किसानों के लिए कर्नाटक सरकार की योजनाओं की सूची: कृषि क्षेत्र के लिए अभिनव योजनाएं

February 18, 2019 | By Yashpal Raut | Filed in: कृषि, योजनाएं, खबरें, ऊर्जा/बिजली, किसान, ऋण, कर्नाटक सरकार, कर्नाटक.

कर्नाटक राज्य के मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी के नेतृत्व में कर्नाटक सरकार ने राज्य के किसानों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनओं की शुरुवात की है। नविन कृषि क्षेत्र के योजनाओं की सूचि का मुख्य उद्देश राज्य के किसानों का समर्थन करना है और किसानों की आय को दुगना करना है। कर्नाटक राज्य के बजट २०१९-२० में किसान कल्याण योजनाओं के लिए ४६,८५३ करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।

                                                     List Of Karnataka Government Schemes For Farmers (In English):

 किसानों के लिए कर्नाटक सरकार की योजनओं की सूचि:

  • इकाइयों का संसाधन क्रमशः रामनगर, धारवाड़ और कोलार जिलों में आम और टमाटर के लिए प्रसंस्करण इकाइयों स्थापित किये जाएंगे।
  • गुणवत्ता विश्लेषण और प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना करना: कृषि उत्पादों के आत्म-जीवन को बढ़ाने के लिए, राज्य में ५ स्थानों पर गुणवत्ता विश्लेषण और प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना की जाएंजी। इस के लिए १६० करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
  • करावली पैकेज: तटीय क्षेत्र के किसानों को प्रति हेक्टर धान की पैदावार में सुधार के लिए प्रोत्साहन राशि प्रदान करने के लिए ७,५०० करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
  •  दूध उत्पादन में बढ़ोत्तरी: दूध उत्पादकों के लिए प्रोत्साहन राशि ५,००० रुपये से बढ़ा कर ६,००० रुपये कर दी गई है। इस के लिए २,५०२ करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है।
  • मूल्य की कमी भुगतान योजना: प्याज, आलू, टमाटर की कीमत एमएसपी के निचे गिर जाने पर इस के लिए ५० करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है।
  • खेत तालाब: राज्य के शुष्क क्षेत्रों में खेत तालाबों के निर्माण के लिए १२०  करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
  • किसानों को फसल ऋण माफ़ी: कर्नाटक राज्य के किसानों के फसल ऋण के १२,६५० करोड़ रुपये माफ कर दिये जाएंगे।
  • रीता सिरी: बाजरा उत्पादकों के लिए १०,००० रुपये  प्रति हेक्टर की प्रोत्साहन राशी प्रदान की जाएंगी।
  •  ग्रुहलक्ष्मी फसल ऋण: सोने (गोल्ड) के बदले छोटे और सीमांत किसानों को ३% की कम ब्याज दर पर ऋण प्रदान किया जाएंगा।
  • अंगूर और अनार के लिए विशेष पैकेज: अंगूर और अनार उत्पादकों के लिए १५० करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
  • वाटरशेड कार्यक्रम: वाटरशेड कार्यक्रमों के लिए १०० करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
  • शून्य बजट खेती: शून्य बजट खेती के तहत कृषि उपकरणों के लिए ४० करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएंगा।
  • रेशम उत्पादन: कर्नाटक सिल्क मार्केटिंग बोर्ड को कच्चे रेशम के स्थिर मूल्य सुनिश्चित करने के लिए नया रूप दिया जाएंगा।
  • मुख्यमंत्री सूक्ष्म सिंचाई योजनाएं: किसानों को ९०% की सब्सिडी पर ड्रिप सिंचाई प्रणाली स्थापित करने के लिए ३६८  करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएंगा।
  • मत्स्य पालन: ‌झीगा और मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए ५०% की सब्सिडी प्रदान की जाएंगी।
  • इसराइल मॉडल कृषि: न्यूनतम पानी का उपयोग करके लाभदायक खेती के लिए १४५  करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
  • सिंचाई और बिजली: २७,१५३ करोड़ रुपये का बजट विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं और किसानों को मुफ्त बिजली आपूर्ति के लिये आवंटित किया गया है।
  • रीठा कंजा: ५१२ करोड़ रुपये का बजट १२ अधिसूचित फसलों के एमएसपी के लिए आवंटित किया गया है।

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