नि:शुल्क देश चिकन योजना तमिलनाडु: ग्रामीण महिलाओं को मुफ्त मुर्गियाँ पाने के लिए

January 11, 2019 | By Yashpal Raut | Filed in: ग्रामीण, योजनाएं, खबरें, रोज़गार, महिला, स्व-रोजगार और उद्यमिता, तमिलनाडु सरकार, तमिलनाडु.

तमिलनाडु सरकार ने राज्य भर में ग्रामीण महिलाओं के लिए नि:शुल्क देश चिकन योजना को शुरू कीया है। इस योजना के तहत राज्य सरकार ५० देशी मुर्गियों का वितरण करेगी। योजना का प्राथमिक उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को कमाई के लिए एक वैकल्पिक साधन प्रदान करना है। इस योजना के माध्यम से तमिलनाडु सरकार राज्य की महिलाओं को अतिरिक्त आय प्रदान करेंगी और महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद की जाएंगी। तमिलनाडु राज्य के मुख्यमंत्री एडप्पादी के पलानीस्वामी ने इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया है और ५  परिवारों को मुफ्त में देशी मुर्गियां वितरित की है।

                                                                                                 Free Country Chicken Scheme Tamil Nadu

तमिलनाडु नि:शुल्क देश चिकन योजना: तमिलनाडु राज्य की ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को नि:शुल्क देशी मुर्गी देके अतिरिक्त आय प्रदान करने के लिए तमिलनाडु सरकार की एक योजना है।

नि:शुल्क देश चिकन योजना का उद्देश्य:

  • इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को अतिरिक्त आय प्रदान की जाएंगी।
  • राज्य के महिलाओं को सशक्त बनाया जाएंगा।
  • पिछडे मुर्गी पालन को बढ़ावा दिया जाएंगा।

नि:शुल्क देश चिकन योजना का लाभ:

  • प्रत्येक लाभार्थी को नि:शुल्क ५० देशी मुर्गी के बच्चे प्रदान किये जाएंगे।
  • लाभार्थी महिलाओं को चार सप्ताह के मुर्गे, मुर्गियाँ और पिंजरे प्रदान किये जाएंगे।
  •  लाभार्थी से अपेक्षा की जाती है की वे मुर्गे की अच्छी देखभाल करें और अंडे और पूरी तरह से विकसित मुर्गियाँ को बेचे।

नि:शुल्क देश चिकन योजना के लिए पात्रता:

  • यह योजना केवल चेन्नई को छोड़कर  तमिलनाडु राज्य के सभी जिलों में लागू है।
  • यह योजना केवल ग्रामीण क्षेत्रों के महिलाओं के लिए लागू है।

राज्य सरकार ने इस योजना के लिए २५ करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। तमिलनाडु राज्य का पशुपालन विभाग इस योजना को लागू करेगा। पशुपालन विभाग प्रत्येक गांव में ४ से ५ लाभार्थियों की एक टीम बनाएंगे। यह विभाग मुर्गी पालन की आपूर्ति भी प्रदान करेगा। चार सप्ताह के देशी मुर्गे और मुर्गियों को एक समान अनुपात में दिया जाएगा। लाभार्थी महिला को १६ वें सप्ताह तक देशी मुर्गे का लाभ प्राप्त करने के लिए उसे बेच सकती है। इस पहल से राज्य के किसानों की प्रति व्यक्ति की आय बढ़ेगी और राज्य में महिला उद्यमिता को भी बढ़ावा मिलेगा।

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