राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना, छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में भूमिहीन श्रमिकों की सहायता के लिए राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना लेकर आई है। यह योजना मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा १ सितंबर, २०२१ को शुरू की गई है। इस योजना के तहत भूमिहीन कृषि श्रमिकों या श्रमिकों को मनरेगा के तहत हर साल ६००० रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह उन श्रमिकों के सभी परिवारों को सहायता प्रदान करने का इरादा रखता है जिनके पास जमीन का एक छोटा सा टुकड़ा भी नहीं है और जो कृषि श्रम पर निर्भर हैं। योजना के तहत पंजीकरण १ सितंबर, २०२१ से शुरू हो गया है। योजना के तहत लगभग १० लाख भूमिहीन मजदूर लाभान्वित होंगे।

योजना अवलोकन:

योजना का नाम राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना
योजना के तहत छत्तीसगढ़ सरकार
द्वारा लॉन्च किया गया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
लॉन्च की तारीख १ सितंबर, २०२१
मुख्य लाभार्थी प्रदेश के भूमिहीन मजदूर
लाभ ६०००/- रुपये की वित्तीय सहायता प्रति वर्ष
प्रमुख उद्देश्य राज्य में भूमिहीन श्रमिकों और उनके परिवारों को सहायता प्रदान करना।
बजट रुपये २०० करोड़
पंजीकरण तिथियां १ सितंबर से ३० सितंबर २०२१

योजना के उद्देश्य और लाभ:

  • योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में भूमिहीन श्रमिकों को लाभान्वित करना है।
  • यह योजना सभी भूमिहीन श्रमिकों को कवर करती है।
  • इस योजना के तहत ६००० रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी
  • लाभार्थियों को सीधे उनके बैंक खाते में लाभ मिलेगा।
  • इसका उद्देश्य राज्य के सभी भूमिहीन श्रमिकों और उनके परिवारों का कल्याण सुनिश्चित करना है।
  • यह मुश्किल और कठिन समय में लाभार्थियों के लिए वरदान साबित होगा।

योजना विवरण:

  • राज्य में भूमिहीन श्रमिकों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा शुरू की गई है।
  • यह लॉन्च सीएम ने १ सितंबर, २०२१ को किया था।
  • इस योजना के तहत लाभार्थियों को वित्तीय सहायता के रूप में प्रति वर्ष ६००० रुपये मिलेंगे।
  • यह राशि सीधे लाभार्थी के खाते में डीबीटी के माध्यम से जमा की जाएगी।
  • यह योजना राज्य के सभी भूमिहीन कृषि श्रमिकों को कवर करती है।
  • इस योजना से मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि श्रमिक कार्य पर निर्भर लाभार्थियों और मनरेगा के श्रमिकों को लाभ होगा।
  • पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को सालाना ६०००/- रुपये मिल रहे हैं।
  • अब इस योजना के तहत भूमिहीन श्रमिकों को सालाना ६०००/- रुपये मिलेंगे।
  • इस योजना के तहत राज्य में खेतिहर मजदूरों के लिए १ सितंबर २०२१ से पंजीकरण शुरू हो गया है।
  • पंजीकरण की अंतिम तिथि ३० सितंबर, २०२१ है।
  • पंजीकरण आधिकारिक पोर्टल @ rggbkmny.cg.nic.in पर किया जाना है।
  • भूमिहीन खेतिहर मजदूरों को आधार कार्ड और बैंक पासबुक के साथ ग्राम पंचायत सचिव को आवेदन देना होगा।
  • फिर सचिव इसे जनपद पंचायत सीईओ को जमा करेंगे और फिर आवेदन वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा।
  • सफल पंजीकरण के बाद लाभार्थी को एक रसीद मिलेगी।
  • यह योजना लाभार्थियों के लिए लाभकारी होगी जिसमें कठिन समय में उनकी आजीविका सुरक्षित होगी।
  • इस प्रकार यह उनके कल्याण और सामाजिक सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा।
  • शुभारंभ के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ भूमिहीन श्रमिकों के लिए इस प्रकार की पहल शुरू करने वाला पहला राज्य है।
  • इस योजना से लगभग १० लाख भूमिहीन मजदूरों को लाभ होगा।

ई-श्रम पोर्टल

२६ अगस्त, २०२१ को केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव ने देश के सभी असंगठित श्रमिकों के लिए एक मंच के रूप में ई-श्रम पोर्टल लॉन्च किया। सभी निर्माण श्रमिकों, रेहड़ी-पटरी वालों, प्रवासी श्रमिकों, घरेलू कामगारों, कृषि श्रमिकों और अन्य श्रमिकों को इस पोर्टल पर पंजीकृत करने का लक्ष्य है। यह पोर्टल देश में श्रमिकों को सहायता प्रदान करने के लिए शुरू किया गया है। इस पोर्टल पर पंजीकरण श्रमिकों को आकस्मिक बीमा कवर के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं तक पहुंच प्रदान करेगा। इस पोर्टल पर पंजीकरण प्रक्रिया श्रम मंत्रालय, ट्रेड यूनियनों, राज्य सरकारों और सामान्य सेवा केंद्रों द्वारा समन्वित की जाएगी। पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिक श्रमिकों के लिए निःशुल्क होंगे। श्रम मंत्रालय ने श्रमिकों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक राष्ट्रीय टोल फ्री नंबर – १४४३४ भी शुरू किया है।

पोर्टल अवलोकन:

पोर्टल का नाम ई-श्रम पोर्टल
पोर्टल के तहत श्रम और रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार
द्वारा लॉन्च किया गया केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव
लॉन्च की तारीख २६ अगस्त २०२१
के माध्यम से लागू किया गया श्रम मंत्रालय, ट्रेड यूनियन, राज्य सरकारें और सामान्य सेवा केंद्र
द्वारा विकसित राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र
लाभार्थी देश में असंगठित श्रमिक जैसे निर्माण श्रमिक, रेहड़ी-पटरी वाले, प्रवासी श्रमिक, घरेलू कामगार, कृषि श्रमिक और अन्य श्रमिक।
उद्देश्य सभी असंगठित श्रमिकों का एक राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करना जिससे उन्हें बीमा कवरेज और लागू सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा सके।
वेबसाइट https://eshram.gov.in/

उद्देश्य और लाभ:

  • पोर्टल का मुख्य उद्देश्य देश में सभी असंगठित श्रमिकों को कवर करने के लिए एक मंच प्रदान करना है।
  • इसका उद्देश्य आधार पंजीकरण के अनुरूप सभी असंगठित श्रमिकों का एक केंद्रीकृत डेटाबेस तैयार करना है।
  • पोर्टल असंगठित श्रमिकों को लक्षित करने वाली विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के कार्यान्वयन में सुधार करेगा।
  • इसका उद्देश्य प्रवासी और निर्माण श्रमिकों को सामाजिक और कल्याणकारी लाभों की सुवाह्यता बढ़ाना है।
  • यह भविष्य में कोविड महामारी जैसे किसी भी राष्ट्रीय संकट के दौरान उनकी सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए श्रमिकों का एक डेटाबेस तैयार करता है।
  • श्रमिकों को मृत्यु के मामले में २ लाख रुपये तक और आंशिक विकलांगता के मामले में १ लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवरेज प्रदान करेगी।
  • विभिन्न सामाजिक सुरक्षा और रोजगार योजनाओं के लाभों को भी यह सक्षम करेगा।
  • इस पहल का उद्देश्य देश के सभी श्रमिकों की बेहतरी और कल्याण होगा।

पोर्टल पर पंजीकरण के लिए पात्रता:

  • व्यक्ति को एक असंगठित कामगार होना चाहिए अर्थात कोई भी कामगार जो असंगठित क्षेत्र में स्वरोजगार/घर पर आधारित/वेतन कर्मी है।
  • वह ऐसा कर्मचारी होना चाहिए जो ईएसआईसी या ईपीएफओ का सदस्य न हो या सरकारी कर्मचारी हो।
  • उसकी उम्र १६-५९ साल के बीच होनी चाहिए।

आवश्यक दस्तावेज़:

  • आधार संख्या
  • आधार से लिंक मोबाइल नंबर
  • आईएफएससी कोड के साथ बचत बैंक खाता संख्या

पंजीकरण की प्रक्रिया:

  • ई-श्रम पोर्टल @eshram.gov.in पर जाएं।
  • होमपेज पर ‘रजिस्टर ऑन ई-श्रम’ विकल्प पर क्लिक करें।
  • आधार लिंक्ड मोबाइल नंबर दर्ज करें और कैप्चा दर्ज करें।
  • सेंड ओटीपी ऑप्शन पर क्लिक करें और मोबाइल नंबर वेरिफाई करवाएं।
  • फिर आवश्यक विवरण के साथ फॉर्म भरें और सबमिट करें।
  • भविष्य के संदर्भ के लिए फॉर्म का एक प्रिंटआउट लें।
  • सफल पंजीकरण के बाद, १२ अंकों की विशिष्ट संख्या वाला एक ई-श्रम कार्ड जारी किया जाएगा।

मुख्य बिंदु और विशेषताएं:

  • केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने २६ अगस्त, २०२१ को ई-श्रम पोर्टल का शुभारंभ किया।
  • इस पोर्टल का उद्देश्य देश में असंगठित कामगारों का एक राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करना है जिसे आधार से जोड़ा जाएगा।
  • असंगठित श्रमिकों की श्रेणी में देश में निर्माण श्रमिक, रेहड़ी-पटरी वाले, प्रवासी श्रमिक, घरेलू कामगार, कृषि श्रमिक, प्रवासी श्रमिक, प्लेटफॉर्म श्रमिक और अन्य शामिल होंगे।
  • सभी श्रमिकों के लिए पोर्टल पर पंजीकरण निःशुल्क है।
  • यह पंजीकरण श्रमिकों को मृत्यु के मामले में २ लाख रुपये तक और आंशिक विकलांगता के मामले में १ लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवरेज प्रदान करेगा।
  • यह विभिन्न सामाजिक सुरक्षा और रोजगार योजनाओं के लाभों को भी सक्षम करेगा।
  • ई-श्रम पोर्टल का होमपेज यूआरएल है https://eshram.gov.in/
  • श्रमिकों को आवश्यक विवरण भरकर पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा।
  • पंजीकरण के बाद प्रत्येक श्रमिक को ई-श्रम कार्ड जारी किया जाएगा और यह कार्ड पूरे देश में लागू होगा।
  • यह एक उपयोगकर्ता के अनुकूल पोर्टल है जिसमें सेवाओं, पंजीकरण, हितधारकों आदि के लिए अलग-अलग टैब हैं
  • पोर्टल में विभिन्न प्रशंसापत्र भी हैं, अपडेट के लिए नया अनुभाग क्या है और अन्य सेवाओं के बारे में जानकारी, एक उपयोगकर्ता गाइड, डेमो पंजीकरण वीडियो और विभिन्न अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर दिए गए हैं।
  • इसका एक राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पडेस्क सपोर्ट नंबर भी है – १४४३४ जो हिंदी, अंग्रेजी, तमिल, तेलुगु, बंगाली, कन्नड़, मलयालम, मराठी, ओडिया और असमिया जैसी विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध है।
  • किसी भी प्रकार की पूछताछ या सहायता के लिए कार्यकर्ता सोमवार से शनिवार तक सुबह ८ बजे से रात ८ बजे के बीच इस नंबर पर संपर्क कर सकता है।
  • लगभग ३,५०,५८८ असंगठित श्रमिक पोर्टल पर पहले ही पंजीकरण करा चुके हैं।

कोविड-१९ प्रभावित आजीविका सहायता योजना, मणिपुर

२२ अगस्त, २०२१ को मणिपुर के मुख्यमंत्री श्री एन बीरेन सिंह ने उन लोगों की सहायता के लिए ‘कोविड -१९ प्रभावित आजीविका सहायता योजना‘ शुरू की, जिनकी आजीविका कोविड महामारी के कारण प्रभावित हुई है। मणिपुर में ऐसे कई लोग हैं जो कोविड की दूसरी लहर के कारण आर्थिक रूप से बेहद प्रभावित हैं। इस योजना के तहत सरकार प्रति परिवार एक लाभार्थी को दो समान किश्तों में ५००० रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। इस योजना के तहत राज्य सरकार को जिला स्तर पर लगभग २२३३६ आवेदन प्राप्त हुए। इन आवेदनों में से ७९४३ आवेदनों का अधिकारियों द्वारा सत्यापन किया जाता है। सरकार ने पहली किस्त वितरित की और दूसरी किस्त सितंबर, २०२१ में वितरित की जाएगी। राज्य सरकार द्वारा इस कठिन समय में निम्न आय वर्ग के लोगों के कल्याण के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

अवलोकन –

योजना का नाम कोविड-१९ प्रभावित आजीविका सहायता योजना
योजना के तहत मणिपुर सरकार
द्वारा लॉन्च किया गया मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह
लॉन्च की तारीख २२ अगस्त २०२१
कार्यान्वयन के तहत राज्य समाज कल्याण विभाग
पात्र लाभार्थी स्ट्रीट वेंडर, दिहाड़ी मजदूर, निर्माण स्थल के मजदूर, किसान, सार्वजनिक परिवहन चालक, स्कूल वैन चालक, कारीगर, दुकान सहायक, बुनकर, प्रदर्शन करने वाले कलाकार आदि।
लाभ दो समान किश्तों में ५००० रुपये की आर्थिक सहायता
उद्देश्य सहायता प्रदान करना और उन लोगों का कल्याण सुनिश्चित करना जिनकी आजीविका कोविड के कारण प्रमुख रूप से प्रभावित है।

उद्देश्य और लाभ –

  • पहल का मुख्य उद्देश्य उन लोगों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है जिनके छोटे व्यवसाय और राज्य में आजीविका कोविड के कारण प्रमुख रूप से प्रभावित है।
  • इस पहल के तहत, राज्य सरकार प्रति परिवार एक लाभार्थी को ५००० रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।
  • राज्य सरकार लाभार्थियों को सहायता की राशि २ समान किश्तों में सीधे उनके संबंधित बैंक खातों में देगी।
  • इसका उद्देश्य इन कठिन समय में परिवार का कल्याण सुनिश्चित करना है।
  • इससे लाभार्थियों को जीवित रहने और बुनियादी जीवन स्तर बनाए रखने में मदद मिलेगी।
  • यह पहल राज्य भर में इस कठिन और अभूतपूर्व समय में लाभार्थियों और उनके परिवारों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा के लिए है।

प्रमुख बिंदु –

  • मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने २२ अगस्त, २०२१ को इम्फाल में एक कार्यक्रम में कोविड -१९ प्रभावित आजीविका सहायता योजना का शुभारंभ किया।
  • कोविड महामारी की दूसरी लहर ने राज्य में छोटे व्यवसायों वाले या निम्न आय वर्ग के बहुत से लोगों की आजीविका और अस्तित्व को प्रभावित किया है।
  • इसलिए ऐसे लोगों की मदद के लिए राज्य सरकार यह योजना लेकर आई है।
  • योजना का क्रियान्वयन राज्य समाज कल्याण विभाग के अधीन होगा।
  • योजना के तहत लाभार्थियों को ५००० रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
  • लाभार्थियों को २ समान किश्तों में सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
  • इस योजना के तहत जिला स्तर पर लगभग २२३३६ आवेदन प्राप्त हुए थे।
  • इनमें से ७९४३ आवेदनों का सत्यापन किया जा चुका है।
  • राज्य सरकार ने २५०० रुपये की पहली किस्त वितरित की और २५०० रुपये की दूसरी किस्त सितंबर, २०२१ में वितरित की जाएगी।
  • प्रति परिवार एक लाभार्थी लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र होगा।
  • इस योजना का उद्देश्य लोगों को कठिन परिस्थितियों से निपटने में मदद करना है।
  • इसका उद्देश्य लोगों को जीवित रहने और जीवन स्तर के बुनियादी स्तर को बनाए रखने में सहायता करना है।
  • यह एक वरदान साबित होगा, जिससे लाभार्थियों और उनके परिवारों का कल्याण और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

जवाहर ग्राम समृद्धि योजना (जेजीएसवाई) बिहार

भारत सरकार, श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा बिहार राज्य में जवाहर ग्राम समृद्धि योजना (जेजीएसवाई) शुरू की गई है। बिहार राज्य में ग्रामीण बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा कई कदम उठाए गये है। सार्वजनिक कार्यक्रम भी इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देता है। इस योजना के माध्यम से राज्य के गरीबों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए बनाया गया है, यह योजना १ अप्रैल १९९९  को शुरू की गई है। इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर टिकाऊ संपत्तियों और परिसंपत्तियों को सक्षम करने के लिए संप्रेषित सामुदायिक ग्राम बुनियादी ढाँचे का निर्माण करना है। इस योजना के तहत बिहार राज्य के ग्रामीण क्षेत्र के गरीब लोगों के रोजगार के अवसर बढाए जाएंगे। इस योजना का माध्यमिक उद्देश्य राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगार गरीबों के लिए पूरक रोजगार की पीढ़ी निर्माण करना है। इस कार्यक्रम के तहत मजदूरी (रोजगार) राज्य के गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) परिवारों को दिया जाएगा। यह योजना ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यान्वित की जाती है।

 Jawahar Gram Samriddhi Yojana (JGSY) (In English)

जवाहर ग्राम समृद्धि योजना (जेजीएसवाई) के लाभ:

  • यह योजना लोगों को रोजगार के रूप में लाभ प्रदान करती है।
  • यह योजना आवश्यक ग्रामीण बुनियादी ढाँचे को बढ़ाने के लिए है।

पात्रता और शर्तें:

  • यह योजना पूरी तरह से ग्राम पंचायत स्तर पर लागू की जाती है।
  • ग्राम पंचायत को एकमात्र अधिकार है।
  • बिहार राज्य के गांव के सभी निवासी इस योजना के लिए पात्र है।
  • राज्य के गरीब उम्मीदवार को इस योजना के तहत मजदूरी प्रदान की जाएंगी।

आवश्यक दस्तावेज:

  • पहचान प्रमाण पत्र
  • निवास प्रमाण पत्र
  • आधार कार्ड
  • बीपीएल राशन कार्ड

आवेदन की प्रक्रिया:

  • आवेदक उम्मीदवार को ग्राम प्रधान, पंचायत सदस्यों, खंड विकास अधिकारी, जिला कलेक्टर या जिला ग्रामीण विकास कार्यालय से संपर्क करना होगा।
  • कार्यालय से आवेदन पत्र ले और उसे पूरा भरे।
  • आवेदन पत्र को उसी कार्यालय में जमा करे।

संपर्क विवरण:

  • ग्राम प्रधान, पंचायत सदस्य, खंड विकास अधिकारी, जिला कलेक्टर या जिला ग्रामीण विकास संस्था से संपर्क किया जा सकता है।

अटल आधार योजना (एएवाई):

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में निर्माण श्रमिकों के लिए अटल आधार योजना (एएवाई)  शुरू की है। राज्य के श्रमिकों को रियायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण और स्वास्थ्यकर भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के निर्माण श्रमिकों और मजदूरों को अच्छा भोजन प्राप्त हो सके। श्रमिक दिन भर कठिन परिश्रम करते है और उन्हें पौष्टिक भोजन की बहुत आवश्यकता होती है। उन्हें ५ रुपये के सांकेतिक दर पर भोजन प्रदान किया जाएंगा।

                                                                                                            Atal Aahar Yojana (AAY) (In English):

