महिला पुलिस स्वयंसेवक (एमपीवीएस) योजना: स्वयं सेवक बनाने के लिए पात्रता, फायदे, आवेदन पत्र और आवेदन की प्रक्रिया

September 16, 2018 | By hngiadmin | Filed in: अंडमान व नोकोबार द्वीप समूह, भारत सरकार, योजनाएं, आंध्र प्रदेश, विकास, खबरें, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, मणिपुर सरकार, छत्तीसगढ़, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली, महिला, दमन और दीव, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, गोवा, गुजरात, हरयाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, ओडिशा, पुडुचेरी, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, पंजाब.

मध्य प्रदेश सरकार ने महिलाओ को सुरक्षा प्रदान करने के लिए और उनके साथ होने वाले हिंसाचार को रोकने के लिए महिला पुलिस स्वयंसेवक (एम पी वी एस) योजना सुरु की है। महिला पुलिस स्वयंसेवक महिलाये और पुलिस के बिच में इंटरफ़ेस के रूप में काम करेगी। महिला पुलिस स्वयंसेवक योजना का उद्देश्य महिलाओंके साथ होने वाली घरेलू हिंसा, बाल विवाह, दहेज उत्पीड़न, लैंगिक शोषण और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं से होने वाली हिंसा की घटनाओं का जल्द से जल्द रिपोर्ट कर महिलाओको सहायता प्रदान करना है। महिला को जिम्मेदार और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए योजना की कल्पना की गयी है। महिला पुलिस स्वयंसेवक समाज और पुलिस के बीच एक अंतरफलक के रूप में काम करेगी।

Mahila Police Volunteers (In English)

घरेलू हिंसा, यौन हमला, बलात्कार आदि सहित सार्वजनिक और निजी स्थानों में महिलाओं द्वारा सामना की जाने वाली लिंग-आधारित हिंसा (जीबीवी) महिलाओं की समानता और सशक्तिकरण के लिए एक बड़ा खतरा है। योजना के तहत सभी महिला स्वयंसेवकोंको प्रशिक्षण दिया जायेगा। आम तौर पर नागरिकों और विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण है। पुलिस बल में महिलाओं की संख्या बढ़ाने के लिए गृह मंत्रालय ने  पुलिस बल में महिलाओं को ३३% आरक्षण देने की  घोषणा की है।

महिला पुलिस स्वयंसेवक योजना के लाभ:

  • महिलाओं को अपराध के खिलाफ लड़ने के लिए महिला पुलिस स्वयंसेवक सार्वजनिक-पुलिस के रूप में काम करेगी।
  • घरेलू हिंसा जैसे महिलाओं के खिलाफ हिंसा की घटनाओं की रिपोर्ट की जाएगी।
  • बाल विवाह, दहेज उत्पीड़न और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा को रोकना।
  • वह महिला समुदाय के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में काम करेगी।
  • महिला पुलिस स्वयंसेवक मानद पद दिया जायेगा।

महिला पुलिस स्वयंसेवक योजना का उद्देश्य:

  • महिलाओं को अपराध के खिलाफ लड़ने के लिए एक महिला पुलिस स्वयंसेवक सार्वजनिक-पुलिस के रूप में कार्य करेगी।
  • महिला पुलिस स्वयंसेवक का व्यापक उद्देश्य घरेलू हिंसा, बाल विवाह, दहेज उत्पीड़न और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं खिलाफ हिंसा की घटनाओं की रिपोर्ट की जाएगी।
  • वह महिला समुदाय के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में कार्य करेगी।

महिला पुलिस स्वयंसेवक योजना के लिए पात्रता:

  • महिला पुलिस स्वयंसेवक एक महिला होनी चाहिए
  • महिला की उम्र २१ साल से कम नहीं होनी चाहिए
  • महिला कम से कम १२ कक्षा वी परीक्षा उत्तीर्ण होनी चाहिए
  • वह उसी भौगोलिक क्षेत्र से होनी चाहिए और स्थानीय भाषा में बातचीत करना आना चाहिए और स्थानीय भाषा का अनुभव होना जरुरी है
  • महीला किसी आपराधिक  उल्लंघन के लिए दोषी नहीं होनी चाहिए या वह महिला जेल में कैद नहीं होनी चाहिए
  • कानून की कोई आपराधिक कार्यवाही उस महिला के खिलाफ नहीं होनी चाहिए
  • वह महिला किसी राजनीतिक दल की सदस्य नहीं होनी चाहिए
  • एक महिला पुलिस स्वयंसेवक एक मानद पद है

महिला पुलिस स्वयंसेवक के चयन के लिए आवेदन प्रक्रिया:

  • स्थानीय थाना / पुलिस चौकी / पंचायत कार्यालय / नगरपालिका कार्यालय  / तहसीलदार / ब्लॉक विकास अधिकारी / एडब्लूडब्लू / एएनएम / आशा / पीएस / ओपी / डीईएसपी / एसपी कार्यालय / डीएम कार्यालय के माध्यम से  नोटिस जारी किये जाएगे।
  • उपयुक्त उम्मीदवारों को कम से कम एक महीने  के  अन्दर आवेदन के साथ आमंत्रित किया जाएगा और मॉडल आवेदन पत्र अनुलग्नक २ में रखा जाएगा।
  • आवेदन क्षेत्र के पुलिस आधीक्षक(एसपी) द्वारा प्राप्त किया जाएगा। जिला स्तर के  उम्मीदवारों के चयन और अस्वीकृति के मानदंडों के साथ  एक उचित तंत्र तैयार किया जाएगा।
  • पात्र उम्मीदवारों की  सूची एक स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा की जाएगी।
  • पात्र उम्मीदवारों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन के बाद आवेदक  को वरिष्ठ अधीक्षक द्वारा बुलाया जाएगा।
  • एसपी चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति के आदेश जारी करेंगे।

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