महात्मा ज्योतिबा फुले जीवनदायिनी योजना:

महाराष्ट्र सरकार ने कुछ संशोधनों के बाद लोकप्रिय राजीव गांधी जीवनदायिनी आरोग्य योजना का नाम बदलकर महात्मा ज्योतिबा फुले जीवनदायी योजना नया नाम रखा है। महाराष्ट्र सरकार ने गरीबों के लिए कैशलेस उपचार योजना का नाम बदलकर समाज सुधारक महात्मा फुले का दिया है। इस योजना को संशोधित किया गया है और इसे गरीबों के लिए और अधिक व्यापक बनाने के लिए कुछ नई प्रक्रियाओं को जोड़ा गया है। सरकार ने कुछ अनूठी विशेषताओं के साथ राज्य में महात्मा ज्योतिबा फुले जीवनदायिनी योजना को लागू करने का निर्णय लिया है। पहले लाभार्थी को इस योजना तहत ९७१ बीमारियों के लाभ प्रदान किया जाता था, जिसे अब बढ़ाकर १,१०० बीमारियों का लाभ लाभार्थी को प्रदान किया जाएंगा, जिनमें बुढ़ापे होने वाली बीमारी जैसे कि कमर और घुटने के प्रतिस्थापन, सिकल सेल, एनीमिया के उपचार आदि शामिल है। इस योजना के तहत वित्तीय लाभ भी १.५ लाख से बढ़ाकर २  लाख और कर दिया गया है और किडनी प्रत्यारोपण के मामले में २.५  लाख से ३ लाख कर दिया है। यह योजना मुख्य रूप से गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) और गरीबी रेखा से ऊपर (एपीएल) परिवारों (नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा निर्धारित सफ़ेद कार्ड धारक को छोड़कर) इस योजना के लाभ प्राप्त करने के लिए बेहतर बनाने का उद्देश्य है। महाराष्ट्र राज्य में सभी ३६ जिलों में रहने वाले पात्र लाभार्थी परिवारों द्वारा इस योजना का लाभ उठाया जा सकता है।

                                                           Maharashtra Jyotiba Phule Jeevandayeeni Yojana (In English):

महात्मा ज्योतिबा फुले जीवनदायिनी योजना के लाभ:

  • इस योजना के तहत लाभ १.५ लाख रुपये से बढ़कर २ लाख रुपये कर दिया है और किडनी प्रत्यारोपण के मामले में २.५ लाख रुपये से बढ़कर ३ लाख रुपये कर दिया है।
  • १४ संकटग्रस्त जिलों के किसानों के साथ आश्रमशाला, अनाथालय, वृद्धाश्रम और पत्रकार भी इस योजना में शामिल है।
  • इस योजना के माध्यम से समाज के ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभान्वित किया जाएंगा।
  • महाराष्ट्र राज्य के सभी ३६  जिलों में रहने वाले पात्र लाभार्थी परिवार द्वारा इस योजना का लाभ उठा सकते है।
  • पहले इस योजना में ९७१ बीमारियों के लाभ प्रदान किया जाता था, जिसे अब बढ़ाकर १,१०० कर दिया गया है, जिसमें बुढ़ापे में होने वाली समस्या जैसे कि कमर और घुटने के प्रतिस्थापन, सिकल सेल, एनीमिया आदि उपचार शामिल रहेंगे।

महात्मा ज्योतिबा फुले जीवनदायिनी योजना के लिए पात्रता:

  • राज्य का व्यक्ति जिसके पास नारंगी (ऑरेंज) / पीला / अन्नपूर्णा / अंत्योदय कार्ड धारक है, वह व्यक्ति इस योजना के नामांकन के लिए पात्र है।
  • लाभार्थी का परिवार महाराष्ट्र राज्य के किसी भी जिले का निवासी होना चाहिए।
  • महाराष्ट्र सरकार द्वारा जारी किया गया ज्योतिबा फुले जीवनदायी हेल्थ कार्ड के आधार पर लाभार्थी परिवारों की पहचान की जाएगी।

महात्मा ज्योतिबा फुले जीवनदायिनी योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  • वैध पहचान प्रमाण पत्र जैसे की आधार कार्ड
  • ड्राइविंग लाइसेंस
  • मतदाता प्रमाण पत्र
  • वैध प्रमाण पत्र के साथ मान्य व्यक्ति ऑरेंज, येलो और अंत्योदय और अन्नपूर्णा राशन कार्डधारक एक व्यक्ति इस योजना के लिए आवेदन कर सकता है।

महात्मा ज्योतिबा फुले जीवनदायिनी योजना की आवेदन प्रक्रिया:

  • लाभार्थी परिवार को योजना के संबंधित सामान्य / महिला या किसी भी नजदीकी अस्पताल में जाना पड़ेगा।
  • यदि लाभार्थी परिवार सरकारी अस्पताल में जाते है, तो सरकारी अस्पताल के डॉक्टर इस योजना के संबंधित अस्पताल में भर्ती होने का दाखला देंगे।
  • इस योजना के संबंधित अस्पताल द्वारा सरकारी अस्पताल से भेजे गए भर्ती होने के दाखले की जांच की जाएंगी, फिर दस्तावेजों यानी राशन कार्ड और आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाएंगी जो इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवश्यक है।
  • इस योजना के संबंधित अस्पताल से मरीज की प्रशंसा करता है और महात्मा ज्योतिबा फुले जीवनदायिनी योजना सोसायटी को एक अधिसूचना भेजता है।

संपर्क विवरण:

  • दस्तावेजों और अन्य मदत के बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी स्वास्थ्य विभाग: jeevandayee.gov.in पर जाएं

संदर्भ और विवरण:

  • https://www.jeevandayee.gov.in/RGJAY/RGJAYDocuments/ENROLLMENT_GUIDELINES_21_11_2014.pdf
  • https://www.jeevandayee.gov.in/RGJAY/RGJAYDocuments/Package_Costs_Landscape.pdf

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *