मोती की खेती के लिए ५०% सब्सिडी

केंद्र सरकार ने देश में मोती की खेती को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य मोती की खेती करने वाले किसानों को लाभ पहुंचाना है। मोतियों की मांग बढ़ रही है और इसलिए इसका उत्पादन बढ़ाना होगा। इस पहल के तहत केंद्र सरकार मोती की खेती के लिए तालाब की स्थापना के लिए कुल लागत का ५०% तक अनुदान देगी। इस पहल का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना है। यह मत्स्य पालन क्षेत्र में नीली क्रांति योजना का एक हिस्सा है। यह योजना मत्स्य विभाग द्वारा क्रियान्वित की जा रही है। २५००० रुपये के निवेश से किसान इस पहल के तहत तीन लाख तक कमा सकेगा। यह देश के मोती किसान पाप के कल्याण को सुनिश्चित करने का इरादा रखता है।

अवलोकन:

पहल मोती की खेती के लिए ५०% सब्सिडी
पहल के तहत केन्द्र सरकार
के द्वारा लागू किया गया मत्स्य पालन विभाग
लाभार्थि देश भर में मोती किसान
प्रमुख उद्देश्य देश में मोती की खेती को बढ़ावा देना जिससे मोती किसानों का कल्याण सुनिश्चित हो

पहल लाभ:

  • यह पहल देश में मोती की खेती को बढ़ावा देती है।
  • इससे मोती किसानों को मोती की खेती के लिए तालाब बनाने में फायदा होगा।
  • इस पहल के तहत केंद्र सरकार तालाबों की स्थापना की कुल लागत का ५०% किसानों को प्रदान करती है।
  • इससे मोती के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
  • इससे मोती किसानों की आय और आजीविका में वृद्धि होगी।
  • यह पहल देश में मोती किसानों की सामाजिक सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करेगी।

पात्रता:

  • आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए।
  • वह व्यवसाय से किसान होना चाहिए।
  • उसे मोती की खेती और खेती का ज्ञान होना चाहिए।

आवश्यक दस्तावेज़:

  • आधार कार्ड
  • मूल निवासी प्रमाण पत्र
  • श्रेणी प्रमाणपत्र
  • तालाब और खेती का विवरण
  • बैंक खाता विवरण
  • पासपोर्ट साइज फोटो

आवेदन की प्रक्रिया:

  • मत्स्य पालन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट @dof.gov.in पर जाएं।
  • पहल विवरण पढें।
  • इस प्रकार आवेदन पत्र उपलब्ध है।
  • आवश्यक प्रस्ताव विवरण के साथ फॉर्म भरें।
  • इसे मत्स्य विभाग के संबंधित कार्यालय में जमा करें।
  • पात्र पाए जाने पर फॉर्म और प्रस्ताव की समीक्षा की जाएगी और तदनुसार अनुमोदित किया जाएगा।
  • मंजूरी के बाद सब्सिडी की राशि सीधे किसान के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।

संदर्भ:

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