स्पोर्ट्स एक्शन टू हार्नेसिंग एस्पिरेशन ऑफ यूथ (सहाय) योजना

१५ दिसंबर, २०२१ को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए स्पोर्ट्स एक्शन टू हार्नेसिंग एस्पिरेशन ऑफ यूथ (सहाय) नामक एक खेल योजना शुरू की। इस योजना का उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में युवाओं को सही अवसर प्रदान करना है। इसका उद्देश्य ऐसे क्षेत्रों में युवाओं को खेल गतिविधियों में शामिल करना है ताकि उन्हें हिंसा और विद्रोही गतिविधियों में शामिल होने से रोका जा सके। इस योजना के तहत ऐसे क्षेत्रों के युवाओं को फुटबॉल, हॉकी, वॉलीबॉल और एथलेटिक्स जैसी खेल गतिविधियों में भाग लेने के लिए एक मंच प्रदान किया जाएगा। राज्य सरकार उन खिलाड़ियों को धन मुहैया कराएगी जो आयोजनों में भाग लेंगे। राज्य सरकार द्वारा राज्य के माओवादी जिलों में खेल नर्सरी भी स्थापित की जाएगी। यह योजना इस प्रकार युवाओं को खेलों में शामिल करेगी और उन्हें नक्सलियों के प्रभाव से बचाएगी।

योजना अवलोकन:

योजना का नाम स्पोर्ट्स एक्शन टू हार्नेसिंग एस्पिरेशन ऑफ यूथ (सहाय) योजना
योजना के तहत झारखंड सरकार
द्वारा लॉन्च किया गया मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
लॉन्च की तारीख १५ दिसंबर, २०२१
वर्तमान में कवर पश्चिम सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, खूंटी, सिमडेगा और गुमला जैसे राज्य के नक्सल प्रभावित जिले
लाभार्थि नक्सल प्रभावित जिलों के युवा
प्रमुख उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में युवाओं को खेलों में शामिल होने के लिए एक मंच प्रदान करना जिससे उन्हें नक्सलियों के प्रभाव में हिंसा और विद्रोही गतिविधियों में शामिल होने से रोका जा सके।

उद्देश्य और लाभ:

  • योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के नक्सल प्रभावित जिलों में युवाओं को खेल मंच प्रदान करना है।
  • इसका उद्देश्य युवाओं को खेलों में शामिल होने में मदद करना है जिससे उन्हें नक्सलियों के प्रभाव से बचाया जा सके।
  • इसका उद्देश्य ऐसे क्षेत्रों के युवाओं को हिंसा और विद्रोही गतिविधियों में शामिल होने से रोकना है।
  • इस योजना का उद्देश्य माओवादी क्षेत्रों में युवाओं के भविष्य को आकार देना है जिससे उन्हें सही अवसर मिलें।
  • योजना के तहत राज्य सरकार उन खिलाड़ियों को धन मुहैया कराएगी जो प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे।
  • इस योजना के तहत राज्य के माओवादी जिलों में राज्य सरकार द्वारा खेल नर्सरी भी स्थापित की जाएगी।
  • यह राज्य में माओवादी क्षेत्रों में युवाओं के कल्याण को सुनिश्चित करता है।

प्रमुख बिंदु:

  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने १५ दिसंबर, २०२१ को राज्य में स्पोर्ट्स एक्शन टू हार्नेसिंग एस्पिरेशन ऑफ यूथ (सहाय) योजना  की शुरुआत की।
  • यह योजना राज्य के नक्सल प्रभावित जिलों के युवाओं के लिए शुरू की गई है।
  • इस योजना का उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में युवाओं को सही अवसर प्रदान करना है।
  • इस योजना के तहत ऐसे क्षेत्रों के युवाओं को फुटबॉल, हॉकी, वॉलीबॉल और एथलेटिक्स जैसी खेल गतिविधियों में भाग लेने के लिए एक मंच प्रदान किया जाएगा।
  • वर्तमान में यह योजना पश्चिम सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, खूंटी, सिमडेगा और गुमला जैसे नक्सल प्रभावित जिलों को कवर करती है।
  • लगभग ७२००० इच्छुक उम्मीदवार खेल गतिविधियों, आयोजनों में भाग लेंगे।
  • राज्य सरकार इन आयोजनों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को २००० रुपये से लेकर १०००० रुपये तक की राशि प्रदान करेगी।
  • राज्य सरकार द्वारा राज्य के माओवादी जिलों में खेल नर्सरी भी स्थापित की जाएगी।
  • सरकार का इरादा माओवादी क्षेत्रों में युवाओं को खेल गतिविधियों में शामिल करने का प्रयास करना है ताकि उन्हें नक्सलियों के प्रभाव में हिंसा और विद्रोही गतिविधियों में शामिल होने से रोका जा सके।
  • राज्य सरकार का लक्ष्य ऐसे क्षेत्रों में युवाओं को एक मंच प्रदान करना है जिससे उनके विकास और सामाजिक कल्याण में योगदान हो।

भारत गौरव योजना

२३ नवंबर, २०२१ को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने समृद्ध भारतीय सांस्कृतिक विरासत का अनुभव करने के लिए जनता के लिए मार्ग प्रशस्त करने के लिए भारत गौरव योजना शुरू की। इस योजना के तहत केंद्रीय रेल मंत्रालय ने लगभग १५० ट्रेनें शुरू की हैं जिन्हें थीम आधारित पर्यटन सर्किट के लिए लीज पर लिया जा सकता है। व्यक्तियों, ट्रस्टों, समाजों, निजी टूर ऑपरेटरों, राज्य सरकारों आदि में से कोई भी इन ट्रेनों को पट्टे पर ले सकता है। ये ट्रेनें गुरु कृपा या रामायण थीम वाली ट्रेनों की तरह थीम आधारित पर्यटन सर्किट पर काम करेंगी। इस योजना के तहत ऑपरेटर को मार्ग, किराया, सेवाएं आदि तय करने की स्वतंत्रता होगी। यात्रा के दौरान, इन ट्रेनों में पर्यटकों को भारतीय संस्कृति और इसकी विविधता के विभिन्न स्थानों का अनुभव होगा।

योजना अवलोकन:

योजना का नाम भारत गौरव योजना
योजना द्वारा भारतीय रेल, भारत सरकार
द्वारा लॉन्च किया गया रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव
लॉन्च की तारीख २३ नवंबर, २०२१
लाभार्थि व्यक्ति, ट्रस्ट, सोसायटी, निजी टूर ऑपरेटर, राज्य सरकार के विभाग, आदि
उद्देश्य देश में थीम आधारित पर्यटन को प्रोत्साहित करना जिससे जनता को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अनुभव करने का मौका मिले।

उद्देश्य और लाभ:

  • इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश में थीम आधारित पर्यटन को बढ़ावा देना है।
  • इसका उद्देश्य लोगों को समृद्ध भारतीय सांस्कृतिक विरासत, संस्कृति और इसकी विविधता का अनुभव करने देना है।
  • इस योजना के तहत कोई भी व्यक्ति, ट्रस्ट, सोसायटी, निजी टूर ऑपरेटर, राज्य सरकार के विभाग आदि एकमुश्त शुल्क और सुरक्षा जमा के भुगतान पर ट्रेन को लीज पर ले सकते हैं।
  • ट्रेन संचालक को मार्ग, किराया, सेवाएं आदि तय करने की स्वतंत्रता मिलेगी।
  • यह योजना प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर पैदा करने में मदद करेगी।
  • यह देश में थीम आधारित पर्यटन सर्किट को बढ़ावा देने का इरादा रखता है।

योजना विवरण:

  • रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने २३ नवंबर, २०२१ को भारत गौरव योजना की शुरुआत की।
  • यह योजना रेलवे विभाग द्वारा थीम आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भारतीय रेलवे में एक नए खंड के रूप में शुरू की गई है।
  • इसका उद्देश्य जनता को समृद्ध भारतीय सांस्कृतिक विरासत का अनुभव करने का मार्ग प्रशस्त करना है।
  • इस योजना के तहत केंद्रीय रेल मंत्रालय ने करीब ३०३३ आईसीएफ कोच यानी १५० ट्रेनें शुरू की हैं जिन्हें थीम आधारित पर्यटन सर्किट के लिए लीज पर लिया जा सकता है।
  • व्यक्तियों, ट्रस्टों, समाजों, निजी टूर ऑपरेटरों, राज्य सरकारों आदि में से कोई भी इन ट्रेनों को पट्टे पर ले सकता है।
  • प्रत्येक ट्रेन में १४-२० कोच और दो गार्ड वैन शामिल होंगे।
  • ये ट्रेनें  थीम आधारित पर्यटन सर्किट पर काम करेंगी।
  • इस योजना के तहत ऑपरेटर को मार्ग, किराया, सेवाएं आदि तय करने की स्वतंत्रता होगी।
  • रेल विभाग इस बात की जांच करेगा कि ट्रेन सेवाओं के लिए जनता से अधिक शुल्क न लिया जाए।
  • संचालक को पर्यटकों को दर्शनीय स्थल, भोजन, स्थानीय परिवहन, जहाज पर मनोरंजन और अन्य प्रासंगिक चीजें उपलब्ध करानी होंगी।
  • इच्छुक ऑपरेटर ट्रेन को लीज पर लेने के लिए भारतीय रेलवे को आवेदन भेज सकते हैं और इसके लिए उन्हें एकमुश्त शुल्क और सुरक्षा राशि का भुगतान करना होगा।
  • यात्रा के दौरान इन ट्रेनों में पर्यटकों को भारतीय संस्कृति और इसकी विविधता के विभिन्न स्थानों का अनुभव मिलेगा।
  • फिलहाल रेल विभाग ने इस योजना के तहत आईसीएफ कोच को शामिल किया है वंदे भारत, विस्टाडोम और एलएचबी प्रकार के कोच भी शामिल किए जाएंगे।
  • भारतीय रेलवे भी ऑपरेटरों के समर्थन के लिए विभिन्न क्षेत्रों में विशेष इकाइयां स्थापित करेगा।
  • इस योजना से देश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
  • यह जनता को समृद्ध भारतीय संस्कृति और इसकी विविधता का अनुभव करने का अवसर प्रदान करेगा।

अमृत विशेष योजनाएं, कर्नाटक

७५वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर, कर्नाटक राज्य सरकार विभिन्न क्षेत्रों में समग्र विकास को गति देने के लिए ११ विभिन्न योजनाएं लेकर आई है। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने राज्य के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए अमृत विशेष योजनाओं की शुरुआत की। योजनाएं आवास क्षेत्र, बुनियादी ढांचा क्षेत्र, सूक्ष्म उद्यमों, स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे आदि जैसे क्षेत्रों में विकास के लिए हैं। इन योजनाओं के माध्यम से राज्य सरकार अब मेगा और मिनी परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करेगी। ये योजनाएं चल रही योजनाओं के अनुरूप होंगी और इनका क्रियान्वयन जल्द ही शुरू हो जाएगा। इन योजनाओं के लिए आवंटित कुल अनुमानित बजट १००० करोड़ रुपये तक है।

अवलोकन:

योजनाएं अमृत विशेष योजनाएं
योजनाओं के तहत कर्नाटक सरकार
द्वारा लॉन्च किया गया मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई
लॉन्च की तारीख १५ अगस्त, २०२१
लाभ ग्राम पंचायतों का विकास, विद्यालयों को अधोसंरचना सुविधाओं का प्रावधान, सूक्ष्म उद्यमों को वित्तीय सहायता आदि।
उद्देश्य राज्य में समग्र विकास सुनिश्चित करने के लिए
बजट १००० करोड़ रुपये तक

उद्देश्य और लाभ:

  • योजनाओं का मुख्य उद्देश्य राज्य में समग्र विकास सुनिश्चित करना है।
  • यह ग्राम पंचायतों, आवास क्षेत्र, सूक्ष्म उद्यमों, खेल, स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे आदि जैसे विभिन्न क्षेत्रों में विकास सुनिश्चित करता है।
  • इस योजना से बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
  • इन योजनाओं के तहत प्रत्येक लक्षित क्षेत्र को आवश्यकतानुसार वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
  • इस प्रकार ये योजनाएं निवासियों के कल्याण को सुनिश्चित करेंगी।
  • यह राज्य के आर्थिक विकास और विकास में योगदान देगा।

लॉन्च की गई ११ अमृत विशेष योजनाओं का विवरण:

  • अमृत ​​ग्राम पंचायतें –

इस योजना के तहत राज्य सरकार विकास के लिए राज्य में ७५० ग्राम पंचायतों का चयन करेगी जिससे निवासियों को बुनियादी सुविधाएं, अधिकार और लाभ सुनिश्चित हो सकें। इसमें हर घर में पीने का पानी सुनिश्चित करना, कचरे का उचित निपटान, स्ट्रीट लाइट, सौर ऊर्जा की स्थापना आदि शामिल होंगे।

  • अमृत ​​निर्मला निगम –

राज्य सरकार ७५ शहरी स्थानीय निकायों के सौन्दर्यीकरण और उन्नयन को सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक को एक-एक करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।

  • अमृत ​​ग्रामीण आवास योजना –

यह ७५०,००० ग्राम पंचायतों में प्रत्येक बेघर व्यक्ति के लिए आवास सुविधा का प्रावधान सुनिश्चित करती है। यह ग्रामीण क्षेत्रों में सभी के लिए आवास सुनिश्चित करेगा।

  • अमृत ​​एफपीओ – ​​

योजना के तहत प्रत्येक एफपीओ को ३ साल के लिए ३० लाख रुपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह राज्य में कृषि और अन्य उपज के उत्पादन को बढ़ावा देगा। राज्य में कृषि, मत्स्य पालन और बुनकर उत्पादों के विपणन के लिए सहायता प्रदान की जाएगी।

  • अमृत ​​विद्यालय अधोसंरचना कार्यक्रम –

इस योजना के माध्यम से राज्य के ७५० विद्यालयों को अवसंरचना सुविधाओं के साथ-साथ चिन्हित ७५० विद्यालयों को १०-१० लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया जाएगा। चिन्हित किए गए विद्यालयों को भवन, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, शौचालय आदि जैसी समग्र आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

  • अमृत ​​आंगनबाडी केंद्र –

राज्य सरकार इस योजना के तहत राज्य में ७५०० आंगनवाड़ियों को उनके ढांचागत विकास के लिए कुल एक लाख रुपये का अनुदान प्रदान करेगी। यह अनुदान आंगनबाड़ियों के ढांचागत विकास के लिए दिया जाएगा।

  • अमृत ​​स्व-सहायता सूक्ष्म उद्यम –

इस योजना के तहत लगभग ७५०० स्वयं सहायता समूहों को एक-एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

  • अमृत ​​सामुदायिक विकास कार्यक्रम –

योजना के तहत राज्य सरकार सामुदायिक सेवा प्रदान करने के लिए लगभग ७५० स्कूलों और कॉलेजों की पहचान करेगी।

  • अमृत ​​स्वास्थ्य अधोसंरचना उन्नयन कार्यक्रम –

इस योजना के माध्यम से राज्य सरकार राज्य के प्रत्येक ७५० प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को लगभग २० लाख रुपए प्रदान करेगी।

  • अमृत ​​कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम –

राज्य सरकार अगले दो वर्षों में आरक्षित समुदायों के ७५००० युवाओं के कौशल विकास प्रशिक्षण और कार्यक्रमों के लिए लगभग ११२ करोड़ रुपये खर्च करेगी।

  • अमृत ​​​​खेल गोद लेने का कार्यक्रम –

राज्य सरकार द्वारा राज्य के ७५ खिलाडिय़ों को वर्ष २०२४ में पेरिस में होने वाले अगले ओलम्पिक में क्वालीफाई करने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

तमिलनाडु मिशन इंटरनेशनल योजना

तमिलनाडु सरकार ने राज्य में खेल खिलाड़ियों के लिए मिशन इंटरनेशनल योजना शुरू की है। चयनित एथलीटों को प्रशिक्षण, खेल घटनाओं में भाग लेने के लिए और उपकरणों की खरीद के लिए १० लाख रुपये का वार्षिक वजीफा दिया जाएगा।

अधिक पढ़े: तमिलनाडु में जनता के लिए योजनाओंकी सूचि

इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में खेलों को बढ़ावा देना और एथलीटों को आर्थिक रूप से मदत करना है ताकि वे भारत के लिए पदक जीत सकें। यह योजना मुख्य रूप से समाज के कमजोर वर्गों के एथलीटों के लिए है जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है।

TM Mission International Scheme (In English)

तमिलनाडु मिशन इंटरनेशनल योजना

  • राज्य: तमिलनाडु
  • लाभ: एथलीटों के लिए वित्तीय सहायता
  • लाभार्थी: समाज के कमजोर वर्ग के एथलीट

लाभ:

  • चुने हुवे एथलीट को हर साल १० लाख रुपये का वजीफा दिया जाएंगा।
  • एथलीट इस राशी का उपयोग प्रशिक्षण के लिए, विभिन्न खेलों के आयोजन में भाग लेने के लिए, खेल किट और उपकरण खरीदने के लिए कर सकता है।

पात्रता:

  • यह योजना केवल तमिलनाडु राज्य के निवासियों के लिए लागू है।
  • केवल समाज के कमजोर वर्गों के एथलीट इस योजना के लिए पात्र है।
  • जिन एथलीट ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में पदक जीते है, वह इस योजना के लिए पात्र है।
  • वरिष्ठ स्तर पर एथलीटों ने राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते होने चाहिए।
  • जूनियर स्तरों पर एथलीटों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते होने चाहिए।

पात्रता मानदंडों के आधार पर चुने गए ५० एथलीटों को वजीफा दिया जाएगा। उनमें से ५ विकलांग एथलीटों को वजीफा दिया जाएगा।

अधिक पढ़े: खिलाड़ियों के लिए योजनाओंकी सूचि

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए गुणवत्ता प्रशिक्षण, अच्छे उपकरण महत्वपूर्ण है। मिशन इंटरनेशनल योजना के माध्यम से राज्य में सभी उभरते हुए एथलीटों का चयन किया जाएंगा। इस साल सरकार ने ३७  एथलीटों को चुना है और उन्हें वजीफा दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री चषक: महाराष्ट्र में खेल और संस्कृति प्रतियोगिता-

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य स्तरीय खेल और संस्कृति प्रतियोगिता के लिए मुख्यमंत्री चषक की राज्य में की घोषणा की है।इस योजना के माध्यम से खेल और संस्कृति के प्रति विचार को बढ़ावा दिया जाएंगा और राज्य में एथलीटों और कलाकारों के लिए एक मंच प्रदान किय जाएंगा।लाभार्थी को इस अभियान का ऑनलाइन पंजीकरण आधिकारिक  cmchashak.com  वेबसाइट  पर करना होंगा।व्यक्ति और विद्यालय की टीम विभिन्न प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों के लिए भाग ले सकते है।

                                            CM Chashak: Sport & Culture Competition In Maharashtra (In English)

मुख्यमंत्री चषक क्या है? महाराष्ट्र मेगा खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए एक सरकार की योजना है।

  • घटना के लिए पंजीकरण नि:शुल्क है।
  • देश का कोई भी नागरिक इस प्रतियोगिता में भाग ले सकता है और पंजीकरण कर सकता है।
  • प्रतिभागियों को महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडानविस द्वारा हस्ताक्षरित प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएंगा।
  • व्यक्ति और टीमें विभिन्न प्रतियोगिता में भाग ले सकते है।
  • महाराष्ट्र राज्य के प्रत्येक जिलों में ८ से १० आयोजन स्थल होंगे।
  • प्रतियोगिता में १० व्यक्तिगत खेल और ८  टीम पर आधारित खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन किया जाएंगा।
  • इस टूर्नामेंट का आयोजन ३ स्तर किया जाएंगा : विधानसभा स्तर पर १ ला राउंड, जिला स्तर पर २ रा  राउंड, राज्य स्तर पर ३  और अंतिम राउंड  का आयोजन किया जाएंगा।

खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सूची:

  • आयुषमान भारत क्रिकेट
  • जलयुक्त शिवार वॉलीबॉल
  • शेतकरी सन्मान कब्बडी
  • सौभाग्य  खो खो
  • उडान १०० मीटर रेस
  • मुद्रा योजना ४०० मीटर रेस
  • स्वच्छ भारत कुस्ती
  • कुशल भारत कैरम
  • उजाला गायन प्रतियोगिता
  • उज्जवला नृत्य प्रतियोगिता
  • इंद्रधनुष्य ड्राइंग प्रतियोगिता
  • मेक इन इंडिया रेंगोली प्रतियोगिता

मुख्यमंत्री चषक पुरस्कार,नाम और मान्यताएं:

  • सभी के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री द्वारा हस्ताक्षरित भागीदारी प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएंगा
  • ७४० कुल ट्राफियां
  • ७६,२७८ कुल पदक
  • विजेताओं के लिए ७६,२७८  प्रमाणपत्र

मुख्यमंत्री चषक की तिथियां:

  • पंजीकरण शुरू होता है: १५ अक्टूबर २०१८
  • घटना शुरू होती है: ३० अक्टूबर २०१८
  • विधानसभा स्तर की घटनाएं: १ नवंबर २०१८ से २ दिसंबर २०१८ तक
  • जिला स्तर की घटनाक्रम: ५ दिसंबर से ३१ दिसंबर २०१८ तक
  • राज्य स्तरीय घटनाक्रम: १२ जनवरी २०१९ तक

मुख्यमंत्री चषक पंजीकरण और ऑनलाइन आवेदन:

  • व्यक्तिगत पंजीकरण: यहाँ क्लिक करे

मुख्यमंत्री चषक व्यक्तिगत पंजीकरण आवेदन पत्र

  • टीम पंजीकरण:यहाँ क्लिक करे

मुख्यमंत्री चषक टीम पंजीकरण आवेदन पत्र

संबंधित योजनाएं:

 

 

संगाई स्टाल २०१८: संगाई महोत्सव २०१८ मणिपुर के लिए ऑनलाइन स्टाल पंजीकरण और आवेदन पत्र @ sangaistall.in 

मणिपुर सरकार ने संगाई स्टाल २०१८ की घोषणा की है। सांगई महोत्सव २०१८ कार्यक्रम में स्टाल पंजीकरण के लिए आवेदन आमंत्रित किये गए है। स्टालों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण और ऑनलाइन आवेदन संगाई स्टाल २०१८ के अधिकारी वेबसाइट sangaistall.in  संगई महोत्सव २०१८ २१ नवंबर से ३० नवंबर २०१८ तक आयोजित किया जाएगा।

Sangai Stall 2018 (In English)

मणिपुर संगाई स्टाल महोत्सव क्या है:

  • मणिपुर राज्य में हर साल आयोजित एक त्यौहार समारोह है।
  • संगाई महोत्सव (भौंह-सींगवाला हिरण) से नामित किया गया जो कि मणिपुर राज्य का पशु है।
  • यह उत्सव मणिपुर राज्य में साल २०१० से शुरू हुआ है और मणिपुर राज्य की समृद्ध परंपराओं, संस्कृति को दिखाने के लिए एक मंच है।
  • इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य मणिपुर राज्य में पर्यटन को आकर्षित करना और पर्यटन अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है।
  • मणिपुर राज्य के संस्कृति, हथकरघा, हस्तशिल्प, स्वदेशी खेल, व्यंजन, संगीत और साहसिक खेल उत्सव में प्रदर्शित किये जाते है।
  • मणिपुर राज्य की शास्त्रीय नृत्य रस लीला प्रदर्शन समारोह का मुख्य आकर्षण है।
  • मणिपुर संगाई महोत्सव २०१८ में विभिन्न नृत्य रूपों में नृत्य कबीई नागा नृत्य, बांस नृत्य, माईबी नृत्य, ला हराराबा नृत्य, खंबा थॉबी नृत्य आदि के रूप में विभिन्न नृत्य प्रदर्शित किये जाते है।

 संगाई स्टाल २०१८ की तिथियां: २१ नवंबर से ३० नवंबर २०१८

मणिपुर  संगाई महोत्सव २०१८ का स्थान:

  • हप्ता कंगजइबंग, इम्फाल – ७९५,००१
  • लैम्बोखोंगनंगखोंग, इम्फाल – ७९५,००४

मणिपुर  संगाई स्टाल महोत्सव २०१८: स्टाल पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र कैसे करे?

  • संगई स्टाल २०१८ के लिए ऑनलाइन स्टाल पंजीकरण पर जाने के लिए यहां क्लिक करें।

  • स्टॉल का नाम, स्टॉल का प्रकार, पता और स्टॉल पर बेची गई वस्तुओं जैसे स्टॉल विवरण प्रदान करें और फिर Next बटन पर क्लिक करें।
  • आवेदक और सहायक का नाम, मोबाइल, ईमेल इत्यादि जैसे विवरण प्रदान करें और Register Now बटन पर क्लिक करें।

yas.nic.in / kheloindia.gov.in  खेलो इंडिया प्रोग्राम: पंजीकरण, ऑनलाइन आवेदन पत्र और आवेदन कैसे लागू करे

भारत सरकार ने खेलो इंडिया प्रोग्राम को भारत देश में खेल के विकास के लिए एक राष्ट्रीय कार्यक्रम शुरू किया है। इस योजना का उद्देश्य खेल, एथलीटों / कोचों को समर्थन करना है और भारत देश में खेल बुनियादी ढांचे में सुधार करना है।खिलाडी की खेल प्रतिभा उनकी शुरुआती उम्र में पहचानी जाती है और उन्हें एक अच्छे एथलीट बनाने के लिए तैयार कीया जा सकता है।भारत देश में   खेल के लिए विभिन्न खर्च और प्रायोजन प्रदान किये जाते है  कि खिलाडी उन खेलों को जारी रख सकें जिनमें वे रुचि रखते है । खेल प्रतियोगिता भारत के तहत कई प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाता है जो पूरे देश में प्रसारण-प्रसार होता है। सरकार ने बजट २०१८-१९ में १,७५६ आवंटित किये है और इस कार्यक्रम पर १,७५६  करोड़ खर्च किए जाएंगे। युवा मामले और खेल मंत्रालय इस योजना को लागू किया है। मंत्रालय कार्यक्रम पर सभी आधिकारिक वेबसाइट yas.nic.in / kheloindia.gov.in पर सभी विवरण और अपडेट प्रदान किये जाएंगे।

                                                                                                                    Khelo India Program (In English)

खेलो इंडिया प्रोग्राम के तहत, भारत देश में शालेय खेल  में बच्चों को अवसर प्रदान करना और उनकी प्रतिभा की पहचान करने के लिए आयोजित किये जाएंगे। सभी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल जैसे की एथलीट, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, मुक्केबाजी, जिमनास्टिक, हॉकी, जूडो,खो-खो, शूटिंग, तैराकी, वॉलीबॉल,कबड्डी, वेट लिफ्टिंग, कुश्ती, जूडो और बहुत से अधिक खेलों का खेलो इंडिया प्रोग्राम का समर्थन करता है।पदक के साथ नकद प्रोत्साहन एथलीटों और कोच को प्रदान किया जाता है। नकद पुरस्कार केवल उन एथलीटों के कोचों के लिए  है  जिन्होंने कॉमनवेल्थ खेलों, एशियाई खेलों और ओलंपिक खेलों में केवल पदक जीते है।

खेलो इंडिया प्रोग्राम का उद्देश्य:

  • खिलाडी की प्रतिभा की पहचान की जाएंगी।
  • खिलाडी को वित्तीय सहायता के साथ उन्हें समर्थन वान बनया जाएंगा।
  • एथलीटों को अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर प्रदान किया जाएंगा।
  • तहसील, जिला, राज्य स्तर, आदि में खेल बुनियादी ढांचे को बढ़ावा दिया जाएंगा।

खेलो इंडिया प्रोग्राम का लाभ:

  • १,०००  एथलीटों की हर साल खोज की जाएंगी।
  • खिलाडी को अगले ८ साल के लिए हर साल ५ लाख रुपये का प्रोस्ताहन दिया जाएगा।
  • खेल बुनियादी ढांचा का विकास किया जाएंगा।
  • कोच को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएंगी।

खेलो इंडिया प्रोग्राम के लिए पात्रता:

  •  भारत देश के सभी सक्रिय एथलीटक इस योजना के लिए पात्र है।

खेलो इंडिया प्रोग्राम का पंजीकरण और ऑनलाइन आवेदन पत्र कैसे करे:

युवा मामले और खेल मंत्रालय, भारत सरकार के लिए आधिकारिक वेबसाइट है। खेलो इंडिया प्रोग्राम की yas.nic.in / kheloindia.gov.in आधिकारिक वेबसाइट है।

  • विभिन्न खेलो इंडिया योजना प्रायोजन और प्रतियोगिताओं के लिए पंजीकरण और ऑनलाइन आवेदन पत्रों के लिए यहां क्लिक करें।
  •  पीडीएफ प्रारूप में खेलों इंडिया प्रोग्राम के लिए आवेदन पत्र डाउनलोड करें।
  • आवेदन पत्र का प्रिंट आउट करें।
  • आवेदन पत्र को पूरी तरह से भरें।
  • पासपोर्ट आकार तस्वीर को पेस्ट करें।
  •  आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें।
  • आवेदन पत्र पर हस्ताक्षर करें।
  •   इसे आपके के निकटतम भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) कार्यालय में जमा करें।

 

 

ova.gov.in – ओडिया वर्चुअल अकादमी (ओवीए) वेबसाइट ओडिसा:

ओडिसा सरकार ने ओडिया भाषा को संरक्षित और बढ़ावा देने के लिए ओडिया वर्चुअल अकादमी (ओवीए) नाम की वेबसाइट ova.gov.in शुरू की है।ओडिसा राज्य के मुख्यमंत्री श्री नवीन पटनायक ने ओडिया पोर्टल को शुरू किया है। ओडिसा   वर्चुअल अकादमी पोर्टल विभिन्न मूल्यवान ओडिया भाषा संसाधन जैसे की  किताबें, पुस्तकालय, पत्रिकाएं, शब्दकोश, सांस्कृतिक नृत्य, संगीत और ओडिया कला पर जानकारी प्रदान करता है। पोर्टल  ओडिया भाषा में भी अनुवाद का समर्थन करता है।ओडिसा राज्य में ओडिया भाषा प्राथमिक भाषा है और मुख्यमंत्री का मानना ​​है कि संस्कृति और विरासत को संरक्षित रखने के लिए ओडिया भाषा को संरक्षित करना महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री श्री नवीन पटनायक के अनुसार  ओडिया भाषा राज्य का गौरव और गरिमा है।

                                                                                                      Odia Virtual Academy (OVA) (In English)

 

Ova.gov.in –  ओडिया वर्चुअल अकादमी (ओवीए) वेबसाइट में  ओडिसा वेबिनार,  ओडिया भाषा पर वर्चुअल क्लासेस, ऑनलाइन प्रमाणन पाठ्यक्रम,  ओडिया फॉन्ट, वेबसाइटों और संसाधनों के लिंक हैं। पोर्टल ओडिसा राज्य में ओडिया भाषा का ज्ञान और विज्ञान के रूप में प्रस्तुत करता है और राज्य में पोर्टल युवा पीढ़ियों द्वारा उपयोग किया जाता है।

ova.gov.in – ओडिसा वर्चुअल अकादमी (ओवीए) वेबसाइट का उद्देश्य:

  • २०००+ दुर्लभ और ओडिया भाषा की किताबों को डिजिटाइज किया जाएगा।
  • राज्य के पाठकों को सभी पुस्तकें ऑनलाइन उपलब्ध की जाएगी।
  •  नि:शुल्क डिजिटल ओडिया वाचनालय प्रदान किया जाएगा।
  • नि:शुल्क ओडिया डिजिटल शब्दकोश प्रदान किया जाएगा।
  • ओडिया यूनिकोड फॉन्ट को बढ़ावा और वितरित किया जाएगा।
  • अंग्रेजी, फ्रेंच, जर्मन, जापानी और स्पेनिश वक्ताओं के लिए  ओडिया भाषा को सरल सीखने में मदत की जाएगी।

ओडिया वर्चुअल अकादमी (ओवीए):

  • ओडिया भाषा के प्रचार के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है।
  • ओडिया संस्कृति, परंपरा, किताबें, पत्रिकाओं, संगीत, साहित्य, कला, नृत्य, इतिहास, विज्ञान अनुसंधान, लोक संस्कृति, आदिवासी भाषाओं, साहित्य, इतिहास उन्मुख निबंध, महान व्यक्तित्वों का भाषण, श्री जगन्नाथ संस्कृति, मंदिर और वास्तुकला का ऑनलाइन भंडार जानकारी प्रदान करता है।
  • कवियों, लेखकों, नाटककारों, पत्रकारों, आलोचकों, अनुवादकों और साहित्यिक अधिकारियों के कार्यों को संरक्षित करता है।
  • पोर्टल राज्य संगठनों और संस्थानों में भाषाओं के उपयोग को बढ़ावा देगा।
  • यह ओडिया भाषा में शब्दकोष, विश्र्वकोश में शब्दावली और व्याकरण भी प्रदान करता है।

राष्ट्रीय खेल प्रतिभा खोज योजना (आर के पि के वाय): प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए प्रोत्साहना योजना

राष्ट्रीय खेल प्रतिभा खोज योजना (आर के पि के वाय) भारत सरकार के खेल मंत्रालय द्वारा शुरू की है. स्कूल मे ८ से १० वर्ष आयु वर्ग के छात्र की प्रतिभाओं की पहचान करना और उन प्रतिभाशाली खिलाडीओं को प्रोस्ताहन देने के लिए यह योजना शुरू की है. स्कूल,कॉलेज और विश्वविद्यालयों मे खिलाडी की प्रतिभा की पहचान कर के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं मे भाग लेने के लिए उन्हे सक्षम बनाना इस योजना का मुख्य उद्देश है. राष्ट्रीय खेल प्रतिभा खोज योजना युवाओं के विकास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाने ने लिए मदत करती है.योजना के तहेत सरकार ८ से १२ वर्ष छात्रों के शारीरिक क्षमता और खेल योग्यता परीक्षा आयोजित करती है.परीक्षा उतीर्ण होने पर छात्र को जूनियर खेल आकादमी और खेल प्रशिक्षण भारतीय खेल प्राधिकरण केंद्र मे दाखिला दिया जाता है.

राष्ट्रीय खेल प्रतिभा खोज योजना का लाभ:

  • इस योजना से भारतीय खेलों विशेषकर ग्रामीण खेलों के विकास मे सहायता मिलेगी
  • देशभर के स्कूलों मे ८ से १० वर्ष आयु वर्ग के छात्र की  प्रतिभाओं की पहचान करना और उन्हे प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा  

 राष्ट्रीय खेल प्रतिभा खोज योजना के लिए पात्रता:

  • छात्र की आयु ८ से १२ साल के बिच होना चाहिए
  • जीन छात्रों ने  शारीरिक क्षमता और खेल योग्यता परीक्षा उतीर्ण की है वह छात्र योजना का लाभ पाने के लिए पात्र है

राष्ट्रीय खेल प्रतिभा खोज योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  • नगर निगम/स्कूल/अस्पातल इनमे से किसी एक का जन्म का प्रमाण पत्र
  • अभिभावक का  आय प्रमाण पत्र
  • पंजीकरण फॉर्म
  • पहचान पत्र जैसे की आधार कार्ड
  • २ पासपोर्ट आकार की फोटो

राष्ट्रीय खेल प्रतिभा खोज योजना का लाभ पाने के लिए किसे संपर्क करे: आप स्कूल मे खेल विभाग से संपर्क कर सकते है

संदर्भ और विवरण:

  • योजना के बारे मे अधिक जानकारी पता करने के लिए खेल मंत्रालय की वेबसाइट  पर संपर्क करे: yas.nic.in