सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पंजाब

३१ अगस्त, २०२१ को अमरिंदर सिंह ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि को ५०० रुपये से बढ़ाकर १५०० रुपये प्रति व्यक्ति करने की शुरुआत की। सामाजिक सुरक्षा पेंशन पहल के तहत राज्य में वृद्ध, विकलांग, विधवा, निराश्रित और अन्य कमजोर वर्ग के लोगों को मासिक पेंशन की सुविधा प्रदान की जाती है। यह पेंशन लाभार्थियों को उनके वृद्धावस्था में वित्तीय सहायता के रूप में प्रदान की जाती है। यह लाभार्थियों को सम्मान के साथ सामाजिक रूप से सुरक्षित जीवन जीने में मदद करता है। इस पहल का उद्देश्य उनकी दैनिक जरूरतों को पूरा करने और शांतिपूर्ण जीवन जीने में उनकी मदद करना है। यह लाभार्थियों को वास्तविक आवश्यकता में मुख्य सहायता प्रदान करेगा जिससे उनका कल्याण सुनिश्चित होगा।

योजना अवलोकन:

योजना का नाम सामाजिक सुरक्षा पेंशन
योजना के तहत पंजाब सरकार
एन्हांस लॉन्च किया गया मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह
लाभार्थी राज्य में वृद्ध, विकलांग, विधवा, निराश्रित और अन्य कमजोर वर्ग के लोग
लाभ मासिक पेंशन के माध्यम से वित्तीय सुरक्षा
संशोधित पेंशन राशि रुपये १५००/- प्रति माह
प्रमुख उद्देश्य राज्य भर में कमजोर वर्गों को वित्तीय और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना।

योजना के उद्देश्य और लाभ:

  • योजना का मुख्य उद्देश्य भविष्य के लिए योजना बनाना है।
  • इस योजना का उद्देश्य राज्य में कमजोर वर्गों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।
  • राज्य के सभी वृद्ध, विधवा, विकलांग, निराश्रित और अन्य इस योजना के अंतर्गत आते हैं।
  • सरकार ने अब पेंशन की राशि बढ़ाकर १५०० रुपए प्रतिमाह कर दी है।
  • यह योजना वित्तीय सुरक्षा प्रदान करेगी इस योजना के तहत कमजोर वर्गों को प्रदान की जाएगी।
  • इसका उद्देश्य राज्य में लाभार्थियों के कल्याण को सुनिश्चित करना है।

प्रमुख बिंदु:

  • मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने ३१ अगस्त २०२१ को सामाजिक सुरक्षा पेंशन में बढ़ोतरी का ऐलान किया।
  • अब लाभार्थियों को मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि बढ़ाकर १५०० रुपये प्रतिमाह की गई है।
  • सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत राज्य के सभी वृद्ध, विधवा, विकलांग, निराश्रित और अन्य को कवर किया जाता है।
  • इसका उद्देश्य राज्य में कमजोर वर्ग के लोगों का आर्थिक विकास करना है।
  • शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य में १० लाभार्थियों को चेक वितरित किए।
  • शुभारंभ के दौरान सीएम ने पूर्व मुख्यमंत्री सरदार बेअंत सिंह को भी श्रद्धांजलि दी।
  • पेंशन राशि में इस वृद्धि से लगभग २७ लाख लाभार्थी लाभान्वित होंगे।
  • पेंशन की राशि में वृद्धि ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए वार्षिक बजट को ४८०० करोड़ रुपये तक बढ़ा दिया।
  • राज्य में इस सामाजिक सुरक्षा पेंशन से लाभार्थियों की वित्तीय सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित होगा।

मुख्यमंत्री परिवार सम्मान निधि (एमपीएसएन) योजना:

हरयाणा सरकार ने राज्य में किसानों के लिए मुख्यमंत्री परिवार सम्मान निधि (एमपीएसएन) योजना की घोषणा की है। योजना के तहत किसानों को वित्तीय सहायता और सुरक्षा प्रदान की जाएगी। हरयाणा राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने राज्य के बजट २०१९-२० के दौरान इस योजना की घोषणा की है। इस योजना के लिए सभी किसानों के पास एक एकड़ से कम खेती योग्य भूमि और भूमिहीन मजदूर पात्र है।

                                                                                        Mukhyamantri Parivar Samman Nidhi (MPSN):

मुख्यमंत्री परिवार सम्मान निधि (एमपीएसएन)

  • राज्य: हरियाणा
  • लाभ: राज्य के किसानों और मजदूरों को वित्तीय सहायता और सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाएंगी
  • लाभार्थी: छोटे किसान और मजदूर

लाभ: इस योजना के तहत लाभार्थियों को वित्तीय सहायता या पेंशन प्रदान की जाएगी, लाभार्थी लाभ प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित विकल्प चुन सकते है:

  • लाभार्थी किसान को ६,००० रुपये की हर साल की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएंगी।
  • लाभार्थी किसान को पांच साल के बाद ३६,००० रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएंगी।
  • लाभार्थी के ६० साल के आयु के बाद ३,००० रुपये या १५,००० रुपये प्रति माह की पेंशन प्रदान की जाएंगी।
  • लाभार्थी को पाच साल के बाद १५,००० रुपये या ३०,००० रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएंगी।
  • लाभार्थी को बीमा प्रदान किया जाएंगा और बीमा की किस्त का भुगतान सरकार द्वारा किया जाएगा।
  • लाभार्थी के गैर-प्राकृतिक मृत्यु पर २ लाख रुपये और विकलांग होने पर १  लाख रुपये की बीमा राशी प्रदान की जाएंगी।

मुख्यमंत्री परिवार सम्मान निधि (एमपीएसएन) के लिए पात्रता मापदंड:

  • यह योजना हरियाणा राज्य के निवासियों के लिए ही लागू है।
  • ५ एकड़ से कम जमीन वाले किसान इस योजना के लिए पात्र है।
  • आय सीमा:  राज्य के किसानों या मजदूरों की मासिक आय १५,००० रुपये से कम होनी चाहिए।
  • आयु सीमा: राज्य के किसान की आयु १८  से ६० साल के बिच होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री परिवार सम्मान निधि (एमपीएसएन)  श्रेणियाँ / भुगतान विकल्प:

  • ६,००० रुपये प्रति वर्ष की वित्तीय सहायता: ६,००० रुपये प्रति वर्ष की वित्तीय सहायता की राशी २,००० रुपये के तीन समान किश्तों में परिवार के मुखिया के बैंक खाते में जमा की जाएंगी।
  •  ५ वर्षों के बाद ३६,००० रुपये की वित्तीय सहयता: लाभार्थी परिवार को परिवार के एक सदस्य को नामांकित करना होगा। परिवार के नामांकित व्यक्ति को ५ साल के बाद ३६,००० रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएंगी।
  • पेंशन: नामांकित लाभार्थी को ६० साल के आयु के बाद ३,००० रुपये से १५,००० रुपये की पेंशन  प्रदान की जाएंगी।
  • १५,००० से ३०,००० रुपये की वित्तीय सहयता: लाभार्थी व्यक्ति के विकल्प चयन के आधार पर १५,००० से ३०,००० रुपये की राशी पाच साल के बाद परिवार के नामांकित व्यक्ति को प्रदान की जाएंगी।
  • नामांकित लाभार्थी के पास बीमा कवर करने का विकल्प भी होगा। बीमा योजना के तहत बीमा की किस्त का भुगतान हरियाणा सरकार द्वारा किया जाएंगा।

 

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (पीएम-एसवाईएम): एसवाईएम कार्ड के लिए आवेदन पत्र और आवेदन / नामांकन कैसे करें

भारत सरकार ने प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (पीएम-एसवाईएम) के लिए नामांकन शुरू कर दिया है। यह असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए एक सुनिश्चित पेंशन योजना है। योजना के लाभार्थियों को ६० साल की आयु के बाद ३,००० रुपये की मासिक पेंशन के साथ बुढ़ापे में सुरक्षा प्रदान की जाएगी। इच्छुक पात्र कार्यकर्ता प्रधान मंत्री श्रम योगी मानधन (पीएम-एसवाईएम) के लिए नजदीकी सीएससी केंद्र में नामांकन कर सकते है। सीएससी केंद्र आवेदकों को आवेदन पत्र भरने और योजना के लिए नामांकन करने में मदत करेंगे।

                                                           Pradhan Mantri Shram Yogi  Maandhan (PM-SYM) (In English):

  • योजना का नाम: प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (पीएम-एसवाईएम)
  • लाभ: ३,०००  रुपये की मासिक पेंशन
  • लाभार्थी: असंगठित क्षेत्र के उम्र के ६० साल बाद के कर्मर्चारी
  • सरकारी वेबसाइट: www.labour.gov.in/pm-sym  या   www.licindia.in/home/process
  • हेल्पलाइन: १८०० २६७६ ८८८ ( एलआईसी टोल फ्री नंबर)

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (पीएम-एसवाईएम) का  लाभ:

  •  न्यूनतम बीमित पेंशन: ६० साल की आयु के बाद ग्राहक के लिए ३,००० रुपये की मासिक पेंशन प्रदान की जाएंगी।
  • पारिवारिक पेंशन: ग्राहक का ६० साल की आयु के बाद मृत्यु होने पर ग्राहक के जीवनसाथी को हर महीने पेंशन राशी के ५०% राशि प्रदान की जाएंगी।

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (पीएम-एसवाईएम) पात्रता मानदंड / कौन आवेदन कर सकता है?

  • भारत देश के असंगठित क्षेत्र के सभी श्रमिक इस योजना के लिए पात्र है।
  • आय सीमा: आवेदक की आय १५,००० रुपये प्रति माह से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • आयु सीमा: आवेदक की उम्र १८ से ४० साल के बिच होनी चाहिए।
  • आवेदक आयकर दाता नहीं होना चाहिए।
  • आवेदक किसी अन्य सरकारी पेंशन योजना का लाभार्थी नहीं होना चाहिए।

ग्राहक द्वारा योगदान: पीएम-एसवाईएसएम के लिए हर महीने ग्राहक द्वारा भुगतान की जाने वाली राशि

पीएम-एसवाईएम एक स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है। सरकार पेंशनर के खाते में उतनी ही राशि का योगदान करेगी जितनी उसके द्वारा जमा की गई है। उदाहरनार्थ: यदि ग्राहक पीएम-एसवाईएम में १०० रुपये हर महीने में भुगतान करता है तो तब सरकार भी ग्राहक के पेंशन खाते में ६० साल की आयु तक १०० रुपये राशी का भुगतान करेंगी।

 

प्रवेश आयु सेवानिवृति आयु सदस्य का मासिक योगदान

  (रुपये)

केंद्र सरकार का मासिक योगदान

   (रुपये)

कुल मासिक   योगदान

  (रुपये)

(१) (२) (३) (४) (५)=(३) + (४)
१८ ६० ५५ ५५ ११०
१९ ६० ५८ ५८ ११६
२० ६० ६१ ६१ १२२
२१ ६० ६४ ६४ १२८
२२ ६० ६८ ६८ १३६
२३ ६० ७२ ७२ ११४
२४ ६० ७६ ७६ १५२
२५ ६० ८० ८० १६०
२६ ६० ८५ ८५ १७०
२७ ६० ९० ९० १८०
२८ ६० ९५ ९५ १९०
२९ ६० १०० १०० २००
३० ६० १०५ १०५ २१०
३१ ६० ११० ११० २२०
३२ ६० १२० १२० २४०
३३ ६० १३० १३० २६०
३४ ६० १४० १४० २८०
३५ ६० १५० १५० ३००
३६ ६० १६० १६० ३२०
३७ ६० १७० १७० ३४०
३८ ६० १८० १८० ३६०
३९ ६० १९० १९० ३८०
४० ६० २०० २०० ४००

राशि ग्राहक के जन धन खाते से स्वतः डेबिट की जा सकती है।

पीएम-एसवायएम  नामांकन के लिए आवश्यक दस्तावेजों की सूची:

  • आधार कार्ड
  • बैंक खाते का विवरण के आयएफएससी  कोड (बैंक पासबुक  / बुक या बैंक स्टेटमेंट की कॉपी बैंक खाते के साक्ष्य के रूप में)
  • ओटीपी  सत्यापन के लिए मोबाइल
  • नामांकन के लिए प्रारंभिक योगदान राशि

आवेदन पत्र और प्रधान मंत्री श्रम योगी मंथन (पीएम-एसवाईएम) के लिए नामांकन / आवेदन कैसे करें:

  • कृपया ऊपर बताए गए सभी दस्तावेजों के साथ पैसे, मोबाइल और निकटतम सामान्य सेवा केंद्र (सीएससी) पर संपर्क करें।
  • ग्राम स्तरीय उद्यमी (वीएलई) सामान्य सेवा केंद्र (सीएससी) पर आपको पीएम-एसवाईएम योजना के लिए आवेदन पत्र भरने और नामांकन में मदत करेगा।
  •  जब ग्राम स्तरीय उद्यमी (वीएलई) पर आधार और बैंक विवरण पूछे जाने पर प्रदान करें।
  • आधार और मोबाइल ओटीपी  के साथ एक स्व सत्यापन किया जाएगा।
  • ग्राम स्तरीय उद्यमी (वीएलई)  आपको मासिक योगदान पूछेगा जो आपको भुगतान करने की आवश्यकता है। प्रारंभिक योगदान राशि का भुगतान करें।
  • एक अद्वितीय एसवाईएम  नंबर जेनरेट किया जाएगा और एक एसवाईएम कार्ड प्रिंट किया जाएगा। आवेदक को कार्ड साथ में रखना होंगा।

एसवायएम  कार्ड और पीएम-एसवायएम  कार्ड के लिए आवेदन कैसे करें?

लाभार्थियों को प्रधान मंत्री श्रम योगी मानधन (पीएम-एसवायएम  ) का एक कार्ड दिया जाएंगा। कार्ड में अद्वितीय एसवाईएम नंबर रहेंगा। सभी पीएम-एसवाईएम प्रक्रियाओं के दौरान कार्ड की आवश्यकता होती है। कार्ड सीएससी  केंद्र में पीएम-एसवायएम  योजना के लिए आवेदन पर दिया जाएंगा।

 

 

 

 

प्रधानमंत्री जन-धन योजना (पीएमजेडीवाई):

प्रधानमंत्री जन-धन योजना (पीएमजेडीवाई) साल २०१४ में अपने पहले स्वतंत्रता दिवस भाषण पर भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया मिशन है। इस मिशन को शुरू करने का उद्देश्य बैंकिंग बचत और जमा खातों में बीमा,पेंशन और डेबिट / क्रेडिट कार्ड सेवाओं को प्रदान करना है। इस योजना के तहत उपयोगकर्ताओं को शून्य शेष राशि के साथ एक बैंक खाता खोलने की अनुमति दी जाती है और उन्हें रुपये डेबिट कार्ड दिया जाता है। बैंकिंग सेवाओं को इतनी आसानी से उपलब्ध करना प्रधान मंत्री जन-धन योजना का मुख्य उद्देश है।इस योजना के तहत एक हफ्ते की अवधि में अधिकांश बैंक खातों को खोलने का गिनीज विश्व रिकॉर्ड बना है  और एक बड़ी उपलब्धि यह है कि १० फरवरी, २०१६ तक  इस योजना के तहत २००  मिलियन बैंक खाते खोले जा रहे हैं और ३२३.७८ अरब जमा किये गये हैं। यह योजना बैंकिंग उद्योग के लिए एक बड़ी सफलता बन गई है।

प्रधान मंत्री जन-धन योजना के लाभ:

  • शून्य शेष राशि खाता: इस योजना के तहत उपयोगकर्ताओं को कोई भी राष्ट्रीयकृत बैंक खाता खोलने की अनुमति है।
  • डेबिट कार्ड सेवा: लाभार्थी को शून्य शेष राशि खाते के साथ रुपये डेबिट कार्ड की सेवा प्रदान की जाती है।
  • आकस्मिक मृत्यु बीमा:  लाभार्थी की आकस्मिक मौत होने पर खाताधारक के पद उम्मीदवार को १,००,००० रुपये बीमा राशी प्रदान की जाती है।
  • जीवन बीमा कवर: २६ जनवरी २०१५ तक खोले गए सभी खातों को अतिरिक्त ३०,००० रुपये जीवन बीमा राशी दी जाएगी।
  • ओवरड्राफ्ट की अनुमति: लाभार्थी खाता खोलने के छह महीने के बाद ५००० रुपये का ओवरड्राफ्ट कर सकते हैं।   
  • ऑनलाइन बैंकिंग: डिजिटलीकरण के साथ प्रधानमंत्री जन-धन योजना में भी सभी खाते को ऑनलाइन बैंकिंग सुविधाओं का आनंद लेने की अनुमति है।

प्रधानमंत्री जन-धन योजना के लिए पात्रता:

  • भारतीय राष्ट्रीयता वाला कोई भी व्यक्ति जन-धन योजना के लिए पात्र है।
  • १० साल की आयु का कोई भी व्यक्ति खाता खोलने के लिए पात्र है लेकिन नाबालिगों को अपने खाते का प्रबंधन करने के लिए अभिभावक होना चाहिए।
  • अगर व्यक्ति के पास राष्ट्रीयता का कोई सबूत नहीं है लेकिन बैंक अनुसंधान शोध पर वह व्यक्ति भारतीय पाया जाने पर इस योजना के लिए पात्र है।
  • लाभार्थी का पहले से ही राष्ट्रीयकृत बैंक में बचत खाता है  वह अपना बचत खाता प्रधानमंत्री जन-धन योजना में स्थानांतरित कर सकता है और इस योजना लाभ ले सकता है।

प्रधानमंत्री जन-धन योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  • पते का सबूत  
  • पासपोर्ट आकार की फोटोग्राफ
  • सरकार द्वारा प्रमाणीकरण किया गया पहचान प्रमाण पत्र  

प्रधानमंत्री जन-धन योजना योजना के लाभ प्राप्त करने के लिए किससे संपर्क करना है और कहां से संपर्क करना है:

लगभग सभी राष्ट्रीयकृत बैंक (एसबीआई बैंक , बैंक ऑफ महाराष्ट्र, पंजाब नेशनल बैंक, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, एक्सिस बैंक  और अन्य राष्ट्रीयकृत बैंक ) वहां हैं जहां कोई इस योजना के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर सकता है।

योजना के लिए नामांकन के लिए ऑनलाइन फॉर्म:

प्रधान मंत्री जन-धन योजना योजना के लिए आवेदन पत्र और प्रक्रियाएं किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंकों में बहुत अच्छी तरह से समझाई गई हैं।

  • हिंदी में प्रपत्र: http://www.pmjdy.gov.in/files/forms/account-opening/hindi.pdf  
  • अंग्रेजी में प्रपत्र: http://www.pmjdy.gov.in/files/forms/account-opening/English.pdf

