अमृत विशेष योजनाएं, कर्नाटक

७५वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर, कर्नाटक राज्य सरकार विभिन्न क्षेत्रों में समग्र विकास को गति देने के लिए ११ विभिन्न योजनाएं लेकर आई है। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने राज्य के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए अमृत विशेष योजनाओं की शुरुआत की। योजनाएं आवास क्षेत्र, बुनियादी ढांचा क्षेत्र, सूक्ष्म उद्यमों, स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे आदि जैसे क्षेत्रों में विकास के लिए हैं। इन योजनाओं के माध्यम से राज्य सरकार अब मेगा और मिनी परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करेगी। ये योजनाएं चल रही योजनाओं के अनुरूप होंगी और इनका क्रियान्वयन जल्द ही शुरू हो जाएगा। इन योजनाओं के लिए आवंटित कुल अनुमानित बजट १००० करोड़ रुपये तक है।

अवलोकन:

योजनाएं अमृत विशेष योजनाएं
योजनाओं के तहत कर्नाटक सरकार
द्वारा लॉन्च किया गया मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई
लॉन्च की तारीख १५ अगस्त, २०२१
लाभ ग्राम पंचायतों का विकास, विद्यालयों को अधोसंरचना सुविधाओं का प्रावधान, सूक्ष्म उद्यमों को वित्तीय सहायता आदि।
उद्देश्य राज्य में समग्र विकास सुनिश्चित करने के लिए
बजट १००० करोड़ रुपये तक

उद्देश्य और लाभ:

  • योजनाओं का मुख्य उद्देश्य राज्य में समग्र विकास सुनिश्चित करना है।
  • यह ग्राम पंचायतों, आवास क्षेत्र, सूक्ष्म उद्यमों, खेल, स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे आदि जैसे विभिन्न क्षेत्रों में विकास सुनिश्चित करता है।
  • इस योजना से बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
  • इन योजनाओं के तहत प्रत्येक लक्षित क्षेत्र को आवश्यकतानुसार वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
  • इस प्रकार ये योजनाएं निवासियों के कल्याण को सुनिश्चित करेंगी।
  • यह राज्य के आर्थिक विकास और विकास में योगदान देगा।

लॉन्च की गई ११ अमृत विशेष योजनाओं का विवरण:

  • अमृत ​​ग्राम पंचायतें –

इस योजना के तहत राज्य सरकार विकास के लिए राज्य में ७५० ग्राम पंचायतों का चयन करेगी जिससे निवासियों को बुनियादी सुविधाएं, अधिकार और लाभ सुनिश्चित हो सकें। इसमें हर घर में पीने का पानी सुनिश्चित करना, कचरे का उचित निपटान, स्ट्रीट लाइट, सौर ऊर्जा की स्थापना आदि शामिल होंगे।

  • अमृत ​​निर्मला निगम –

राज्य सरकार ७५ शहरी स्थानीय निकायों के सौन्दर्यीकरण और उन्नयन को सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक को एक-एक करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।

  • अमृत ​​ग्रामीण आवास योजना –

यह ७५०,००० ग्राम पंचायतों में प्रत्येक बेघर व्यक्ति के लिए आवास सुविधा का प्रावधान सुनिश्चित करती है। यह ग्रामीण क्षेत्रों में सभी के लिए आवास सुनिश्चित करेगा।

  • अमृत ​​एफपीओ – ​​

योजना के तहत प्रत्येक एफपीओ को ३ साल के लिए ३० लाख रुपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह राज्य में कृषि और अन्य उपज के उत्पादन को बढ़ावा देगा। राज्य में कृषि, मत्स्य पालन और बुनकर उत्पादों के विपणन के लिए सहायता प्रदान की जाएगी।

  • अमृत ​​विद्यालय अधोसंरचना कार्यक्रम –

इस योजना के माध्यम से राज्य के ७५० विद्यालयों को अवसंरचना सुविधाओं के साथ-साथ चिन्हित ७५० विद्यालयों को १०-१० लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया जाएगा। चिन्हित किए गए विद्यालयों को भवन, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, शौचालय आदि जैसी समग्र आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

  • अमृत ​​आंगनबाडी केंद्र –

राज्य सरकार इस योजना के तहत राज्य में ७५०० आंगनवाड़ियों को उनके ढांचागत विकास के लिए कुल एक लाख रुपये का अनुदान प्रदान करेगी। यह अनुदान आंगनबाड़ियों के ढांचागत विकास के लिए दिया जाएगा।

  • अमृत ​​स्व-सहायता सूक्ष्म उद्यम –

इस योजना के तहत लगभग ७५०० स्वयं सहायता समूहों को एक-एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

  • अमृत ​​सामुदायिक विकास कार्यक्रम –

योजना के तहत राज्य सरकार सामुदायिक सेवा प्रदान करने के लिए लगभग ७५० स्कूलों और कॉलेजों की पहचान करेगी।

