प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएसवाई)

केंद्र सरकार ने पिछले साल प्रधान मंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएसवाई) नाम से प्रमुख मत्स्य पालन योजना शुरू की थी। यह लॉन्च पीएमओ इंडिया, माननीय श्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था। यह योजना मछली की नस्लों के लिए बाजार को बेहतर बनाने के लिए शुरू की गई है। योजना के तहत लाभार्थियों को मछली पालन और बिक्री के लिए ३००० रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य मत्स्य पालन क्षेत्र का विकास करना है। यह नस्ल सुधार बाजार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

अवलोकन:

 योजना का नाम: प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएसवाई)
योजना के तहत: केन्द्रीय सरकार
द्वारा लॉन्च किया गया: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
लाभार्थी: मत्स्य पालन क्षेत्र
लाभ: मत्स्य पालन में सुधार और एक बाज़ार विकसित करना
मुख्य उद्देश्य: मत्स्य पालन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए, जिससे ‘आत्मनिर्भर भारत’ में योगदान दिया जा सके।

उद्देश्य और लाभ:

  • प्रधान मंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) मुख्य रूप से देश में मत्स्य पालन क्षेत्र के विकास के लिए शुरू की जाने वाली प्रमुख योजना है।
  • लाभार्थियों को ३००० रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
  • इस योजना का उद्देश्य प्रौद्योगिकी के उपयोग के माध्यम से मात्स्यिकी क्षेत्र में कमियों और कठिनाइयों को भरना है।
  • यह योजना प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन को भी सक्षम बनाएगी।
  • इसका उद्देश्य २०२४-२५ तक मछली उत्पादन में ७० लाख टन अतिरिक्त वृद्धि करना है, जिससे निर्यात में वृद्धि और किसानों की आय दोगुनी हो सके।
  • पीएमएसवाई मछली के उत्पादन में सुधार को सक्षम करेगा जिससे उसकी गुणवत्ता में वृद्धि होगी।
  • योजना के तहत पानी और मिट्टी परीक्षण सुविधाएं प्रदान करने का लक्ष्य है।
  • किसानों को उचित दर पर मछली के बीज उपलब्ध कराए जाएंगे।
  • पीएमएमएसवाई मछली रोग के निदान में किसानों की सहायता करेगी ताकि निवारक और उपचारात्मक उपाय किए जा सकें।
  • योजना परिव्यय आत्मानिर्भर भारत पैकेज का एक हिस्सा है।

योजना विवरण:

  • प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएसवाई) पिछले साल केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई है।
  • यह योजना प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई थी।
  • इसे देश में मत्स्य पालन क्षेत्र के विकास के लिए लॉन्च किया गया है।
  • पीएमएसवाई मछली के उत्पादन में सुधार को सक्षम करेगा जिससे उसकी गुणवत्ता में वृद्धि होगी।
  • लाभार्थियों को ३००० रुपये की आर्थिक सहायता २ किश्तों में प्रदान की जाएगी।
  • योजना के तहत पानी और मिट्टी परीक्षण सुविधाएं प्रदान करने का लक्ष्य है।
  • किसानों को उचित दर पर मछली के बीज उपलब्ध कराए जाएंगे।
  • इसका उद्देश्य २०२४-२५ तक मछली उत्पादन में ७० लाख टन अतिरिक्त वृद्धि करना है, जिससे निर्यात में वृद्धि और किसानों की आय दोगुनी हो सके।
  • २०२०-२१ से २०२४-२५ तक योजना के कार्यान्वयन के लिए कुल योजना परिव्यय २०,०५० करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
  • २०,०५० करोड़ रुपये का यह परिव्यय/निवेश मत्स्य पालन क्षेत्र में अब तक का सबसे अधिक है।
  • इस प्रकार यह मछली उत्पादन और रोग निदान को बढ़ावा देने के लिए सुविधाएं प्रदान करके मछली प्रबंधन में योगदान देगा।

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