डोरस्टेप असिस्टेंस स्कीम, केरल

केरल सरकार राज्य में वृद्ध, अपाहिज, निराश्रित और विकलांग लोगों की सहायता के लिए ‘डोरस्टेप असिस्टेंस स्कीम‘ लेकर आई है। इस योजना की घोषणा मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने १२ अगस्त, २०२१ को की थी। इस योजना के तहत राज्य सरकार यह सुनिश्चित करती है कि आपातकालीन दवाओं की डिलीवरी, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आजीवन प्रमाण पत्र, सीएम आपदा राहत कोष से सहायता के लिए आवेदन की तैयारी जैसी विभिन्न सेवाएं आदि, उनके दरवाजे पर। सरकार इस योजना के तहत और सेवाओं को जोड़ने की योजना बना रही है। यह उन लाभार्थियों की मदद करने का इरादा रखता है जो अपने घरों पर सेवाएं प्रदान करके बाहर जाने में सक्षम नहीं हैं। यह योजना लाभार्थियों को राज्य में उनके घरों में आसानी से सेवाएं और आवश्यक दवाएं प्राप्त करने में सहायता करेगी।

योजना अवलोकन:

योजना का नाम डोरस्टेप असिस्टेंस स्कीम
योजना के तहत केरल सरकार
द्वारा घोषित मुख्यमंत्री पिनाराई विजयानी
घोषणा तिथि १३ अगस्त २०२१
लाभार्थी राज्य में वरिष्ठ नागरिक, अपाहिज, बेसहारा और विकलांग लोग
लाभ लाभार्थियों को विभिन्न सेवाएं जैसे आपातकालीन दवाएं, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आजीवन प्रमाण पत्र, आदि उनके दरवाजे पर प्राप्त होंगे।
उद्देश्य विभिन्न सेवाओं के माध्यम से वृद्ध, अपाहिज, निःशक्त, निराश्रित लोगों को उनके दरवाजे पर सहायता प्रदान करना।

योजना के उद्देश्य और लाभ:

  • इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में वृद्ध, अपाहिज, विकलांग, निराश्रित लोगों की सहायता करना है।
  • इस योजना के तहत विभिन्न सेवाएं जैसे आपातकालीन दवाएं, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आजीवन प्रमाण पत्र आदि उनके दरवाजे पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
  • यह योजना लाभार्थियों को उनके घर पर आवश्यक सेवाएं प्राप्त करने के लिए घर पर आराम करने में मदद करेगी।
  • उन लोगों की सहायता करेगा जो इन महामारी स्थितियों में सरकारी कार्यालयों / चिकित्सा दुकानों आदि के लिए बाहर जाने में सक्षम नहीं हैं।
  • यह लाभार्थियों को उनके घरों की सुरक्षा में सेवाएं प्राप्त करने में सक्षम बनाएगा।
  • इस योजना से लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करेगी।
  • यह राज्य में लाभार्थियों के कल्याण को सुनिश्चित करता है।

योजना विवरण:

  • १३ अगस्त, २०२१ को मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन डोरस्टेप असिस्टेंस स्कीम योजना की घोषणा की गई।
  • यह योजना राज्य में वृद्ध, अपाहिज, निराश्रित और विकलांग लोगों के कल्याण के लिए बनाई गई है।
  • इस योजना के तहत लाभार्थियों को आपातकालीन दवाओं की डिलीवरी, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आजीवन प्रमाण पत्र, मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष से सहायता के लिए आवेदन तैयार करना, उपशामक देखभाल आदि सेवाएं उनके घर पर मिलती हैं।
  • ये सेवाएं लाभार्थियों को वार्ड सदस्य की अध्यक्षता में स्थानीय सरकारी संस्थानों, आशा कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों के माध्यम से प्रदान की जाएंगी।
  • समिति सदस्यों के फोन नंबर वाले कार्ड जारी करेगी सरकार।
  • ये कार्ड जनता को दिए जाएंगे और वे आवश्यकतानुसार समिति तक पहुंच सकते हैं।
  • आशा कार्यकर्ता अपनी आवश्यक सेवाओं को समझने के लिए लाभार्थियों से संपर्क करेंगी।
  • आशा कार्यकर्ताओं की सहायता करेंगे अक्षय केंद्र व स्वयंसेवक करेंगे।
  • यह योजना सितंबर, २०२१ के महीने में शुरू होगी।
  • राज्य के ५० स्थानीय निकायों में इसकी शुरुआत सबसे पहले होगी।
  • फिर योजना के प्रदर्शन और सफलता के आधार पर इसे पूरे राज्य में आगे बढ़ाया जाएगा।
  • लाभार्थियों के घर-द्वार पर नि:शुल्क सेवाओं के इस वितरण की समीक्षा एवं निगरानी जिला स्तर पर नियमित अंतराल पर की जाएगी।
  • क्रियान्वयन में गतिविधियों की निगरानी में जिला कलेक्टर एवं जिला योजना समिति की अहम भूमिका होगी।
    यह योजना सहायता प्रदान करेगी और राज्य में लाभार्थियों का कल्याण सुनिश्चित करेगी।

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