  • अमृत ​​स्वास्थ्य अधोसंरचना उन्नयन कार्यक्रम –

इस योजना के माध्यम से राज्य सरकार राज्य के प्रत्येक ७५० प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को लगभग २० लाख रुपए प्रदान करेगी।

  • अमृत ​​कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम –

राज्य सरकार अगले दो वर्षों में आरक्षित समुदायों के ७५००० युवाओं के कौशल विकास प्रशिक्षण और कार्यक्रमों के लिए लगभग ११२ करोड़ रुपये खर्च करेगी।

  • अमृत ​​​​खेल गोद लेने का कार्यक्रम –

राज्य सरकार द्वारा राज्य के ७५ खिलाडिय़ों को वर्ष २०२४ में पेरिस में होने वाले अगले ओलम्पिक में क्वालीफाई करने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

डीडीए हाउसिंग स्कीम २०१९  ऑनलाइन पंजीकरण / बुकिंग @ dda.org.in

दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने डीडीए हाउसिंग स्कीम २०१९  के तहत १८,०००  नवनिर्मित फ्लैट के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की घोषणा की है। यह योजना और फ्लैट के लिए ऑनलाइन पंजीकरण २५  मार्च २०१९ से शुरू होंगा। इच्छुक पात्र फ्लैट खरीदार डीडीए की आधिकारिक वेबसाइट www.dda.org पर पंजीकृत कर सकते है। इन

लाभार्थी के लिए इस योजना के तहत फ्लैट विभिन्न श्रेणियों में उपलब्ध है: उच्च आय समूह, मध्य आय समूह, निम्न आय समूह और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग इत्यादी विभिन्न श्रेणि में उपलब्ध है। दिल्ली के विभिन्न क्षेत्र जैसे वसंत कुंज, नरेला में फ्लैट उपलब्ध है।

               DDA Houshing Scheme 2019 Online Registrations / Bookings @ dda.org.in (In English):

डीडीए हाउसिंग स्कीम: फ्लैट्स की श्रेणियाँ-

  • उच्च आय समूह (एचआईजी)  श्रेणी:  ४५० (३/२ बेडरूम फ्लैट)
  • मध्य आय समूह  (एमआईजी) श्रेणी:  १,५५० (२ बेडरूम फ्लैट)
  • निम्न आय समूह (एलआईजी)  श्रेणी:  ८,३०० (१ बेडरूम फ्लैट)
  • आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्लूएस) श्रेणी:  ७,७०० फ्लैट

क्षेत्र और फ्लैट का विवरण:

वसंत कुंज:

  • एचआईजी श्रेणी के ४५० फ्लैट (३/२ बेडरूम फ्लैट)
  • एमआईजी श्रेणी के ५५०  फ्लैट (२ बेडरूम फ्लैट)
  • एलआईजी श्रेणी के २०० फ्लैट (१ बेडरूम फ्लैट)

नरेला:

  • एमआईजी श्रेणी के १००० फ्लैट (२ बेडरूम फ्लैट) (सेक्टर ए-१ और सेक्टर ए-४ के लिए)
  • एलआईजी श्रेणी के ८,२०० फ्लैट (१ बेडरूम फ्लैट) (पॉकेट ४ और ५ , सेक्टर जी-७ )
  • एलआईजी  श्रेणी के ८,२००  फ्लैट (१  बेडरूम फ्लैट) (पॉकेट  ४ और ५, सेक्टर जी-७ )
  • ईडब्लूएस  श्रेणी के लिए ६,७०० फ्लैट (सेक्टर ए-१ और ए-४ )

पात्रता:

  • आवेदक भारत देश का नागरिक होना चाहिए।
  • आवेदक की उम्र १८ साल से ज्यादा होना चाहिए।
  • आवेदक के परिवार के पास कोई अन्य घर नहीं होना चाहिए।

आवेदन का पैसा:

  • ईडब्लूएस:  २५,००० रुपये
  • एलआईजी ( बेडरूम फ्लैट): १ लाख रुपये
  • एमआईजी ( बेडरूम फ्लैट): २ लाख रुपये

डीडीए ऑनलाइन हाउसिंग स्कीम २०१९: फ्लैट बुकिंग कैसे करें?

  • डीडीए की आधिकारिक वेबसाइट www.ddaonlineflt.in  पर जाने के लिए यहां क्लिक करें।
  • जिस फ्लैट को आप आरक्षित करना चाहते है, उस स्थान का चयन करें और खोज बटन पर क्लिक करें।
  • सेक्टर, पॉकेट का चयन करें और फिर जारी रखें बटन पर क्लिक करें।
  • लेआउट योजना और फ्लैट विवरण दिखाया जाएगा, एक बार देख ले।
  • हरे रंग में चिह्नित फ्लैट उपलब्ध है, उस उपलब्ध फ्लैट पर क्लिक करें।
  • होल्ड फ्लैट  पर क्लिक करें।
  • बुकिंग आवेदन पत्र को भरें, सभी आवश्यक विवरण प्रदान करें।
  • पैसे का भुगतान करें और फ्लैट को होल्ड करें।

