प्रवासी तीर्थ दर्शन योजना (पीटीडीवाय): अनिवासी भारतीयों के लिए निःशुल्क धार्मिक पर्यटन-

भारत देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने प्रवासी भारतीयों के लिए प्रवासी तीर्थ दर्शन योजना (पीटीडीवाय) की घोषणा की है। भारत सरकार विदेशों में बसे उन सभी लोगों को धार्मिक पर्यटन प्रायोजित करेगी। इस योजना की घोषणा प्रवासी भारतीय दिवस २०१९ में की गई है। सरकार भारत के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक दौरे के लिए चयनित अनिवासी भारतीयों का समूह बनाएगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य अनिवासी भारतीय (एनआरआई) को भारत देश की मूल और सांस्कृतिक विविधता के बारे में जानकारी बताना है और मुख्य रूप से देश में पर्यटन को बढ़ावा देना है। भारत देश के अर्थव्यवस्था के जीडीपी में पर्यटन का बहोत बड़ा योगदान रहा है।

                                                                                  Pravashi Tirth Darshan Yojana (PTDY) (In English):

  • योजना: प्रवासी तीर्थ दर्शन योजना (पीटीडीवाई)
  • योजना की घोषणा: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी
  • विशेषण: भारत देश के पर्यटन को बढ़ावा देना
  • लाभ: भारत देश के धार्मिक स्थलों पर मुफ्त यात्रा करें
  • लाभार्थी: अनिवासी भारतीय (एनआरआई)

प्रवासी भारतीय दिवस २०१९ को ४० अनिवासी भारतीय (एनआरआई) पर्यटकों का पहिला समूह मौजूद था। हर साल दो बार इस यात्रा का आयोजन किया जाएगा।

प्रवासी तीर्थ दर्शन योजना (पीटीडीवाय) का लाभ:

  • अनिवासी भारतीय (एनआरआई) को भारत देश की जड़ो के बारे में जानने का अवसर प्रदान किया जाएंगा।
  • भारत देश की सांस्कृतिक विविधता को देखने का अवसर प्रदान किया जाएंगा।
  • भारत देश के चयनित धार्मिक स्थलों नि:शुल्क यात्रा प्रदान की जाएंगी।
  • सरकार अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) के लिए निवास स्थान से भारत देश तक की हवाई यात्रा का खर्चा करेगी।

प्रवासी तीर्थ दर्शन योजना (पीटीडीवाय) के लिए पात्रता:

  • यह योजना केवल अनिवासी भारतीय (एनआरआई) के लिए लागू है।
  • आयु सीमा: ४५ से ६५ आयु वर्ग के अनिवासी भारतीय (एनआरआई) इस योजना के लिए आवेदन कर सकते है।

इस योजना को चरणों में लागू किया जाएगा। नि:शुल्क यात्रा के लिए सभी इच्छुक पात्र लाभार्थी आवेदन कर सकते है। सरकार यात्रा के लिए आवेदकों में से कुछ लोगों का चयन करती है। गिरमिटिया देश जैसे मॉरीशस, फिजी, सूरीनाम, गुयाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, जमैका देश में रहने वाले अनिवासी भारतीय (एनआरआई) को प्राधान्य दिया जाएंगा।

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