आरोग्यम हेल्थकेयर बिजनेस लोन, एसबीआई

२४ जून, २०२१ को भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने चल रही महामारी को देखते हुए ‘आरोग्यम हेल्थकेयर बिजनेस लोन’ लॉन्च किया है। इसके तहत स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में विस्तार/आधुनिकीकरण/नई सुविधाओं के निर्माण के लिए स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को ऋण प्रदान किया जाएगा। स्वास्थ्य देखभाल उद्योग में सभी अस्पताल, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी लैब, निर्माता, आपूर्तिकर्ता, आयातक, लॉजिस्टिक फर्म, डायग्नोस्टिक सेंटर आदि को कवर किया जाएगा। स्वास्थ्य देखभाल संरचना की किसी भी इकाई द्वारा १०० करोड़ रुपये तक का ऋण लिया जा सकता है। इसे १० साल की अवधि में चुकाया जा सकता है। इस ऋण उत्पाद के माध्यम से एसबीआई का लक्ष्य देश भर में स्वास्थ्य देखभाल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।

अवलोकन:

ऋण उत्पाद: आरोग्यम हेल्थकेयर बिज़नेस लोन
योजना द्वारा: भारतीय स्टेट बैंक
द्वारा घोषित: अध्यक्ष एसबीआई, दिनेश खरा
घोषणा तिथि: २४ जून २०२१
लाभार्थी: देश भर के स्वास्थ्य देखभाल इकाइयां/कंपनियां
प्रमुख उद्देश्य: देश भर के स्वास्थ्य देखभाल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए

योजना के उद्देश्य और लाभ:

  • योजना का मुख्य उद्देश्य देश भर में स्वास्थ्य देखभाल इकाइयों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
  • स्वास्थ्य देखभाल उद्योग में सभी अस्पताल, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी लैब, निर्माता, आपूर्तिकर्ता, आयातक, लॉजिस्टिक फर्म, डायग्नोस्टिक सेंटर आदि को कवर किया जाएगा।
  • स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे में विस्तार/आधुनिकीकरण/नई सुविधाओं के निर्माण के लिए ऋण प्रदान किया जाएगा।
  • इसके तहत मेट्रो केंद्रों में १०० करोड़ रुपये तक का ऋण, टियर- १ और शहरी केंद्रों में २० करोड़ रुपये तक का ऋण और टियर- २ से टियर- ४ केंद्रों में १० करोड़ रुपये तक का ऋण प्रदान किया जाएगा।
  • ऋण की चुकौती १० वर्षों की अवधि के भीतर कभी भी की जा सकती है।
  • इसका उद्देश्य महामारी के इस कठिन समय में स्वास्थ्य देखभाल इकाइयों की मदद करना है।
  • यह देश में स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद करेगा।

प्रमुख बिंदु:

  • भारतीय स्टेट बैंक ने २४ जून, २०२१ को कोविड- १९ महामारी के मद्देनजर एक नया ऋण उत्पाद – ‘आरोग्यम हेल्थकेयर बिजनेस लोन’ लॉन्च किया है।
  • योजना की घोषणा एसबीआई के अध्यक्ष दिनेश खारा ने की है।
  • यह योजना स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे में विस्तार/आधुनिकीकरण/नई सुविधाओं के निर्माण के लिए देश भर में स्वास्थ्य देखभाल इकाइयों के लिए शुरू की गई है।
  • यह कोविड राहत उपायों पर आरबीआई के दिशानिर्देशों के अनुसार बैंकों द्वारा तैयार की गई कोविड ऋण पुस्तिका का एक हिस्सा है।
  • इसके तहत स्वास्थ्य देखभाल उद्योग में सभी अस्पताल, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी लैब, निर्माता, आपूर्तिकर्ता, आयातक, लॉजिस्टिक फर्म, डायग्नोस्टिक सेंटर आदि को कवर किया जाएगा।
  • मेट्रो केंद्रों में १०० करोड़ रुपये तक का ऋण, टियर- १ और शहरी केंद्रों में २० करोड़ रुपये तक का ऋण और टियर- २ से टियर- ४ केंद्रों में १० करोड़ रुपये तक का ऋण प्रदान किया जाएगा।
  • यह ऋण उन स्वास्थ्य देखभाल इकाइयों के लिए संपार्श्विक मुक्त होगा जो २ करोड़ रुपये तक का ऋण प्राप्त कर रहे हैं क्योंकि यह सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट (सीजीटीएमएसई) की गारंटी योजना के तहत कवर किया जाएगा।
  • यह इकाई/कंपनी द्वारा लिए गए मौजूदा ऋणों के अतिरिक्त प्रदान किया जाएगा।
  • इसे जारी करने की तारीख से १० साल की अवधि के भीतर चुकाया जा सकता है।
  • अध्यक्ष दिनेश खारा ने कहा कि यह स्वास्थ्य देखभाल इकाइयों को आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए शुरू किया गया एक विशेष ऋण उत्पाद है, जिससे पूरे देश में स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में योगदान मिलता है।

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