 

 

डीडीए हाउसिंग स्कीम २०१९ ऑनलाइन आवेदन पत्र और पंजीकरण:

दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) जल्द ही १०,३०० नवनिर्मित फ्लैट के साथ डीडीए हाउसिंग स्कीम २०१९ की शुरुआत करेंगी। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) फ्लैटों के विभिन्न श्रेणियों और इलाकों के लिए ऑनलाइन आवेदन योजना के आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध किये जाएंगे। हाउसिंग स्कीम वर्तमान में निर्माणाधीन है। हाउसिंग स्कीम के लंबित पानी की आपूर्ति और अन्य काम अगले साल जुलाई तक पूरा होने की उम्मीद है।

                       DDA Housing Scheme 2019 Online Application Forms & Registrations (In English):

  • डीडीए हाउसिंग स्कीम २०१९
  • राज्य: दिल्ली
  • लाभ: फ्लैट
  • लाभार्थी: दिल्ली के निवासी
  • डीडीए आधिकारिक वेबसाइट: www.dda.org.in

 श्रेणियाँ: डीडीए हाउसिंग स्कीम का प्राथमिक उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों को किफायती दरों में आवास प्रदान करना है। नव निर्मित फ्लैट ईडब्लूएस  (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) एलआयजी (लोअर इनकम ग्रुप), एमआयजी  (मिडिल इनकम ग्रुप) और एचआयजी  (हाई इनकम ग्रुप) के लिए उपलब्ध है।

डीडीए हाउसिंग स्कीम २१०९  के तहत फ्लैट्स और इलाकों की संख्या:

  • ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग): ९६० फ्लैट्स नरेला इलाके में प्रदान किये जाएंगे।
  • एलआईजी (लोअर इनकम ग्रुप): ८,३८३ फ्लैट्स नरेला और वसंत कुंज इलाके में प्रदान किये जाएंगे।
  • एमआयजी (मिडल इनकम ग्रुप): ५७९ फ्लैट्स वसंत कुंज इलाके में प्रदान किये जाएंगे।
  •  एचआयजी (हाई इनकम ग्रुप): ४४८ में फ्लैट्स वसंत कुंज इलाके में प्रदान किये जाएंगे।

यह घोषणा वर्ष २०१९-२० के डीडीए के बजट की प्रस्तुति की है। चालू वित्त वर्ष २०१९-२०  के लिए ६,९६८ करोड़ रुपये का खर्चा निर्धारित किया गया है।पिछले वर्ष २०१८-१९  में व्यय की तुलना में २३.३० प्रतिशत की खर्चे में वृद्धि हुई है, यानि ५,६५१  करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। बजट को ज्यादातर दिल्ली को एक विश्व स्तरीय शहर के रूप में विकसित करने के लिए खर्चा किया जाएगा। द्वारका में खाली पड़ी जमीन को विकसित करने के लिए भी प्रस्ताव को पारित किये है।

आवेदन पत्र, पात्रता मानदंड, पंजीकरण आवेदन पत्र डीडीए की आधिकारिक वेबसाइट dda.org.in पर उपलब्ध किये जाएंगे।

 

निर्माण श्रमिक पक्के घर योजना:

भारत देश में उड़ीसा राज्य देश भर के निर्माण स्थलों के लिए श्रमिकों को प्रदान करने के लिए बहुत प्रसिद्ध है और इसी कारन से हम इतने बड़े निर्माण स्थलों को देखते है। लेकिन कभी किसीने ने सोचा है कि श्रमिक का जीवन कितना कठिन है? उनके पास पक्का घर नहीं है, बिजली, पानी, सफाई और आश्रय जैसी कोई सुविधा नहीं है। देश में विडंबना यह है कि जो श्रमिक दूसरों के लिए मजबूत इमारतें बनाते है, उनके पास केवल रहने के लिए घर नहीं होता है। इन समस्याओं को दूर करने के लिए उड़ीसा सरकार ने निर्माण श्रमिक पक्के घर योजना को शुरू किया है जिसके तहत श्रमिक को घरों के निर्माण के लिए सरकार द्वारा अनुदान और सुविधाओं तक पहुँचने के लिए मदत की जाएंगी। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए श्रमिकों के पास ५  साल का न्यूनतम पंजीकरण की आवश्यकता होती है, यदि श्रमिक न्यूनतम ५ साल के लिए पंजीकृत है, तो वह अनुदान के लिए पात्र है। यह योजना बहुत ही लचीली है और इसमें उन श्रमिकों को शामिल किया गया है जो राज्य में नहीं है।

                                                                                      Nirman Shramik Pucca Ghar Yojana (In English):

 निर्माण श्रमिक पक्के घर योजना के लाभ:

  • घर का निर्माण करने के लिए अनुदान: इस योजना के तहत पक्के घर (मकान) का निर्माण करने के लिए श्रमिक को १ लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया जाएंगा।
  • पेंशन: इस योजना में प्रावधान है की जिसके तहत श्रमिक को ६० साल की आयु के बाद ५०० रुपये प्रति माह पेंशन प्रदान की जाएंगी।
  • राज्य के बाहर गए श्रमिक को शामिल किया गया: इस योजना के बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें उन श्रमिकों को शामिल किया गया है जो राज्य में नहीं है, लेकिन उड़ीसा राज्य के निवासी है और न्यूनतम ५ साल के समझौते पर हस्ताक्षर किये गये है।
  • योजना के साथ साथ अन्य खर्चों को कवर किया जाएंगा: यह योजना श्रमिकों के जीवन को आसान बनाने के लिए अन्य खर्चों को भी कवर करने की योजना बना रही है, जैसे की शैक्षिक खर्च और मृत्यु बीमा प्रदान किया जाएंगा।

निर्माण श्रमिक पक्के घर योजना के लिए पात्रता:

  • श्रमिक उड़ीसा राज्य का निवासी होना चाहिए।
  • श्रमिक को ओडिशा भवन और ओडिशा निर्माण श्रमिक कल्याण मंडल में ५  साल के लिए पंजीकृत होना चाहिए।

आवश्यक दस्तावेज़:

  • बीपीएल कार्ड
  • ओडिशा भवन व ओडिशा निर्माण कामगार कल्याण मंडल के समझौते के कागज पर हस्ताक्षर होने चाहिए।
  • निर्माण कंपनी से प्रमाणपत्र जिसमे श्रमिक काम कर रहा है और किस राज्य में श्रमिक काम कर रहा है यह नमूद होना चाहिए।
  • निवास प्रमाण पत्र (मतदाता पहचान पत्र, बिजली का बिल (यदि कोई हो), ड्राइविंग लाइसेंस)
  • आधार कार्ड

आवेदन पत्र:

योजना का लाभ पाने के लिए और अनुदान प्राप्त करने के लिए लाभार्थी को केवल जिला श्रम अधिकारी से संपर्क करे और अनुदान के लिए आवेदन करें। प्रक्रिया बहुत सरल और उपयोगकर्ता के अनुकूल है।

संपर्क विवरण:

  • ओडिशा भवन एव ओडिशा निर्माण कामगार कल्याण मंडल
  • श्रम आयुक्त का कार्यालय, ओडिशा
  • पता: यूनिट-३, खारवेल नगर, भुवनेश्वर, ओडिशा

 फोन / फैक्स:

  •  +९१६७४-२३९००७९
  • +९१६७४-२३९००२८
  • +९१६७४-२३९००१३

ईमेल:

 

स्व-पुनर्विकास योजना: पुरानी इमारतों को दोबारा विकसित करने के लिए एक मुंबई जिला सहकारी बैंक योजना-

महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फड़नवीस ने राज्य में स्व-पुनर्विकास योजना शुरू की है। यह योजना हाउसिंग सोसाइटी के सदस्यों को अपनी पुरानी इमारतों को फिर से विकसित करने की अनुमति देगी। स्व-पुनर्विकास योजना वास्तव में मुंबई जिला सहकारी बैंक द्वारा एक पहल है। इस योजना के माध्यम से लाभार्थी को बैंक वित्तीय सहायता प्रदान करेगी और सरकार पुनर्विकास की अन्य आवश्यकताओं के लिए मदत करेगी।

मुंबई में ऐसी हजारों पुरानी इमारतें है जो ४०-५० साल से अधिक पुरानी है और खतरनाक है।  हाउसिंग सोसाइटी में रहने वाले कई व्यक्ति अपने अपार्टमेंट का पुनर्विकास करना चाहते है, लेकिन वित्तीय बाधा और सहायता की कमी के कारण वह कर नहीं पाते। उनमें से हाउसिंग सोसाइटी में कुछ लोग पहले से ही निजी बिल्डरों की मदत से अपने अपार्टमेंट का पुनर्विकास कर रहे है, लेकिन वे विभिन्न मुद्दों और समस्या  के कारण फंस गए है।

मुंबई जिला सहकारी बैंक और महाराष्ट्र सरकार का मानना ​​है कि स्व-पुनर्विकास योजना पुनर्विकास के दौरान डेवलपर्स और बिल्डरों की वजह से निवासियों को होने वाली परेशानियों को कम करेगी।

मुंबई जिला सहकारी बैंक द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में इस योजना का शुभारंभ किया गया था, बैंक के अध्यक्ष श्री प्रवीण दरेकर भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।

                                                                                                    Self-Redevelopment Scheme (In English):

स्व-पुनर्विकास योजना और अन्य विवरणों के लिए आवेदन कैसे करें:

  • म्हाडा (महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी), बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के साथ मिलकर हाउसिंग सोसाइटी के सदस्यों के लिए एकल खिड़की प्रणाली बनाएगी।
  • आवेदन किए गए फ्लैट / सोसाइटी मालिकों को म्हाडा / बीएमसी एकल खिड़की प्रणाली में आवेदन करने की आवश्यकता होगी।
  • म्हाडा / बीएमसी आवेदन प्रक्रिया में विभिन्न अनुमतियों और अनुमोदन के लिए प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए मदत करेगा।
  • अनुमोदित मुंबई जिला सहकारी बैंक आवेदकों के खातों में आवश्यक धन और जमा राशि प्रदान करेगा।
  • मुंबई जिला सहकारी बैंक स्व-पुनर्विकास ऋण नीति, अनुमतियों और प्रक्रियाओं के लिए कार्यशालाओं का आयोजन करेगा।
  • म्हाडा  फिर से विकास की निगरानी के लिए वास्तुकार (आर्किटेक्ट), सलाहकार और ठेकेदार का एक पैनल बनाएगा।

स्व-पुनर्विकास योजना नागरिकों को बिल्डरों के बिना अपनी संपत्तियों को फिर से विकसित करने में मदत करेगी और बिल्डरों से होने वाली परेशानियों, उत्पीड़न और निराशा से हाउसिंग सोसाइटी के सदस्यों को बचाएगा। हाउसिंग सोसाइटी के सदस्यों को अपने स्वयं के वास्तुकार (आर्किटेक्ट)  सलाहकार और ठेकेदार को चुन सकते है और समय पर पुनर्विकास कर सकते है। साल २०००  से अधिक परियोजनाएं रुकी हुई है क्योंकि बिल्डरों ने परियोजना को बीच में ही छोड़ दिया है।

कामकाजी महिला छात्रावास योजना:

भारत देश के केंद्र सरकार (महिला और बाल विकास मंत्रालय) द्वारा कामकाजी महिला के लिए कामकाजी महिला छात्रावास योजना शुरू की गई है। इस योजना के माध्यम से कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और किफायती दरो में आवास प्रदान किया जाएंगा। भारत देश की अधिक से अधिक महिलाएं बड़े शहरों के साथ-साथ शहरी और ग्रामीण औद्योगिक समूहों में रोजगार की तलाश में अपना घर छोड़ कर रह रही है। ऐसी महिलाओं द्वारा सामना की जाने वाली मुख्य कठिनाइयों में से एक सुरक्षित और सुविधाजनक रूप से स्थित आवास की कमी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक रूप से स्थित आवासों की उपलब्धता को बढ़ावा देना है, जहां कहीं भी संभव हो, शहरी, अर्ध-शहरी या ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर मौजूद है।

                                                                                             Working Women Hostel Scheme (In English):

कामकाजी महिला छात्रावास योजना के लाभ:

  • सभी कामकाजी महिलाओं को छात्रावास जाति, धर्म, वैवाहिक स्थिति आदि किसी भेदभाव के बिना प्रदान किया जाएंगा।
  • कामकाजी महिला छात्रावास योजना,कामकाजी महिलाओं और एजेंसियों / संगठनों के लिए दो तरह से लाभ प्रदान करती है, जो छात्रावास स्थापित करना चाहते है क्योंकि एजेंसियां ​​/ संगठन को भवन निर्माण के लिए वित्तीय सहायता मिलेंगी।
  • नौकरी का प्रशिक्षण लेनी वाली महिलाओं को छात्रावास में समायोजित किया जाएंगा।
  • कामकाजी महिलाओं के बच्चों को भी छात्रावास में शामिल किया जाएंगा, लड़कियों के लिए १८ साल की आयु तक और लड़कों के लिए ५ साल की आयु तक की उम्र के बच्चों को उनकी माताओं के साथ ऐसे छात्रावास में समायोजित किया जाएंगा।
  • एजेंसियां / संगठन कामकाजी महिलाओं को सहायता लागू करेगा और कामकाजी महिला को छात्रावास भवन के निर्माण की लागत का ७५% प्रदान किया जाएगा।

कामकाजी महिला छात्रावास योजना के लिए पात्रता:

  • कामकाजी महिलाओं की आयु १८ साल से अधिक होनी चाहिए।
  • कामकाजी महिला एकल, विधवा, तलाकशुदा, विवाहित, विवाहित महिला लेकिन जिनके पति और परिवार एक ही शहर / क्षेत्र में नहीं रहते है। समाज के वंचित वर्ग की महिलाओं को विशेष रूप से वरीयता प्रदान की जाएंगी। शारीरिक रूप से अक्षम लाभार्थियों के लिए सीटों के आरक्षण का भी प्रावधान है।
  • कामकाजी महिलाओं का नौकरी का प्रशिक्षण अवधि एक साल से अधिक नहीं होना चाहिए।
  • महिलाओं को छात्रावास की सुविधा का अधिकार होगा, लेकिन महानगरीय शहरों में महिला की मासिक सकल आय ५०,००० रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए या महिला की मासिक समेकित (सकल) आय ३५,००० रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • किसी भी कामकाजी महिला को तीन साल से अधिक छात्रावास में रहने की अनुमति नहीं दी जाएंगी।

