कौशल्या सेतु कौशल विकास कार्यक्रम:

February 2, 2019 | By Yashpal Raut | Filed in: योजनाएं, छात्र, स्टार्टअप, खबरें, शोधकर्ता, छोटे और लघु उद्योग, बेरोज़गार, उद्यम और व्यापार, रोज़गार, स्वयं-रोज़गार, स्व-रोजगार और उद्यमिता, महाराष्ट्र सरकार, महाराष्ट्र.

महाराष्ट्र सरकार ने  कौशल्या सेतु का शुभारंभ किया है। यह महाराष्ट राज्य के छात्रों के लिए एक कौशल विकास कार्यक्रम है। इस अवसर पर महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फड़नवीस, केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री राजीव प्रताप रूडी और महाराष्ट्र राज्य के शिक्षा मंत्री श्री विनोद तावड़े उपस्थित थे। कौशल्या सेतु पहल के तहत  माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक शिक्षा महाराष्ट्र राज्य बोर्ड के छात्र, जो कक्षा दसवीं या एसएससी परीक्षा पास करने में असफल रहे है, उन छात्रों को कौशल विकास पाठ्यक्रमों के लिए समायोजित किया जाएगा, ताकि उन छात्रों को एक साल खोना ना पड़े। कौशल्या सेतु महाराष्ट्र राज्य में विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रमों में से एक सर्वश्रेष्ठ कौशल विकास कार्यक्रम है।  कौशल्या सेतु कौशल विकास कार्यक्रम के माध्यम से सरकार कौशल विकास कार्यक्रम के लिए उन छात्रों को समायोजित करेगी जो दसवीं या बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं को पास करने में असफल रहे है। इस योजना के माध्यम से  सरकार को असफल छात्रों का एक साल बचाने का मुख्य लक्ष्य है। कौशल विकास पहल के माध्यम से  महाराष्ट्र सरकार ने भारत देश के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के कौशल भारत मिशन – २०२०  की दिशा में योगदान करने की योजना बनाई है। महाराष्ट्र सरकार की पहल में केंद्र सरकार के साथ-साथ नीति आयोग का समर्थन है और इस पहल से कुशल लोगों को अपना व्यवसाय शुरू करने और रोजगार प्रदान करने के अलावा अन्य स्वरोजगार गतिविधियों में भी मदत मिलेगी। महाराष्ट्र सरकार के अनुसार, कौशल्या सेतु एक बहुआयामी कार्यक्रम है जिस में तकनीकी, वित्तीय, ऊष्मायन और सुविधा सहित कई पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

                                                                 Kaushalya Setu Skill Development Programme (In English):

कौशल्या सेतु कौशल विकास कार्यक्रम के लाभ:

  • राज्य के लगभग ७.५ लाख छात्रों को कौशल प्रदान किया जाएंगा।
  • कौशल विकास कार्यक्रम के तहत दसवीं या बारहवीं कक्षा की परीक्षा को पास करने में असफल रहने वाले छात्रों को मदत की जाएंगी। इस प्रकार सरकार  का राज्य में असफल छात्रों का एक साल को बचाने का मुख्य लक्ष्य है।
  • अपने कौशल के प्रमाण पत्र की मांग करने वाले छात्रों को अनौपचारिक रूप से अधिग्रहीत कर लिया है।
  • व्यक्तियों को स्नातक स्तर की पढ़ाई तक कौशल प्रदान किया जाएंगा।
  • राज्य के स्कूल में छात्र के जल्दी स्कूल छोड़ने के प्रमाण को कम किया जाएंगा।
  • बाल मजदूर और उनके परिवार को शिक्षा के लिए प्रोस्ताहित किया जाएंगा।

कौशल्या सेतु कौशल विकास कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं:

  • माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक शिक्षा महाराष्ट्र राज्य बोर्ड के छात्र, जो कक्षा दसवीं या एसएससी परीक्षा पास करने में असफल रहे है, उन छात्रों को कौशल विकास पाठ्यक्रमों के लिए समायोजित किया जाएगा। इस योजना के माध्यम से महाराष्ट्र राज्य के छात्रों को एक साल खोना नहीं पड़ेगा।
  • यह प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरु किये कौशल भारत मिशन -२०२० को पूरा करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
  • यह केंद्र सरकार द्वारा स्टार्ट-अप व्यवसायों के सभी पहलुओं का समर्थन करने के लिए नीति आयोग  द्वारा शुरू किया गया एक तंत्र है और अन्य स्व-रोजगार गतिविधियों को  विशेष रूप से प्रौद्योगिकी-संचालित क्षेत्रों में सेतु  एक तकनीकी-वित्तीय, ऊष्मायन और सुविधा कार्यक्रम है।

कौशल्या सेतु कौशल विकास कार्यक्रम के लिए पात्रता आवेदन:

  • महाराष्ट राज्य का छात्र जिसकी आयु १४ साल से आधिक है।
  • बिना  किसी भी शैक्षणिक पात्रता / अनुभव / कौशल के लिए और नौकरी की तलाशने वालो के लिए या स्वरोजगार करने वाला व्यक्ति इस योजना के लिए पात्र है।
  • व्यक्ति महाराष्ट्र राज्य का निवासी होना चाहिए।

कौशल्या सेतु कौशल विकास कार्यक्रम के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  • निवास प्रमाण पत्र
  • पहचान प्रमाण पत्र जैसे की आधार कार्ड
  • अधिवास प्रमाण पत्र

संपर्क विवरण और संदर्भ:

  • आधिक जानकारी के लिए इस योजना के आधिकारिक वेबसाइट पर जाए: https://mahakaushalya.com/Site/Index

 

 


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