तेलंगाना खेत ऋण माफी:

तेलंगाना सरकार ने अपना बजट २०१९-२० पेश किया है। तेलंगाना राज्य के मुख्यमंत्री जिनके पास वित्त विभाग का कारभार है, उन्होंने इस बजट को पेश किया है। राज्य के मुख्यमंत्री ने इस योजना के तहत राज्य के जिन किसानों ने ११ दिसंबर २०१८ के पहले १ लाख रुपये तक का फसल ऋण लिया है,उन सभी किसानों का खेत ऋण माफ कर दिया जाएगा। इस योजना के लिए ६,००० करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। तेलंगाना बजट २०१९-२० एक वोट-ऑन-अकाउंट बजट है और २२  फरवरी २०१९ को राज्य विधान सभा में इस बजट को प्रस्तुत किया गया है।

चुनाव २०१८  में तेलंगाना राज्य के किसानों का कृषि ऋण माफ़ करना तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) का चुनावी वादा था। सरकार के पास पहले से ही राज्य में किसानों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं है। इस योजना जैसी एक योजना है जिसे रायथु बंधु योजना कहा जाता है। राज्य के किसानों को प्रति वर्ष ८,००० रुपये  प्रति एकड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएंगी। सरकार ने योजना के तहत वित्तीय सहायता में वृद्धि का भी प्रस्ताव दिया है। राज्य के किसानों को वर्तमान में ४,००० रुपये प्रति एकड़ बुवाई के मौसम में प्रदान किये जाएंगे। सरकार ने ५,००० रुपये प्रति एकड़ हर मौसम यानी (खरीफ और रब्बी) मौसम मिलके हर साल १०,००० रुपये प्रति एकड़ की वित्तीय सहायता प्रदान करने का प्रस्ताव दिया है।

                                                                                                  Telangana Farm Loan Waiver (In English):

  •  खेत ऋण माफी योजना
  • राज्य: तेलंगाना
  • लाभ: राज्य के जिन किसानों के ११  दिसंबर २०१८ से पहले १ लाख रुपये तक का फसल ऋण लिया है, वह फसल ऋण माफ़ हो जाएंगा।
  • लाभार्थी: तेलंगाना राज्य के किसान
  • बजट: ६,००० करोड़ रुपये

तेलंगाना खेत ऋण माफी योजना पात्रता मानदंड:

  • यह योजना केवल तेलंगाना राज्य के निवासियों के लिए लागू है।
  • केवल किसानों द्वारा लिए गये कृषि ऋण के लिए यह योजना लागू है।
  • फसल ऋण माफ़ी केवल ११  दिसंबर २०१८ से पहले लिये गये फसल के लिए लागू होती है।

तेलंगाना राज्य के मुख्यमंत्री ने बेरोजगारी भत्ते की भी घोषणा की है। राज्य के बेरोजगार युवाओं को ३,०१६ रुपये प्रति माह प्रदान किया जाएंगा। आसरा पेंशन भी १,००० रुपये प्रति माह से बढ़ाकर २०१६ रुपये प्रति माह कर दी है। आसरा पेंशन वृद्ध, विधवाओं, एकल महिलाओं, बीड़ी श्रमिकों, फाइलेरिया से पीड़ित लोगों, हथकरघा श्रमिकों और ताड़ी-टापरों को प्रदान की जाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *