आमा योजना, सिक्किम सरकार

४ अक्टूबर, २०२१ को सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने राज्य में नौकरी न करने वाली माताओं के कल्याण के लिए आमा योजना की घोषणा की। इस योजना के तहत लाभार्थी मां को उनके और उनके बच्चों के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए सालाना २०,००० रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना का उद्देश्य लोगों में बचत की आदत को बढ़ावा देना है। यह राज्य में महिलाओं को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने का भी इरादा रखता है। योजना के तहत कार्यान्वयन एजेंसी ग्रामीण विकास विभाग होगी। इस योजना के लिए राज्य सरकार द्वारा तीन साल के लिए कुल १०० करोड़ रुपये का बजट अलग रखा गया है। इस वर्ष के लिए योजना परिव्यय ३२ करोड़ रुपये है।

योजना अवलोकन:

योजना का नाम आमा योजना
योजना के तहत सिक्किम सरकार
घोषणा तिथि ४ अक्टूबर २०२१
द्वारा घोषित मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांगी
कार्यान्वयन प्राधिकरण राज्य ग्रामीण विकास विभाग
लाभार्थि नौकरी न करने वाली माताएं राज्य
लाभ हर साल रुपये २०,००० की वित्तीय सहायता।
प्रमुख उद्देश्य वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना और राज्य में नौकरी न करने वाली माताओं और उनके बच्चों का कल्याण सुनिश्चित करना।

योजना के उद्देश्य और लाभ:

  • योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में नौकरी न करने वाली माताओं को वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
  • इस योजना के तहत लाभार्थी को हर साल २०,००० रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
  • सहायता राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
  • इसका उद्देश्य लोगों में बचत की आदत को बढ़ावा देना है।
  • इसका उद्देश्य राज्य में माताओं के साथ-साथ उनके बच्चों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
  • इस योजना का उद्देश्य राज्य में नौकरी न करने वाली माताओं का समग्र सामाजिक-आर्थिक कल्याण करना भी है।

प्रमुख बिंदु:

  • मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने राज्य में नौकरी न करने वाली माताओं के लिए आमा योजना की घोषणा की।
  • इस योजना की घोषणा मुख्यमंत्री ने ४ अक्टूबर २०२१ को पश्चिम सिक्किम के बेगुने में प्रखंड प्रशासनिक की स्थापना के अवसर पर की थी।
  • यह योजना राज्य में नौकरी न करने वाली माताओं के कल्याण के लिए बनाई गई है।
  • राज्य ग्रामीण विकास विभाग राज्य में इस योजना को लागू करेगा।
  • इस योजना के तहत लाभार्थी मां को हर साल २०,००० रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
  • राज्य सरकार मां के नाम से बैंक खाता खोलकर लाभ की राशि खाते में ट्रांसफर करेगी।
  • इस योजना का उद्देश्य लोगों में बचत की आदत को बढ़ावा देना है।
  • इसका उद्देश्य मां और उसके बच्चों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है।
  • यह राज्य में नौकरी न करने वाली माताओं की भलाई सुनिश्चित करने का भी इरादा रखता है।
  • राज्य सरकार ने तीन साल की अवधि में इस योजना के लिए कुल १०० करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।
  • इस वर्ष के लिए कुल परिव्यय ३२ करोड़ रुपये है।

हिमाचल योजनाएं: अखण्ड शिक्षा ज्योति-मेरे स्कूल से निकले मोती योजना, मेधा प्रोस्ताहन योजना, मुख्यमंत्री गृहिणि सुविधा योजना:

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री जय राम ठाकुर ने मुख्य रूप से राज्य के छात्रों के लिए और नागरिकों के लिए योजनाओं का एक पूल शुरू किया है। हिमाचल योजनाएं का प्राथमिक उद्देश्य छात्रों को अध्ययन और छात्रों के जीवन स्थर में उत्कृष्टता के लिए प्रोत्साहित करना है।

                                                                                                                      Himachal Schemes (In English):

अखण्ड शिक्षा ज्योति-मेरे स्कूल से निकले मोती योजना:

  • हिमाचल प्रदेश राज्य के मेधावी छात्रों का सम्मान करने के लिए एक योजना है।
  • उन सभी छात्रों ने जो अपने स्कूल की पढाई के दौरान कुछ कामियाबी हासिल की है, उन छात्रों के नाम स्कूलों में सम्मान बोर्ड पर उल्लिखित किया जाएंगा।
  • यह योजना छात्र को कड़ी मेहनत करने और स्कूल में पढाई बेहतर करने के लिए प्रेरित करती है।

मेधा प्रोत्सहन योजना:

  • हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के मेधावी छात्रों के लिए एक योजना है।
  • प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए छात्र को तैयार करने के लिए कोचिंग सुविधाएं प्रदान की जाएगी।
  • ५०० मेधावी छात्रों को आईएएस, एचएएस, एनईईटी, जेईई, आईआईटी आदि जैसे परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग के लिए चुना जाएगा।
  • इस योजना के माध्यम से प्रत्येक चयनित छात्रों को १ लाख तक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएंगी।

मुख्यमंत्री गृहिणि सुविधा योजना:

  •  राज्य में घर निर्माताओं / गृहिणियां के लिए एक योजना है।
  • इस योजना के तहत लाभार्थी को नि:शुल्क गैस कनेक्शन प्रदान किया जाएंगा।

हिमाचल प्रदेश राज्य ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त की है।हिमाचल प्रदेश राज्य केरल राज्य के बाद देश में साक्षरता दर में दूसरे पायदान पर है।

 

 

 

 

प्रधान मंत्री उज्वला योजना (पि एम यु वाय): महिलाओंके लिए मुफ्त गैस कनेक्शन

प्रधान मंत्री उज्वला योजना (पि एम यु वाय) भारत के गरीब परिवारों की महिलाओं के लिए केंद्र सरकार द्वारा १  मई २०१६ को शुरू की गई एक योजना है. इस योजना के अंतर्गत गरीब महिलाओं को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन मिलेंगे. इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में खाना पकाने के लिए उपयोग में आने वाले  जीवाश्म ईंधन की जगह एलपीजी के उपयोग को बढ़ावा देना है. योजना का एक मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना और उनकी सेहत की सुरक्षा करना भी है.गरीब परिवार की महिला सदस्यों को मुफ्त रसोई गैस (एलपीजी) कनेक्शन मुहैया कराने के लिए मंत्रिमंडल ने ८,०००  करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है और बीपीएल परिवारों को पाच करोड़ एलपीजी  कनेक्शन प्रदान करने के लिए मंजूरी दी गई है. योजना के तहेत बीपीएल परिवारों को  प्रत्येक रसोई गैस कनेक्शन के लिए १६०० रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करती  है. यह योजना तीन साल के लिए कार्यान्वित की जाएगी अर्थात साल २०१६-१७, २०१७-१८, २०१८-१९ तक  लागू रहेगी. उज्ज्वला योजना का मुख्य उद्देश्य पूरे भारत में स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देना है जो कि मुफ्त में एलपीजी कनेक्शन वितरित  करके पूरा किया जा सकता है. योजना के लागू करने का एक उद्देशय यह भी है कि इससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा और महिलाओं के स्वास्थ्य कि भी सुरक्षा कि जा सकती है. इस प्रकार यह योजना महिलाओं और बच्चों को स्वस्थ रखने में भी सहायक सिद्ध होगी.

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ:

  • योजना गरीब घर के महिलाओं जो ग्रामीण क्षेत्र मे गरीबी रेखा के नीचे (बिपीएल) है उनको स्वातंत्र्य गैस कनेक्शन प्रदान करेगी.
  • प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहेत ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को रोजगार प्रदान करेगी.
  • बीपीएल परिवारों को प्रत्येक रसोई गैस कनेक्शन के लिए १६०० रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करती  है.
  • महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा और महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य कि भी सुरक्षा प्रदान की जाएगी.

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ पाने के लिए पात्रता:

१. यह योजना विशेष रुप से ग्रामीण क्षेत्रों के महिलाओं के लिए शुरू की है.  

२. लाभार्थी  महिला गरीबी रेखा से नीचे (बिपीएल) होनि चाहिए. उसका मतलब महिला के पास पीला राशन कार्ड होना चाहिए.

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज:

१. पीला राशन कार्ड (बिपीएल)

२.  पहचान प्रमाण पत्र जैसे की आधार कार्ड

३. निवास प्रमाण पत्र जैसे की बिजली का बिल

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लिए  किसे संपर्क करे:

१. लाभार्थी महिला नजदीकी गैस कनेक्शन एजेंसी जैसे भारत गैस, इंडेन गैस और  यच.पी. मे संपर्क करे और महिला ऑनलाइन भी आवेदन कर सकती है.

२. लाभार्थी महिला ग्रामपंचायत कार्यालय से आवेदन पत्र के लिए संपर्क कर सकती है.

संदर्भ और विवरण:  

१. http://www.petroleum.nic.in

२. भारत गैस, इंडेन गैस और यच.पी. गैस की अधिकारिक वेबसाइट पर आधिक जानकारी प्राप्त कर सकते