बेरोजगारी भत्ता योजना  विकलांग व्यक्तियों के लिए:

विकलांग व्यक्तियों के लिए बेरोजगारी भत्ता योजना केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, समाज कल्याण विभाग द्वारा शुरू की गई है। यह योजना विशेष रूप से भारत देश के अक्षम बेरोजगार युवाओं को लिए शुरू की गई है जो अच्छी तरह से नौकरी प्राप्त करने में सक्षम है, लेकिन उनके पास पर्याप्त राशी कमाने के लिए नौकरी नहीं है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बेरोजगार विकलांगों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है ताकि उनका वित्तीय बोझ कम हो सके और वे नौकरी प्राप्त करने में सक्षम हों सके। इस योजना के तहत विकलांग व्यक्ति को १५० रुपये  से ४०० रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएंगी। इस योजना के तहत पात्र उम्मीदवार को कुछ पात्रता मानदंडों को अर्हता प्राप्त करने की आवश्यकता है जो नीचे दिए गए लेख में उल्लिखित है। जिन विकलांग बेरोजगार युवाओं के पास नौकरी नहीं है, वे इस योजना का लाभ ले सकते है।

                                      Unemployment Allowance Scheme To Person With Disability (In English):

 विकलांगता व्यक्तियों को बेरोजगारी भत्ता योजना का लाभ:

  • विकलांग व्यक्तियों के लिए बेरोजगारी भत्ता योजना वित्तीय सहायता के रूप में लाभ प्रदान करती है ताकि विकलांग व्यक्ति का वित्तीय बोझ कम हो सके। विकलांग व्यक्ति को प्रदान की जाने वाली वित्तीय सहायता की दरें नीचे उल्लिखित है।
  • मैट्रिक पास और अंडर ग्रेजुएट आवेदकों के लिए: नेत्रहीन विकलांग और बहरे और गूंगे व्यक्ति को ३०० रुपये प्रति माह प्रदान किया जाएंगा और अन्य श्रेणियों के विकलांग व्यक्तियों को १५० रुपये प्रति माह प्रदान किया जाएंगा।
  •  ग्रेजुएट / पोस्ट ग्रेजुएट आवेदकों के लिए: नेत्रहीन विकलांग और बहरे और गूंगे व्यक्ति को ४०० रुपये प्रति माह प्रदान किया जाएंगा और अन्य श्रेणियों के विकलांग व्यक्तियों को २०० रुपये प्रति माह प्रदान किया जाएंगा।

विकलांग व्यक्तियों को बेरोजगारी भत्ता योजना लागू करने के लिए आवश्यक पात्रता और शर्तें:

  • सभी शिक्षित बेरोजगार विकलांग व्यक्ति बेरोजगारी भत्ते के अनुदान के लिए पात्र है, जो विकलांग व्यक्ति नौकरी पाने के लिए पात्र है, लेकिन विभिन्न कारणों से विकलांग व्यक्ति को रोजगार नहीं प्राप्त हो रहा है, वह विकलांग व्यक्ति इस योजना के लिए पात्र है।
  • उम्मीदवारों की आयु १८-३० साल के बीच होनी चाहिए।
  • विकलांग व्यक्ति के पारिवार के माता-पिता की कुल वार्षिक आय ६०,००० रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • उम्मीदवार को यूटी चंडीगढ़ में स्पेशल एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज में न्यूनतम दो साल का पंजीकरण होना चाहिए।
  • उम्मीदवार को आवेदन जमा करने से ठीक तीन साल की अवधि के पहले यूटी चंडीगढ़ में रहना चाहिए।
  • उम्मीदवार को भारत देश का स्थायी निवासी होना चाहिए।

विकलांग व्यक्तियों को बेरोजगारी भत्ता योजना लागू करने के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  •  दो पासपोर्ट आकर की तस्वीर
  • पिछले तीन साल का निवास प्रमाण (मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड, बिजली बिल)
  • उम्र का प्रमाण पत्र (जन्म प्रमाण पत्र / मतदाता पहचान पत्र / स्कूल का प्रमाण पत्र)
  • शैक्षिक पात्रता का प्रमाण पत्र, (१० वीं कक्षा के बाद का)
  • विकलांगता पहचान पत्र
  • आय प्रमाण पत्र
  • विशेष रोजगार विनिमय, यूटी, चंडीगढ़ का पंजीकरण कार्ड
  • आधार कार्ड
  • बैंक का विवरण खाता नंबर, खाता धारक का नाम, शाखा का नाम, आयएफएससी  कोड,एमआयसीआर  कोड

आवेदन की प्रक्रिया:

  • उम्मीदवार नजदीकी जिला स्तर या तालुका स्तर के समाज कल्याण कार्यालय से आवेदन पत्र को प्राप्त कर सकता है या आवेदक उल्लिखित वेबसाइट https://govinfo.me/wp-content/uploads/2016/09/unemp.doc पर क्लिक करके आवेदन पत्र को डाउनलोड कर सकता है।
  • उचित दस्तावेजों के साथ उस आवेदन पत्र को भरकर आवेदक इसे समाज कल्याण कार्यालय में जमा कर सकता है।

संपर्क विवरण:

  • आवेदक नजदीकी जिला स्तर या तालुका स्तर के समाज कल्याण कार्यालय से संपर्क कर सकता है।

संदर्भ और विवरण:

 

 

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