इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना, राजस्थान

१६ अगस्त २०२१ को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना के मसौदे को मंजूरी दी। इस योजना की घोषणा पहले राज्य के बजट २०२१ में की गई थी। इस योजना के तहत राज्य सरकार शहरी क्षेत्रों में सड़क विक्रेताओं, मोची, बढ़ई, पेंटर रिक्शा चालकों आदि को ५०,००० रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान करती है। यह योजना शहरी क्षेत्रों में लोगों को कवर करने के लिए शुरू की गई है जिसमें लाभार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देता है। शहरी क्षेत्रों में लगभग पांच लाख लाभार्थियों को योजना के तहत कवर करने का लक्ष्य है।

अवलोकन:

योजना इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना
योजना के तहत राजस्थान सरकार
के द्वारा अनुमोदित मुख्यमंत्री अशोक गहलोत
अनुमोदन का दिनांक १६ अगस्त, २०२१
लाभार्थी शहरी क्षेत्रों में स्ट्रीट वेंडर, मोची, बढ़ई, पेंटर, रिक्शा चालक आदि
लाभ ५०,०००/- रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण
उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को ब्याज मुक्त ऋण के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान करना

योजना के उद्देश्य और लाभ:

  • योजना का मुख्य उद्देश्य शहरी युवा लाभार्थियों को ५०,०००/- रुपये तक के ब्याज मुक्त ऋण के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
  • इस योजना के माध्यम से महामारी की स्थिति के कारण वित्तीय बाधाओं को कम किया जाएगा।
  • शहरी क्षेत्रों के सभी रेहड़ी-पटरी वाले, मोची, बढ़ई, पेंटर, रिक्शा चालक आदि सहायता के पात्र होंगे।
  • ऋण के लिए आवेदन करने और उसका लाभ उठाने की प्रक्रिया को आसान रखा गया है।
  • व्यवहार्यता के लिए ऋण की अधिस्थगन अवधि तीन महीने और चुकौती अवधि बारह महीने होगी।
  • यह पहल वित्तीय सहायता प्रदान करेगी और शहरी क्षेत्रों में रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देगी।

प्रमुख बिंदु:

  • मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने १६ अगस्त, २०२१ को इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना के मसौदे को मंजूरी दी।
  • इस योजना की घोषणा राज्य के बजट २०२१ में की गई थी।
  • स्थानीय स्वशासन विभाग इस योजना को लागू करेगा।
  • इस योजना के तहत राज्य सरकार शहरी क्षेत्रों में रेहड़ी-पटरी करने वाले, मोची, बढ़ई, पेंटर रिक्शा चालक, दर्जी, राजमिस्त्री, प्लंबर आदि को ५०,००० रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान करेगी।
  • इच्छुक व्यक्तियों को ऋण आवेदन करना होगा।
  • ये ऋण तीन महीने की मोहलत अवधि के साथ गारंटी मुक्त ऋण हैं।
  • इन ऋणों की चुकौती अवधि बारह महीने है।
  • यह राज्य में १८-४० वर्ष के आयु वर्ग के सभी शहरी लाभार्थियों को कवर करता है।
  • ऋण राशि लाभार्थियों को महामारी की स्थिति के प्रभाव से निपटने में सहायता प्रदान करेगी।
  • योजना राज्य में रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों को प्रोत्साहित करती है।
  • ऋण राशि की स्वीकृति पारदर्शी तरीके से होगी।
  • इस योजना के क्रियान्वयन एवं समीक्षा के लिए जिला कलेक्टर नोडल अधिकारी होंगे।
  • यह मुश्किल समय में लाभार्थियों के लिए वरदान साबित होगा।
  • इस योजना से लगभग पांच लाख शहरी लाभार्थी लाभान्वित होंगे।

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