अटल आधार योजना (एएवाई)

  • राज्य: महाराष्ट्र
  • लाभ: पौष्टिक भोजन ५ रुपये के सब्सिडी दर पर
  • लाभार्थी: निर्माण श्रमिक
  • द्वारा शुरू की: महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फड़नवीस

इस योजना को राज्य में दो चरणों में लागू किया जाएगा। इस  योजना का प्रारंभ करने के लिए राज्य के कुछ क्षेत्रों में लागू किया जाएगा और फिर राज्य के अन्य क्षेत्रों में विस्तारित किया जाएगा। पहले चरण में २०,०००  श्रमिकों को योजना का लाभ प्रदान किया जाएंगा।

राज्य के श्रम बोर्ड में १० लाख मजदूर पंजीकृत है। श्रम का पंजीकरण सभी के लिए खुला है और सरकार ने सभी मजदूरों से अनुरोध किया है कि वे सरकार द्वारा सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए श्रम बोर्ड में अपना पंजीकरण करें।

सरकार उन जगहों पर भोजन उपलब्ध कराने की योजना बना रही है जहां मजदूर काम कर रहे है। इस योजना का मुख्य उद्देश राज्य के सभी श्रमिक के लिए भोजन सुनिश्चित करना है। महाराष्ट्र सरकार ने अपनी आय, स्वास्थ्य और शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने वाले मजदूरों के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू की है।

श्रमेव जयते योजना:

राज्य में मजदूरों के लिए महाराष्ट्र सरकार की एक योजना है। राज्य के ६० साल से अधिक आयु वाले मजदूरों को ३,००० रुपये प्रति माह पेंशन  प्रदान की जाएंगी। श्रमिक की मृत्यु हो जाने के बाद पेंशन श्रमिक के नामांकित व्यक्ति को प्रदान की जाएगी।

जन आरोग्य योजना:

महाराष्ट्र सरकार द्वारा एक स्वास्थ्य देखभाल योजना है। मजदूरों को रु। इस योजना के तहत राज्य के मजदूरों को स्वास्थ्य या चिकिस्ता सुविधा के लिए १.५  लाख रुपये प्रदान किये जाएंगे।

 

Labor / मजदूर

विशेष वित्तीय सहायता योजना

तमिलनाडु सरकार ने राज्य में बीपीएल परिवारों के लिए विशेष वित्तीय सहायता योजना शुरू की है। सभी लाभार्थी परिवारों को २,००० रुपये की विशेष वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। वित्तीय सहायता की राशी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा की जाएंगी। चक्रवात गाजा, सूखे और मानसून की विफलता के कारण सभी पीड़ित बीपीएल परिवारों को सहायता प्रदान की जाएंगी।

तमिलनाडु राज्य के मुख्यमंत्री एडाप्पडी के पलानिस्वामी ने योजना के कार्यान्वयन की शुरुआत की है। उन्होंने योजना के शुभारंभ को चिह्नित करने के लिए ३२ परिवारों के बैंक खाते में वित्तीय सहायता राशी जमा करने के आदेश जारी किये है। तमिलनाडु राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों के ३५ लाख परिवार और शहरी क्षेत्रों के २५ लाख परिवार इस योजना से लाभान्वित होंगे। इस योजना पर राज्य सरकार १,२०० करोड़ रुपये का खर्चा करेंगी।

                                                              Special Financial Assistance Scheme Tamil Nadu (In English)

विशेष वित्तीय सहायता योजना

  • राज्य: तमिलनाडु
  • लाभ: २,००० रुपये की वित्तीय सहायता
  • लाभार्थी: तमिलनाडु राज्य के बीपीएल परिवार

योजना के लिए पात्रता:

  • यह योजना केवल तमिलनाडु राज्य में लागू है।
  • यह योजना केवल बीपीएल परिवारों के लिए लागू है।
  • यह योजना केवल उन लोगों के लिए लागू है जो चक्रवात, सूखे और मानसून की विफलता से प्रभावित हुए है।

शहरी गरीब, खेत का काम करने वाले मजदूर, विद्युत से चलने वाला करघा और हाथ से चलने वाला करघा पर काम करने वाले मजदूर, पेड़ पर चढ़ने वाले, नमक खान में काम करने वाले, पटाखा मजदूर, मछली पकड़ने वाले श्रमिक, जूते और चमड़े के सामान का उत्पादन करने वाले श्रमिक, सफ़ाई का काम करने वाले कर्मचारी, मिट्टी का काम करने वाले कर्मचारी और कई अन्य क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएंगी।

अधिक पढ़े: तमिलनाडु में सरकारी योजनाओंकी सूचि

चक्रवात, सूखे और मानसून की विफलता से प्रभावित परिवारों के लिए वित्तीय सहायता थोड़ी राहत प्रदान करेगी। सरकार ने चक्रवात प्रभावित श्रमिकों को पहले ही अपना जीवन सामान्य करने के लिए मदत की है।

मुख्यमंत्री परिवार सम्मान निधि (एमपीएसएन) योजना:

हरयाणा सरकार ने राज्य में किसानों के लिए मुख्यमंत्री परिवार सम्मान निधि (एमपीएसएन) योजना की घोषणा की है। योजना के तहत किसानों को वित्तीय सहायता और सुरक्षा प्रदान की जाएगी। हरयाणा राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने राज्य के बजट २०१९-२० के दौरान इस योजना की घोषणा की है। इस योजना के लिए सभी किसानों के पास एक एकड़ से कम खेती योग्य भूमि और भूमिहीन मजदूर पात्र है।

                                                                                        Mukhyamantri Parivar Samman Nidhi (MPSN):

मुख्यमंत्री परिवार सम्मान निधि (एमपीएसएन)

  • राज्य: हरियाणा
  • लाभ: राज्य के किसानों और मजदूरों को वित्तीय सहायता और सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाएंगी
  • लाभार्थी: छोटे किसान और मजदूर

लाभ: इस योजना के तहत लाभार्थियों को वित्तीय सहायता या पेंशन प्रदान की जाएगी, लाभार्थी लाभ प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित विकल्प चुन सकते है:

  • लाभार्थी किसान को ६,००० रुपये की हर साल की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएंगी।
  • लाभार्थी किसान को पांच साल के बाद ३६,००० रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएंगी।
  • लाभार्थी के ६० साल के आयु के बाद ३,००० रुपये या १५,००० रुपये प्रति माह की पेंशन प्रदान की जाएंगी।
  • लाभार्थी को पाच साल के बाद १५,००० रुपये या ३०,००० रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएंगी।
  • लाभार्थी को बीमा प्रदान किया जाएंगा और बीमा की किस्त का भुगतान सरकार द्वारा किया जाएगा।
  • लाभार्थी के गैर-प्राकृतिक मृत्यु पर २ लाख रुपये और विकलांग होने पर १  लाख रुपये की बीमा राशी प्रदान की जाएंगी।

मुख्यमंत्री परिवार सम्मान निधि (एमपीएसएन) के लिए पात्रता मापदंड:

  • यह योजना हरियाणा राज्य के निवासियों के लिए ही लागू है।
  • ५ एकड़ से कम जमीन वाले किसान इस योजना के लिए पात्र है।
  • आय सीमा:  राज्य के किसानों या मजदूरों की मासिक आय १५,००० रुपये से कम होनी चाहिए।
  • आयु सीमा: राज्य के किसान की आयु १८  से ६० साल के बिच होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री परिवार सम्मान निधि (एमपीएसएन)  श्रेणियाँ / भुगतान विकल्प:

  • ६,००० रुपये प्रति वर्ष की वित्तीय सहायता: ६,००० रुपये प्रति वर्ष की वित्तीय सहायता की राशी २,००० रुपये के तीन समान किश्तों में परिवार के मुखिया के बैंक खाते में जमा की जाएंगी।
  •  ५ वर्षों के बाद ३६,००० रुपये की वित्तीय सहयता: लाभार्थी परिवार को परिवार के एक सदस्य को नामांकित करना होगा। परिवार के नामांकित व्यक्ति को ५ साल के बाद ३६,००० रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएंगी।
  • पेंशन: नामांकित लाभार्थी को ६० साल के आयु के बाद ३,००० रुपये से १५,००० रुपये की पेंशन  प्रदान की जाएंगी।
  • १५,००० से ३०,००० रुपये की वित्तीय सहयता: लाभार्थी व्यक्ति के विकल्प चयन के आधार पर १५,००० से ३०,००० रुपये की राशी पाच साल के बाद परिवार के नामांकित व्यक्ति को प्रदान की जाएंगी।
  • नामांकित लाभार्थी के पास बीमा कवर करने का विकल्प भी होगा। बीमा योजना के तहत बीमा की किस्त का भुगतान हरियाणा सरकार द्वारा किया जाएंगा।

 

निर्माण श्रमिक पक्के घर योजना:

भारत देश में उड़ीसा राज्य देश भर के निर्माण स्थलों के लिए श्रमिकों को प्रदान करने के लिए बहुत प्रसिद्ध है और इसी कारन से हम इतने बड़े निर्माण स्थलों को देखते है। लेकिन कभी किसीने ने सोचा है कि श्रमिक का जीवन कितना कठिन है? उनके पास पक्का घर नहीं है, बिजली, पानी, सफाई और आश्रय जैसी कोई सुविधा नहीं है। देश में विडंबना यह है कि जो श्रमिक दूसरों के लिए मजबूत इमारतें बनाते है, उनके पास केवल रहने के लिए घर नहीं होता है। इन समस्याओं को दूर करने के लिए उड़ीसा सरकार ने निर्माण श्रमिक पक्के घर योजना को शुरू किया है जिसके तहत श्रमिक को घरों के निर्माण के लिए सरकार द्वारा अनुदान और सुविधाओं तक पहुँचने के लिए मदत की जाएंगी। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए श्रमिकों के पास ५  साल का न्यूनतम पंजीकरण की आवश्यकता होती है, यदि श्रमिक न्यूनतम ५ साल के लिए पंजीकृत है, तो वह अनुदान के लिए पात्र है। यह योजना बहुत ही लचीली है और इसमें उन श्रमिकों को शामिल किया गया है जो राज्य में नहीं है।

                                                                                      Nirman Shramik Pucca Ghar Yojana (In English):

 निर्माण श्रमिक पक्के घर योजना के लाभ:

  • घर का निर्माण करने के लिए अनुदान: इस योजना के तहत पक्के घर (मकान) का निर्माण करने के लिए श्रमिक को १ लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया जाएंगा।
  • पेंशन: इस योजना में प्रावधान है की जिसके तहत श्रमिक को ६० साल की आयु के बाद ५०० रुपये प्रति माह पेंशन प्रदान की जाएंगी।
  • राज्य के बाहर गए श्रमिक को शामिल किया गया: इस योजना के बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें उन श्रमिकों को शामिल किया गया है जो राज्य में नहीं है, लेकिन उड़ीसा राज्य के निवासी है और न्यूनतम ५ साल के समझौते पर हस्ताक्षर किये गये है।
  • योजना के साथ साथ अन्य खर्चों को कवर किया जाएंगा: यह योजना श्रमिकों के जीवन को आसान बनाने के लिए अन्य खर्चों को भी कवर करने की योजना बना रही है, जैसे की शैक्षिक खर्च और मृत्यु बीमा प्रदान किया जाएंगा।

निर्माण श्रमिक पक्के घर योजना के लिए पात्रता:

  • श्रमिक उड़ीसा राज्य का निवासी होना चाहिए।
  • श्रमिक को ओडिशा भवन और ओडिशा निर्माण श्रमिक कल्याण मंडल में ५  साल के लिए पंजीकृत होना चाहिए।

आवश्यक दस्तावेज़:

  • बीपीएल कार्ड
  • ओडिशा भवन व ओडिशा निर्माण कामगार कल्याण मंडल के समझौते के कागज पर हस्ताक्षर होने चाहिए।
  • निर्माण कंपनी से प्रमाणपत्र जिसमे श्रमिक काम कर रहा है और किस राज्य में श्रमिक काम कर रहा है यह नमूद होना चाहिए।
  • निवास प्रमाण पत्र (मतदाता पहचान पत्र, बिजली का बिल (यदि कोई हो), ड्राइविंग लाइसेंस)
  • आधार कार्ड

आवेदन पत्र:

योजना का लाभ पाने के लिए और अनुदान प्राप्त करने के लिए लाभार्थी को केवल जिला श्रम अधिकारी से संपर्क करे और अनुदान के लिए आवेदन करें। प्रक्रिया बहुत सरल और उपयोगकर्ता के अनुकूल है।

संपर्क विवरण:

  • ओडिशा भवन एव ओडिशा निर्माण कामगार कल्याण मंडल
  • श्रम आयुक्त का कार्यालय, ओडिशा
  • पता: यूनिट-३, खारवेल नगर, भुवनेश्वर, ओडिशा

 फोन / फैक्स:

  •  +९१६७४-२३९००७९
  • +९१६७४-२३९००२८
  • +९१६७४-२३९००१३

ईमेल:

 

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (पीएमएसवायएमवाय): असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए मासिक पेंशन योजना

भारत देश के वित्त मंत्री श्री पीयूष गोयल ने प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन  योजना (पीएमएसवायएमवाय)  की घोषणा की है। यह असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए एक मासिक पेंशन योजना है। केंद्र सरकार द्वारा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सेवानिवृत्ति के बाद ३,००० रुपये की मासिक पेंशन प्रदान की जाएंगी। यह योजना केवल असंगठित क्षेत्र के जिन श्रमिकों का मासिक वेतन १५,००० रुपये से कम है, उन श्रमिकों के लिए यह योजना लागु है।

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (पीएमएसवायएमवाय) की घोषणा १  फरवरी २०१९ को भारत देश के वित्त मंत्री द्वारा संसद में अंतरिम बजट २०१९  में की गई है। इस योजना से असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले १० करोड़ कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। भारत सरकार ने इस योजना के लिए ५०० करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।

भारत देश के सभी प्रकार के श्रमिक (मज़दूर), रिक्शा चालक, चीर बीनने वाले और सभी प्रकार के श्रमिक जो प्रति माह १५,००० रुपये से कम कमाते है वह इस योजना के लिए पात्र है। योजना का प्राथमिक उद्देश्य समाज के गरीब वर्गों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। इस योजना के तहत पेंशन का लाभ प्राप्त करने के लिए सभी पात्र श्रमिकों को हर महीने १०० रुपये देने होंगे।

                                             Pradhan Mantri Shram Yogi Maandhan Yojana (PMSYMY) (In English):  