विवरण और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के बारे में और जानने के लिए निचे दिए लिंक पर जाएं

विवरण: 

  • http://www.pmjdy.gov.in/

संबंधित योजनाए:

  • प्रधानमंत्री जन-धन योजना

मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना (एमवीपीवाई) बिहार: सार्वभौमिक वृद्धावस्था पेंशन योजना

बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना (एमवीपीवाई) की घोषणा की है। यह योजना राज्य के सभी वृद्ध के लिए सार्वभौमिक वृद्धावस्था पेंशन योजना है। इस योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों (६० वर्ष से अधिक आयु) को ४०० रुपये मासिक पेंशन प्रदान की जाएंगी।  यह योजना राज्य के सभी वरिष्ठ नागरिकों को उनकी जाति, धर्म, समुदाय और वित्तीय स्थिति की परवाह किये बिना लागू की जाएंगी। सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी इस योजना के लिए पात्र नहीं है। इस योजना से वृद्ध लोगों को वित्तीय सुरक्षा मिलेगी और वे सम्मान के साथ जीवन यापन कर सकेंगे।

                                                                                     Mukhyamantri Vridhajan Pension Yojna (MVPY):

  • योजना का नाम: मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना (एमवीपीवाई)
  • राज्य: बिहार
  • लाभ: मासिक पेंशन
  • लाभार्थी: वरिष्ठ नागरिक
  • प्रारंभ तिथि: १ अप्रैल २०१९
  • द्वारा शुरू की: बिहार राज्य के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार

वर्तमान वृद्ध पेंशन योजना केवल बीपीएल परिवार के  वरिष्ठ नागरिकों के लिए लागू है।

लाभ: वृद्ध नागरिक को ४०० रुपये की मासिक पेंशन प्रदान की जाएंगी।

पात्रता मापदंड:

  • यह योजना केवल बिहार राज्य के निवासियों के लिए लागू है।
  • इस योजना के लिए केवल वरिष्ठ नागरिक (६० वर्ष से अधिक आयु) आवेदन कर सकते है।
  • सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी इस योजना के लिए पात्र नहीं है।
  • यह योजना सभी वरिष्ठ नागरिकों को उनकी जाति, धर्म, समुदाय और वित्तीय स्थिति की परवाह किये बिना लागू होती है।

बिहार मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना (एमवीपीवाई) पंजीकरण और आवेदन पत्र:

राज्य सरकार ने अभी इस योजना की घोषणा की है। आवेदन विवरण और प्रपत्र अभी तक उपलब्ध नहीं है। योजना का कार्यान्वयन १ अप्रैल २०१९  से शुरू होगा, इस लिए आवेदन पत्र उसी समय उपलब्ध होने की उम्मीद है।

बिहार राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में पुराने वृद्ध पत्रकारों के लिए पेंशन योजना की भी घोषणा की है। उन्हें ६,००० रुपये की मासिक पेंशन प्रदान की जाएंगी। इस योजना को बिहार पत्रकार सम्मान योजना (बीपीएसवाई) कहा जाता है। इस योजना के तहत सभी पत्रकारों जो पत्रकर के क्षेत्र में नियमित रूप से काम कर रहे है और उन्हें कोई पेंशन नहीं मिल रही है, वह बिहार पत्रकार सम्मान योजना (बीपीएसवाई) के लिए पात्र है।

स्वाहिद कुशल कोंवर  सरजनिं  ब्रिद्ध पेंशन अचोनी असम: वरिष्ठ नागरिकों के लिए पेंशन योजना:

असम के मुख्यमंत्री श्री सरबानंद सोनोवाल ने राज्य के वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वाहिद कुशल  कोंवर  सरजनिं  ब्रिद्ध पेंशन अचोनी असम योजना की शुरुआत की है।इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के वरिष्ठ नागरिकों का समर्थन करना है। इस योजना के तहत वरिष्ठ नागरिको या वृद्ध लोगों को हर महीने में पेंशन प्रदान की जाएगी ताकि वे  सम्मान के साथ रह सकें। राज्य सरकार इस योजना के माध्यम से वरिष्ठ नागरिको या वृद्ध लोगों को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।इस योजना के लिए ४०० करोड़ रुपये आवंटित किए गए है। इस योजना को २  अक्टूबर २०१८ को महात्मा गांधी जयंती के कार्यक्रम के शुभ अवसर पर शुरू कीया है।

                            Swahid Kushal Konwar Sarbajanin Briddha Pension Achoni Assam (In English):

 स्वाहिद कुशल कोंवर  सरजनिं  ब्रिद्ध पेंशन अचोनी असम क्या है?

 असम राज्य में वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक पेंशन योजना है।

 स्वाहिद कुशल कोंवर सरजनिं ब्रिद्ध पेंशन अचोनी असम के लिए पात्रता:

  • यह योजना केवल असम राज्य के निवासियों के लिए लागू है।
  • ६० साल से अधिक उम्र के लोग इस योजना के लिए  आवेदन कर सकते है।
  • लाभार्थी अन्य सरकारी योजनाओं के तहत पहले से ही लाभ प्राप्त कर रहा हो, वे इस योजना के लिए पात्र नही है।
  •  जो लोग सरकारी नौकरियों में काम कर रहे हैं वे इस योजना के लिए पात्र नहीं है।
  •  जो लोग आयकर चुका रहे  है या जिनकी वार्षिक आय २.५  लाख से अधिक है वह इस  योजना के लिए पात्र नहीं है।

 स्वाहिद कुशल कोंवर सरजनिं ब्रिद्ध पेंशन अचोनी असम आवेदन करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की सूची:

  • बैंक खाता
  • जन्म प्रमाण पत्र (जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र या पैन कार्ड)

 स्वाहिद कुशल कोंवर सरजनिं ब्रिद्ध पेंशन अचोनी असम के लिए आवेदन कैसे करें?

पेंशन योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन या ऑफ़लाइन किया जा सकता है। स्वाहिद कुशल  सरजनिं ब्रिद्ध पेंशन अचोनी असम योजना का आवेदन पत्र ग्राम पंचायत / विकास खंड/ नगर निगम / नगर पालिका बोर्ड/ नगर समिति में उपलब्ध है।योजना के लिए आवेदन करने में उनकी मदत करते है। सभी दस्तावेजों की सच्ची प्रतियां प्रदान करें, आवेदन पत्र को भरें और आवेदन को पूरा करने के लिए इसे सबमिट करें। पेंशन सीधे लाभार्थी वरिष्ठ नागरिकों के बैंक खातों में स्थानांतरित की जाएगी।

संबंधित योजनाए:

  • पेंशन योजना
  • वरिष्ठ नागरिको को लिए पेंशन योजना

 

 

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (पीएमएसवायएमवाय): असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए मासिक पेंशन योजना

भारत देश के वित्त मंत्री श्री पीयूष गोयल ने प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन  योजना (पीएमएसवायएमवाय)  की घोषणा की है। यह असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए एक मासिक पेंशन योजना है। केंद्र सरकार द्वारा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सेवानिवृत्ति के बाद ३,००० रुपये की मासिक पेंशन प्रदान की जाएंगी। यह योजना केवल असंगठित क्षेत्र के जिन श्रमिकों का मासिक वेतन १५,००० रुपये से कम है, उन श्रमिकों के लिए यह योजना लागु है।

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (पीएमएसवायएमवाय) की घोषणा १  फरवरी २०१९ को भारत देश के वित्त मंत्री द्वारा संसद में अंतरिम बजट २०१९  में की गई है। इस योजना से असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले १० करोड़ कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। भारत सरकार ने इस योजना के लिए ५०० करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।

भारत देश के सभी प्रकार के श्रमिक (मज़दूर), रिक्शा चालक, चीर बीनने वाले और सभी प्रकार के श्रमिक जो प्रति माह १५,००० रुपये से कम कमाते है वह इस योजना के लिए पात्र है। योजना का प्राथमिक उद्देश्य समाज के गरीब वर्गों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। इस योजना के तहत पेंशन का लाभ प्राप्त करने के लिए सभी पात्र श्रमिकों को हर महीने १०० रुपये देने होंगे।

                                             Pradhan Mantri Shram Yogi Maandhan Yojana (PMSYMY) (In English):  

  • योजना: प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (पीएमएसवायएमवाय)
  • लाभ: ३,००० रुपये की मासिक पेंशन
  • लाभार्थी: असंगठित क्षेत्र के श्रमिक (परिश्रम करने वाले, मज़दूर, रिक्शा चालक, चीर बीनने वाले और सभी तरह के श्रमिक)
  • घोषणा किसने की: वित्त मंत्री श्री पीयूष गोयल
  • घोषणा की तिथि: १ फरवरी २०१९

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन  योजना (पीएमएसवायएमवाय) का लाभ:

  • असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को ३,००० रुपये की मासिक पेंशन प्रदान की जाएंगी।
  •  समाज के गरीब वर्ग के श्रमिकों को  सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाएंगी।

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के लिए पात्रता मानदंड:

  • भारत देश के असंगठित क्षेत्र के सभी श्रमिक इस योजना के लिए पात्र है।
  • भारत देश के सभी श्रमिक जो प्रति माह १५,००० रुपये से कम कमाते है वह इस योजना के लिए पात्र है।

नोट: इस योजना के लिए सभी पात्र श्रमिकों को सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन का लाभ प्राप्त करने के लिए हर महीने १०० रुपये प्रदान करने होंगे। मासिक पेंशन सेवानिवृत्ति की आयु के बाद प्रदान की जाएगी। इस योजना से असंगठित क्षेत्र के कम से कम १० करोड़ मजदूरों और श्रमिकों को लाभ होगा। इस योजना का कार्यान्वयन २०१९ से शुरू होगा।

 

आंध्र प्रदेश में राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना:

राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना आंध्र प्रदेश सरकार के (वित्त मंत्रालय) द्वारा वृद्ध लोगों के वित्तीय खर्चों के बोझ को कम करने में उनकी मदत करने के लिए शुरू की गई है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य ६५  वर्ष से अधिक आयु के वृद्ध को सामाजिक सहायता के रूप में वृद्धावस्था पेंशन प्रदान करना है।

                                                     National old Age Pension Scheme In Andhra Pradesh (In English):

 राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के लाभ:

  • राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना गरीब घर के लोगों को वित्तीय सहायता के रूप में लाभ प्रदान करती है। वित्तीय सहायता की संरचना नीचे उल्लिखित है।
  • लाभार्थी को वृद्धावस्था में २०० रुपये प्रति माह  पेंशन की राशि प्रदान की जाएगी।

राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना लागू करने के लिए आवश्यक पात्रता और शर्तें:

  • आवेदक की आयु ६५ वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
  • आवेदक को आय के स्वयं के स्रोतों से या परिवार के सदस्यों या अन्य स्रोतों से वित्तीय सहायता के माध्यम से जीवित रहने का कोई नियमित साधन होने के अर्थ में बेहद गरीब होना चाहिए।
  • आवेदक आंध्र प्रदेश राज्य का निवासी होना चाहिए।

राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना को लागू करने के लिए आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज:

  • व्यक्ति की सही उम्र बताने वाला जन्म का प्रमाण पत्र।
  • निवास प्राधिकरण से निवास प्रमाण पत्र।
  • आधार कार्ड।
  • बैंक विवरण, खाता धारक का नाम, खाता नंबर, आयएफएससी कोड, एमआयसीआर  कोड।
  • आवेदक का मतदाता पहचान पत्र।
  • आवेदक का आयु प्रमाण पत्र।
  • बीपीएल कार्ड या राशन कार्ड।
  • पासपोर्ट आकर की तस्वीर।
  • पहचान प्रमाण पत्र।

आवेदन की प्रक्रिया:

  • आवेदक को मंडल परिषद कार्यालय या नगर पालिका से आवेदन पत्र नि:शुल्क प्रदान किया जाएंगा।
  • आवेदन पत्र को ठीक से भरें और दस्तावेजों के साथ ग्राम पंचायत या नगर पालिका के माध्यम से आवेदन पत्र को जमा करें।

किससे संपर्क करें और कहां संपर्क करें:

  • आवेदक को ग्राम पंचायत कार्यालय में संपर्क करना होंगा।
  • आवेदक को मंडल परिषद कार्यालय में संपर्क करना होंगा।
  • आवेदक को नगर आयोग कार्यालय में संपर्क करना होंगा।

संदर्भ और विवरण:

 

 

 

 

  

प्रवासी लाभांश पेंशन योजना (पीडीपीएस): गैर-निवासी केरलवासियों (एनआरके) के लिए पेंशन योजना-

केरल सरकार राज्य में जल्द ही गैर-निवासी केरलवासियों (एनआरके) के लिए प्रवासी लाभांश पेंशन योजना (पीडीपीएस) की घोषणा करेगी। केरल राज्य के राज्यपाल पी सतशिवम ने राज्य विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान इस योजना की घोषणा की है। एक बार ५ लाख रुपये का भुगतान करने पर गैर-निवासी केरलवासियों (एनआरके) के लिए एक नियमित पेंशन योजना है।

इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य दुनिया भर के विभिन्न देशों में रहने वाले प्रवासी मलयालियों का कल्याण और विकास करना है। प्रवासी लाभांश पेंशन योजना (पीडीपीएस) के तहत एकत्रित धनराशि को केरल इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड (केआयआयएफबी) में निवेश किया जाएगा। इस धनराशि का इस्तेमाल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए किया जाएगा।

२१ लाख केरलवासी जो विदेशों में पलायन कर चुके है। उनमें से ९०% मध्य पूर्व में रहते है। राज्य में प्रेषण (भेजा हुआ धन) ८५,०९२  करोड़ रुपये है।

                                                                            Pravasi Dividend Pension Scheme (PDPS) (In English):

  • योजना: प्रवासी लाभांश पेंशन योजना (पीडीपीएस)
  • राज्य: केरल
  • लाभ: नियमित पेंशन योजना
  • लाभार्थी:  गैर-निवासी केरलवासि (एनआरके / एनओआरकेए) प्रवासी मलयाली
  • द्वारा घोषणा: केरल राज्य के राज्यपाल पी सतशिवम

एनओआरकेए के लिए शुरू की जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय टोल-फ्री नंबर और पोर्टल के साथ कॉल सेंटर।

केरल सरकार गैर-निवासी केरलवासियों (एनआरके) के लिए अंतरराष्ट्रीय टोल-फ्री नंबर के साथ एक कॉल सेंटर शुरू करने पर काम कर रही है। एनआरके जानकारी प्राप्त करने, समस्याओं की रिपोर्ट करने, सहायता प्राप्त करने और शिकायत दर्ज करने के लिए कॉल कर सकते है।

सरकार प्रवासी मलयाली के लिए एक परस्पर संवादात्मक पोर्टल शुरू करने की भी योजना बना रही है। यह पोर्टल जानकारी प्रदान करेगा, विभिन्न नौकरी के अवसर और ऑनलाइन सत्यापन और भर्ती प्रक्रिया को भी प्रदान करेगा। मुख्य रूप से टोल-फ्री नंबर और पोर्टल विदेशों में रहने वाले अनिवासी भारतीयों के लिए संपर्क का बिंदु के रूप में कार्य करेगा।

 

पेंशन आपके द्वार योजना मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को उनके दरवाजे पर पेंशन प्राप्त करने के लिए –

मध्य प्रदेश सरकार ने पेंशन आपके द्वार योजना की घोषणा की है। मध्य प्रदेश के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों और अन्य लाभार्थियों को मासिक पेंशन उनके दरवाजे पर वितरित की जाएगी।

इस योजना के माध्यम से वृद्ध वरिष्ठ नागरिकों को अपनी पेंशन प्राप्त करने के लिए हर महीने बैंकों का दौरा करने की आवश्यकता नहीं होंगी। इस योजना को भारत डाक योजना की मदत से लागू किया जाएगा। इस योजना का लाभ पाने के लिए लाभार्थियों को केवल निकटतम डाकघर में अपना खाता खोलने की आवश्यकता है। इस योजना का कार्यान्वयन १  जनवरी २०१९ से शुरू हो गया है।

                                                                    Pension Aapke Dwar Yojana Madhya Pradesh (In English)

 मध्य प्रदेश पेंशन आपके द्वार योजना: एक मध्य प्रदेश सरकार की योजना जिसके तहत वरिष्ठ नागरिकों को मासिक पेंशन उनके दरवाजे पर प्रदान की जाएंगी।

 मध्य प्रदेश पेंशन आपके द्वार योजना  का लाभ:

  • मासिक पेंशन लाभार्थियों के दरवाजे पर वितरित की जाएंगी।
  • लाभार्थी को पेंशन राशि प्राप्त करने के लिए बैंकों में जाने की आवश्यकता नहीं है।
  • लाभार्थी को बैंकों में कतारों में खड़े होने की आवश्यकता नहीं है।

 मध्य प्रदेश पेंशन आपके द्वार योजना  के  लाभार्थी:

  • वरिष्ठ नागरिक
  • गांवों में पेंशन योजना के लाभार्थी

विभिन्न पेंशन योजना लाभार्थियों और वरिष्ठ नागरिकों को इस योजना का लाभ मिलेगा। उन्हें अपनी पेंशन पाने के लिए शहरों में जाने की जरूरत नहीं है। लाभार्थी को केवल भारतीय डाक में एक खाता खोलना होंगा या यदि उनके पास पहले से ही बैंक खाता होने पर उसे स्थानांतरित करना होंगा। उनकी मासिक पेंशन उनके डाकघर खाते में जमा की जाएगी और हर महीने उनके घरों तक पहुंचाई जाएगी। डाक विभाग खाता खोलने और खाता स्थानांतरण की सुविधा के लिए राज्य भर के ग्रामीण क्षेत्रों में शिविरों की व्यवस्था करेंगी।

पेंशन आपके द्वार योजना के लिए आवेदन कैसे करें?

  • लाभार्थी को नजदीकी डाकघर में अपना खाता खोलने या स्थानांतरित करने के लिए जाना होंगा।
  • मौजूदा खाते के लिए आधार कार्ड, पते के प्रमाण पत्र और बैंक खाते के विवरण आवश्यक है।
  • लाभार्थी डाकघर का खाता खोले या अपना बैंक खाते को स्थानांतरित करे।

एक बार आपका खाता डाकघर में खुलने के बाद आपकी मासिक पेंशन आपके घर पर प्रदान की जाएगी।

और पढो:

  • मध्य प्रदेश में योजनाओं की सूची
  • मध्य प्रदेश में वरिष्ठ नागरिकों के लिए योजनाओं और सब्सिडी की सूची

संबंधित योजनाएं: