पढना लिखना अभियान: अशिक्षित परिवार के बड़े सदस्यों को पढ़ाने के लिए बच्चे

मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) एक पढना लिखना अभियान शुरू करने वाला है।इस अभियान जिसके तहत बच्चे अशिक्षित परिवार के बुजुर्ग सदस्यों को पढ़ाएंगे। मानव संसाधन विकास मंत्री श्री प्रकाश जावडेकर ने इस योजना की घोषणा की है। ६ वी से १० वीं कक्षा के बीच के स्कूल के बच्चों को परिवार में अपने माता-पिता,दादा-दादी और रिश्तेदारों को पढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।अभियान का उद्देश्य देश में साक्षरता दर में वृद्धि करना और अशिक्षित नागरिक को सशक्त बनाना है।

अभिनव  पढना लिखना अभियान देश में निरक्षरता विकिरण में मदत करेगा। स्कूल के बच्चे अपने स्कूल के बाद शिक्षण का सौंपा गया काम (असाइनमेंट) कर सकते है। भारत देश भर में अगले २ महीने में पढना लिखना अभियान शुरू किया जाएगा।

                                                                                                              Padhna Likhna Abhiyan (in English)

पढना लिखना अभियान क्या है:

एक साक्षरता अभियान जिसके तहत अशिक्षित परिवार के सदस्यों को पढ़ाने के लिए स्कूल के बच्चों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

मानव संसाधन विकास मंत्री ने एक बच्चे के रूप में कहा कि वह पढ़ने और लिखना सिखाकर परिवार और पड़ोसी बुजुर्ग सदस्यों को पढ़ाने का प्रयोग करता था।यह अभियान परिवार के छात्रों और बुजुर्गों दोनों की मदत करेगा।

पढना लिखना अभियान का उद्देश्य:

  • इस योजना के तहत भारत देश में साक्षरता के दर बढ़ाया जाएंगा।
  • इस योजना के माध्यम से देश में हर कोई पढ़ और लिख सकेंगा।
  • जो लोग अपनी जिन्दगी में शिक्षा प्राप्त नहीं कर सके उन लोगों को शिक्षा प्राप्त करने का अवसर प्रदान किया जाएंगा।

पढना लिखना अभियान का लाभ:

  • स्कूल के बच्चों को उनके परिवार के सदस्यों को पढ़ाते समय शिक्षक/गुरूजी होने का मौका मिलेंगा।
  • अशिक्षित बुजुर्गों को मुफ्त में शिक्षण प्रदान किया जाएंगा।
  • स्कूल के बच्चों को शिक्षण के लिए आवश्यक अध्ययन सामग्री प्रदान की जाएगी।

पढना लिखना अभियान में कौन भाग ले सकता है?

  • स्कूल के बच्चे जो ६ वीं से १० वीं कक्षा में पढ़ रहे है वह इस अभियान में भाग ले सकते है।
  • उनके माता-पिता,दादा दादी,रिश्तेदारों इत्यादि इस अभियान में भाग ले सकते है।

अभियान का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य समाज में अशिक्षित महिलाओं को शिक्षित करना है। यह महत्वपूर्ण है कि माता-पिता शिक्षित हों ताकि वे अपने बच्चों को प्रेरित कर सकें और बच्चे को सही मार्गदर्शन प्रदान कर सकें।

संबंधित योजनाएं:

  • मानव संसाधन विकास (एमएचआरडी) मंत्रालय द्वारा योजनाएं की सूची।
  • प्रकाश जावडेकर द्वारा योजनाएं की सूची।

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