खेत मजदूरों और भूमिहीन किसानों के लिए ऋण माफी योजना, पंजाब

पंजाब सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की ७७वीं जयंती के अवसर पर राज्य में खेत मजदूरों और भूमिहीन किसानों के लिए एक नई ऋण माफी योजना शुरू की है। इस योजना के शुभारंभ की घोषणा मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने २० अगस्त, २०२१ को की थी। इस योजना के तहत राज्य सरकार कुल ५२० करोड़ रुपये के ऋण को माफ करेगी। यह राशि ३१ जुलाई, २०१७ तक कृषि मजदूरों और भूमिहीन किसानों को प्रदान किए गए सहकारी ऋण की मूल राशि के साथ-साथ उन ऋणों पर ७% प्रति वर्ष की दर से साधारण ब्याज के संबंध में होगी। ६ मार्च ७२०२१ तक कुल २.८५ करोड़ खेतिहर मजदूर और भूमिहीन किसान योजना के तहत लाभान्वित हुए।

योजना अवलोकन:

योजना खेत मजदूरों और भूमिहीन किसानों के लिए ऋण माफी योजना
योजना के तहत पंजाब सरकार
द्वारा लॉन्च किया गया मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह
लॉन्च की तारीख अगस्त २०, २०२१
लाभार्थी खेत मजदूर और भूमिहीन किसान
लाभ कुल ५२० करोड़ रुपए तक के ऋण माफ कर ऋण राहत
प्रमुख उद्देश्य राज्य में कृषि मजदूरों और भूमिहीन किसानों को कर्जमाफी के माध्यम से सहायता प्रदान करना।

योजना के उद्देश्य और लाभ:

  • इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में कृषि मजदूरों और भूमिहीन किसानों को ऋण माफी के माध्यम से सहायता करना है।
  • यह योजना खेत मजदूरों और भूमिहीन किसानों द्वारा लिए गए सभी सहकारी ऋणों को कवर करती है।
  • इस योजना के तहत राज्य सरकार कुल ५२० करोड़ रुपये का कर्ज माफ करेगी।
  • इसका उद्देश्य राज्य के सभी खेत मजदूरों और भूमिहीन किसानों का कल्याण सुनिश्चित करना है।
  • यह मुश्किल और कठिन समय में लाभार्थियों के लिए वरदान साबित होगा।

योजना विवरण:

  • मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने २० अगस्त, २०२१ को खेत मजदूरों और भूमिहीन किसानों के लिए ऋण माफी योजना शुरू की।
  • यह योजना पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की ७७वीं जयंती के अवसर पर शुरू की गई है।
  • इस योजना के तहत राज्य सरकार कुल ५२० करोड़ रुपये का कर्ज माफ करेगी।
  • यह राशि ३१ जुलाई, २०१७ तक कृषि मजदूरों और भूमिहीन किसानों को प्रदान किए गए सहकारी ऋण की मूल राशि के साथ-साथ उन ऋणों पर ७% प्रति वर्ष की दर से साधारण ब्याज के संबंध में होगी।
  • इस योजना में सभी खेत मजदूरों और भूमिहीन किसानों को शामिल किया गया है।
  • इस योजना से लगभग २.८५ करोड़ खेतिहर मजदूरों और भूमिहीन किसानों को योजना के तहत लाभ होगा।
  • यह योजना लाभार्थियों के लिए लाभकारी होगी जिसमें कठिन समय में उनकी आजीविका सुरक्षित होगी।
  • यह उनके कल्याण और सामाजिक सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा।

ग्राम समृद्धि योजना (जीएसवाई)

भारत सरकार ने देश के असंगठित खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में मदत के लिए ग्राम समृद्धि योजना (जीएसवाई)  शुरू करने की योजना बना रही है। इस योजना को खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय लागू करेगा। कुटीर उद्योग, कृषि उत्पादक संगठन और व्यक्तिगत खाद्य निर्माण करने वाले यूनिट इस योजना से लाभान्वित किये जाएंगे।

Gram Samridhi Yojana (In English)

ग्राम समृद्धि योजना (जीएसवाई)

  • लाभ: वित्तीय सहायता, ऋण और ब्याज पर सब्सिडी
  • लाभार्थी: लघु / गृह-आधारित खाद्य प्रसंस्करण यूनिट
  • बजट: ३,०००  करोड़ रुपये

ग्राम समृद्धि योजना (जीएसवाई) का उद्देश्य:

  • लघु और मध्यम पैमाने पर खाद्य प्रसंस्करण यूनिट को मदत और प्रोत्साहित किया जाएंगा।
  • उन्हें आर्थिक रूप से मदत की जाएंगी।
  •  उनको वित्त और  ऋण तक आसानी से पहुँच प्रदान की जाएंगी।
  • कौशल विकास में उनकी मदत की जाएंगी, प्रौद्योगिकी उन्नयन और विस्तार किया जाएंगा।
  • उद्यमशीलता को प्रोत्साहित किया जाएंगा और युवा व्यवस्था को बढ़ावा देने में मदत की जाएंगी।
  • ग्रामीण क्षेत्र में अधिक नौकरियां प्रदान की जाएंगी ताकी भारत देश की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिल सके।

लाभार्थी:

  • गृह-आधारित लघु खाद्य प्रसंस्करण यूनिट
  • किसान उत्पादक संगठन
  • वैयक्तिक खाद्य प्रसंस्करण

लाभ:

  • लाभार्थी को ऋण तक आसानी से पहुँच प्रदान की जाएंगी।
  • प्रसंस्करण यूनिट को १० लाख रुपये तक के ऋण के लिए सब्सिडी प्रदान की जाएंगी।
  • ऋण के ब्याज पर सब्सिडी प्रदान की जाएंगी।

योजना मुख्य रूप से स्थानीय किसानों की मदत करेगी। इस योजना के माध्यम से सरकार का मुख्य उद्देश देश के किसानों की आय को दोगुना करनी है। ग्रामीण खाद्य प्रसंस्करण यूनिट स्थानीय कृषि उत्पाद, पैकेज और बाजार को संसाधित करेगी।

इस योजना के लिए विश्व बैंक द्वारा ५०% वित्त पोषित करेंगी। विश्व बैंक के तरफ से १,५०० करोड़ रुपये का निवेश ग्राम समृद्धि योजना में किया जाएगा, जहाँ शेष १,५०० करोड़ रुपये का निवेश केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा किया जाएगा। इस योजना के तहत देश में ग्रामीण ऊष्मायन और व्यापार केंद्र भी स्थापित किये जाएंगे। ऊष्मायन बुनियादी सुविधाओं और सेवाओं के साथ समर्थन करेंगे। व्यापार केंद्र नये उत्पादों को शुरू करने, विपणन और उन्हें बेचने में मदत करेंगे।

इस योजना का शुभारंभ किया जाना बाकी है। मंजूरी मिलते ही इस योजना को चरणों में शुरू किया जाएगा। पहले चरण में इस योजना को देश के महाराष्ट्र, पंजाब, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश राज्य में लागू किया जाएगा।

तेलंगाना खेत ऋण माफी:

तेलंगाना सरकार ने अपना बजट २०१९-२० पेश किया है। तेलंगाना राज्य के मुख्यमंत्री जिनके पास वित्त विभाग का कारभार है, उन्होंने इस बजट को पेश किया है। राज्य के मुख्यमंत्री ने इस योजना के तहत राज्य के जिन किसानों ने ११ दिसंबर २०१८ के पहले १ लाख रुपये तक का फसल ऋण लिया है,उन सभी किसानों का खेत ऋण माफ कर दिया जाएगा। इस योजना के लिए ६,००० करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। तेलंगाना बजट २०१९-२० एक वोट-ऑन-अकाउंट बजट है और २२  फरवरी २०१९ को राज्य विधान सभा में इस बजट को प्रस्तुत किया गया है।

चुनाव २०१८  में तेलंगाना राज्य के किसानों का कृषि ऋण माफ़ करना तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) का चुनावी वादा था। सरकार के पास पहले से ही राज्य में किसानों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं है। इस योजना जैसी एक योजना है जिसे रायथु बंधु योजना कहा जाता है। राज्य के किसानों को प्रति वर्ष ८,००० रुपये  प्रति एकड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएंगी। सरकार ने योजना के तहत वित्तीय सहायता में वृद्धि का भी प्रस्ताव दिया है। राज्य के किसानों को वर्तमान में ४,००० रुपये प्रति एकड़ बुवाई के मौसम में प्रदान किये जाएंगे। सरकार ने ५,००० रुपये प्रति एकड़ हर मौसम यानी (खरीफ और रब्बी) मौसम मिलके हर साल १०,००० रुपये प्रति एकड़ की वित्तीय सहायता प्रदान करने का प्रस्ताव दिया है।

                                                                                                  Telangana Farm Loan Waiver (In English):

  •  खेत ऋण माफी योजना
  • राज्य: तेलंगाना
  • लाभ: राज्य के जिन किसानों के ११  दिसंबर २०१८ से पहले १ लाख रुपये तक का फसल ऋण लिया है, वह फसल ऋण माफ़ हो जाएंगा।
  • लाभार्थी: तेलंगाना राज्य के किसान
  • बजट: ६,००० करोड़ रुपये

तेलंगाना खेत ऋण माफी योजना पात्रता मानदंड:

  • यह योजना केवल तेलंगाना राज्य के निवासियों के लिए लागू है।
  • केवल किसानों द्वारा लिए गये कृषि ऋण के लिए यह योजना लागू है।
  • फसल ऋण माफ़ी केवल ११  दिसंबर २०१८ से पहले लिये गये फसल के लिए लागू होती है।

तेलंगाना राज्य के मुख्यमंत्री ने बेरोजगारी भत्ते की भी घोषणा की है। राज्य के बेरोजगार युवाओं को ३,०१६ रुपये प्रति माह प्रदान किया जाएंगा। आसरा पेंशन भी १,००० रुपये प्रति माह से बढ़ाकर २०१६ रुपये प्रति माह कर दी है। आसरा पेंशन वृद्ध, विधवाओं, एकल महिलाओं, बीड़ी श्रमिकों, फाइलेरिया से पीड़ित लोगों, हथकरघा श्रमिकों और ताड़ी-टापरों को प्रदान की जाती है।

महाराष्ट्र में किसानों के लिए पशुपालन ऋण:

पशुपालन एक ऋण योजना है जो किसानों के कल्याण के लिए महाराष्ट्र सरकार द्वारा शुरू की गई है। पशुपालन ऋण विभिन्न बैंकों द्वारा गाय, भैंस आदि खरीदने के लिए प्रदान की जाती है। ऋण पशु, बैल और ऊँट आदि जैसे मसौदा पशुओं को खरीदने के लिए भी प्रदान किया जाता है। पशुपालन पोल्ट्री फार्म जैसे की ब्रॉयलर, लेयर फार्म, हैचरी के लिए भी ऋण प्रदान किया जाता है।  पशुपालन ऋण आम तौर पर मुर्गी, बकरी पालन, सुअर पालन, डेयरी विकास, मत्स्य विकास और कृषि उपकरण, मशीनरी की खरीद आदि से संबंधित परिसंपत्तियों और बुनियादी ढांचे खरीदने या निर्माण के लिए प्रदान किया जाता है। ऋण आमतौर पर भूमि के कानूनी समझौते, अधिग्रहित संपत्ति गिरवी रखके या तीसरे पक्ष की गारंटी से सुरक्षित होता है। व्यक्तिगत या संयुक्त भूमिधारक सहित सभी किसान पशुपालन ऋण के लिए पात्र है। पशुपालन ऋण के लिए आवेदन करने के लिए न्यूनतम प्रलेखन की आवश्यकताएं होती है। किसान द्वारा खरीदे गए सभी पशु, पक्षी, उपकरण, मशीनरी का बीमा ऋण के लिए आवश्यक है। किसान को बैंक की आवश्यकता, अनुमान, मूल्य उद्धरण के अनुसार बैंक की आवश्यकता के अनुसार ऋण दिया जाता है। उपयुक्त ऋण का मासिक, त्रैमासिक, अर्धवार्षिक किश्तों के साथ तीन से सात सालों के भीतर किसानों द्वारा ऋण किस्त का भुगतान करना होंगा।

                                                     Animals Husbandry Loan For Farmers In Maharshtra (In English):

पशुपालन के लाभ:

  • पशु पालन, मत्स्य पालन, सुअर पालन, मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन, रेशम के कीड़ों का पालन आदि के लिए ऋण प्रदान किया जाएंगा।
  • १,००,००० रुपये के ऋण के लिए मुनाफ़ा प्रदान किया जाएंगा।
  • संपत्ति की लागत और परियोजना की लागत का १००% लाभ प्रदान किया जाएंगा।
  • ऋण चुकौती के लिए लंबे समय की अवधि प्रदान की जाएगी।
  • ऋण के लिए न्यूनतम कागजी कार्यवाई और प्रसंस्करण प्रदान किया जाएंगा।

पशुपालन के लिए पात्रता:

  •  व्यक्तिगत और संयुक्त भू-स्वामियों जैसे सभी किसान इस ऋण के लिए पात्र है।
  • जमीन किराए पर देने वाला व्यक्ति भी इस योजना के लिए पात्र है।
  • भागीदारी में खेती करनेवाले व्यक्ति भी इस योजना के लिए पात्र है।

पशुपालन के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  • आवेदन पत्र
  • आवेदक के पास पहचान पत्र जैसे की पैन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान पत्र होना जरुरी है।
  • आवेदक का ७/१२
  • निवास प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है जैसे की पासपोर्ट,बिजली या टेलीफोन बिल, राशन कार्ड इत्यादि होना जरुरी है।
  • जमीन किराये पर लेने का समझौता पत्र, बिक्री कर प्रमाण पत्र होना चाहिए।
  • संपत्ति प्राप्त करने के लिए उद्धरण होना चाहिए।
  • वित्तीय संस्थानों का बकाया प्रमाणपत्र होना चाहिए।
  • १ लाख रुपये के ऊपर ऋण के लिए प्रमाण पत्र होना चाहिए।

पशुपालन ऋण के लिए आवश्यक सुरक्षा:

  • पशु और संयंत्र मशीनरी खरीदने के लिए कुछ गिरवी रखना पड़ेगा।
  • थर्ड पार्टी की गारंटी और जमीन गिरवी रखनी पड़ेगी।

आवेदन की प्रक्रिया:

  • आप नजदीकी बैंक शाखाओं से संपर्क कर सकते है जो बैंक कृषि कार्य के लिए लागू है।
  • आप गाँव में आने वाले कृषि अधिकारियों से भी बात कर सकते है।
  • सभी दस्तावेजों के साथ नजदीकी राष्ट्रीयकरण बैंक शाखा से संपर्क कर सकते है।

संदर्भ और विवरण:

 

 

 

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएमकेएसएनवाय/ पीएम किसान): किसान आय समर्थन योजना-

भारत देश के वित्त मंत्री श्री पीयूष गोयल ने देश के किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएमकेएसएनवाय/ पीएम किसान) की घोषणा की है। भारत देश भर के सभी गरीब और सीमांत किसानों को हर साल ६००० रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएंगी।

भारत देश के वित्त मंत्री ने १ फरवरी २०१९ को राष्ट्रीय विधान-सभा में अंतरिम बजट २०१९ को प्रस्तुत किया है। कर (टैक्स) छूट के साथ कई सामाजिक कल्याण योजनाओं और सब्सिडी की घोषणा वित्त मंत्री द्वारा की गई है। इस योजना के लिए ७५,००० करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। इस योजना से भारत देश के १२ करोड़ गरीब किसानों को लाभ प्रदान किया जाएंगा।

योजना का प्राथमिक उद्देश्य भारत देश के किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है और बुवाई के मौसम के दौरान आवश्यक विभिन्न आदानों खरीदने के लिए उनकी मदत करना है। यह राशि सीधे किसान के बैंक खातों में तीन एकसामान किस्तों में हस्तांतरित की जाएगी।

                                                                     Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Yojana (In English):

  • योजना:  प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएमकेएसएनवाय/ पीएम – किसान)
  • वैकल्पिक नाम: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना / पीएम – किसान
  • लाभ:  देश के किसानो को ६,००० रुपये की वित्तीय सहायता हर साल प्रदान की जाएंगी
  • लाभार्थी: भारत देश के छोटे और सीमांत किसान
  • द्वारा शरू की: वित्त मंत्री श्री पीयूष गोयल
  • प्रारंभ तिथि: १ फरवरी २०१९

प्रधानमंत्री किसान योजना के लिए पात्रता मानदंड:

  • यह योजना केवल भारत देश के किसानों के लिए लागू है।
  • जिन किसानों के पास २ हेक्टर (५ एकड़) से भूमि कम है।

प्रधानमंत्री किसान योजना का लाभ:

  •  भारत देश के किसानों को हर साल ६,००० रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएंगी।
  • वित्तीय सहायता की राशी सीधे लाभार्थी किसानों के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाएंगी।
  • लाभार्थी किसानों के बैंक खाते २,००० रुपये की राशी ३ एकसमान किस्तों में भुगतान की जाएंगी।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से ३१ मार्च २०१९ तक लाभार्थी किसान के डीबीटी खाते में पहली किस्त प्रदान की जाएंगी। यह योजना दिसंबर २०१९  से भारत देश भर लागू है। इस वित्तीय सहायता का उपयोग विभिन्न कृषि आदानों जैसे बीज, उर्वरक खरीदने के लिए और खेत में काम करने वाले मजदूरो की मजूरी का भुगतान करने के लिए किया जा सकता है।

भारत सरकार किसान क्रेडिट कार्ड ऋण पर २% की छूट भी प्रदान करेगी। देश के जो किसान अपना ऋण समय पर चुकाते है, उन किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड  (केसीसी)  ऋणों पर ३% की छूट प्रदान की जाएगी।

यह योजना तेलंगाना की रायथु बंधु योजना, ओडिशा की कालिया योजना और झारखंड की कृषि आशीर्वाद योजना पर आधारित है।

 

जय किसान ऋण मुक्ति योजना (जेकेआरएमवाय) मध्य प्रदेश: हरा, नीला, गुलाबी आवेदन पत्र और आवेदन कैसे करें?

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने आधिकारिक तौर पर मध्य प्रदेश राज्य में कृषि ऋण माफी योजना शुरू की है जिसे जय किसान ऋण मुक्ति योजना (जेकेआरएमवाय) कहा जाता है।  मध्य प्रदेश राज्य के ५५,००० करोड़ लागत की कर्जमाफी योजना के माध्यम से राज्य के ५५ लाख लघु और सीमांत किसानों को लाभ मिलेगा। मध्य प्रदेश राज्य के सरकार ने जय किसान ऋण मुक्ति योजना (जेकेआरएमवाय) के आवेदन के लिए हरे, गुलाबी और सफेद आवेदन पत्र जारी किए है। सभी पात्र किसानों को फसल ऋण माफी के लिए आवेदन करने की जरूरत है ताकि उनका ऋण माफ किया जा सकें।

                                                                                        Jai Kisan Rin Mukti  Yojana (JKRMY) (In English)

  • योजना का नाम: सांसद जय किसान ऋण मुक्ति योजना (जेकेआरएमवाय)
  • वैकल्पिक नाम: सांसद कृषि ऋण माफी योजना, फसल ऋण माफी योजना, किसान कर माफी योजना,फसल ऋण माफी योजना, कर्जा माफी योजना (यह सभ नाम सामान्य है, कार्यालयीन नहीं है)
  • लाभ: सहकारी, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और राष्ट्रीयकृत बैंकों से लिए गए २ लाख रुपये तक का फसल ऋण माफ किया गया है।
  •  पात्रता / लाभार्थी:  मध्य प्रदेश राज्य के लघु और सीमांत किसान
  • बजट: : ५०,०००  करोड़ रुपये
  • योजना प्रारंभ होने की तारीख: १५  जनवरी २०१९
  • इस योजना की घोषणा किसने की: मध्य प्रदेश राज्य के मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ

यदि मध्य प्रदेश राज्य के नागरिककों ने चुनाव में कांग्रेस पार्टी को मतदान करेगी और मध्य प्रदेश राज्य में कांग्रेस पार्टी सत्ता में आती है तो राज्य के सभी किसानों का कृषि ऋण माफ़ कर दिया जाएंगा यह कांग्रेस पार्टी चुनावी वादा किया गया था। मध्य प्रदेश राज्य के नवनियुक्त मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने १७ दिसंबर २०१८  को शपथ लेते ही सभी किसानों का कृषि ऋण माफ़ करने का फैसला लिया गया था। १२ दिसंबर २०१८  (संशोधित तिथि) से पहले सहकारी और राष्ट्रीयकृत बैंकों से लिया गया २  लाख रुपये तक का कर्ज माफ किया गया है। राज्य मंत्रिमंडल ने ५  जनवरी २०१९  को इस योजना को मंजूरी दे दी है और यह योजना १५  जनवरी २०१९ को शुरू की गई है। मध्य प्रदेश राज्य के सरकार ने जय किसान ऋण मुक्ति योजना के लिए हरे, गुलाबी और सफेद आवेदन पत्र सुरु किये है।

सांसद जय किसान ऋण मुक्ति योजना का आवेदन पत्र डाउनलोड करें:

मध्य प्रदेश राज्य के सरकार ने जय किसान ऋण मुक्ति योजना के लिए आवेदन पत्र जारी किए है। सभी पात्र किसानों से अनुरोध है कि वे जल्द से जल्द आवेदन पत्र को भरें और जमा करें। आवेदन प्पत्र तीन रंगों में हैं ए) हरा बी) सफेद और सी) गुलाबी।

  • हरा आवेदन पत्र: यह हरा आवेदन पत्र उन सभी किसानों के लिए है जिनके पास आधार कार्ड है, जो उनके बैंक खाते से जुड़ा हुआ है, उनको हरे रंग से आवेदन पत्र भरना होगा।
  • सफ़ेद आवेदन पत्र:  यह सफ़ेद आवेदन पत्र उन किसानों के लिए, जिनका बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक नहीं हैं।
  • गुलाबी आवेदन पत्र: किसी भी शिकायत की रिपोर्ट करने के लिए या दावा करने के लिए, गुलाबी आवेदन पत्र भरें।

सांसद जय किसान ऋण मुक्ति योजना के लिए आवेदन कैसे करें?

सभी पात्र किसान अपनी ग्राम पंचायतों से जय किसान ऋण मुक्ति योजना का आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते है। प्रपत्र समाचार पत्रों में प्रकाशित किया जाएंगा। वर्तमान पत्र से आवेदन पत्र को काटें। इसे सही ढंग से भरें और इसे ग्राम पंचायत कार्यलय में जमा करें।  सांसद कृषि ऋण माफी के आवेदन पत्र १५ जनवरी २०१९ को शुरू हुए है,आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि  ५ फरवरी २०१९  है। ऋण राशि वितरण २२  फरवरी २०१९ से शुरू होगा।

संबंधित योजनाएं:

 

 

 

 

सांसद मुख्यमंत्री फसल ऋण माफ़ी योजना: लाभार्थियों की सूची, हरे और सफेद आवेदन पत्र जारी किए गए –

मध्य प्रदेश सरकार ने सांसद मुख्यमंत्री फसल ऋण माफ़ी योजना (मुख्यमंत्री फसल ऋण माफी योजना मध्य प्रदेश) का कार्यान्वयन शुरू कर दिया है। सांसद कृषि ऋण माफी के लिए लाभार्थियों की सूची और आवेदन पत्र १५  जनवरी २०१९  से शुरू हो रहे है। लाभार्थियों की सूची  सांसद मुख्यमंत्री फसल ऋण माफ़ी योजना के लिए हरे और सफेद आवेदन पत्रों के साथ राज्य भर में सभी ग्राम पंचायत में उपलब्ध होंगे।

                                                                              MP Mukhyamantri Fasal Rin Mafi Yojana (in English)

सांसद मुख्यमंत्री फसल ऋण माफ़ी योजना : मध्य प्रदेश राज्य  के किसानों के लिए फसल ऋण माफी योजना जिसके तहत राज्य के किसानों का २ लाख रुपये तक का ऋण राज्य सरकार द्वारा माफ कर दिया जाएंगा।

सांसद मुख्यमंत्री फसल ऋण माफ़ी योजना के लाभ:

  • मध्य प्रदेश राज्य के किसानों का २ लाख रुपये तक का फसल ऋण माफ कर दिया जाएंगा।

सांसद मुख्यमंत्री फसल ऋण माफ़ी योजना के लिए पात्रता:

  • यह योजना केवल मध्य प्रदेश राज्य के किसानों के लिए लागू है।
  • फसल ऋण केवल २ लाख रुपये तक के राशी के लिए लागु है।
  • इस योजना का लाभ जिन किसान ने १२ दिसंबर २०१८ के पहले ऋण लिया उन किसानों के लिए लागु है।

सांसद मुख्यमंत्री फसल ऋण माफ़ी योजना  लाभार्थियों की सूची:

सांसद कृषि ऋण माफी लाभार्थियों की सूची मध्य प्रदेश राज्य के सभी ग्राम पंचायत के गांवों में उपलब्ध है। लाभार्थी सूची में अपना नाम जाँचने के लिए किसान अपनी ग्राम पंचायत से संपर्क सकते है।

सांसद मुख्यमंत्री फसल ऋण माफ़ी योजना के हरे और सफेद आवेदन पत्र:

सांसद फसल ऋण माफी आवेदन पत्र राज्य के सभी गांवों में सभी ग्राम पंचायतों में उपलब्ध किये जाएंगे। आवेदन पत्र २ रंगों में है: हरे और सफेद।

  • हरा आवेदन पत्र: यह आवेदन पत्र उन सभी किसानों के लिए है जिनके पास आधार कार्ड है।
  • सफेद आवेदन पत्र: यह आवेदन पत्र उन सभी किसानों को जिनके पास आधार कार्ड नहीं है, उन्हें सफेद रंग का आवेदन पत्र भरना होगा।

सांसद मुख्यमंत्री फसल ऋण माफ़ी योजना के हरे और सफेद आवेदन पत्र

सांसद मुख्यमंत्री फसल ऋण माफ़ी योजना के लिए आवेदन कैसे करें?

  • अपने ग्राम पंचायत कार्यालय से संपर्क करे।
  • मुख्यमंत्री फसल ऋण माफ़ी योजना में लाभार्थियों की सूची में अपना नाम जांचें।
  • अगर आपके पास आधार कार्ड है, तो फसल ऋण माफी योजना के लिए हरे रंग के आवेदन पत्र के अलावा अन्य सफेद आवेदन पत्र के लिए पूछना होंगा।
  • आवेदन पत्र को भरें और उस पर हस्ताक्षर करें।
  • आवेदन पत्र को उसी ग्राम पंचायत कार्यालय में जमा करें।

महत्वपूर्ण तिथियाँ:

  • आवेदन पत्र का वितरण शुरू होता है: १५  जनवरी २०१९
  • आवेदन पत्र की अंतिम तिथि: ५ फरवरी २०१९
  • ऋण माफ़ी वितरण प्रारंभ दिवस: २२  फरवरी २०१९

राज्य सरकार ने कर्ज माफी के आवेदन के लिए ८० लाख आवेदन पत्र छपवाए है। सभी पात्र किसानों जल्द से जल्द ऋण माफी के लिए आवेदन करने का अनुरोध है।

संबंधित योजनाएं:

विद्या लक्ष्मी योजना:

भारत देश में बहुत सारे प्रतिभाशाली छात्र है जो अपनी शैक्षिक सफलता के मार्ग में वित्तीय समस्याओं के कारन बाधा के रूप में पाते है। भारत सरकार इस समस्या को हल करने के लिए अनुकरणीय है और उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए शैक्षिक ऋण प्रदान करने के लिए विद्या लक्ष्मी ऑनलाइन पोर्टल सुरु किया है। विद्या लक्ष्मी ऑनलाइन पोर्टल की शुरुआत भारत सरकार द्वारा उन राष्ट्रों के छात्रों को शिक्षा पूरा करने के लिए की गई थी, जिन्हें अपनी पढ़ाई के लिए शिक्षा ऋण लेने की आवश्यकता होती है।छात्रों को शिक्षा ऋण उपलब्ध करने के लिए विद्यालक्ष्मी योजना के तहत, मंत्रालय से छात्रों को उनकी पढाई शुल्क का भुगतान करने के लिए बैंकों से ब्याज मुक्त ऋण प्राप्त करने में मदत करेगा। विद्या लक्ष्मी पोर्टल एक पहली वेबसाइट है जो छात्रों को पढाई की जानकारी तक पहुंचने के लिए और बैंकों द्वारा प्रदान किए गए शैक्षिक ऋणों के लिए एकल खिड़की प्रदान करती है। यह राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल की एक लिंक भी प्रदान करता है जहां छात्र विभिन्न सरकारी छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर सकते है। विद्या लक्ष्मी पोर्टल का मुख्य उद्देश्य छात्रों को शैक्षिक ऋण के बारे में आसान और प्रभावी प्रणाली प्रदान करना है। वित्त मंत्रालय, उच्च शिक्षा विभाग, मानव संसाधन विकास मंत्रालय और भारतीय बैंक संघ के वित्तीय सेवा विभाग के मार्गदर्शन में एनएसडीएल  ई-गवर्नेंस इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड द्वारा पोर्टल को बनाया है और विकसित किया गया है। विद्या लक्ष्मी योजना वेबसाइट १५ अगस्त २०१५ को शुरू की गई थी। यह योजना उन उम्मीदवारों के लिए बहुत अच्छी है, जो अपनी आगे की पढ़ाई करने के लिए उत्सुक है, लेकिन वित्तीय बाधा के कारन अपनी आगे की पढाई जारी नहीं रख सकते है। १३ बैंक और २२ ऋण योजनाएं पहले ही ऑनलाइन पोर्टल में एकीकृत हो चुकी है।

                                                                                                               Vidya Lakshmi Scheme (In English)

विद्या लक्ष्मी योजना के लाभ और विशेषताएं:

  • छात्रों को बैंकों की शैक्षिक ऋण योजनाओं के बारे में जानकारी मिलती है।
  • आम शैक्षिक ऋण आवेदन पत्र का लाभ सभी छात्र के लिए उपलब्ध है।
  • प्रावधान एक भी आवेदन पत्र के माध्यम से शिक्षा ऋण के लिए विभिन्न बैंकों में आवेदन कर सकते है।
  • एक एकल विद्या लक्ष्मी योजना ऑनलाइन पोर्टल है, जो जानकारी प्रदान करता है और सरकारी छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल से जुडा है।
  • छात्र किसी भी समय और किसी भी स्थान पर वेबसाइट के डैशबोर्ड सुविधा के आसान पहुँच के साथ अपने ऋण आवेदन की स्थिति देख सकते है।
  • छात्र असंतुष्ट के समय किसी भी तरह के मुद्दों या कठिनाइयों के लिए बैंक की ई-मेल शिकायतों / प्रश्नों को भी भेज सकते है।
  • बैंकों के लिए ऋण प्रसंस्करण स्थिति अपलोड करने की सुविधा है।
  • छात्रों के ऋण आवेदन पत्र डाउनलोड करने के लिए बैंकों को सुविधा दी जाएंगी।

विद्या लक्ष्मी योजना के उद्देश्य:

  • योजना का मूल उद्देश्य शैक्षिक ऋण प्राप्त करने की आसान और प्रभावी प्रणाली प्रदान करना है ताकि कोई छात्र पैसे की कमी के कारण अपनी शिक्षा को बीच में से ही ना छोड़े।

विद्या लक्ष्मी शिक्षा ऋण के लिए ये पंजीकृत बैंक:

  • भारतीय स्टेट बैंक
  • आईडीबीआई बैंक
  • केनरा बैंक
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विद्या लक्ष्मी योजना के लिए पात्रता मानदंड:

  • सभी छात्र इस योजना के तहत शिक्षा ऋण के लिए आवेदन करने के लिए पात्र है।
  • उम्मीदवार भारत देश का नागरिक होना चाहिए।

सामान्य शैक्षिक ऋण आवेदन पत्र (सीईएलएएफ) क्या है?

सामान्य शैक्षिक ऋण आवेदन पत्र एकल आवेदन पत्र है जिसे छात्र कई बैंकों / योजनाओं के के शैक्षिक ऋण के लिए आवेदन करने के लिए भर सकते है। सीईएलएएफ  भारतीय बैंक एसोसिएशन (आईबीए) द्वारा निर्धारित और सभी बैंकों द्वारा स्वीकार किया गया आवेदन पत्र है।

विद्या लक्ष्मी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से शिक्षा ऋण के लिए आवेदन प्रक्रिया:

शैक्षिक ऋण के आवेदन करने के लिए तीन आसान चरण है।

  • पंजीकरण
  • एकल आवेदन पत्र को भरे
  • एक से अधिक बैंकों में आवेदन करें
  • आवेदक https://www.vidyalakshmi.co.in/Students/index ऑनलाइन पोर्टल पर जाएँ।
  • अब पंजीकरण पर क्लिक करे https://www.vidyalakshmi.co.in/Students/index और विद्या लक्ष्मी पोर्टल पर अपना पंजीकरण सफलतापूर्वक दर्ज करें।
  • एक बार सफलतापूर्वक पंजीकरण होने के बाद  छात्र को यूजर आईडी और पासवर्ड प्रदान किया जाएंगा और हॉट्सएप लॉगिन करना होगा: //www.vidyalakshmi.co.in/Students/login
  • अब सामान्य शिक्षा ऋण आवेदन पत्र (सीईएलएएफ) भरें और सभी आवश्यक विवरण प्रदान करे।

संदर्भ और विवरण:

  • विद्या लक्ष्मी योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए और शिक्षा ऋण के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: https://www.vidyalakshmi.co.in/Students/indexTo
  • खोज और छात्रवृत्ति की यात्रा के लिए आवेदन करें: http://scholarships.gov.in/

संबंधित योजनाएं:

 

 

 

किसान क्रेडिट कार्ड-

किसान क्रेडिट कार्ड भारत देश में किसानों को प्रदान किया जाता है ताकि वे किसान सस्ती ऋण का उपयोग कर सकें। भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआय) ने कृषि और ग्रामीण विकास के लिए नेशनल बैंक (नाबार्ड) के साथ मिलकर १९९८-९९ में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की अवधारणा शुरू की है, ताकि देश के किसानों को आसानी से सुलभ नकद ऋण सुविधा उपलब्ध हो सके। किसान क्रेडिट कार्ड किसानों को बिना किसी झंझट के बिना समय पर और पर्याप्त ऋण प्राप्त करने की अनुमति देता है जैसे कि बैंकों द्वारा बार-बार की जाने वाली क्रेडिट स्क्रीनिंग प्रक्रिया से किसानों को झंझट करने की आवशकता नहीं है। किसान क्रेडिट कार्ड की कुछ खासियत यह है कि यह पुनर्भुगतान के संदर्भ में लचीलापन प्रदान करता है, जिसे खराब फसल के मौसम जैसी अप्रत्याशित घटनाओं की स्थिति में पुनर्निर्धारित किया जा सकता है, जिसमें अवधि के विस्तार की अवधि चार साल तक होती है, और इसी तरह किसान क्रेडिट कार्ड पांच साल तक वैध होता है और वार्षिक नवीकरण पर निर्भर होता है। किसान कार्ड निकासी के माध्यम से या बैंक निकासी पर्ची के माध्यम से जमा राशी का उपयोग कर सकते है और अपने लेनदेन का विवरण देखने के लिए बैंक का पासबुक भी रख सकते है। यह योजना फसल की खेती के लिए अल्पकालिक ऋण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए है, फसल कटाई के बाद का खर्च, उत्पादन विपणन ऋण, किसान के घर की खपत आवश्यकताओं, कृषि संपत्ति के रखरखाव के लिए कार्यशील पूंजी, कृषि के लिए संबद्ध गतिविधियां, जैसे पशु की दूध की दुकान, अंतर्देशीय ई मत्स्य पालन और फूलों की खेती, बागवानी आदि के लिए भी आवश्यक कार्यशील पूंजी का उपयोग कर सकते है।

                                                                                                                          Kisan Credit Card (In English)


किसान क्रेडिट कार्ड के लाभ:

  •  लचीला चुकौती विकल्प
  • परेशानी से मुफ्त प्रक्रिया
  • एकल ऋण सुविधा / सभी कृषि आवश्यकताओं के लिए अवधि ऋण
  •  किसानों को आसानी से क्रेडिट उपलब्ध किया जाता है, जो किसानों के ब्याज के बोझ को कमी करने में सक्षम बनाता है।
  • किसानों को उर्वरक, बीज, आदि की खरीदने के लिए  मदत  की जाएंगी।

व्यापारियों / विक्रेताओं से नकद छूट का लाभ उठाने में सहयता प्रदान करता है। किसी भी मौसमी मूल्यांकन के बिना ३ साल तक की अवधि के लिए क्रेडिट उपलब्ध किया जाएंगा। कृषि आय स्रोतों से अधिकतम क्रेडिट सीमा निर्धारित करता है। किसान क्रेडिट कार्ड धारक द्वारा की जाने वाली नकद निकासी पर बनाया जाता है, बैंक द्वारा निर्धारित ऋण सीमा के भीतर कोई प्रतिबंध नहीं है। एक बार फसल कटाई का मौसम खत्म होने के बाद पुन: भुगतान किया जा सकता है। कम ब्याज दर  मार्जिन, सुरक्षा और प्रलेखन नियम और शर्तें कृषि अग्रिम पर लागू होती है।  क्रेडिट को वार्षिक कृषि आवश्यकताओं और खर्चों के लिए उपलब्ध कराया जाता है। न्यूनतम दस्तावेज और अधिकतम लचीलापन से आवश्यक धन की वापसी के लिए पेशकश की जा सकती है। बैंक के एकमात्र विवेकाधिकार के अनुसार बैंक की किसी भी शाखा से किसी भी तरह की निकासी की जा सकती है।

किसान क्रेडिट कार्ड के लिए पात्रता:

  • सभी व्यक्तिगत-किसान / संयुक्त उधारकर्ता, जो मालिक-किसान है।
  • खेती के लिए किराए पर जमीन लेने वाले किसान, बटाईदार आदि किसान इस योजना के लिए पात्र है।
  • खेती के लिए किराए पर जमीन लेने वाले किसानों का समूह या संयुक्त देयता समूह, जिसमें काश्तकार, बटाईदार आदि शामिल है।

किसान क्रेडिट कार्ड प्राप्त करने के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  • विधिवत रूप से भरा हुआ आवेदन पत्र।
  • पहचान प्रमाण प्रमाण- मतदाता पहचान पत्र / पैन कार्ड / पासपोर्ट / आधार कार्ड / ड्राइविंग लाइसेंस आदि। प्रमाण प्रमाण: मतदाता पहचान पत्र / पासपोर्ट / आधार कार्ड / ड्राइविंग लाइसेंस आदि में से किसी एक दस्तावेज की आवश्कता है।

किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन प्रक्रिया:

  • आप आपके नजदीकी बैंक शाखा से संपर्क कर सकते है।
  • गाँव में जाने वाले विपणन अधिकारियों से कृषि उन्नति के लिए बात करे।
  • सभी दस्तावेजों के साथ राष्ट्रीयकरण बैंक की निकटतम शाखा में जमा कर सकते है।

संपर्क विवरण:

  • कृपया एसबीआई बैंक की २४x ७ हेल्पलाइन नंबर यानी १८००११२२११ (टोल-फ्री), १८००४२५३८०० (टोल-फ्री) या ०८०-२६५९९९९० पर कॉल करें। देश के सभी लैंडलाइन और मोबाइल फोन से टोल-फ्री नंबर सुलभ है।

संदर्भ और विवरण:

  •  https://www.sbi.co.in/portal/hi/web/agriculture-banking/kisan-credit-card-kcc

संबंधित योजनाएं:

कालिया योजना ओडिशा: लाभार्थी सूची में अपना नाम कैसे जांचें?

ओडिशा सरकार ने अपने आधिकारिक पोर्टल kalia.co.in पर आजीविका और आय वृद्धी (कालिया) योजना के लिए लाभार्थियों की पहली मसौदा सूची जारी की है। किसान अपना नाम ऑनलाइन जांच कर सकते है और जिलावार, क्षेत्रवार डाउनलोड भी कर सकते है। ग्राम पंचायत वार लाभार्थियों की सूची कालिया योजना की वेबसाइट पर अंग्रेजी और ओडिया दोनों भाषा में उपलब्ध है।

                          Kalia Scheme Odisha: How To Check Your Name In Beneficiary List (In English)

आजीविका और आय वृद्धी (कालिया) योजना के लिए कृषक सहायता क्या है: ओडिशा में किसानों के लिए एक वित्तीय सहायता योजना है। किसानों को हर साल १०,००० रुपये  यानी प्रत्येक बुवाई के खारीप और रबी मौसम की शुरुआत में ५,००० रुपये प्रदान किये जाएंगे।

ओडिशा कालिया योजना: अपना नाम ऑनलाइन कैसे जांच करें / लाभार्थियों की सूची डाउनलोड करें?

  •  यहां क्लिक करें और आधिकारिक कलिया योजना पोर्टल kalia.co.in पर जाएं और लाभार्थी सूची मेनू पर क्लिक करें।कालिया लाभार्थियों की सूची के लिए सीधे लिंक के लिए यहां क्लिक करें।

ओडिशा कालिया लाभार्थियों की सूची (स्रोत: kalia.co.in)

  • ड्रॉप-डाउन से अपना जिला और क्षेत्र चुनें और दृश्य सूची बटन पर क्लिक करें।

ओडिशा कालिया जिला और ग्राम पंचायत वार लाभार्थी सूची (स्रोत: kalia.co.in)

  • एक ग्राम पंचायत वार लाभार्थियों की सूची दिखाई जाएगी।
  • पीडीएफ प्रारूप में सूची को खोलने / डाउनलोड करने के लिए गांव के नाम के सामने पीडीएफ आइकन पर क्लिक करें।
  • उनके विवरणों के साथ कालिया के लाभार्थियों की सूची जैसे कि पिता का नाम, लिंग, आयु, गांव का नाम, क्षेत्र और जिला आदि दिखाए जाएंगे। आपको सूची में अपने नाम के लिए मैन्युअल रूप से खोजना होगा।

आपका नाम ओडिशा कालिया योजना लाभार्थियों की सूची में मौजूद नहीं है?

यदि आपका नाम कालिया लाभार्थियों की सूची में नहीं मिला है, तो चिंता न करें। राज्य सरकार सूची तैयार कर रही है और जल्द ही आपका नाम दूसरी सूची या उसके बाद की सूची में दिखाई दे सकता है। यदि आपका नाम अंतिम सूची में नहीं है, तो आपको ग्रीन फॉर्म भरना होगा जो ग्राम पंचायत में उपलब्ध है और इसे १० जनवरी २०१९  से पहले वहां मौजूद ग्रीन बॉक्स में छोड़ दें।

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