कामकाजी महिला छात्रावास योजना की प्रवेश प्रक्रिया  और आवेदन पत्र के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  • प्रवेश प्रक्रिया बदलती रहती है क्योंकि पूरे देश के छात्रवास उपलब्ध है, इसलिए कुछ राज्य प्रक्रियाओं और आवेदन के लिए कृपया इस लिंक पर जाएँ- http://www.wcd.nic.in/sites/default/files/wwhrulesdtd12082011.pdf

संदर्भ और विवरण:

 

सरदार पटेल आवास योजना गुजरात / गुजरात में सरदार पटेल आवास योजना –

सरदार पटेल आवास योजना गुजरात सरकार के पंचायत, ग्रामीण आवास और ग्रामीण विकास विभाग द्वारा शुरू की है। यह योजना विशेष रूप से राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों के गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले कम कृषि भूखंड वाले मजदूरों और गाँव के कारीगरों के लिए शुरू की गई है। क्योंकि गरीबों को नया जीवन जीने का और गरीब आबादी के उपनिवेश के रूप में नई संस्कृति की ओर मुड़ने का अधिकार है। इस योजना के तहत, आवंटित भूखंड पर घरों के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएंजी। गुजरात के लोग और ग्रामीण क्षेत्रों के गरीबी रेखा के नीचे पंजीकृत लोग इस योजना के लिए आवेदन कर सकते है लेकिन लाभार्थी को इस योजना का लाभ केवल एक बार ही प्रदान किया जाएंगा। यह योजना गरीब लोगों का कल्याण करने के लिए गुजरात राज्य सरकार द्वारा सुरु की गई सबसे महत्वपूर्ण पहलों में से एक पहल है। जो आवेदक इस योजना का लाभ प्राप्त करना चाहते है वह आवेदन पत्र और आवश्यक दस्तावेजों के साथ निकटतम तालुका विस्तार आधिकारी कार्यलय में आवेदन कर सकते है।

                                                                                      Sardar Patel Awas Yojana In Gujarat (In English)

गुजरात में सरदार पटेल आवास योजना के लाभ:

  • सरदार पटेल आवास योजना ने मुफ्त भूखंड, मुफ्त घर का नारा दिया था। यह मध्य प्रदेश राज्य के भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए प्रधानमंत्री द्वारा की गई एक पहल है।
  • इस योजना के माध्यम से आवंटित भूखंड पर घरों का निर्माण करने के लिए सहायता राशि प्रदान की जाएंगी।

 सरदार पटेल आवास योजना के लिए पात्रता और आवेदन करने की स्थिति:

  • गुजरात के सभी लोग और ग्रामीण क्षेत्रों के गरीबी रेखा के नीचे पंजीकृत लोग इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते है।
  • जिस व्यक्ति के पास कोई भूखंड या घर नहीं है, वह इस योजना का लाभ उठा सकता है।
  • आवेदक ने इस के पाहिले किसी अन्य आवास योजना का लाभ नहीं उठाना चाहिए।
  • आवेदक जिसके पास अधिकतम आधा हेक्टेयर सिंचित भूमि है या अधिकतम एक हेक्टेयर गैर-सिंचित भूमि है वह इस योजना का लाभ उठा सकता है।
  • आवेदक केवल एक बार ही इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकता है।
  • पति और पत्नी एक साथ रहते है और यदि कोई भूखंड या मकान पति या पत्नी के नाम पर है और पिछले पाँच सालो से एक ही गाँव रहने वाले लोग, इन में से कोई भी लाभार्थी इस योजना का लाभ उठा सकता है।

सरदार पटेल आवास योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  •  निवास प्रमाण पत्र
  • बैंक विवरण जैसे की आयएफएससी कोड, एमआईसीआर कोड, शाखा का नाम, खाता नंबर
  • पहचान प्रमाण प्रमाण जैसे की आधार कार्ड
  • बीपीएल राशन कार्ड
  • आय प्रमाण पत्र
  • आवेदन पत्र (आवेदन पत्र डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें)
  • प्लॉट का ६/२ या कर (टैक्स) भुगतान की रसीद

आवेदन की प्रक्रिया:

यह योजना पंचायत, ग्रामीण आवास और ग्रामीण विकास विभाग द्वारा कार्यान्वित की जाती है। जो आवेदक इस योजना का लाभ प्राप्त करना चाहते है, उन्हें आवेदन पत्र के साथ निकटतम तालुका विस्तार आधिकारी कार्यालय में आवेदन करने की जरुरत है।

संपर्क विवरण:

  •  नजदीकी तालुका विस्तार आधिकारी का कार्यालय
  • तालुका पंचायत
  • जिला पंचायत

संदर्भ और विवरण:

  • दस्तावेजों के आधिक जानकारी के लिए और अन्य मदत के लिए कृपया इस योजना के आधिकारिक वेबसाइट पर जाए
  •  आधिकारिक वेबसाइट: https://goo.gl/kttFbR

 संबंधित योजनाएं:

 

 

पीएमएवाय लाभार्थियों की सूची २०१९: प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) सूची में अपना नाम जांचें-

पीएमएवाय-यु  (प्रधानमंत्री आवास योजना – सभी (शहरी) के लिए आवास) लाभार्थियों की सूची आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के आधिकारिक पोर्टल pmaymis.gov.in पर उपलब्ध है। लाभार्थी अपना नाम पीएमएवाय लाभार्थियों की सूची २०१९ में ऑनलाइन देख सकते है। पीएमएवाय-यू २०२२ तक सभी को किफायती दरों में घर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आवास और शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय (मोओएचयुपीए) द्वारा एक आवास कार्यक्रम है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई-यू) मुख्य रूप से समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस), निम्न आय समूहों (एलआईजी) और मध्य आय समूहों (एमआईजी) के लिए है।

                                                                                                    PMAY Beneficiaries List 2019 (In English)

पीएमएवाय लाभार्थियों की सूची २०१९: प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) सूची में अपना नाम कैसे जांचें?

  •   पीएमएवाय-यु  की आधिकारिक वेबसाइट पर जाने के लिए यहां क्लिक करें।
  •  अपने माउस / कर्सर लाभार्थी खोजें मेनू पर रखे और फिर उप-मेनू में नाम के आधार पर खोजें पर क्लिक करें।
  •  अपने नाम के पहले तीन अक्षर दर्ज करें और शो बटन पर क्लिक करें।
  •  लाभार्थी कोड, नाम, पिता के नाम, शहर, राज्य और घटक नाम के साथ सभी पीएमएवाय लाभार्थियों की सूची दिखाई जाएगी।

प्रधानमंत्री आवास योजना – शहरी (पीएमएवाय-यु) लाभार्थियों की सूची २०१९ खोज आवेदन पत्र (स्रोत: pmaymis.gov.in)

  • लाभार्थी का पूरा विवरण देखने के लिए, किसी भी लाभार्थी के नाम पर क्लिक करें।
  •  पॉप-अप में अपना मोबाइल नंबर डालें, आपके मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी  भेजा जाएगा।
  • ओटीपी  दर्ज करें और आपको पीएमएवाय  लाभार्थी का पूरा विवरण दिखाया जाएगा।

और पढ़े:

  • गरीबी रेखा के नीचे (एसईसीसी-२०११) की सूची: कैसे आप निचे दिए गए गरीबी रेखा के निचे (बीपीएल) सूची में अपना नाम देखे?
  • pmaymis.gov.in पर पीएमएवाय-यू लाभार्थी के सूची में अपना नाम जाँचे  

संबंधित योजनाएं:

बीजू पक्का घर योजना (बीपीजीवाई): ओडिशा में चक्रवात तितली हिट परिवारों के लिए आवास योजना

ओडिशा सरकार ने राज्य में १३  हजार चक्रवात तितली हिट परिवारों के लिए बीजू  पक्का घर योजना (बीपीजीवाई) की घोषणा की है। राज्य में चक्रवात में जिन लोगो के घर नष्ट हो गए,ऊन सभी लोगो को इस योजना के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की जाएंगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य १३ हजार चक्रवात से प्रभावित परिवारों का समर्थन करना और उन्हें सामान्य जीवन में वापस लाने में मदत करना है। ओडिशा राज्य के मुख्यमंत्री श्री नवीन पटनायक ने उच्चस्तरीय बैठक के बाद इस योजना की घोषणा की है।

                                                                                                Biju Pucca Ghar Yojana (BPGY)  (in English)

 इस योजना के तहत ओडिशा राज्य में घरों के निर्माण के लिए लगभग १७६ करोड़ रुपये की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को कार्य करने के आदेश जारी किये है और जितनी जल्दी हो सके उतने जल्दी राज्य में घरों का निर्माण शुरू करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री निर्धारित समय में घरो का निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस योजना के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया जाएंगा और एसएचजी का समर्थन करने के लिए निर्माण सामग्री स्थानीय व्यापारियों और स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के रूप में तैयार की जाएगी। स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के रूप में अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाएंगी।

बिजू पक्का घर योजना (बीपीजीवाई) क्या है?

ओडिशा राज्य के १३  हजार चक्रवात तितली प्रभावित परिवारों के लिए एक आवास सहायता योजना है।

बीजू पक्का घर योजना (बीपीजीवाई) का उद्देश्य:

  • तितली प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान की जाएंगी।
  • लाभार्थी को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएंगी।

बीजू पक्का घर योजना (बीपीजीवाई) का लाभ:

  • ओडिशा राज्य में १३ हजार तितली हिट प्रभावित परिवारों को मकान प्रदान किया जाएंगा।
  • चक्रवात और बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए १ लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएंगी।
  • चक्रवात से  प्रभावित परिवारों को आजीविका के लिए समर्थन किया जाएंगा।

बिजू पक्का घर योजना के आवेदन करने के लिए पात्रता:

  • ओडिशा राज्य में केवल चक्रवात तितली-हिट प्रभावित परिवारों के लिए यह योजना लागू है।

सरकार संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) से सहायता लेने की योजना बना रही है।निर्माण सामग्री की तैयारी के लिए राजमिस्त्री और स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। ओडिशा राज्य के गंजम और गजपति जिले चक्रवात से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए है।कार्य आदेश नवंबर २०१८ के अंत तक पंचायती राज विभाग द्वारा जारी किया जाएंगा और यह कार्य दिसंबर २०१८ में शुरू होगा। घरों का निर्माण अगले ६ महीनों में पूरा हो जाएगा। प्रभावित जिलों के कलेक्टरों को लाभार्थियों की सूची की पहचान करने और उन्हें घरों के निर्माण के लिए अनुदान जारी करने का निर्देश दिया जाता है।

अन्य महत्वपूर्ण योजनाएं:

  •  ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक द्वारा योजनाओं की सूची
  • ओडिशा राज्य में योजनाओं और सब्सिडी की सूची

 

मुख्य मंत्री युवा अजीविका: हिमाचल प्रदेश में व्यवसाय शुरू करने के लिए ऋण और ब्याज सब्सिडी

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री जय राम ठाकुर ने राज्य में युवाओं के लिए मुख्य मंत्री युवा अजीविका योजना की शुरुआत की है। यह योजना हिमाचल प्रदेश में छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में युवाओं को स्व-रोजगार के अवसर प्रदान करना और राज्य में रोजगार के अवसर उपलब्ध करना है। यह योजना राज्य में युवाओं को सशक्त बनाएगी और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत करेगी। इस योजना के माध्यम से  छोटे व्यवसाय करने वाले जैसे की भोजनालय, यात्रा प्रचालक, साहसिक पर्यटन, पारंपरिक हस्तशिल्प और इसी तरह के व्यवसाय शुरू करने वाले लोगों को  ऋण और ब्याज पर सब्सिडी प्रदान की जाएंगी।राज्य के युवाओं को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

                                                                                                     Mukhya Mantri Yuva Ajivika (In English)

हिमाचल प्रदेश मुख्य मंत्री युवा अजीविका योजना: हिमाचल सरकार की योजना जो राज्य में युवाओं के लिए छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने की योजना है।

मुख्य मंत्री युवा अजीविका योजना का उद्देश्य:

  • राज्य में स्व-रोज़गार के अवसर पैदा किये जाएगे।
  • राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा नौकरियों के अवसर पैदा किये जाएंगे।
  • राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • राज्य के युवाओं को सशक्त बनाया जाएगा।

मुख्य मंत्री युवा अजीविका योजना का लाभ:

  • युवाओं को राज्य में कारोबार शुरू करने के लिए बैंक ३० लाख रुपये तक ऋण दिया जाएगा।व्यापार ऋण पर २५ % तक सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
  • पाहिले तिन साल के लिए व्यापार ऋण पर ५% ब्याज सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
  • महिला उद्यमियों को व्यापार ऋण पर ३०% तक सब्सिडी प्रदान की जाएगी।

मुख्य मंत्री युवा अजीविका योजना के लिए पात्रता:

  • युवा हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।
  • १८ से ३५ साल के आयु वर्ग के युवा इस योजना के लिए पात्र है।

हिमाचल प्रदेश की सरकार ने इस योजना के लिए बजट में  ७५  करोड़ रुपये आवंटित किये जाएंगे। इस योजना से स्थानीय संस्कृति, भोजन, परंपराओं और कला के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने की भी उम्मीद है।इस योजना के माध्यम से घर आधारित लघु विनिर्माण इकाइयों की आय बढ़ाने ने मदत करेगी। मुख्यमंत्री ने राज्य ग्रामीण विकास विभाग द्वारा राष्ट्रीय सरस मेले- २०१८  में इस योजना की घोषणा की है। यह योजना उन सभी लोगों की मदत करेगी जो व्यवसाय को शुरू करना चाहते है, लेकिन वित्तीय बाधा के कारण वह खुद का व्यापर शुरू नहीं कर सकते है। मुख्यमंत्री ने जन मंच लोगो भी शुरू किया है और इस अवसर पर पर्यटकों के लिए नमस्ते धर्मशाला पुस्तिका शुरू की है।

मुख्य मंत्री लोक भवन योजना हिमाचल प्रदेश:

हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में सामुदायिक घरों के निर्माण के लिए नई योजना शुरू की है। राज्य के प्रत्येक विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में सामुदायिक घरों का निर्माण किया जाएगा। सरकार प्रत्येक समुदाय के घरों के निर्माण के लिए ३० लाख रुपये प्रदान करेगी।विभिन्न औपचारिक सभाओं के लिए नागरिकों द्वारा समुदाय के घरों का उपयोग किया जा सकता है।

अन्य संबंधित योजनाएं: