किये जाएंगे।
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया जाएंगा।

मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना (सीएमआरएसवाय) के लाभ:

  • लघु और मध्यम स्तर के व्यवसाय शुरू करने वाले लाभार्थी को बैंक से ऋण प्रदान किया जाएंगा।
  • ८ % की ब्याज दर सब्सिडी पर व्यापर ऋण प्रदान किया जाएंगा।

मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना (सीएमआरएसवाय) के लिए पात्रता:

  • लाभार्थी केवल राजस्थान राज्य का निवासी होना चाहिए।
  • केवल बेरोजगार,युवा, महिला, अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति, विकलांग इस योजना के लिए आवेदन कर सकते है।

मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना राजस्थान

राजस्थान के उद्योग मंत्री प्रसाद लाल मीणा ने इस योजना की घोषणा की है। योजना के लिए सरकार पर्याप्त धन उपलब्ध कराएगी। सरकार को इस योजना को राजस्थान राज्य के गांवों तक पहुचाना है। प्रत्येक पंचायत समिति में १०० बेरोजगार युवाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए ऋण दिया जाएगा। राजस्थान राज्य का उद्योग विभाग इस योजना के कार्यान्वयन की निगरानी करेगी। इस योजना का बड़ा उद्देश्य राज्य में रोजगार के अवसर प्रदान करना है। सरकार राज्य में बेरोजगार युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करने की भी योजना बना रही है।

संबंधित योजनाएं:

राजस्थान आईटी दिवस नौकरी मेला: ऑनलाइन पंजीकरण,आवेदन पत्र और कैसे करें आवेदन?

राजस्थान सरकार द्वारा राज्य में नौकरी तलाशने वालों को रोज़गार के अवसर प्रदान करने के लिये राजस्थान आईटी दिवस नौकरी मेला नाम की पहल शुरू की है। राज्य सरकार एक नियमित अंतराल पर इस पहल के तहत मेगा नौकरी मेला आयोजित करती है।इस पहल के तहत नौकरी की तलाश करने वाले छात्र और युवा को एक ही स्थान से आवेदन कर सकते है।यह भर्ती करने वालों और कंपनियों के लिये मेगा भर्ती ड्राइव रखने और एक स्थान पर सर्वश्रेष्ठ प्रतिभा खोजने के लिये एक मंच है।

                                                                                                            Rajasthan IT Day Job Fair (in English)

राजस्थान आईटी दिवस नौकरी मेला की हेल्पलाइन:

आईटी दिवस नौकरी मेला का मुख्य उद्देश्य राज्य में युवाओं को एक ही स्थान से नौकरी के अवसर प्रदान करना है ताकि उनका समय और पैसे की बचत हो सके और नौकरी तलाशने वालों युवाओं को जल्दी नौकरी मिल सके। राजस्थान नौकरी मेला एक ऐसा स्थान है जहां युवाओं के अपनी प्रतिभा दिखाने ने का मौका मिलता है।भेंटवार्ता और परीक्षण के आधार पर नौकरी तलाशने वालों युवाओं को नौकरी की पेशकश मिलती है। उन्हें नौकरी मेले में नरम कौशल और भेंटवार्ता कौशल की जानकारी प्रदान की जाएंगी।

 राजस्थान आईटी दिवस नौकरी मेला में कौन भाग ले सकता:

  • १० वीं, १२ वीं पास, स्नातक, स्नातकोत्तर नौकरी की तलाश करने वाले युवा इस योजना में भाग ले सकते है।
  • लाभार्थी को मौके पर राजस्थान आईटी दिवस नौकरी मेला या उनकी आधिकारिक वेबसाइट     itjobfair.rajasthan.gov.in  पर पंजीकरण करने की आवश्यकता है।
  • लाभार्थी को अपने अंक-पत्र / प्रमाण पत्र की प्रतिया के साथ अपने बायोडाटा की प्रतिलिपि लेनी होगी और भेंटवार्ता के लिए तैयार रहना होंगा।
  • उम्मीदवार अधिकतम तीन कंपनियों के लिए आवेदन कर सकते है।
  • लाभार्थी भेंटवार्ता दे सकता है और यदि भेंटवार्ता में सफल होने पर उन्हें स्थल प्रस्ताव पत्र दिया जाएंगा।

itjobfair.rajasthan.gov.in सेवाएं:

  • नौकरी तलाशने वालों युवा और नियोक्ताओं के लिए राजस्थान सरकार, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की एक वेबसाइट है।
  • नौकरी तलाशने वाले युवा खुद की नियोक्तिओं को स्वयं  पंजीकृत कर सकते है।
  • नौकरी तलाशने वाले लाभार्थी को ऑनलाइन नौकरियों के लिये आवेदन कर सकते है।
  • आवेदनकर्ता विभिन्न नौकरियों की खोज कर सकते है और आवेदन की स्थिति को देख सकते है।

राजस्थान आईटी दिवस नौकरी मेला:ऑनलाइन पंजीकरण,आवेदन पत्र और कैसे करें आवेदन?

  • यहाँ क्लिक करे राजस्थान आईटी दिवस नौकरी मेले के लिए।
  • अपने सभी व्यक्तिगत विवरण जैसे कि नाम, मोबाइल, ईमेल, जन्मतिथि, लिंग को प्रदान करे।
  • अपना जिला चुनें।
  • अपने शैक्षनिक विवरण को प्रदान करें ।
  • नौकरी मेला का चयन करें जिसमें आप भाग लेना चाहते है।
  •  पंजीकरण पूरा करने के लिए जमा करे बटन पर क्लिक करें।

समृद्धि योजना: एससी/एसटी उद्यमिता योजना कर्नाटक  

कर्नाटक सरकार ने एससी / एसटी (अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति) श्रेणियों के युवाओं के लिए उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए समृद्धि योजना शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य छोटे व्यवसायों के माध्यम से राज्य में स्व-रोजगार को बढ़ावा देना है। यह योजना रोजगार के अवसर प्रदान करेगी और पिछड़े वर्गों के युवाओं को सशक्त बनाएगी। उद्यमशीलता के लिए युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए सरकार निजी कंपनियों के साथ भागीदारी करेगी।सामाजिक कल्याण मंत्री श्री प्रियंका खड़गे ने इस योजना की घोषणा की है। उनके अनुसार सरकार  अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति  समूहों को वित्तीय रूप से स्वतंत्र बनाने के लिए उद्योग के स्वामित्व वाले निजी उद्यम बनाने की योजना बना रही है। यह योजना रोज़गार के वैकल्पिक साधन बनाने के लिए कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित करेगी।

समृद्धि योजना: उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए कर्नाटक राज्य के  अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति युवाओं के लिए एक कौशल विकास / प्रशिक्षण योजना है।

                                                                                                                      Samruddhi Scheme (In English)

समृद्धि योजना का उद्देश्य:

  • अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति युवाओं को इस योजना के माध्यम से सशक्त बनाया जाएंगा।
  • राज्य में स्व-रोज़गार के अवसर पैदा किये जाएंगे।
  • राज्य में रोजगार निर्माण किये जाएंगे।
  • राज्य में अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएंगा।

समृद्धि योजना के लिए पात्रता:

  • योजना केवल कर्नाटक राज्य में लागू है।
  • अनुसूचित जाति / अनुसूचित  जनजाति के श्रेणियों के युवा केवल इस योजना के लिए आवेदन कर सकते है।

समृद्धि योजना का लाभ:

  • आकांक्षा उद्यमियों के लिए अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति युवा सशक्त निधि के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
  • प्रशिक्षण और वित्त पोषण उद्यमियों को अपने खुदरा (रिटेल)आउटलेट या फ़्रैंचाइज़ी शुरू करने में मदद करेगी।

समृद्धि योजना का विशेषताएं और कार्यान्वयन :

  • कर्नाटक के सामाज कल्याण विभाग द्वारा एक योजना है।
  • व्यवसाय स्वामित्व वाली निजी उद्यम बनाई जाएगी।
  • कर्नाटक सरकार ने ३० खुदरा (रिटेल) कंपनियों के साथ समझौता किया है।
  • योजना को कर्नाटक राज्य के अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति श्रेणियों के २५,०००  युवाओं को लाभ होगा।
  • कर्नाटक सरकार अगले तीन वर्षों के लिए सालाना १०,०००  उद्यमियों को तैयार करने की योजना बना रही है।
  • राज्य में आर्थिक और सामाजिक रूप से हाशिए वाले समाजों को लाभान्वित किया जाएंगा।
  • यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों और कर्नाटक के दूसरे शहरों पर केंद्रित होगी।
  • सरकार इस योजना के तहत महत्वाकांक्षी उद्यमियों को बीज अनुदान प्रदान करेगी वित्तीय सहायता प्रशिक्षित युवाओं को अपनी फ्रेंचाइजी या खुदरा (रिटेल) दुकानों को शुरू करने में मदत करेगी।

समृद्धि योजना के लिए फ्रेंचाइज़र के पैनल के लिए आवेदन:

स्थापित कंपनियों / फर्म राज्य में उद्यमशीलता में तेजी लाने के लिए खुद को फ्रेंचाइजी बनने के लिए तैयार कर सकते है। इच्छुक कंपनियां samruddhiyojane.com पर समृद्धि पोर्टल पर खुद को ऑनलाइन नामांकित कर सकती  है।

 

प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई):

प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार (कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय) द्वारा शुरू की गई योजना है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना को पीएमकेवीवाई के रूप में भी जाना जाता है। इस  योजना के माध्यम यह सुनिश्चित करना है कि देश के युवाओं को सर्वश्रेष्ठ तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त होगा ताकि वे देश के समग्र उत्पादन में वृद्धि कर सकें और बदले में भारत देश में बेहतर रोजगार वाला जीवन लाभार्थी को प्रदान कर सके। इस योजना का उद्देश्य अनुमोदित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के सफल समापन के लिए मौद्रिक पुरस्कार प्रदान करके युवाओं के लिए कौशल विकास को प्रोत्साहित करना है।

                                                                                      Prdhanmantri Kaushal Vikas Yojana (In English)

टोल-फ्री नंबर: ०८८०००-५५५५५

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का लाभ:

  • इस योजना के तहत देश के सभी युवाओं को सर्वश्रेष्ठ तकनीकी शिक्षा और कौशल प्रदान कियाजाएगा जो लाभार्थी को भारत और विदेशों में बेहतर रोजगार प्राप्त करने में मदद होंगी।
  • अधिकृत संस्थानों द्वारा कौशल प्रशिक्षण से गुजरने वाले उम्मीदवारों को औसत ८००० (आठ हजार रुपये) प्रति उम्मीदवार मौद्रिक इनाम प्रदान किया जाएगा।
  • उम्मीदवार को प्रधानमंत्री कौशल योजना के माध्यम से अच्छी गुणवत्ता, बेहतर वेतन वाली नौकरियों और स्वयंरोजगार के अवसरों के लिए युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने में मदद मिलेंगी।
  • इस योजना के तहत मौद्रिक इनाम प्रशिक्षुओं को प्रदान किया जाएगा जिन्हें सफलतापूर्वक प्रशिक्षित मूल्यांकन किया गया है और संबद्ध प्रशिक्षण प्रदाताओं द्वारा संचालित कौशल पाठ्यक्रमों में प्रमाणित किया जाएगा।
  • इस योजना के लाभों के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए कृपया इस लिंक पर जाएं:
    (http://www.skilldevelopment.gov.in/assets/images/PMKVY%20Scheme%20booklet.pdf)

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के लाभ प्राप्त करने के लिए पात्रता:

  • सभी युवा जो भारतीय निवासी  है  वह इस योजना के लिए पात्र है
  • जो लाभार्थी कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम में नामांकित है और एक योग्य क्षेत्र में काम करना चाहते है वह इस योजना के लिए पात्र है
  • जो लाभार्थी योजना शुरू होने के एक वर्ष की अवधि के लिए प्रमाणित है
  • एक शर्त पर इनाम धन प्राप्त हो रहा है जो अपने पूरे जीवनकाल के दौरान पहली और एकमात्र समय के लिए

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना लागू करने के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  • अद्वितीय पहचान प्रमाण पत्र जैसे की आधार कार्ड
  • बैंक खाता
  • निवास प्रमाण पत्र
  • स्कूल और कॉलेज के प्रमाण पत्र और मार्कशीट्स (वैकल्पिक)

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में आवेदन करने के लिए एक प्रशिक्षण केंद्र में पंजीकृत होने की प्रक्रिया:

  • इस योजना में नामांकन प्राप्त करने से पहले किसी को प्रशिक्षण केंद्र ढूंढना होंगा और योजना में शामिल होना होंगा। कोई भी आधिकारिक वेबसाइट पर आपके क्षेत्र के पास एक पंजीकृत प्रशिक्षण केंद्र ढूंढ सकते है :(http://www.pmkvyofficial.org)
  • प्रशिक्षण केंद्र की पसंद के बाद  उम्मीदवार को पोर्टल में सभी आवश्यक जानकारी प्रदान करनी होगी। प्रशिक्षण भागीदार उम्मीदवार की जानकारी उनके डेटाबेस पर प्राप्त करेगा और कौशल विकास प्रशिक्षण की व्यवस्था करेगा। प्रशिक्षण केंद्र में सफल प्रशिक्षण के बाद, प्रशिक्षण भागीदार द्वारा प्रमाणीकरण किया जाएगा। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) में उल्लिखित मानदंडों के अनुसार प्रमाणित व्यक्ति को (मुख्य रूप से मौद्रिक पुरस्कार) दिया जाएगा। लाभार्थी को पैसा एनएसडीसी (राष्ट्रीय कौशल विकास निगम) द्वारा दिया जाएगा।

ऑनलाइन पंजीकरण आवेदन पत्र यहां उपलब्ध है:

  • http://www.pmkvyofficial.org

संदर्भ और विवरण:

  •  http://www.pmkvyofficial.org
  • http://www.skilldevelopment.gov.in/assets/images/PMKVY%20Scheme%20bo oklet.pdf
  • लाभार्थी टोल फ्री नंबर ०८८०००-५५५५५ पर संपर्क कर सकते है.
  • लाभार्थी ईमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते है: pmkvy@nsdcindia.org

संबंधित योजनाए:

  • प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना
  • युवाओं के लिए प्रधानमंत्री योजना

ghargharrozgar.punjab.gov.in  घर घर रोजगार / मेगा जॉब फेयर: पंजीकरण, ऑनलाइन आवेदन करें, लॉगिन और पात्रता:

 पंजाब सरकार ने राज्य के बेरोजगार युवाओं के लिए घर घर रोज़गार / मेगा जॉब फेयर नामक   एक अभिनव योजना शुरू की है। यह राज्य में नियोक्ताओं और कर्मचारियों के लिए एक मंच प्रदान करती है। रोजगार सृजन और योजना विभाग प्रमुख राज्य में मेगा जॉब फेयर नामक भर्ती के कार्यक्रम को आयोजित करती है। उन्होंने इस योजना के लिए घर घर रोजगार (नौकरी) नाम का एक आधिकारिक पोर्टल भी शुरू किया है।इस पोर्ट (ghargharrozgar.punjab.gov.in ) के माध्यम से लाभार्थी को  नौकरी तलाशने ने के लिए खुद ऑनलाइन पंजीकृत कर सकते है, और नवीनतम नौकरियों का विवरण प्राप्त कर सकते है। इस पोर्टल का उपयोग करके विभिन्न नौकरियों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते है ।लाभार्थी नियुक्ति पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते है और अच्छे कर्मचारियों को ढूंढने के लिए सरकार की मदत ले सकते है।

                                                                            Ghar Ghar Rojgar / Mega Job Fair Scheme (In English) 

घर घर रोजगार / मेगा जॉब फेयर पंजाब वेबसाइट और हेल्पलाइन नंबर:

घर घर रोज़गार पंजाब पोर्टल और मोबाइल ऐप सेवाएं:

  • नौकरी तलाशने वाले के लिए पंजीकरण
  • नियुक्ति का पंजीकरण
  • राज्य और विदेशी देशों में सरकार और निजी क्षेत्र नौकरियों का अद्यतन करता है
  • कौशल्य प्रशिक्षण
  • परामर्श सेवाएं
  • नौकरी तलाशने वालों के लिए स्थानीय सेवाएं
  • सशस्त्र बल में रोजगार
  • विदेश में रोजगार

मेगा जॉब फेयर / नौकरी महा मेला पंजाब:

 पंजाब राज्य का  रोजगार विभाग हर महीने राज्य के विभिन्न जिलों में रोजगार मेले आयोजित करते है। यह नौकरी तलाशने वालों और नियोक्ताओं की बातचीत करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। नियुक्ति एक ही स्थान पर प्रतिभा की विविधता पर पा सकते है और उन्हें किराए पर ले सकते है । नौकरी तलाशने वालों को एक ही स्थान पर विभिन्न क्षेत्रों में सभी उपलब्ध  नौकरियां मिलती है । वे नौकरी के लिए आवेदन कर सकते है, भर्ती प्रक्रिया में भाग ले सकते है और जॉब फेयर / नौकरी महा मेला में एक ही दिन में नौकरी का प्रस्ताव मिल सकता है।

घर घर रोजगार योजना के लिए पात्रता:

  • आवेदक पंजाब राज्य का निवासी होना चाहिए।
  • शैक्षणिक पात्रता: १० वीं / १२ वीं पास, स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा धारक, आईटीआई आदि आवेदन कर सकते है।

घर घर रोजगार मेगा जॉब फेयर का ऑनलाइन पंजीकरण:

  • घर घर रोज़गार आधिकारिक पोर्टल ऑनलाइन पंजीकरण पर जाने के लिए यहां क्लिक करें।
  •  “नौकरी तलाशने वाले के रूप में पंजीकरण करें” चुनें।
  • ऑनलाइन पंजीकरण आवेदन पत्र भरें, व्यक्तिगत विवरण, रोजगार विवरण, पता, बैंक विवरण, रोजगार विवरण, मोबाइल, ईमेल इत्यादि प्रदान करें।
  • “रजिस्टर” बटन पर क्लिक करें।
  • आप अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त करेंगे, इसे सत्यापित करने के लिए फिर से दर्ज करें, पंजीकरण समाप्त करने के लिए पासवर्ड का चयन करे।

घर घर रोजगार मेगा जॉब मेला नौकरियों के लिए ऑनलाइन आवेदन करें:

  • घर घर रोजगार योजना के लिए लॉगिन करने के लिए यहां क्लिक करें।
  • अपना उपयोगकर्ता नाम, पासवर्ड दर्ज करें और “लॉगिन” बटन पर क्लिक करें।
  • यदि आप कोई परिवर्तन करना चाहते है  तो अपनी प्रोफ़ाइल को सही करें।
  • उन नौकरियों को चुनें जिनमें आप रुचि रखते  है और उनके लिए आवेदन करें। यह आपको  इंटरव्यू स्थल, तिथि और समय का विवरण भी प्रदान करेगा।

घर घर रोजगार योजना चयन प्रक्रिया: चयन प्रक्रिया भर्ती कंपनी पर निर्भर करती है। लेकिन सामान्य रूप से यह नीचे वर्णित तीन चरण प्रक्रिया होगी:

  • स्क्रीनिंग लिखित परीक्षा
  • इंटरव्यू समूह
  • समूह चर्चा

एक आवेदक मेगा जॉब फेयर के तहत अधिकतम तीन नौकरियों के लिए आवेदन कर सकता है।

 

गती धारा योजना पश्चिम बंगाल: वाहन खरीदी के लिए वित्तीय सहायता, १० लाख तक सब्सिडी और ३०% तक कर्ज

राज्य के बेरोजगार युवाओं के लिए पश्चिम बंगाल सरकार (श्रम और रोजगार मंत्रालय) द्वारा गती धारा योजना की घोषणा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे व्यवसाय करने वाले लोगो को वाहन खरीदने के लिए वित्तीय सब्सिडी / सहायता प्रदान की जाएगी। लाभार्थी इस योजना के माध्यम से ऑटो रिक्शा, टैक्सी, बस, छोटे ट्रक इत्यादि खरीद सकेंगे। इस योजना के तहत आवेदक को वाहन खरीदने के लिए १०,००,००० रुपये का ऋण  मिलेगा और उस ऋण पर ३०% की  सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इस योजना के तहत विभिन्न बैंकों के माध्यम से सरकार द्वारा सब्सिडी प्रदान की जाएगी। २० से ४५  वर्ष के आयु वर्ग के बेरोजगार व्यक्ति को ऋण प्रदान किया जाएगा। परिवहन सेवा के माध्यम से रोजगार में वृद्धि करना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है ।

Gati Dhara Scheme (In English)

गती धारा योजना का लाभ:

  • गती धारा योजना पश्चिम बंगाल राज्य में  २० से ४५  साल के आयु वर्ग के बेरोजगार व्यक्तियों को छोटे वाहन व्यवसाय खरीदने के लिए लाभ प्रदान  करता है।
  • इस योजना के तहत सभी राष्ट्रीयकृत बैंक, सहकारी  बैंक, ग्रामीण  बैंक लाभार्थी को १०,००,००० रुपये  ऋण राशि प्रदान करेगी।
  • १०,००,०००  रुपये का ऋण चुकाने के दौरान स्वीकृत ऋण पर  ३०% सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
  • लाभार्थी को ऋण आसानी से उपलब्धता किया जाएगा।
  • ऋण चुकौती में कोई प्रतिबंध नहीं है।
  • लाभार्थी को ऋण चुकाने ने के लिए ५ से ७ साल की आवधि दी जाएगी।

गती धारा योजना के लिए पात्रता और आवश्यक शर्तें:

  • आवेदक उम्मीदवार की उम्र २० से ४५ साल का होना चाहिए।
  • एससी, एसटी और ओबीसी जाती के लोगो के लिए आयु में छूट है। एससी, एसटी जाती के लोगो लिए ५ साल और ओबीसी जाती के लोगो लिए  ३ साल की छुट है।
  • आवेदक और उसके परिवार की कुल आय २५,००० रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए और उसके परिवार का कोई भी व्यक्ति परिवहन सेवा से जुड़ा हुआ नहीं होना चाहिए।
  • लाभार्थी के पास वैध वाणिज्यिक ड्राइविंग (commercial driving license) लाइसेंस होना चाहिए।
  • यह योजना उन सभी उद्यमी पर लागू होती है जो परिवहन सेवा में प्रदाता सेवा करना चाहते है।
  • लाभार्थी ने युवाश्री योजना के तहत लाभ लिया हो वह भी इस योजना के लिए पात्र है।
  • लाभार्थी ने बीएसकेपी, यूएसकेपी या किसी अन्य योजना के तहत ऋण लिया होगा वह भी इस योजना के लिए पात्र है।
  • लाभार्थी पश्चिम बंगाल राज्य का निवासी होना चाहिए
  • इस योजना के माध्यम से परिवार के एक सदस्य को सब्सिडी प्रदान की जाएगी

गती धारा योजना के आवेदन  के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  • ड्राइविंग लाइसेंस
  • संबंधित प्राधिकारी का आय प्रमाणपत्र
  • मूल निवासी प्रमाण पत्र
  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • पहचान का प्रमाण पत्र
  • जाती का प्रमाण पत्र
  • आयु का प्रमाण पत्र
  • बेरोजगारी का प्रमाण पत्र
  • परियोजना की रिपोर्ट
  • शपथ पत्र (नीचे वर्णित शपथ पत्र का प्रारूप)

आवेदन की प्रक्रिया:

  • गती धारा योजना के आवेदन पत्र सब-डिविजनल ऑफिसर (एस डी ओ) कार्यालय और जॉइंट डायरेक्टर ऑफ़ एम्प्लॉयमेंट (कोलकाता म्युनिसिपल कारपोरेशन लिमिटेड) में उपलब्ध है।
  • गती धारा योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन भी किया जा सकता है, ऑनलाइन आवेदन के लिए यहाँ क्लिक करें।
  • आवेदन पत्र (फॉर्म) पूरी तरह से भरे और सभी दस्तावेजोकी सत्यापित प्रति जोड़े। अगर आप ऑनलाइन आवेदन कर रहे है तो सभी दस्तावेज स्कैन करें और अपलोड करे।
  • ऑफलाइन आवेदन करने वाले आवेदन पत्र को अपने नजदीकी सब-डिविजनल ऑफिसर (एस डी ओ) कार्यालय या फिर जॉइंट डायरेक्टर ऑफ़ एम्प्लॉयमेंट कार्यालय पूर्ति भवन साल्ट लेक में जमा करे।

अधिक जानकारी एवं ऑनलाइन फॉर्म:

विद्यांजली योजना (स्कूल स्वयंसेवा कार्यक्रम): बच्चो की शिक्षा और देश की तरक्की में अपना सहयोग दे

विद्यांजली (स्कूल स्वयंसेवा कार्यक्रम) मानव शिक्षा और विकास मंत्रालय और स्कूल शिक्षा साक्षरता विभाग की एक पहल है जो सर्व शिक्षा अभियान के तहत देश भर में सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में सामुदायिक और निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ाने के लिए शुरू किया है। इस कार्यक्रम पर उन लोगों को एक साथ लाने के लिए विचार किया जा रहा है जो स्कूलों में स्वयंसेवा करने के इच्छुक है। स्वयंसेवक बच्चो के साथ संवाद स्थापित करेंगे और साथ ही उनके मेंटर के तौर पर काम करेंगे। विद्यांजली योजना का प्राथमिक लक्ष्य उन स्कूलों को स्वयंसेवक शिक्षक प्रदान करना है विशेष रूप से जिनके पास शिक्षा में बच्चों की सहायता करने के लिए कोई शिक्षित शिक्षक नहीं हैं। यह योजना अलग-अलग पृष्ठभूमि और सेवाओं से लोगों को आमंत्रित कर रही है ताकि वे बच्चों को सही ढंग से शिक्षित कर सके।

Vidyanjali Yojana (In English)

विद्यांजली योजना का लाभ:

  • योजना का सबसे बड़ा लाभ उन लोगों को शैक्षणिक सहायता प्रदान करना है जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।
  • पैसे या कभी-कभी आधारभूत संरचना की कमी के कारण अधिकांश बच्चों को उचित प्रणाली का शिक्षण नहीं मिलता है उन्हें योजना के माध्यम से उच्च शिक्षण प्रदान किया जाएगा।
  • जो लोग अपने ज्ञान के साथ समाज की सेवा करने के इच्छुक है, उन्हें अपने ज्ञान को ज़रूरतमंद लोगों के साथ साझा करने का अच्छा मौका है।
  • सेवानिवृत लोगों और गृहिणीयों जो पर्याप्त समय  प्रबंधित कर सकते  है अब उन्हें ऐसे महान नौकरी में भाग लेने का सुनहरा मौका मिलेंगा।
  • जो बेहद बुद्धिमान और प्रतिभाशाली हैं लेकिन उन्हें नौकरी तलाशने के लिए मंच नहीं मिल रहा हैं, वे अपने सपनों को पूरा करने और भविष्य में अपने पेशे को आगे बढ़ाने के अवसर प्राप्त कर सकते है।

विद्यांजली योजना स्वयंसेवक बनने के लिए पात्रता:

  • भारत के सभी नागरिक जैसे (सेवानिवृत्त पेशेवर, सेवानिवृत्त रक्षा कर्मियों, सेवानिवृत्त सरकारी कर्मि, पेशेवर और गृह निर्माताओं सहित सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी) विद्यांजली योजना के लिए आवेदन कर सकते है।
  • भारतीय मूल के विदेशी व्यक्ति भी इस योजना के लिए पात्र है। लेकिन, भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके पास ओसीआई कार्ड होना अनिवार्य है।
  • सेवानिवृत्त स्वयंसेवकों के पासस्नातक की  डिग्री होनी चाहिए।
  • आवेदनकर्ता न्यूनतम हाईस्कूल (१२ वी कक्षा) पास होना चाहिए।
  • आवेदनकर्ता कम से कम १८ वर्ष की आयु का होना चाहिये और स्कूली शिक्षा भी पूरी होनी चाहिए (१२ वीं कक्षा के बराबर)।

विद्यांजली योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  • पासपोर्ट आकार की फोटो
  • पैन कार्ड
  • आधार कार्ड
  • भारतीय पासपोर्ट
  • मतदान कार्ड
  • मूल निवासी प्रमाण पत्र
  • योग्यता का प्रमाण पत्र

विद्यांजली योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया:

  • स्वयंसेवक MyGov.in  वेब पोर्टल के माध्यम से स्वयंसेवी कार्यक्रम के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते है या मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से आवेदन कर सकते है।
  • योजना की अधिक माहिती के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाये: MyGov.in
  • यहां क्लिक करें और वैध ईमेल आईडी या फोन नंबर के साथ वेबसाइट पर पंजीकरण करें।
  • नाम, संपर्क विवरण, पत्ते का सबूत के साथ आवश्यक जानकारी के साथ आवेदन पत्र भरें।
  • अब अन्य दस्तावेजों के साथ प्रपत्र जमा करे।

स्वयंसेवी की भूमिका क्या है?

  • विद्यांजली कार्यक्रम के तहत स्वयंसेवक को सरकारी स्कूलों को अपनी सेवाएं प्रदान करना होंगा।
  • स्वयंसेवकों को बच्चों को पढ़ना, रचनात्मक लेखन के साथ बच्चों की मदद करना, बच्चों के साथ कहानी की किताब बनाना आदि गतिविधियों का संचालन करना होंगा।

स्वयंसेवी के लिए चयन प्रक्रिया: 

  • चयन प्रक्रिया की निगरानी शिक्षा अधिकारी और संबंधित स्कूलों के संचालक द्वारा की जाएगी।
  • पंजीकरण के बाद खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) आवेदकों का चयन करेंगे।
  • प्रस्तावित स्कूल के  संचालक और  खंड शिक्षा अधिकारी के परामर्श के बाद स्वयंसेवकों की नियुक्ति की जाएगी।
  • स्कूल के  संचालक सहमत होने पर स्वयंसेवकों को स्कूलों में भेजा जाता है। 
  •  स्वयंसेवकों को १२ सप्ताह तक सेवा देनी पड़ती है और सप्ताह में एक बार या सप्ताह में दो बार सेवा प्रदान करना पड़ती है।
  • प्रत्येक स्वयंसेवक का निर्धारित समय समाप्त होने के बाद, आवेदक फिर से ऑनलाइन आवेदन कर सकता है।

संदर्भ और विवरण:

  • विद्यांजली योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए: MyGov.in
  • पंजीकरण ऑनलाइन के लिए यहाँ क्लिक करे
  • विद्यांजली एप्लीकेशन डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करे