  • योजना: प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (पीएमएसवायएमवाय)
  • लाभ: ३,००० रुपये की मासिक पेंशन
  • लाभार्थी: असंगठित क्षेत्र के श्रमिक (परिश्रम करने वाले, मज़दूर, रिक्शा चालक, चीर बीनने वाले और सभी तरह के श्रमिक)
  • घोषणा किसने की: वित्त मंत्री श्री पीयूष गोयल
  • घोषणा की तिथि: १ फरवरी २०१९

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन  योजना (पीएमएसवायएमवाय) का लाभ:

  • असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को ३,००० रुपये की मासिक पेंशन प्रदान की जाएंगी।
  •  समाज के गरीब वर्ग के श्रमिकों को  सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाएंगी।

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के लिए पात्रता मानदंड:

  • भारत देश के असंगठित क्षेत्र के सभी श्रमिक इस योजना के लिए पात्र है।
  • भारत देश के सभी श्रमिक जो प्रति माह १५,००० रुपये से कम कमाते है वह इस योजना के लिए पात्र है।

नोट: इस योजना के लिए सभी पात्र श्रमिकों को सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन का लाभ प्राप्त करने के लिए हर महीने १०० रुपये प्रदान करने होंगे। मासिक पेंशन सेवानिवृत्ति की आयु के बाद प्रदान की जाएगी। इस योजना से असंगठित क्षेत्र के कम से कम १० करोड़ मजदूरों और श्रमिकों को लाभ होगा। इस योजना का कार्यान्वयन २०१९ से शुरू होगा।

 

बिजली बिल माफी योजना (बीबीएमवाय) / बिजली बिल माफी योजना (पीबीडब्ल्यूएस) मध्य प्रदेश : मजदूरों और बीपीएल  परिवारों के लिए सब्सिडी वाली बिजली योजना – पात्रता और आवेदन पत्र

मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के असंगठित मजदूरों और बीपीएल परिवारों के लिए बिजली बिल माफी योजना (बीबीएमवाई) / बिजली बिल माफी योजना (पीबीडब्ल्यूएस) की घोषणा की है। राज्य मंत्रिमंडल द्वरा इस योजना को मंजूरी दी है और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा इस की घोषणा की गई है। मध्यप्रदेश के सभी घरो मे बिजली उपलब्ध करना इस योजना का मुख्य उद्देश है। इस योजना के तहत गरीब परिवारों को २०० रूपये प्रति महिना रियायती दर से बिजली उपलब्ध की जाएंगी।

 Bijli Bill Mafi Yojana (BBMY) / Power Bill Waiver Scheme (PBWS) Madhya Pradesh (In English)

बिजली बिल माफी योजना (बीबीएमवाय) / बिजली बिल माफी योजना (पीबीडब्ल्यूएस) क्या है?

मध्य प्रदेश राज्य के असंगठित क्षेत्र मजदूरों और बीपीएल परिवारों के मजदूरों के लिए एक बिजली बिल माफी योजना है।

बिजली बिल माफी योजना (बीबीएमवाय)  का  उद्देश:

  • मध्य प्रदेश राज्य के सभी गरीब परिवारों तक  बिजली उपलब्ध करना इस योजना का मुख्य उद्देश है।
  • योजना के माध्यम से मध्य प्रदेश राज्य के मजदूरों और गरीब परिवारों को सशक्त बनाना है।

बिजली बिल माफी योजना (बीबीएमवाय)  का  लाभ:

  • लाभार्थी के १ जून २०१८ तक सभी लंबित बिजली बिलों को माफ कर दिया जाएंगा।

बिजली बिल माफी योजना (बीबीएमवाय)  के लाभार्थी और पात्रता:

  • यह योजना केवल मध्य प्रदेश राज्य के नागरिको के लिए लागू है।
  • यह योजना असंगठित क्षेत्र के पंजीकृत मजदूरों के लिए लागू  है।
  • गरीबी रेखा के नीचे (बिपीएल) परिवार इस योजना के लिए पात्र  है।

बिजली बिल माफी योजना (बीबीएमवाय) का  आवेदन पत्र:

  • सरकार ने अभी इस योजना शुरू कीया है, सरकार अभी योजना के आवेदन पत्र और आवेदन विवरण के साथ आने के लिए तयारी कर रही है।

बिजली बिल माफी योजना (बीबीएमवाय) / बिजली बिल माफी योजना (पीबीडब्ल्यूएस)  का उद्देश:

  • राज्य के मजदूर और बीपीएल परिवार को नि: शुल्क बिजली का कनेक्शन प्रदान किया जाएगा।
  • सरकार राज्य के ७७ लाख परिवारों  को इस योजना के माध्यम  से  लाभ प्रदान करेंगी।
  • इस योजना के माध्यम से १ जून २०१८ तक लबिंत बिल माफ़ कर दिए जाएंगे।
  • राज्य सरकार की तरफ से इस योजना के लिए हर साल १००० करोड़ रूपए संभावित लागत है।
  • मध्य प्रदेश राज्य के मुख्यमंत्री श्री शिवराज चौहान की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल द्वारा इस योजना को अनुमोदित किया गया है।

संबंधित योजनाएं: